योगी सरकार के बजट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये बजट नहीं बल्कि बहुत बड़ा ढोल है जिसमें आवाज तो बहुत है पर अंदर से खोखला है। उन्होंने कहा कि इसे देखकर किसानों की उम्मीदों का खेत सूख गया है। महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें उभर आई हैं। आम जनता के लिए इसमें कुछ नहीं है लोग कह रहे हैं कि सरकार का प्रवचन तो गया है अब बजट कब आएगा। उन्होंने कहा कि बजट देखकर मंत्री और विधायक भी निराश हैं क्योंकि इसमें उनके अपने विभाग के लिए कुछ नहीं है। आखिर उन्हें ही जनता को फेस करना है। भाजपा ने इस बजट में भी अपने संकल्प पत्र के वादे पूरे नहीं किए हैं। ये उनका 9वां बजट है।
यूपी बजट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि "भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि अगले पांच साल में वे किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देंगे... उन्होंने राज्य के किसानों की मदद के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि अवसंरचना मिशन के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का वादा किया... भामाशाह योजना के लिए 1 हजार करोड़ रुपये का वादा किया, जिसमें वे टमाटर, आलू और अन्य सब्जियों के लिए एमएसपी देंगे... घोषणापत्र में ये कुछ बिंदु थे जो नौ राज्य बजट के बाद भी पूरे नहीं हुए..."
उत्तर प्रदेश के बजट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये इनका (भाजपा) 'सेकंड लास्ट' बजट था। एक और बजट पेश होगा फिर हमें नई सरकार चुनने का अवसर मिलेगा। बजट घोषणा पत्र से मेल नहीं खाता है। बिना विजन के बजट आए हैं सरकार का कोई रोडमैप तय नहीं था कि किस दिशा में उत्तर प्रदेश को ले जाना है... हर बजट में सरकार कहती है कि ये सबसे बड़ा बजट है इसका कोई मायने नहीं है, क्योंकि हर बजट पिछले बजट से ज्यादा होगा..."
यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में बताया कि प्रदेश ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोतों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये प्रख्यापित उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
अयोध्या शहर को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 16 नगर निगमों एवं नोएडा शहर को भी सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के अन्तर्गत कम्प्रेस्ड बायो गैस, बायो-कोल, बायो-डीजल/बायो-एथेनॉल से सम्बन्धित 53 परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 24 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। सौर ऊर्जा नीति-2022 के अन्तर्गत रोजगार सृजन एवं कौशल विकास हेतु वर्ष 2025-2026 में 3000 सूर्यमित्रों को कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण दिया जायेगा।
योगी सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान किए की नई योजना लाई जा रही है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सह शिक्षा की व्यवस्था के साथ-साथ बालिका छात्रावास का निर्माण, बालिकाओं का सशक्तिकरण, मीना मंच, आत्मा रक्षा प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित है, जिनमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को प्रदेशित किए जाने का प्रावधान है।
योगी सरकार के इस बजट में महिलाओं का खास ख्याल रखा गया है। कई महत्वपूर्ण मौकों पर बजट के माध्यम से महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने इसका एलान किया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 96 लाख से अधिक परिवारों की महिलाओं को आच्छादित किया गया है।
ग्राम स्तर पर डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने हेतु बीसीसखी योजना के तहत 39, 556 बीसी सखी द्वारा कार्य करते हुए 31,103 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया गया। 84.38 करोड रुपये का लाभांश अर्जित किया गया। लखपति महिला योजना के तहत 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन किया गया है। दो लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अब तक लगभग 1.86 करोड लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। योगी सरकार द्वारा उज्जवला योजना के लाभार्थियों को दो निशुल्क सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में महिला स्वामित्व वाली प्रोड्यूसर कंपनियों के गठन के लिए महिला सामर्थ्य योजना संचालित है।
बजट 2025-26 में यूपी सरकार ने कैंसर की दवाइयों को सस्ते करने की दिशा में बहुत बड़ा महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केयर सेंटर बनाने का निर्णय भी इस बजट में किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर कहा कि पहली बार 65 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश आए हैं जिनमें 14 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक थे... 2025-26 का यह बजट गरीब, अन्नदाता किसान और युवा महिलाओं के उत्थान को समर्पित है... यह बजट 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक का है... यह बजट डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है..."
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुल बजट का 22% बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवंटित किया गया है। कुल बजट का 13 फीसदी शिक्षा के लिए आवंटित किया गया है। कुल बजट का 11 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को आवंटित किया गया है। कुल बजट का 6 फीसदी चिकित्सा क्षेत्र को आवंटित किया गया है। छात्रवृत्ति के लिए 4,720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गरीब लोगों की बेटियों की शादी के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हमारे संविधान के लागू होने के बाद से 75 वर्षों की शानदार यात्रा के बाद, यह बजट हमारे अगले 25 वर्षों के लिए रोडमैप बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। डबल इंजन की सरकार लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर स्मारक और संस्कृति केंद्र की स्थापना कर रही है... हमने संविधान की मूलभूत भावनाओं के अनुसार वंचितों की सहायता करने की थीम के साथ 2025-2026 का बजट तैयार किया है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न कहा कि यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यूपी में चार नए एक्सप्रेसवे बनेंगे। बजट युवा, उद्यामी और महिलाओं पर फोकस है। बजट में 92 हजार नौकरी देने का वादा किया गया है। बेरोजगारी की दर कम की।
यूपी बजट का आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) है।
बजट में 28 हजार 478 करोड 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 01 लाख 30 हजार 425 करोड़ रुपये (1,30,425 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
आबकारी शुल्क
आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 63 हजार करोड़ रुपये (63,000 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
स्टाम्प एवं पंजीकरण
स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 38 हजार 150 करोड रुपये (38,150 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
वाहन कर
वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 14 हजार करोड़ रुपये (14,000 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
महिला एवं बाल विकास
निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन के भुगतान हेतु 2980 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत 700 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झाँसी एवं आगरा में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की नई योजना प्रस्तावित की गई है जिसके 170 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
कोविड के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया है उनकी देखभाल और वित्तीय सहायता हेतु संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिये 252 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले पोषाहार के लिये लगभग 4119 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय के भुगतान हेतु 971 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रदेश स्तर पर एक खेल विश्वविद्यालय का निर्माण जनपद मेरठ में किया जा रहा है जिसके लिये कुल 223 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
जनपद वाराणसी में पी०पी०पी० मॉडल पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकट स्टेडियम का निर्माण तथा खेलो इण्डिया के अन्तर्गत वाराणसी के सिगरा स्टेडियम का व्यापक विकास कराया जा रहा है।
प्रदेश में पहली बार भारत सरकार के सहयोग से "एक जनपद एक खेल" योजनान्तर्गत 72 जनपदों में खेलो इण्डिया सेन्टर संचालित किये जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में शेष 03 जनपदों में प्रशिक्षण के चयन आदि की कार्यवाही प्रस्तावित है।
धर्मार्थ कार्य
श्री बांके बिहारी जी महाराज मन्दिर मथुरा-वृन्दावन कारीडोर के निर्माण हेतु भूमि क्रय के लिये 100 करोड़ रुपये तथा निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान प्रस्तावित है।
जनपद मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र में मां विन्ध्यवासिनी मन्दिर, मां अष्टभुजा मन्दिर, मां काली खोह मन्दिर के परिक्रमा पथ एवं जन सुविधा स्थलों को विकसित किये जाने हेतु भूमि क्रय हेतु 100 करोड़ रुपये तथा वृहद निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
जनोपयोगी संरक्षित मन्दिरों के जीर्णोद्वार/पुनर्निर्माण हेतु 30 करोड़ का बजट प्रावधान प्रस्तावित है।
जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य में वेद विज्ञान केन्द्र की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है।
प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 184 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 36 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन हैं।
राजकीय पालीटेक्निकों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है।
राजकीय पॉलीटेक्निकों में नवीन टेक्नोलॉजी से सुसज्जित उन्नयन/सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राजकीय पॉलीटेक्निकों में स्मार्ट क्लास रूम, प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण हेतु 10 करोड़ रुपये एवं प्रदेश में आर्टिफिशियल इन्टेली' शिक्षा हेतु सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना के लिये 1 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास
वर्तमान व आने वाला समय देश व प्रदेश के विकास की गति में तकनीकी के श्रेष्ठतम उपयोग का दौर होगा जिसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाए।
वर्तमान में प्रदेश में 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,90,064 सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं।
प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा भी संचालित कराई जा रही है। प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतंत्र रूप से संचालित हो रहे हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
प्रदेश में विज्ञान पार्कों, साईंस सिटी तथा नक्षत्रशालाओं की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
आगरा में साईंस सिटी की स्थापना हेतु 25 करोड़ रुपये एवं वाराणसी में साईंस सिटी तथा नक्षत्रशाला की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के संचालन हेतु 600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के अन्तर्गत कालेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान किये जाने हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 100 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
विन्ध्यांचल धाम मण्डल में माँ विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 50 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु 50 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु 52 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश में केवल 4 एयरपोर्ट क्रियाशील थे जबकि वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं।
प्रदेश में 4 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। जेवर एयरपोर्ट के शीघ्र ही संचालित होने के साथ प्रदेश में 5 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हो जायेंगे।
वाराणसी, अलीगढ़ तथा श्रावस्ती एयरपोर्ट का विस्तार, गोरखपुर एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल भवन का विकास, आगरा एयरपोर्ट पर नये सिविल एवं तत्संबंधी सुविधाओं का विकास तथा ललितपुर स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
घरेलू उड़ानों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार अब अन्तर्राष्ट्रीय गंतव्यों तक उड़ाने संचालित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
प्रदेश में जिस प्रकार अवस्थापना सुविधाओं का विकास और आयागमन की सुविधाओं का तेजी गति से विस्तार हुआ है, वह वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में रही सरकार के लिए सपने में भी शायद संभव नहीं था।
परन्तु
लोग यहां ख्वाब दिखाते हैं अक्सर
हर एक ख्वाब को सच कर दिया है योगी ने।
साल 2017 के पहले प्रदेश में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। न छात्रों को पढ़ाई के लिए बिजली मिलती थी, न ही किसानों को सिंचाई के लिए। अस्पतालों और औद्योगिक इकाईयों को बिजली नहीं मिलती थी। गर्मियों में पूरे प्रदेश की जनता बदहाल रहती थी। रातों में शहर के शहर अंधेरे में डूबे रहते थे। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। लोगों के घरों में रोशनी है, गर्मियों में निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध है।
हमारी सरकार ने इस भावना के साथ कार्य किया है-
"अजमते जिन्दगी की कसम है हमें, जरें-जरें में महफिल सजा देंगे हम, तेरे दीवारो-दर जगमगा देंगे हम।"
साल 2024-2025 में माह दिसंबर तक औसत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र में 20 घंटे 35 मिनट, तहसील मुख्यालय में 22 घंटे 36 मिनट, जनपद मुख्यालय में 24 घंटे रही।
गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने हेतु पम्प स्टोरेज जल विद्युत परियोजना की स्थापना 3953 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है।
यह परियोजना चार वर्षों में पूर्ण होगी। परियोजना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
कोल इंडिया लिमिटेड के साथ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त उपक्रम के रूप में जनपद जालौन में 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना प्रस्तावित है।
परियोजना की लागत 2500 करोड़ रुपये अनुमानित है। परियोजना हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त उपक्रम के माध्यम से तहसील गरौठा जनपद झांसी में 200 मेगावॉट सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये है।
परियोजनाके लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राज्य सरकार ने यूपी में चार नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला लिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे कौसिया, जनपद हरदोई वाया फर्रुखाबाद तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिये 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र से जोड़ने के लिए विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिएं 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मेरठ को हरिद्वार से जोड़ने हेतु गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई जा रही है।
बुन्देलखण्ड रीवा एक्सप्रेस-वे का निर्माण निर्माण प्रस्तावित है जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई जा रही है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना हेतु लगभग 461 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत लगभग साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आज से सात-आठ साल पहले प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं अत्यन्त जर्जर अवस्था में थीं। हर साल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमक रोगों से बड़े पैमाने पर मौतें हुआ करती थीं। प्रदेश में रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाएं जनमामान्य को उपलबध नहीं थीं। हमने कोविड वैश्विक बीमारी का दौर भी देखा जिसके दौरान प्रदेश में जिस कुशलता के साथ इस विभीषिका का सामना किया गया उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। आज प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का प्रसार जिस प्रकार हुआ है, और लगातार हो रहा है वह अदभुत है।
रात कितनी ही भले हो स्याह आखिर में उसे, मात खानी ही पड़ेगी रोशनी के हाथ से।
यूपी सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने भाषण मे कहा कि योगी सरकार में प्रदेश में आर्थिक उन्नति हुई है। यही कारण है कि प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 52,671 रुपये थी। मात्र तीन वर्ष की अवधि में प्रति व्यक्ति आय 2019-2020 में बढ़कर 65,660 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। कोविड महामारी के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को झटका लगा। इसके बाद मात्र तीन साल में 14.9 प्रतिशत अप्रत्याशित वार्षिक बढ़ोतरी दर प्राप्त करते हुए हम प्रति व्यक्ति आय को वर्ष 2023-2024 में 93,514 रुपये के स्तर पर ले आए हैं।
वित्तमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि वर्ष 2017-2018 में जब प्रदेश वासियों की सेवा का अवसर हमें प्राप्त हुआ तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी, जीएसडीपी मात्र 12.89 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। हमारी सरकार के कार्यकाल में हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दो गुना कर दिया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-2019 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर खर्च कुल धन का 4.9 प्रतिशत था, जो वर्ष 2022-2023 में बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे ज्यादा था। प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के अधीन रहा है। राजस्व बचत और प्राथमिक बचत के कारण सकल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में कर्जदारी में कमी दर्ज की गई। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्यों के बजट के संबंध में वित्तीय वर्ष 2024-2025 में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के कुछ मुख्य बिन्दु सदन में पेश किए।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नीति आयोग, भारत सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक की अवधि के लिए राज्यों की राजकोषीय स्थिति के संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की गई है, इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य की श्रेणी में रखा गया है। राजकोषीय स्थिति जो वर्ष 2014 से 2019 की अवधि में 37.0 थी, 2022-2023 में बढ़कर 45.9 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, व्यय की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2018 से 2023 की अवधि में पूंजीगत व्यय, कुल व्यय के 14.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के बीच रहा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कानून व्यवस्था, बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। यूपी में निवेश सारथी, निवेश मित्र, ऑनलाइन प्रोत्साहन लाभ प्रबंधन प्रणाली जैसी डिजिटल सुविधाओं से निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। राज्य में व्यापार करने के लिए अनुकूल माहौल दिया गया है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि विकसित विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में सड़क एवं रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी से उद्योगों एवं मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को अपना माल भारत एवं विदेशों के बाजारों में भेजने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों की सुविधा मिल रही है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में निवेश, औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास में प्रगति हुई है, उत्तर प्रदेश भारत में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में उभरा है। राज्य सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के लिए विकास कार्य किए हैं। निवेश को लेकर कई नीतियां घोषित की गई है। कारोबारी माहौल में अभूतपूर्व सुधार किया गया है, जिससे प्रदेश की छवि आर्थिक रूप से पिछड़े राज्य से बदलकर एक प्रगतिशील राज्य के रूप में बनी है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी ने एक तपोनिष्ठ कर्मयोगी की तरह प्रदेश के विकास के लिए काम किया है, उसके बारे में मैं कहना चाहूंगा
''जिस दिन से चला हूं मेरी मंजिल पर नजर है
आंखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा।"
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों की ओर से सेक्टरवार योजना पर कार्य चल रहा है, जिसकी समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है। सुचारू नीति कार्यान्वयन, व्यापार को आसान बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा निवेश आकर्षित करने के लिए विकास के कार्य के समर्पण भाव से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य को एक मुख्य निवेश केंद्र तथा देश के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करने के अपने मिशन को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाए जाने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने 10 सेक्टर में कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं, अवस्थापना, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास, वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, पूंजी निवेश आदि चिन्हित करते हुए सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार की है।
वित्त मंत्री ने कहा कि महाकुंभ में देश-विदेश से आए लगभग 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले लगभग आठ वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की है।चाहे वह कानून व्यवस्था हो, आर्थिक विकास हो, औद्योगिक विकास हो, दुर्बल वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाना हो, गरीबी उन्मूलन हो, अवस्थापना विकास हो अथवा वित्तीय समावेशन हो। हमने चिकित्सा सुविधाओं का तेज गति से विकास किया है। हर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के प्रयोग और नवाचार को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कुंभ का वर्णन ऋग्वेद और अथर्ववेद में मिलता है। यह भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक अक्षुण्णता का परिचायक है। कुंभ मात्र एक धार्मिक, सांस्कृतिक मेला ही नहीं है, यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना भी है। प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ के विषय में पुराणों का यह श्लोक मैं पढ़ना चाहूंगा
"मेष राशिगते जीवे मकरे चन्द्रभास्करौ।
अमावस्या तदा योगः कुम्भख्यस्तीर्थ नायके ।।
अर्थात बृहस्पति मेष राशि में तथा चन्द्र और सूर्य मकर राशि में जब आते हैं और अमावस्या तिथि हो तो तीर्थो के नायक प्रयाग में कुम्भयोग होता है।
वित्तीय वर्ष 2025-2026 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस वर्ष तीर्थनगरी प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का भव्य आयोजन हो रहा है। यह हम सभी के लिए ही नहीं पूरे भारत और पूरे विश्व के लिए सौभाग्य की बात है कि हम अपने जीवनकाल में आस्था, संस्कृति और मानवता के समागम के इस महापर्व के भागी बन सके।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आज बजट पेश होने से पहले विधानसभा पहुंचे।
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, "राज्य का बजट युवाओं के हित में होगा। किसान, आम आदमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास पर होगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आज राज्य बजट पेश होने से पहले कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना कहते हैं, "अधूरी ख्वाहिशें जीने का मजा देती हैं, सब मांगे पूरी हो जाएंगी तो तमन्ना किसकी करोगे"
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की। राज्य के वित्त मंत्री आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बजट पेश करेंगे।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कहना है, "..कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं है। जिसका कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं है, उससे अच्छी सरकार कोई नहीं है। सब कुछ प्रदेश की 25 करोड़ जनता के कल्याण के लिए है...बजट का आकार विधानसभा में सामने आएगा। यह बजट सभी को शामिल करने वाला है..."
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सीएम योगी का दिन-रात एक ही इरादा है, उत्तर प्रदेश को 'उत्तम' प्रदेश बनाना, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और लोगों को समृद्ध बनाना...।
इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। ऐसा माना जा रहा है कि 2027 के चुनावों की छाप इस बजट में दिख सकती है। इस बजट में कृषि, उद्योग और बुनियादी विकास के साथ इस बजट में तकनीकी पर जोर रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई घोषणाएं हो सकती हैं।
नए शहरी क्षेत्रों के विकास और मेट्रो परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने का इंतजाम भी होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए ब्लाक स्तर पर मिनी स्टेडियम की योजना के लिए आवंटन हो सकता है। शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं के विकास की मद में बड़ी धनराशि मिल सकती है। पिछले बजट में इस मद में 3000 करोड़ दिए गए थे।
बजट में इस मद में प्रावधान किया जा सकता है। लिंक एक्सप्रेस वे के जरिये प्रदेश के सभी वर्तमान, निर्माणाधीन और प्रस्तवित एक्सप्रेस वे को जोड़ने के लिए भी बजट में प्रावधान होगा।
बजट में एक्सप्रेस वे और लिंक एक्सप्रेस वे के लिए बड़ी धनराशि की घोषणा हो सकती है। कैबिनेट में सरकार विन्ध्य एक्सप्रेस वे की घोषणा पहले ही कर चुकी है। प्रयागराज से वाराणसी होकर सोनभद्र तक जाने वाले इस नए एक्सप्रेस वे की लागत 24 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।
केंद्रीय बजट के अनुपात में प्रदेश के बजट का आकार लगभग 16 फीसदी होगा। सरकार का फोकस बुनियादी विकास, रोजगार, तकनीकी उन्नयन, कृषि और स्वास्थ्य पर रहेगा। बजट का एक हिस्सा धार्मिक पर्यटन और शिक्षा के लिए भी होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2025-26 का आम बजट आज सुबह विधानसभा में पेश किया जाएगा। इससे पहले इसे कैबिनेट से अनुमोदित कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह उनके आवास पर कैबिनेट बैठक बुलाई गई है।
योगी सरकार आज अपने दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेगी। विकास को रफ्तार देने वाले और दस खरब डालर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और किसानों को बड़ी सौगात दी जाएगी। करीब आठ लाख करोड़ रुपये के अनुमानित बजट में लोक लुभावन और कल्याणकारी घोषणाओं का पिटारा खुलेगा। इस बजट में वर्ष 2022 में योगी सरकार के घोषणा पत्र को पूरा करने की झलक दिखेगी।