केशव बोले-एक भी आरोपी बचेगा नहीं। अखिलेश यादव का संतुलन बिगड़ा, बिहार जीत के लड्डू उन्हें भिजवाऊंगा। वहीं, शाहनवाज ने कहा, हम फोटो-फोटो खेल रहे, कोडीन मामले में पकड़े गए लोगों को मिली जमानत।
विधायक संदीप ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों में अनियमितता की बात कही। आज नौजवानों को नाट फार सूटेबल बताकर किनारे कर दिया जाता है। आरक्षण न देना पड़े इसलिए सरकारी नौकरियां खत्म कर दी गईं। आरक्षण न देने पड़े निजीकरण किया जा रहा है।
विधायक संग्राम सिंह यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण देने को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूपी के चयन आयोग ने चुपके से माइग्रेशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। छात्रों ने विरोध जताया तो उनके साथ पुलिस ने अभद्रता की।
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि ज्यादातर बातें चुनाव आयोग के अंतर्गत आती हैं। उन्होंने आर्टिकल 13-AA का जिक्र करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया, उनके साथ हमारी संवेदना है। लेकिन, मौत कैसे हुई ये जांच का विषय है। मानवीय आधार पर हमारी संवेदना उनके परिवारों के साथ हैं। हम उनको बाकी सभी सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही ट्रीट करेंगे।
सपा विधायक पारस ने कहा कि यदि कोई बाहर रहता है तो बीएलओ उसका वोट काटने का दबाव बनाते हैं। कोई बाहर काम कर रहा है तो उसके घरवाले उसका फार्म भर सकते हैं लेकिन बीएलओ उसका भी नाम काटने का दबाव बना रहे हैं। यही नहीं पहले वोटर बनने पर कोई भी व्यक्ति आसानी से फार्म 6 भर सकता था। लेकिन, अब एफिडेविट मांगा जाता है। इसे बनवाने में करीब 600 रुपये खर्च होते हैं।
विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' ने यूपी में 10 बीएलओ की हुई मौतों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एसआईआर की जल्दबाजी क्यों थी? बिना किसी ट्रेनिंग के शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई। इससे अफसरों का उन पर अतिरिक्त दबाव था। इससे उनकी मौत हुई। उन्होंने मुरादाबाद के शिक्षक सर्वेश के सुसाइड की मौत का जिक्र किया।
फतेहपुर में 27 वर्षीय लेखपाल ने शादी के एक दिन पहले सुसाइड कर लिया। एक महिला शिक्षक की काम के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। ये तो महज वो घटनाएं थी जो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ गईं। बाकी न जाने कितनी घटनाएं हुई होंगी। इसके बाद भी सरकार ने इसकी जवाबदेही नहीं ली। प्रशासनिक लापरवाही के कारण शिक्षकों की जान गई।
इस जल्दबाजी में सबसे ज्यादा गरीब, दलितों के नाम कटे। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार उनके परिजनों को नौकरी देगी? साथ ही परिवार को 50 लाख के आर्थिक मदद की मांग रखी।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने चौधरी चरण सिंह के एक कदम का जिक्र करते हुए बताया कि कम्युनिस्ट यूपी में क्यों प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने एक बार हमसे कहा था कि हमारे एक कदम से काफी लोगों को कुछ न कुछ जमीन मिल गई है। जमीन कम हो या ज्यादा हर किसान अपनी जमीन से बहुत प्यार करता है। इसलिए, उन्हें कोई अपने प्रभाव में नहीं ले पा रहा है।
विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' ने भी चौधरी चरण सिंह के जीवन पर अपनी रखी। इस दौरान उन्होंने भूमि सुधार कानून को याद करते हुए किसानों के हित में किए गए उनके कार्यों के बारे बताया। उन्होंने किसानों को फोकस में रखकर एक दिन का सदन चलाने की मांग रखी।
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सपा विधायक अतुल प्रधान ने अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार से गन्ना मूल्य और गन्ना किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग की।
सदन में चौधरी चरण सिंह की जन्म जयंती पर नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उनकी जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला।
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई की जाती है। अपमानजनक टिप्पणी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो पोस्ट करने पर डीआईजी साइबर के माध्यम से कार्रवाई होती है। जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात होती है तो उस पर भी कार्रवाई होती है। पहले दो साइबर थाने थे। योगी सरकार ने करीब-करीब हर जिले में साइबर थाने की स्थापना कर दी है। करीब 84 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। आरोपी पर एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने और सात साल तक की जेल की व्यवस्था है।
सपा विधायक ने सोशल मीडिया पर अश्लील कटेंट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। कहा कि बिना किसी नियंत्रण और चेतावनी के सोशल मीडिया पर नग्नता परोसी जा रही है। यही नहीं पीएम मोदी खुद कहते हैं कि नौकरी न मिले तो रील बनाओ और पैसे कमाओ। क्या सरकार सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे इस तरह के कटेंट के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी?
सपा विधायक अतुल प्रधान गन्ना लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज किसान दिवस है। सदन में किसान और किसानों की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए।
सपा विधायक आरके वर्मा ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के शोषण पर सवाल खड़े किए। मनमानी शुल्क वसूली जाती है। आरटीई के तहत 25 फीसदी तक गरीब के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन, सरकार इसका अनुपालन कराने में असफल है। ये सरकार गरीब विरोधी है। सरकारी स्कूलों की तरह निजी स्कूलों में भी पुस्तकें निर्धारित की जाएं। ताकि, मनमानी वसूली से अभिभावक बच सकें।
माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों की भर्ती के सवालों का मंत्री संदीप सिंह ने जवाब दिया। कहा कि शिक्षकों के स्वीकृत पदों को समाप्त करने का अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। शिक्षक और बच्चों के अनुपात को मेनटेम रखने का पूरा प्रयास रहता है।
सपा विधायक सचिन यादव ने कहा कि आज स्कूलों में 1.5 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। आज का शिक्षक चुनाव ड्यूटी करता है, आज एसआईआर करा रहे हैं, मिडडे मिल चलाता है, यही नहीं हर मुसीबत में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है। हर साल 12 हजार शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। लेकिन, छह वर्ष से कोई भर्ती नहीं की गई। आरक्षण देना न पड़े, इसलिए भर्ती नहीं की जा रही है।
विपक्ष के सवालों के जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कोई स्कूल बंद नहीं किया गया है। सिर्फ एक किमी के दायरे के स्कूलों को जहां 50 से कम बच्चे थे, उन्हें मर्ज किया गया है। इससे स्कूलों में बच्चे बढ़े और शिक्षकों की भी संख्या बढ़ी। जो स्कूल खाली हुए थे, उनमें बाल वाटिका चलाई जा रही है, ना कि उन्हें बंद किया गया है। हमने शिक्षकों के तबादले की आनलाइन व्यवस्था की। इससे पारदर्शी तरीके से शिक्षकों का तबादला किया गया। कोई भी शिक्षक आनलाइन आवेदन करके म्युचुअल तबादला भी ले सकेगा। शिक्षकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कैशलेश इलाज की सुविधा की घोषणा की गई है।
ब्रजेश कटारिया ने कहा कि आज गरीब आदमी अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि, शिक्षकों को डाटा एंट्री आपरेटर बना दिया गया है। जब शिक्षकों का फोकस दस्तावेजों पर होगा तो पढ़ाई कैसे होगी।
विधायक डॉ रागिनी ने स्कूलों के मर्जर को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि बच्चों की कमी से स्कूल बंद किए गए। तो सवाल यह है कि आठ वर्षों में सरकार ने बच्चे बढ़ाने के लिए क्या योजना बनाई? स्कूलों में दो लाख शिक्षकों की कमी है। शिक्षामित्रों का समायोजन करने या मानदेय बढ़ाने पर सरकार कब कदम उठाएगी।
शिक्षकों को बीएलओ बना दिया, वो गणना कर रहे हैं। सामूहिक विवाह में टीचर दुल्हन को ब्यूटी पार्लर लेकर जा रहे हैं। अलीगढ़ में शिक्षकों को कुत्ता गिनने में लगा दिया।
इसके जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत पहले अंग्रेजी भाषा के तहत पठन-पाठन का कार्य किया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद, मातृभाषा और स्थानीय भाषा और राष्ठ्र भाषा के आधार पर पढ़ाई कराई जा रही है। अग्रेजी को भी एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्प के तहत हमने परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदली। आज 65 फीसदी स्कूल फर्नीचर से युक्त हैं।
इसके बाद विपक्ष ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। अंग्रेजी न पढ़ाए जाने को लेकर सवाल पूछे।
इसे जवाब में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि पहले यह नरेगा था। चुनाव के समय इस पर महात्मा गांधी जोड़ा गया था। हमारी सरकार ने 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार की गारंटी हो गई है। इसे विकसित भारत से जोड़ा जाएगा। फसल कटाई के दौरान 60 दिन मनरेगा का काम रोक दिया जाएगा। काम करने के सात दिन में ही भुगतान दिया जाएगा।
सपा विधायक अनिल प्रधान ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने को लेकर सरकार को घेरा। कहा कि नई गाइडलाइन के तहत राज्यों पर ज्यादा भार आएगा। इससे मजदूरों के भुगतान पर भी समस्या आएगी। क्या सरकार काम करने के अगले महीने ही मजदूरों के भुगतान की व्यवस्था करेगी।