प्रदेश में पांच नए हेलीपोर्ट्स तैयार, जिला मुख्यालयों में भी मिलेगी सुविधा
राज्यपाल ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन है । इसके माध्यम से राजस्व सृजन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विश्व स्तरीय पर्यटन अधोसंरचना के विकास पर भी बल दिया जा रहा है। सरकार की ओर से कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटन ढांचे के विकास पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नई पर्यटन गतिविधियों जैसे कि आधुनिक गोल्फ कोर्स, चिड़ियाघर, पर्यटन क्षेत्र, वेलनेस पर्यटन और ईको टूरिज्म का विकास भी किया जा रहा है। प्रदेश में पांच नए हेलीपोर्ट्स कांगनीधार, सासे मनाली , बद्दी और संजौली व रामपुर का निर्माण पूरा हो चुका है। इनके संचालन लाइसेंस के लिए डीजीसीए का अंतिम निरीक्षण किया जा रहा है। सभी जिला मुख्यालयों के अतिरिक्त जसकोट हमीरपुर, रक्कड़ और पालमपुर (कांगड़ा), सुल्तानपुर (चंबा), आलू ग्राउंड मनाली, शारबो (किन्नौर), जिस्पा, सिस्सू और रंगरिक (लाहौल-स्पीति) में नए हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं। दो नई स्थायी उड़ानें कुल्लू-अमृतसर तथा शिमला-अमृतसर भी शुरू कर दी गई हैं। तीन नए हेलीकाप्टर मार्ग रिकांगपिओ, कुल्लू और रक्कड (कांगड़ा) के लिए आशय पत्र प्राप्त हो चुका है, औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद यह सेवा शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, औहर (बिलासपुर) में किरतपुर-मनाली फोरलेन पर वन वे साइड सुविधा और नादौन में एक नया होटल परिसर विकसित किया जा रहा है।