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Jaisalmer Bus Fire Live: जैसलमेर बस हादसे में सात लापता, बस मालिक-ड्राइवर पर FIR, 21 यात्रियों की मौत

Wed, 15 Oct 2025 06:07 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

खास बातें

मंगलवार दोपहर हुए जैसलमेर हादसे के बाद अब मृतकों की पहचान के लिए डीएनए जांच की व्यवस्था की गई है। एक और घायल 10 वर्षीय यूनुस की मौत के बाद मौत का आंकड़ा 21 पर पहुंच गया है। हादसे को लेकर पहली FIR भी दर्ज हो गई है
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जैसलमेर बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

05:43 PM, 15-Oct-2025

सात यात्री अभी भी लापता
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जैसलमेर के 7 निवासी जो बस में यात्रा कर रहे थे। वो अभी भी लापता हैं। माना जा रहा है कि वे भी हादसे का शिकार हुए हो सकते हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं। 
राजेन्द्र सिंह चौहान (मेनपुरा)
दीपक हरिजन (गांधी कॉलोनी)
गोपीलाल (लाठी)
शाहरुख खान (जैसलमेर)
बरकत खान (बासनपीर)
हसीना (बंबरों की ढाणी)
इरफान (बंबरों की ढाणी)

04:59 PM, 15-Oct-2025

बस हादसे को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का सरकार पर निशाना
जैसलमेर बस हादसे के घायलों से मिलने बुधवार को बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल जोधपुर के अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों की कुशलक्षेम पूछी और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।सांसद बेनीवाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “सरकार ने घटना को लेकर लापरवाही बरती है। यदि सरकार चाहती तो सेना से भी मदद ली जा सकती थी। जब कोई मंत्री या राजनेता बीमार होता है, तो उनके लिए हेलीकॉप्टर और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती है, लेकिन आमजन के लिए ऐसी संवेदनशीलता नहीं दिखाई जाती।”

03:26 PM, 15-Oct-2025

जैसलमेर बस हादसे को लेकर दर्ज हुई FIR 
जैसलमेर बस हादसे में जिंदा जले पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान के बड़े भाई चंदन सिंह ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार, हादसे के लगभग 24 घंटे बाद यह पहली एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।  बताया जा रहा है कि जिस बस में आग लगी, उसे कुछ दिन पहले ही परमिट जारी किया गया था। बस RJ 09 PA 8040 नंबर की है। ट्रैवल कंपनी ने इस बस के प्रमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किए थे, जिसमें इसे लग्ज़री और पूरी तरह सुरक्षित बताया गया था।

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01:40 PM, 15-Oct-2025

14 घायलों का बर्न यूनिट में हो रहा उपचार
बस हादसे के घायलों का इलाज महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में चल रहा है। गंभीर रूप से 14 घायलों का उपचार बर्न यूनिट में हो रहा है। राजस्थान सरकार के मंत्री के के बिश्नोई अस्पताल  पहुंचे। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास हो रहा है। पूरे घटनाक्रम की जांच हो रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस अग्निकांड को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच होगी। 

01:36 PM, 15-Oct-2025

जैसलमेर,जोधपुर और फलोदी में लिए गए सैंपल
बस हादसे में मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। जैसलमेर, जोधपुर के अलावा फलोदी में भी DNA सैंपल लिए गए हैं। फलोदी में एक वृद्ध महिला का सैम्पल लिया गया है। जयपुर से चार DNA एक्सपर्ट की टीम जोधपुर पहुंची है। 24 घंटे में DNA की रिपोर्ट के आधार पर शवों को परिवार वालों के सुपुर्द किया जाएगा। 

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12:42 PM, 15-Oct-2025

 10 वर्षीय यूनुस की हुई मौत 
जोधपुर के गांधी अस्पताल में  भर्ती यूनुस की इलाज के दौरान मौत हो गई है।  मृतकों का आंकड़ा 21 तक पहुंच गया है। 

12:19 PM, 15-Oct-2025

दो-तीन मैरिज 75 और 80 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल बीएस जोधा ने बताया कि 10:00 बजे तक सभी मरीज यहां आ गए थे, जिसकी जैसी जरूरत थी वैसी व्यवस्थाएं करके तीन मरीजों को तुरंत वेंटीलेटर पर लिया गया दो को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रखा गया है। दो-तीन मैरिज 75 और 80 प्रतिशत से ज्यादा है 5-6 मरीज 50 प्रतिशत से अधिक बर्न हैं। दूसरे बचे मरीजों में बर्न की संख्या थोड़ी कम है, जो व्यवस्था है सरकार के स्तर से मरीजों के लिए की जा रही है वह सभी कर ली गई है। आवश्यकता अनुसार और परिजनों के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही है कंट्रोल रूप स्थापित कर दिया गया है डीएनएस सैंपलिंग के लिए जयपुर और जोधपुर की टीम में लगी है। हमारा प्रयास है कि मरीज और परिजनों जो साथ आए हैं उन्हें कम से कम परेशानी हो।

12:05 PM, 15-Oct-2025

जोधपुर में मृतकों की सैंपलिंग शुरू
जैसलमेर में हुई दुखांतिका के बाद जोधपुर में मृतकों की सैंपलिंग शुरू हो चुकी है। महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि डीएनए सैंपलिंग शुरू हो चुकी है। हमें शवों के आने के समाचार मिल गया था। इसलिए हमने रात में ही सारी व्यवस्थाएं कर ली थीं। यहां 12 शव रखने की क्षमता है। दो शव पहले से थे, इसलिए एम्स से संपर्क किया गया। जीत मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया। व्यास मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया और हमने प्लान बना लिया था कि शवों को कहां-कहां भेजेंगे और कहां-कहां रखेंगे। यह सारा काम हो चुका है। एफएसएल की टीम भी आ चुकी है। पुलिस से भी सारी लिस्ट मिल चुकी है कि किन-किन का सैंपल लेने की आवश्यकता है। कुछ डॉक्यूमेंट की भी आवश्यकता होती है, जैसे परिजनों के नाम पते फोटो मृतकों के भी सारे रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है, ताकि किसी तरह की बाद में कोई गलती की संभावना नहीं रहे। इसलिए सारे दस्तावेज पूरा करके हमने सैंपलिंग शुरू कर दी है। गांधी अस्पताल में है एम्स में भी 10 शव हैं। डेड बॉडी का डीएनए जैसलमेर में लिया जा चुका है। परिजनों की सैंपलिंग यहां ली जा रही है। उसके बाद मिलान किया जाएगा। संभवत: 24 घंटे में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 
 

11:21 AM, 15-Oct-2025

पांच मरीजों की हालत बिगड़ी

जोधपुर रैफर होकर आए मरीजों में से पांच की हालत बिगड़ गई है। उन्हें वेंटिलेटर पर डाला गया है। इसी बीच जैसलमेर के CMHO डॉ. राजेन्द्र पालीवाल ने बताया कि मंंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक करीब 10 परिजनों के DNA सैंपल लेकर जोधपुर भेजे गए हैं। आज जवाहिर हॉस्पिटल में सैंपल लिए जा रहे हैं। जिले के प्रभारी मंत्री मदन दिलावर भी जोधपुर पहुंच रहे हैं।

11:07 AM, 15-Oct-2025
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला

गहलोत बोले- हादसे का कारण टेक्निकल फॉल्ट तो नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जैसलमेर बस हादसे में 20 लोगों के जिंदा जलने पर मीडिया के प्रश्न को लेकर एक्स पर अपना रिएक्शन पोस्ट किया है। उन्होंने कहा- बहुत बुरा हादसा हुआ है। अभी और हुए थे दूदू के पास में भी और एक तो, हादसे का क्या करें। 20 लोग मारे गए। वेंटीलेटर पर हैं लोग, 70% बर्न हैं। ये बहुत ही दुखद घटना है और मेरे ख्याल से तो ये तो जांच का विषय भी है बस में आग लगी क्यों, ये जांच का विषय भी हो सकता है। मैंने सुना कोई दस दिन पहले ही बस खरीदी थी तो पता नहीं कोई टेक्निकल गलती तो नहीं है। ऐसे वक्त में कोई लापरवाही नहीं करनी चाहिए, बाकायदा कंपनी में कंप्लेंट करनी चाहिए। रवाना हुई थी बस, एक्सीडेंट भी नहीं हुआ और ये हादसा हुआ क्यों, कोई टेक्निकली फाल्ट हो गई, आग लग गई। आग लगते ही जो दरवाजे थे वो लॉक हो गए। सरकार को चाहिए कि इसकी बाकायदा कंपनी से बात करके इसकी जांच भी करवाए। 
हादसे को लेकर हम ईश्वर से प्रार्थना ही कर सकते हैं कि मृत आत्माओं को शांति प्रदान करें, जो अभी तकलीफ में हैं अस्पताल में वो जल्दी स्वस्थ हों यही हमारी कामना है, परिवारजनों के लिए भी यही कह सकते हैं कि बहुत बड़ा हादसा हुआ है बहुत दुखद है, भगवान आपको शक्ति दे।
 
 

10:48 AM, 15-Oct-2025
डीएनए जांच के लिए अस्पताल पहुंचे परिजन - फोटो : अमर उजाला

परिजनों को गुस्सा फूटा

जैसलमेर हादसे में मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। इस भयानक दुखांतिका से परिजन सदमे में हैं। ऐसे में जब 11 बजे डीएनए जांच शुरू होने की बात सामने आई तो दर्द में डूबे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अपने बड़े भाई को हादसे में खो चुके एक परिजन का कहना है कि मुख्यमंत्री हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे? डॉक्टर अभी तक अस्पताल नहीं पहुंचे हैं... हमने अपनों को खो दिया है, कुछ दिन सब इस मुद्दे पर बात करेंगे और फिर सब भूल जाएंगे... डॉक्टर सुबह 11 बजे ही क्यों आएंगे?... परिजन दर्द में हैं, लेकिन कोई नहीं समझ रहा कि हम किस हाल में हैं। आप मुझसे तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं, जरा अंदर जाकर यह भी पूछिए कि डॉक्टर अभी तक क्यों नहीं आए? DNA टेस्ट सुबह 11 बजे ही क्यों होगा? पूरी सिस्टम रात के 12 बजे तक अपराधियों के लिए जाग जाती है, लेकिन आम आदमी के लिए अस्पताल में कोई नहीं है। मैंने अपने भाई को खो दिया है, और आप यह नहीं देख पा रहे कि हम सब क्या झेल रहे हैं।

10:40 AM, 15-Oct-2025

Jaisalmer Bus Fire Live: जैसलमेर बस हादसे में सात लापता, बस मालिक-ड्राइवर पर FIR, 21 यात्रियों की मौत

कल जैसलमेर में थईयात गांव के पास हुई भयानक बस दुर्घटना में अब तक 20 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है और कई गंभीर घायल जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में इलाजरत है। 

हादसे की भयावहता ऐसी कि कई शव बस के भीतर एक-दूसरे से चिपके मिले। ऐसे में शवों की पहचान को लेकर प्रशासन ने डीएनए जांच की व्यवस्था की है। मृतकों की पहचान के लिए उनके दो निकटतम परिजनों से डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर के कॉटेज संख्या 4 एवं 5 और जवाहर अस्पताल, जैसलमेर के ट्रॉमा सेंटर में विशेष व्यवस्था की गई है।

साथ ही प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जिनके परिजन इस हादसे के बाद लापता हैं, वे नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करके जानकारी ले सकते हैं।

जोधपुर हेल्पलाइन नंबर:

जिला नियंत्रण कक्ष: 0291-2650349, 2650350

महात्मा गांधी अस्पताल: 9414159222

राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL), जोधपुर: 9414919021

जैसलमेर हेल्पलाइन नंबर:

ट्रॉमा सेंटर, जवाहर अस्पताल: 9460106451, 9636908033

जिला हेल्पलाइन: 9414801400, 8003101400, 02992-252201, 02992-255055

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