क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा द्वारा पूरे क्षेत्र का घोड़े पर सवार होकर भ्रमण करते हुए सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस बल लगातार क्षेत्र में निगरानी रखते हुए शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए मुस्तैद है।
शाही मस्जिद से जुड़े मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई अब 30 सितंबर को होगी। सुनवाई की तारीख आगे बढ़ने के बीच उज्जैन में प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मुस्लिम समाज और मस्जिद कमेटी की सहमति व सहयोग से सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र में आने वाले मस्जिद के हिस्से को हटाया जा रहा है। यह कदम आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने वाले एक समूह पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि शांति भंग करने की कोशिश में जिले के बाहर से आए पांच लोगों को सीमा पर ही गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाह और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
शाही मस्जिद के आसपास स्थित सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, छत्री चौक, सती गेट, सराफा, लखेरवाड़ी, ढाबा रोड और गोपाल मंदिर के आसपास का बाजार पूरी तरह बंद है। इससे क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की जद से हटाने को लेकर हुए विवाद के बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। मसूद ने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ बातचीत का दौर जारी है। मामले का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचें। मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज मस्जिद का मीनारा हटाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक समाज करीब तीन फीट जगह देने के लिए तैयार है, ताकि सड़क चौड़ीकरण को लेकर रास्ता निकाला जा सके।
मस्जिद आजादी से पहले से मौजूद होने का दावा
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद आजादी से पहले से वहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल को लेकर प्रशासन और समाज के बीच बातचीत के जरिए ऐसा समाधान तलाशा जाना चाहिए, जिससे विवाद और तनाव की स्थिति न बने।
मंदिर-मस्जिद दोनों को बचाने की तैयारी होनी चाहिए थी
मसूद ने हनुमान मंदिर का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन को पहले से ऐसी तैयारी करनी चाहिए थी, जिससे मंदिर और मस्जिद दोनों को हटाने की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभालने की जरूरत है।
हाईकोर्ट में आज सुनवाई
मसूद ने बताया कि उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े मामले में इंदौर हाईकोर्ट की युगलपीठ में सोमवार दोपहर एक बजे सुनवाई प्रस्तावित है। उनके अनुसार, अर्जेंट हियरिंग के लिए मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत का रुख किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहले एकलपीठ में दायर याचिका खारिज हो चुकी है और अब उसके खिलाफ अपील पर सुनवाई होनी है।
पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। समझाइश के बाद दोबारा पथराव होने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। आईजी राकेश गुप्ता, कमिश्नर आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भासेन, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौके पर मौजूद हैं। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
शाही मस्जिद और आसपास के इलाके का ड्रोन व्यू भी सामने आया है। तस्वीर में बाईं तरफ दिखाई दे रही इमारत शाही मस्जिद है। यह चौराहे पर स्थित है। मस्जिद के बाहर की ओर निकले करीब 9×4 मीटर के हिस्से को हटाया जाना है।
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि, अभी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, बाहर से आए पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाए जाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। यहां एक बार फिर पुलिस पर पथराव हुआ है। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे पहले सोमवार सुबह भी पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी थी। इस दौरान एक महिला थाना प्रभारी घायल हो गई थीं।
शाही मस्जिद तोड़े जाने को लेकर शहर काजी खलिकुर रहमान के अनुसार, एक पक्ष मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने के लिए सहमत था, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। इसी विरोध के चलते विवाद की स्थिति बनी। शहर काजी के अनुसार, टंकी चौक से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में सबसे पहले महिलाओं को शाही मस्जिद की ओर भेजने का प्रयास किया गया, जिसे पुलिस टीम ने विफल कर दिया। इसके बाद अंडा गली के आसपास के क्षेत्र से कुछ युवाओं ने फिर अंदर आने का प्रयास किया और विरोध शुरू कर दिया।
चोट लगने के बाद टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में पट्टी बांधी गई और उन्हें फर्स्ट एड दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान किसी महिला को चोट नहीं आई और सभी महिलाएं सुरक्षित हैं।
उज्जैन में सोमवार को लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान क्राइम ब्रांच में पदस्थ टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लग गई। पुलिस के अनुसार, कुछ महिलाएं विरोध के दौरान आगे बढ़ रही थीं। महिला पुलिस बल को सुरक्षा देने और महिलाओं को सुरक्षित तरीके से हटाने के दौरान पुलिसकर्मी चादर की आड़ में मौजूद महिलाओं के बीच पहुंचे। इसी दौरान टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चादर के कोने से कट लग गया।
शाही मस्जिद के पास पुलिस पर पथराव के वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में कुछ युवक पुलिस की ओर पथराव करते नजर आ रहे हैं। पुलिस लगातार आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। मौके पर अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
शाही मस्जिद को तोड़े जाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने नाका नंबर-5 पर चक्का जाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को सड़क से हटाने के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से जारी है। करीब 900 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 60 धार्मिक स्थलों में से अधिकांश को हटाया जा चुका है। हालांकि, शाही मस्जिद और खड़े हनुमान मंदिर के पास स्थित मजार को हटाने को लेकर पिछले दिनों विरोध और तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।