वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2024 - 2025 का 22,460 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट पर चर्चा के लिए बुधवार को 4 घंटे का समय तय किया गया है। अब कल अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।
राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन विधेयक,स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मध्यप्रदेश निजी विद्यालय संशोधन विधेयक, धमेंद्र लोधी ने मां शारदा देवी मंदिर संशोधन विधेयक और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने वीवी विधि संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किए।
कांग्रेस के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी विधानसभा का घेराव करने जा रही है। कार्यकर्ता अर्थी लेकर पहुंचे हैं। एक जिला अध्यक्ष बेड़ियां पहनकर पहुंचे हैं। हालांकि पुलिस ने विधानसभा के चारों तरफ के मार्गों पर बैरिकेटिंग लगा रखी है।
विधानसभा में बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने कहा, 68 वर्ष विधानसभा के पूरे होने को है। जब विधानसभा का गठन हुआ, तब मैं चार पांच साल का था। पुरानी विधानसभा में इससे छोटा हॉल था लेकिन वहां पक्ष-विपक्ष में प्रेम भाव था। सभी अध्यक्षों ने अपनी भूमिका का निर्वाहन किया है। मिंटो हाल में जब विधानसभा चलती थी, तब सबको बोलने का मौका मिलता था। नए विधायकों को उस दौर में बोलने का मौका मिलता था। बजट सत्र के दौरान 40 बैठकें तक होती थीं। विधानसभा की ज्यादा से ज्यादा बैठकें होना चाहिए। हमको पुराने दिन वापस लाने होंगे। सदन के सदस्य चाहते हैं ज्यादा-ज्यादा विधानसभा चले।
विधानसभा में उपमुख्यमंत्री राजेद्र शुक्ला ने अपने संम्बोधन में कहा, एमपी विधानसभा में पहली बार आज के दिन को याद किया गया। 17 दिसम्बर 1956 से 17 जनवरी 1957 तक एक महीने की विधानसभा चली थी। सभी सरकारों ने एमपी को आगे बढ़ाने में ताकत लगाई है। 2003 से 2024 तक एमपी ने हिंदुस्तान के सामने अपनी जगह बनाई है। आज जब हम इस दिन को याद कर रहे हैं, तब उसी समय पीएम मोदी जयपुर में पार्वती काली सिंध परियोजना का शुभारंभ कर रहे हैं। हम अगर कर्ज ले रहे हैं तो 3 फीसदी की सीमा के अंदर ले रहे हैं।हमारे पूर्वजों ने एमपी के विकास की यात्रा शुरू की थी।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक कटोरा लेकर पहुंचे। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार लगातार कर्जा ले रही है। अभी तक 3 लाख 85 हजार करोड़ का लोन सरकार ले चुकी है। इस तरह की परिस्थितियां प्रदेश के लिए ठीक नहीं है। किसानों को खाद नहीं मिल रही है।
भाजपा विधायक ने पूछा महिला एवं बाल विकास में शिकायतों को लेकर सवाल
भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सवाल पूछा कि महिला एवं बाल विकास में कितनी शिकायत पुरुषों द्वारा महिला अधिकारी कर्मचारियों की प्रताड़ना की लंबित है। इस पर महिला बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि डायरेक्टर स्तर पर 8 और जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पर एक शिकायत लंबित है। कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने महिला एवं बाल विकास विभाग में दूसरे नाम से कर्मचारियों के काम करने का सवाल किया। इस पर मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब दिया कि जिस विमलेश नाम की महिला कर्मचारी की बात कर रहे है, उसके घर का नाम मेवा बाई है। इस पर प्रीतम लोधी ने उन्हें टोकते हुए कहा कि यह तो नमूना है, ऐसे सैकड़ों मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
मप्र में आंगनबाड़ियों की स्थिति पर आज चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि मप्र में 34 हजार 143 आंगनबाड़ी भवन विहीन, 4 हजार 44 आंगनबाड़ियों जर्जर, जर्जर भवन वाली आंगनबाड़ियां अन्य भवनों में संचालित हो रही। यह जानकारी आज विधानसभा में प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने दी है। विधायक कंचन मुकेश तन्वे इसपर सवाल किया था।
कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने पूछा सवाल
मप्र विधानसभा में आज स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में शुरुआत में सिर्फ महिला विधायकों से प्रश्न पूछने की व्यवस्था दी।जिसके बाद बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रामसिया भारती ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अनियमितताएं होने, पोषण में गड़बड़ी का मामले से संबंधित सवाल पूछा। जिसपर महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मामले में सफाई दी।
पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का बड़ा आरोप
पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन में परंपराएं टूट रही है। पहले ध्यानाकर्षण के सवाल को लेकर विधायकों की मंत्रियों से बात हो जाती थी, जिससे संवादहीनता की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जो कल अपने क्षेत्र में एक स्कूल को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया था, वहां पर प्राइवेट स्कूल के द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में वहां पर यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। मैंने सदन में भी यही बात कही थी, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहाँ जन आक्रोश हो यह सही नहीं है। तो क्या यौन शोषण की घटनाओं पर मैं खुश हूं? हाल ही में प्रदेश मे यौन शोषण की घटनाएं बढ़ी है। उन्हें रोकने के लिए सही नीति बनाने की आवश्यकता है।
आगे उन्होंने कहा कि परिवहन चेकपोस्ट शासन आदेश के तहत 1 जुलाई 2024 से बंद कर दिये गये थे। परंतु परिवहन विभाग द्वारा शासन के निर्णय विरूद्ध जाकर मेरे विधानसभा क्षेत्र खुरई अंतर्गत म.प्र. उ.प्र. की सीमा पर स्थित मालथौन (अटा) चेकपोस्ट की पुरानी व्यवस्था को स्थाई रूप से चैकिंग पॉइंट बनाकर अनावश्यक रूप से चालकों एवं मालकों को अवैध बसूली कर परेशान किया जा रहा है। दिनांक 8 दिसम्बर 2024 को अवैध बसूली से डरकर भाग रहा एक ट्रक पलट गया ,जिस कारण बड़ी दुर्घटना होने बची। उक्त ट्रक अपनी गति से जा रहा था कि अचानक चेक पॉइंट पर बिना ड्रेस में उपस्थित स्थफ द्वारा बैरीकेट लगा दिये गये और वह ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें भरा सामान सड़क पर फैल गया। घटना से प्रताड़ित होकर ट्रक ड्राइवर द्वारा विखरे सामान पर तेल डालकर अपना गुस्सा प्रकट करने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद सभी ट्रक ड्राइवरों, मार्ग से जा रहे दो पहिया और चार पहिया निजी वाहन यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने आऐ दिन इस पॉइंट पर हो रहे घटनाक्रमों के विरोध में चक्काजाम कर दिया जो तीन थानों के पुलिस बल द्वारा कन्ट्रोल किया गया और चक्काजाम दिनभर जारी रहा।
इस पॉइंट पर विगत तीन-बार माहों से दिन-प्रतिदिन हो रहे जाम, विवाद से जनमानस परेशान है। पॉइंट पर पदस्थ अमले की बसूली और दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है। मेरे क्षेत्र के इस स्थान पर आए दिन हो रहे चक्काजाम के कारण शासन विरूद्ध मानसिकता पनप रही है और असंतोष का वातावरण बन रहा है। परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग पॉइंट प्रभारियों को जारी आदेश क्र. 47/टीसी/24 दिनांक 12/07/2024 में दिये गये दिशा-निर्देशों का खुलेआम उलंघन इस चेक पॉइंट पर किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम न हो, मोटर यान अधिनियम के तहत ही शमन शुल्क बसूली हो, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हो, बर्दी में ही स्टाफ उपस्थित हो, चेक पॉइंट की मुहर (सील) का ही उपयोग हो, अनुशासित व्यवहार हो, कैशबुक और रोजनामचा संचारित हो, रोजनामचा में घटनाक्रमों का संवारण हो, बॉडी बोर्न कैमरे का उपयोग हो, ई-चालान पीओएस मशीन से हो। यहां की गतिविषियों के अनेक वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है परंतु पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवहन अमला और असामाजिक तत्वों की डबल बसूली से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के अंदर गुटबाजी चल रही है। इनके ही मंत्री एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी को इसपर आत्मचिंतन करना चाहिए। बीजेपी के विधायक ही सवाल उठा रहे हैं। सरकार के कोई काम नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार ने कोई काम किया है, तो विकास पर श्वेत पत्र लाए।
इन योजनाओं के लिए जारी हो सकती है अतिरिक्त राशि
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग के साथ अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। किसी भी नई योजना को लाने की फिलहाल तैयारी में सरकार नहीं है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान किये जाने की संभावना है। सदन के दूसरे दिन चार विधेयकों को पेश किया जाएगा।
सोमवार को सरकार के प्रति विरोध प्रदर्शन में जुटे थे भारी संख्या में कांग्रेसी
कमलनाथ ने एक्स पर साझा किया वीडियो
पूर्व सीएम कमलनाथ ने साधा सरकार पर निशाना
पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश की पहचान आज घोटालों से हो गई है। किसान के साथ खाद और बीज में घोटाला, नौजवानों के साथ रोज़गार में घोटाला और हर काम में घोटाला। हमारे मध्य प्रदेश की 70% अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है अगर हमारा किसान डूबता है तो पूरा मध्य प्रदेश डूबता है। हमारे किसानों के साथ लगातार कितना बड़ा अन्याय हो रहा है। वह खाद बीज और फ़सल के सही दाम के लिए परेशान हो रहे हैं। नौजवानो समझ लो बहुत बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ है। पहले आप जिन्हें ज्ञान देते थे वे अब आपको ज्ञान देने के लिए तैयार हैं। आप इस परिवर्तन को याद रखियेगा। इसलिए जब तक हम घर घर नहीं जाएँगे, लोगों के पास नहीं पहुंचेंगे तब तक BJP से मुक़ाबला नहीं कर पाएंगे। मुझे पूरा भरोसा है अपने कांग्रेस के साथियों पर कि वे इस परिवर्तन को पहचानेंगे और कमर कसकर पार्टी के लिए काम करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है अपना समय भी आएगा।
सोमवार को सत्र के पहले दिन की बातें
1- सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में केवल दो प्रश्न ही हो पाए।
2- विधायक सुरेश राज्य और विधायक जयवर्धन सिंह ने अपने क्षेत्र में हुए कार्यों को लेकर सवाल किए। इसके बाद प्रश्नकाल खत्म हो गया।
3- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शून्यकाल में खाद संकट पर बात करना चाहते थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बांग्लादेश का मुद्दा उठा दिया, जिस पर कांग्रेस ने कहा- सरकार खाद संकट पर चर्चा ही नहीं करना चाहती। इसके बाद कांग्रेस ने हंगामा करते हुए वॉकआउट कर दिया।
4- पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सागर के माल्थोन के एक स्कूल में बच्चे के यौन शौषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं कई स्कूलों में हो रही हैं। अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के नाम पर व्यापार चल रहा है।
5- पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने स्कूल शिक्षा मंत्री से कहा, जो जवाब सदन में दिया जाए उसे चेक कर क्लियर कर लिया करें। ये नहीं कि अफसरों ने जो लिखकर दे दिया मंत्रीजी ने उसे मान लिया। मैं भी विधायक हूं।
विधानसभा से बाहर निकलने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, भाजपा सरकार के संरक्षण में पूरे प्रदेश में कई लोग नकली खाद बेच रहे हैं। सरकार इसे रोके।
मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। कांग्रेस ने पहले ही दिन विधानसभा का घेराव कर सड़क पर अपनी ताकत दिखाई। वहीं, सदन के अंदर भी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस विधायकों ने अपना विरोध दर्ज कर सदन के भीतर से वॉकआउट कर दिया था। बता दें कि कांग्रेस मप्र में किसानों के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को घेर रही है। इसी कड़ी में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने ट्रैक्टर पर सवार होकर विधानसभा की ओर कूच किया था, और तो और विधायकों ने अपने सिरों पर खाद की बोरी रखकर किसानों के लिए मोहन सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई थी।