02:02 PM, 08-Feb-2024
डॉ. मोहन यादव ने जताई हैरानगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा के मामले पर सदन में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास जैसे ही जानकारी आई, हमने कैबिनेट बैठक रोककर पूरी जानकारी ली। हमने 50 मिनट के अंदर ही आपात बैठक बुलाई। एक टीम को हरदा भेजा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 12:20 बजे जानकारी दी गई। हमने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। बर्न यूनिट को तैयार रहने को कहा। जो भी जरूरी था, वह किया। 100 से ज्यादा गाड़िया वहां पहुचाई। मैं एक-एक घायल से मिलकर आया। एक बहादुर महिला से मुलाकात हुई उसका विस्फोट में हाथ उड़ गया था। जब पहला विस्फोट हुआ, तब लोग दौड़कर वहां से निकल गए।
डॉ. यादव ने फायर बिग्रेड के कर्मचारियों की तारीफ की। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकारियों को हटाया गया। कोई दोषी नहीं बचेगा, यह मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। पूरे प्रदेश में विस्फोटक की जॉच की जा रही है। हरदा में 12 विस्फोटक लाइसेंस की जांच कराई गई है। मैं हैरान हूं यह जानकर कि दो साल पहले फैक्टरी मालिक घर-घर बारूद बांटकर बम बनवाता था। यह नया तमाशा पहली बार सुना।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
कांग्रेस की मांग थी कि हरदा हादसे की न्यायिक जांच हो। यह बात सरकार ने नहीं मानी है। इस पर विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया। हंगामे और शोर के बीच कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित की गई।