कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की कल्पना तभी सार्थक होगी, जब एससी, एसटी और ओबीसी समाज को साथ लेकर चला जाएगा। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आबादी का बड़ा हिस्सा होने के बावजूद इन वर्गों के पास संपत्ति का बहुत कम भाग है। बरैया ने समानता के बिना विकास के विजन को अधूरा बताया।
केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने सदन में कहा कि जब हम चर्चा करते हैं तो उसके पीछे कुछ न कुछ मकसद होता है। चर्चा करते हैं तो उसमें लक्ष्य निर्धारित करते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के 100 वर्ष को लक्ष्य माना है। एमपी की क्या तस्वीर होगी उस पर चर्चा होनी चाहिए। विरासत की तुलना नहीं हो सकती है पर विकास की तुलना सदन के अंदर ओर बाहर होनी चाहिए। सवाल आलोचना और सफलता का ही नहीं है। सवाल ये है हमने किया क्या है ? प्रहलाद पटेल ने कहा कि जमीन उतनी ही है और आबादी बढ़ती जा रही है। विकास के मॉडल के बारे में हमको सोचना ही होगा। हमको स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मोदी जी को धन्यवाद देना होगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पीएम सड़क योजना की शुरुआत की थी। अब पीएम सड़क योजना का चौथा चरण चल रहा है। प्रह्लाद पटेल ने कहा कि नर्मदा किनारे 20 से 25 किलोमीटर के बीच आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। परिक्रमा वासियों को कोई परेशानी न हो उसका ख्याल रखा जा रहा है। अगले तीन साल में 30 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा 1766 क्षतिग्रस्त पुल का सुधार अगले 3 साल में होगा।
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का गौरवशाली इतिहास आज अपने 70 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। जनता को हमारी कही गई बातों को जानने का, सुनने का अवसर मिलना चाहिए। कटारे ने कहा कि विजन वो रखना चाहिए जिसको हम देख सके। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दूर दृष्टि रखनी चाहिए। यही वजह है कि मध्य प्रदेश यहां है, या देश यहां है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी 2047 को देखें। आजादी के 100 साल होंगे तो हमारा देश कैसा होगा ?
हेमंत कटारे ने कहा कि हमको हमारी कमियां जानना चाहिए। यदि हम कमियां नहीं बताएंगे तो उसमें सुधार की संभावना खत्म हो जायेगी। उन्होंने सरकारी स्कूलों को लेकर कानून बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्यों ना एक कानून बनाया जाए जिसमें 5 साल तक के बच्चों को सरकारी स्कूल में ही दाखिला कराया जाए। जब वीआईपी के बच्चे सरकारी स्कूल में जाएंगे तो अपने आप सरकारी स्कूलों का उत्थान हो जाएगा। हेमंत कटारे ने उच्च शिक्षा मंत्री के वीआईटी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के वक्तव्य को याद दिलाया। वो बोले कि मंत्री ने इतिहास कांपने की बात करी थी। बहुत वक्त बीत जाने के बाद भी इतिहास कांपते हुए नहीं दिखा। प्रशासक नियुक्त करने के लिए कार्रवाई की गई है। नोटिस दिया गया है। हेमंत कटारे ने कहा कि यदि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं होगी तो कैसे सुधार होगा।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अध्यक्ष मुझे आशा है सकारात्मक विधानसभा चले। इस दिशा में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश कैसे बने ? 2047 में जब भारत विकसित देश बने तो उसमें मध्य प्रदेश का योगदान कितना होगा । इस पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। हम 230 लोगों का संकल्प एक ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1993 से लेकर 2003 तक दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री रहे थे। उनके कहने के लिए बहुत सारी बातें हैं पॉजिटिव भी और नेगेटिव भी लेकिन मैं आज कसम खा कर आया हूं कि नेगेटिव नहीं बोलना है। आज पॉजिटिव चर्चा करना है। उन्होंने आगे कहा कि इंदौर में आईआईएम लाने के लिए दिग्विजय सिंह ने बहुत प्रयास किए थे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कामों की अन्य राज्य नकल कर रहे हैं। लाडली बहना और महाकाल लोक के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय आए। उनके बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आए। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को लाने के लिए अच्छा काम किया, लेकिन वह उनकी सोच के अनुसार काम नहीं कर पाए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बहुत बढ़िया काम किया है। प्रदेश में 32 lakh करोड़ के निवेश लाए हैं। आधुनिक गौशाला बनाई हैं। उज्जैन लैंडस्कैपिंग पॉलिसी में हमारे किसान भाइयों ने कहा कि हमें जमीन नहीं देना है तो मुख्यमंत्री ने बड़ा है हृदय दिखाते हुए अपना निर्णय वापस लिया है। कैलाश विजयवर्गी की ने कहा कि नगरी विकास विभाग में हमने बहुत काम किया है।
कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बने इस चर्चा का मैं स्वागत करता हूं, लेकिन मुख्यमंत्री जी बोल रहे हैं नेता हैं, नीति है, लेकिन नीयत है कि नहीं यह जानना ज्यादा जरूरी है। यदि विधानसभा सत्र की लाइव टेलीकास्ट होती तो आज प्रदेश की पूरी जनता इसे देख रही होती। विधानसभा का सत्र लंबा चले यह जरूरी होता है। जनता के बहुत सारे सवाल होते हैं।
24 घंटे बिजली आपके घोषणा पत्र में लिखा था। हम 24 घंटे की गारंटी चाहते हैं। घर-घर पानी जनता को दें... हम आप से गारंटी चाहते हैं। लाडली महिलाओं को तीन हजार रुपये की गारंटी हम चाहते हैं। मजदूरों को उनकी पूरी मजदूरी मिले, हम आपसे यह गारंटी चाहते हैं। प्रदेश में एमएसएमई यूनिट बंद हो रही है, वह बंद न हो या हम आपसे गारंटी चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं चाहत हूं कि इस पर मुख्यमंत्री बात करें। प्रदेश का कर्ज कैसे खत्म होगा यह भी बताएं। रेवेन्यू कैसे बढ़े इस पर आप लोग बात करें।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की संकल्प को विधानसभा की पटल पर रखा। विधानसभा में मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प पारित हुआ। इस पर आज चर्चा के लिए 7 घंटे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यह सदन 70 वर्षों में जनता के विश्वास के रूप में परिलक्षित हुआ है। अध्यक्ष जी अभी-अभी हमारी सरकार ने दो साल का कार्यकाल पूरा किया है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम सबने मिलकर न सिर्फ दूरगामी परिणाम के निर्णय लिए, बल्कि कई ऐसे निर्णय लिए जो माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे, जो जनता के जीवन के बदलाव का हिस्सा बनेंगे। 11 दिसंबर को लाल सलाम को आखिरी सलाम किया। यह हमारे लिए गौरव की बात है।
दो साल में दूरगामी निर्णय
यह तकनीक का क्षेत्र है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों को हर क्षेत्र में चुनौती दे रहा है। मध्य प्रदेश की 8 करोड़ जनता के लिए प्रत्येक क्षेत्र में गतिशीलता लाना तभी संभव है, जब पक्ष-विपक्ष के दोनों दलों के विधायक मध्य प्रदेश विजन 2047 के लिए रचनात्मक चर्चा करें। हमें यह चर्चा करनी है कि अगले 25 वर्षों के विकास में हम कब कैसे और कहां पहुंचेंगे। पक्ष-विपक्ष दोनों की सकारात्मक सुझाव के आकांक्षाओं को साकार करने के जनता के प्रतिनिधि की रूप में महत्वपूर्ण दायित्व है। इन दायित्व को निभाकर हम लोगों की उम्मीद पर खरा उतर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विशेष सत्र की बैठक पर मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के संबंध में चर्चा की जाएगी। हम सभी जानते हैं कि यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का भी है। मध्य प्रदेश के 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और अभिलाषाओं को पूर्ण करने के लिए यह विशेष सत्र आयोजित किया गया है। 191 बाद विधानसभा के विशेष सत्र आयोजित हो चुके हैं। यह चौथा विशेष सत्र है। इससे पहले आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर दूसरा मध्य प्रदेश देश से छत्तीसगढ़ विभाजन और तीसरा सत्र 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी सिंह चौहान के समय आयोजित किया गया था। यह चौथा विशेष सत्र है।
मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही में सबसे पहले श्रद्धांजलि सभा की गई। लोकसभा के महत्वपूर्ण अध्यक्ष शिवराज वि पाटिल, भूतपूर्व राज्यपाल मिजोरम स्वराज कौशल, लोकसभा के भूतपूर्व सदस्य डॉक्टर रामविलास वेदांती और 10 दिसंबर 2025 को नेशनल हाईवे 44 पर बम डिस्पोजल स्क्वाड के वाहन की कंटेनर से भिड़ंत में जवान की मौत पर सभी ने शोक व्यक्त किया और श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल से सभी को मोक्ष प्रदान करने की कामना की। नेता प्रतिपक्ष ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अब तक मध्य प्रदेश में 16 विधानसभा गठित हो चुकी हैं और वर्तमान में 16वीं विधानसभा कार्यरत हैं। प्रदेश के विकास, जनकल्याण और नीतिगत निर्णयों में विधानसभा एवं जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही है। अब तक 19 विधानसभा अध्यक्ष इस गरिमामयी पद पर आसीन रह चुके हैं।
राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के तहत 1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश राज्य का गठन किया गया था। इसके बाद 17 दिसंबर 1956 से 17 जनवरी 1957 तक मध्य प्रदेश विधानसभा का पहला सत्र आयोजित हुआ, जिसने प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी और विधायी परंपराओं की शुरुआत की।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 17 दिसंबर प्रदेश के विधायी इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इसी दिन 1956 में विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। विशेष सत्र में भाजपा और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश के विकास को लेकर अपने विचार रखेंगे। अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रदेश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकसित मध्य प्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करना सभी जनप्रतिनिधियों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मध्य प्रदेश विधानसभा की 69वीं वर्षगांठ पर 17 दिसंबर को एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह सत्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर बुलाया गया है, जो विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के विजन को समर्पित होगा।