सीधी से भाजपा विधायक रीति पाठक के कहा कि विपक्ष को सिर्फ इसलिए विरोध नहीं करना चाहिए क्योंकि आप विपक्ष में हैं। आपको यथास्थिति भी समझनी चाहिए. किसानों के लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रहे है. सरकार कई योजनाओं का संचालन कर रही है.
कांग्रेस से विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि किसानों को पूरा बीमा अपनी फसलों का नहीं मिल रहा है। राहत के नाम पर किसानों को फायदा नहीं हो रहा है। बड़ा बीमा घोटाला किया जा रहा है। श्योपुर में किसानों को कोई बीमा नहीं मिला।
टीकमगढ़ से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह जग्गू भैया ने कहा कि धान और मक्का किस फसल की हो रही है खरीदी? सरकार झूठ बोलती है। बुलंदेलखंड में किसानों की हालत बेहद खराब हैं। MSP पर खरीदी नहीं हो रही है। भावांतर की बात भी सिर्फ कागजी मानिए। किसानी लाभ का नहीं घाटे का धंधा हो गया। सरकार अडानी कंपनी को फसल बेचने के लिए मजबूर कर रही है। नकली खाद, नकली बीज, खाद की किल्लत, नुकसान का सर्वे अब तक नहीं हुआ है।
सदन में किसानों के हितों जुड़ी बहस के दौरान रामेश्वर शर्मा ने चुटकी लेते हुए आलू से सोना निकालने का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समय-समय पर इस पर बात करती है कि आलू से सोना कैसे बने।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष उमं सिंघार ने कहा कि प्याज से शैंपू कैसे बनता है ये रामेश्वर शर्मा जानते हैं। इस पर रामेश्वर शर्मा ने सख्त अंदाज में कहा कि मैं इसी सदन में प्याज का शैंपू लाकर उमंग सिंघार को दे सकता हूं। इसके लिए रामेश्वर शर्मा ने सदन से शैंपू देने की इजाजत मांगी।
इसके बाद सदन की कर्यवाही को 3:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
भंवर सिंह शेखावत ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ये सरकार किसानों के लिए संवेदनहीनता की तरफ आगे बढ़ रही है। फसल अतिविष्ट का मुद्दा नहीं है। बिजली सहित अन्य मुद्दों पर किसान परेशान हैं। सोयाबीन की MSP देने का वादा किया था। भावांतर योजना किसानों को भ्रमित करने के लिए है। भावांतर योजना किसानों के साथ धोखा है। भावांतर योजना के नाम पर रैलियां निकाली जा रही हैं। मक्का की फसल के लिए MSP की बात की थीं। मक्का के लिए सेंटर तय नहीं किए गए हैं। किसान कहां जाएगा मक्का की फसल के लिए। किसान कम दामों में व्यापारियों को मक्का बेच रहा है।
जवाब में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब आप इधर थे, तब भावांतर योजना आई थी। कांग्रेस ने तो भावांतर योजना के नाम पर एक रुपये नहीं दिए।
इस पर भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि दस घंटे बिजली देने का दावा था पर कुछ घंटे ही बिजली मिल रही है। बीमा की राशि कंपनियां लूट रही हैं। बीमा करवाना जरूरी है, पर किसानों को 51 और 100 रुपये मिल रहे हैं। खराब फसलों का सर्वे सही तरीके से नहीं हो रहा है। सरकार आंखों पर पट्टी बांधे हुए है।
इस बहस के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कहा कि किसानों की चिंता करना हमारी जिमेदारी है। भावांतर योजना में उनको कितने पैसे मिलेंगे ये बताना हमारी जिमेदारी है। किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बीमा कंपनी के लोगों को सर्वे करने जाना चाहिए। ये वो सरकार है, जो किसानों के पैसा खाएगा उसे डंडे मार के पैसे दिलवाएगी।
नर्मदापुरम और इटारसी में बढ़ते अतिक्रमण पर विधायक सीतासरन शर्मा ने सदन का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जबाव देते हुए कहा कि नर्मदा पुरम में अतिक्रमण की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया, यह कहना सही नहीं है। नर्मदापुरम में हाथ ठेके के लिए अलग से हॉकर्स बनाया गया है। इन क्षेत्रों में समय-समय पर अतिक्रमण हटाया जाता है। अतिक्रमण हटाने की टीम ने 3 अतिक्रमण पाए हैं। उसको हटाने की कार्रवाई की जा रही है। 180 अस्थाई अतिक्रमण हटाये गए हैं।
विधायक शैलेंद्र जैन ने भी अतिक्रमण का उठाया मुद्दा
अतिक्रमण की समस्या केवल नर्मदा पुरम की नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की है। लोगों का मोह अब शहर की तरफ से कम हो रहा है। प्रदीप लारिया ने भी नालों पर अतिक्रमण की बात कही। शहरों के चौक चौराहा पर भी अतिक्रमण हो रहा है, जो एक समस्या बन रही है।
विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। विधानसभा सत्र छोटा होता जा रहा है। सदन के अंदर विपक्ष ने हंगामा करते हुए सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। कैलाश विजयवर्गीय बोले- सागर में गागर भरना सीखें। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को शांत रहने की बात कही। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 4 दिन में ही 40 दिन का काम करें। आजकल वर्क फ्राम होम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि सदन की कार्रवाई इतनी छोटी रहेगी तो कैसे काम होगा। अधिकारियों की भूमिका भी खत्म की जा रही है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सदन में छोटा सत्र होने की बात कही।
कौशल विकास योजना में कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया? जबलपुर में इस योजना में कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है? मंत्री गौतम टेटवाल ने सवाल का जवाब दिया कि मध्य प्रदेश में अब तक कुल 47856 युवाओं को प्रशिक्षण दिया है। जबलपुर जिले में कुल 1832 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में कुल 34780 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
इन दिवंगतों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने श्रद्धांजलि दी...
भोपाल- मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने भोपाल में धरना दिया। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने 'पूतना' का वेश धारण किया और अन्य कांग्रेस विधायकों ने 'ताबूत में गुड़िया' थाम रखी थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से हुई मासूम बच्चों की मौत और प्रदेश में बच्चों पर बढ़ते अत्याचार को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायकों ने अनोखे सांकेतिक प्रदर्शन में भाजपा सरकार को पूतना बताते हुए बच्चों की सुरक्षा की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा पहुंचते ही सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार से अनुरोध कि सत्र की अवधि बढ़ाई जाए। अगर सत्र छोटे होंगे तो प्रदेश और देश में लोकतंत्र की हत्या होगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार घोटालों से बचना चाह रही है। इसलिए विधायकों के सवाल बदले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं। बिजली बिल बढ़ाया जा रहा है।
सचिवालय को अब तक 1497 प्रश्न मिले हैं। जिसमें तारांकित 751, अतारांकित 746 प्रश्न, ध्यानाकर्षण 194, स्थगन प्रस्ताव 6, अशासकीय संकल्प 14, शून्यकाल 52 मिले हैं। वहीं नियम 139 की 2 सूचनाएं, 15 याचिकाएं, 2 शासकीय विधेयक प्राप्त हुए हैं।
सत्र के दौरान शुरुआत में ही कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा फिल्म अभिनेता एवं पूर्व सांसद धर्मेन्द्र के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार विस्फोट के मृतकों तथा राजनांदगांव जिले में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हॉक फोर्स इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।
सत्र के पहले दिन श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल “मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025” को पुनः प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से कई अध्यादेश, वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025, रेरा (RERA) मध्य प्रदेश का वार्षिक प्रतिवेदन 2024–25, मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी का वार्षिक प्रतिवेदन 2020–21, विद्युत नियामक आयोग की तीन अधिसूचनाएं और मानव अधिकार आयोग और राज्य सूचना आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन शामिल हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। 3 दिसंबर के अवकाश के चलते पांच दिवसीय इस सत्र की चार बैठकें ही होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल में गैस त्रासदी की बरसी के चलते क्षेत्रीय अवकाश रहेगा।