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Droupadi Murmu MP Visit: राष्ट्रपति ने जोड़ों को सूट-साड़ियां कीं भेंट, राज्यपाल ने वर-वधू को दी बधाई

Wed, 26 Feb 2025 02:34 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

Droupadi Murmu MP Visit Live: खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं थीं। इस दौरान उन्होंने वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया।
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बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 251 गरीब कन्याओं का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया जाएगा। इनमें से 108 बेटी आदिवासी समाज और 143 बेटियां अन्य समाज से हैं। इन बेटियों के विवाह की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। इस बार का यह कार्यक्रम बहुत खास होने वाला है, क्योंकि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसमें शामिल होने आ रही हैं।
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खाने की व्यवस्था

ऐसी रहेगी व्यवस्था
विवाह के लिए मंच तीन स्तर का बना है। 50 हजार स्क्वायर फीट का स्थाई डोम तैयार हो गया है। छठवें विशाल महोत्सव के लिए इस बार तीन स्तरीय मंच तैयार किया गया है। जो कि 48 सौ वर्गफिट में मंच तैयार किया गया है। तीन स्तर के मंच में सबसे ऊपर अतिथि और संत गण रहेंगे, दूसरे और तीसरे स्तर में वर वधुओं के जयमाला हेतु व्यवस्था की गई है। 50 हजार स्क्वायर फीट का स्थाई डोम सैकफोन लोगों ने मिलकर तैयार किया है तो वहीं 30-30 हजार स्क्वायर फीट के दो अस्थाई  जर्मन डोम भी तैयार हो रहे हैं।

20 लाख लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था
आयोजन के लिए 20 लाख लोगों के भंडारे की व्यवस्था है। मेन्यू में बूंदी, रायता, जलेबी, मालपुआ, पुलाव समेत 13 व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए 400 लोग पिछले छह दिन से खाना बनाने में जुटे हैं। इतने ही लोग शिष्यमंडल की मदद कर रहे हैं। नवविवाहित जोड़े को गिफ्ट में ढाई लाख रुपए कीमत के घरेलू उपयोग का सामान दिया जाएगा। इनमें डबल बेड, सोफा, आटा चक्की, अलमारी, ड्रेसिंग समेत घरेलू उपयोग के 56 आइटम शामिल हैं।

राजस्थान से मंगवाए 20 लाख रसगुल्ले
बागेश्वर धाम में भंडारे की जिम्मेदारी सागर के कैटरर्स को दी गई है। इसके संचालक राजा ठाकुर बताते हैं कि करीब 400 लोगों का स्टाफ खाना बनाने में जुटा। इतने ही लोग धाम के शिष्य मंडल की टीम भी मदद में लगी है। 20 फरवरी से खाना बनाने का काम शुरू कर दिया था। प्रसाद शुद्ध घी में बनाया गया है। राजस्थान से 20 लाख पीस छेना के रसगुल्ले भी मंगवाए हैं। खाना बनाने का काम मशीनों की मदद से किया जा रहा है। 12 से 15 एकड़ में भंडारे की व्यवस्था है।   

बागेश्वर धाम के लिए हुई महामहिम रवाना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ मोहन यादव और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति खजुराहो से बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गई हैं। यहां वे 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल होंगे।

सीएम ने किया एक्स पर पोस्ट

विवाह महोत्सव में लोगों का शुरू
बागेश्वर धाम के सामूहिक विवाह महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के इंतजार में पंडाल भरने लगे हैं।

बालाजी मंदिर से उठेगी बारात
बागेश्वर धाम के प्रमुख सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि विवाह की तैयारियां पंडाल के पास ही की गई हैं। सड़क के एक तरफ जयमाला होगी। दूसरी तरफ मंडप बनाए गए हैं। उसके पीछे बेटियों के रहने की भी व्यवस्था की गई है। 251 घोड़े तैयार किए गए हैं, जिन पर बारात निकाली जाएगी। बालाजी मंदिर के पास से ही बारात उठकर पंडाल में आएगी। यहां अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं। मुख्य स्टेज पर वरमाला होगी। विदाई शाम करीब 5 बजे होगी। उपहार के लिए सभी की गाड़ियां बुलवा ली गई हैं।

खजुराहो एयरपोर्ट पर सीएम मोहन यादव ने किया राष्ट्रपति का स्वागत

पंडाल में 11 जोड़े स्टेज पर पहुंचे
राष्ट्रपति के आने से पहले 11 जोड़े स्टेज पर पहुंच गए हैं। दुल्हा-दुल्हन को आमने-सामने कुर्सी पर बैठाया गया है।

विवाह स्थल पर उमड़ी भीड़

धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति को बालाजी की फोटो भेंट की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पंडाल में बने मंच पर पहुंच गई हैं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाया गया। धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति को बालाजी की फोटो भेंट की।

सीएम ने शेयर किया वीडियो

राष्ट्रपति ने जोड़ों को सूट और साड़ियां भेंट कीं
राष्ट्रपति दूल्हों और दुल्हनों के लिए सूट और साड़ियां लेकर आई हैं। उन्होंने सभी को भेंट दी।

संबंधित वीडिय़ो

धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां गर्व से ससुराल में रहेंगी
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, देश में कोई छोटा-बड़ा नहीं है। सभी बराबर हैं। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए यह उत्सव हर वर्ष किया जाता है। मंदिरों की दानपेटियों को बेटियों की शादियों के लिए खोल दिया जाएगा तो भारत को विश्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। बेटियां जब यहां से ब्याह कर जाएंगी तो गर्व से कहेंगी कि बालाजी हमारे पिता हैं और राष्ट्रपति के आशीर्वाद से शादी कर आए हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- बेटियों को बोझ मत मानो
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, जिस दिन हमने अपनी बहन का विवाह जैसे-तैसे लोगों से उधार लेकर किया उसी दिन ठान लिया था कि आज हमें बहन के विवाह में इतना निराश होना पड़ रहा है, भगवान ने हमें सामर्थ्यवान बनाया तो भारत में बेटियों के विवाह के लिए किसी को निराश नहीं होना पड़ेगा। बेटियों को बोझ मत मानो, बेटियां, बेटों से कम है क्या? बेटियों कम होती तो हमारी बेटियां बड़े-बड़े शिखर पर नहीं पहुंचतीं।

सीएम बोले- 251 घोड़े कहां से लाए, गजब कर दिया
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, आज बागेश्वर धाम नया कीर्तिमान बना रहा है। आपने जातिगत संघर्ष को तोड़ने का काम किया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 251 घोड़े कहां-कहां से लाए महाराज गजब कर दिया आपने। आज आपने अश्वमेघ के घोड़े के समान दिग्विजय घोड़े के समान ये घोड़े लाए हैं, जिन्होंने समाज की असमानता को तोड़ दिया। शासन, सत्ता और संत की त्रिवेणी की मौजूदगी में ये विवाह का काम किया। जातियों की दीवारें टूटें और सद्भावना बने ये काम किया है। मप्र सरकार की ओर से 51 हजार रुपए देने की भावना है, इसलिए सरकार की योजना का लाभ यहां आए जोड़ों को मिलेगा।

राज्यपाल ने वर-वधु को दी बधाई
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, सभी वर-वधु को बधाई। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने गरीब और वंचित बेटियों के विवाह का समारोह किया ये अनुकरणीय है। सामूहिक विवाह समारोहों से भावी पीढ़ियों को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है।

राष्ट्रपति ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सभी जोड़ों को बधाई देती हूं। सभी को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं। आपको विवाह सूत्र में बांधने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं। विवाहित जोड़ों को गृहस्थी के सामान के साथ-साथ जीवनयापन के लिए आटा चक्की और सिलाई मशीन भी दी जा रही है।

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राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों अपने कर्म और वाणी से जन मानस को राह दिखाई है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। अंधविश्वास के बारे में लोगों को जागरूक किया है। चाहे गुरुनानक हों, रविदास हों या संत कबीर दास हों, मीराबाई हों या संत तुकाराम, सभी ने समाज को सही राह दिखाई है।

 
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