कोटा से एनडीआरएफ की टीम देर रात घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत बचाव कार्य में जुट गई। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण भी रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं। बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, और उसके साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। पथरीली जमीन होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चे तक पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। एसडीआरएफ की टीम रिंग में फंसाकर बच्चे को निकालने की कोशिश में जुटी है साथ ही कोटा से पहुंची NDRF की टीम भी रेस्क्यू के प्रयास कर रही है। बोरवेल में रस्सी डालकर भी बच्चे को निकालने के प्रयास किए गए थे। बताया जा रहा है कि बच्चा अभी पत्थर पर टिका हुआ है। बचाव के लिए बोरवेल से 80 फीट की दूरी पर 5 जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही है।
डग थानाधिकारी पवन कुमार ने बताया- प्रह्लाद पुत्र कालूलाल अपने माता-पिता के साथ पाडला गांव स्थित अपने पर गया था, जहां बोरवेल के पास खेलते समय दोपहर करीब 1:40 बजे वह ट्यूबवेल (बोरवेल) में गिर गया था। बोरवेल 3 दिन पहले शुक्रवार को ही खुदवाया गया था, जिसमें बच्चा गिर गया। मासूम बोरवेल को ढंकने के लिए रखे हुए पत्थर के साथ नीचे गिरा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।