- अन्नपूर्ति योजना हेतु 21,791 करोड़ 25 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- समस्त अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम खाद्यान्न का प्रतिमाह निशुल्क वितरण माह दिसम्बर 2022 तक कराया गया।
- उज्जवला योजना के लाभार्थियों को निःशुल्क कुकिंग गैस सिलिण्डर के रीफिल हेतु 3047 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- खाण्डसारी शक्कर योजना हेतु 218 करोड़ 40 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजनान्तर्गत जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं / बालिकाओं को आर्थिक एवं चिकित्सीय सहायता प्रदान की जा रही है।
- वित्तीय वर्ष 2023 2024 हेतु इस योजनान्तर्गत 56 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिये जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं यह योजना प्रदेश के 71 जनपदों में संचालित की जा रही है।
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्थापित पुष्टाहार उत्पादन इकाईयों एवं नैफेड के माध्यम से "टेक होम राशन" के रूप में 06 माह से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण कराया जा रहा है।
- प्रदेश में अनुपूरक पुष्टाहार से लगभग 1 करोड़ 85 लाख लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023 2024 के बजट में 291 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिये आयुष्मान भारत के अन्तर्गत स्वास्थ्य बीमा हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। छः वर्ष तक के बच्चों के कुपोषण में कमी लाने, 06 माह से 59 माह तक के बच्चों में एनीमिया के स्तर में कमी लाने, और गर्भवती / छात्री महिलाओं में एनीमिया के स्तर में कमी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण अभियान संचालित है। योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023- 2024 के लिए 455 करोड़ 52 लाख रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- नवसृजित जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु 700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- सरकार के शीर्ष प्राथमिकता में सम्मिलित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, प्रयागराज की स्थापना हेतु 103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश के जनपदीय न्यायालयों के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 420 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि से संबंधित कल्याणकारी स्टाम्पों की बिक्री की शुद्ध प्राप्ति का अन्तरण किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2023- 2024 में 06 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति को अनुदान हेतु 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश के अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता चैम्बर्स के निर्माण कार्य तथा अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 20 करोड रूपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सी०सी०टी०वी० कैमरा एवं अन्य सुरक्षा उपकरण हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- पूर्वदशम कक्षाओं (कक्षा 9 एवं 10) में अध्ययनरत अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र / छात्राओं हेतु योजनान्तर्गत छात्र / छात्राओं जिनके अभिभावकों की अधिकतम वार्षिक आय ऐसे 2.50 लाख रूपये हैं, को अधिकतम रूपये 3000/- वार्षिक की छात्रवृत्ति से लाभान्वित किये जाने का प्राविधान है ।
- दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र / छात्राओं जिनके अभिभावकों की अधिकतम वार्षिक आय 2 लाख रूपये तक है।
- अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में लड़कियों की बेहतर शिक्षा के लिये अब तक 24 छात्रावासों एवं 11 विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है ।
- वित्तीय वर्ष 2023 2024 में छात्रावास निर्माण / विद्यालय भवन निर्माण हेतु 6 करोड़ 81 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।
- मदरसों / मकतबों में आधुनिक विषयों की शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गयी है। योजना के अन्तर्गत मदरसों / मकतबों में आधुनिक विषयों (हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि) को पढ़ाने के लिये स्नातक शिक्षक को रूपये 6000/- प्रति माह, परास्नातक के साथ बी०एड० शिक्षकों को रूपये 12,000 /- प्रतिमाह की दर से मानदेय के भुगतान की व्यवस्था है।
- इसके अतिरिक्त बुक बैंक की स्थापना हेतु रूपये 50,000 विज्ञान एवं गणित किट हेतु रूपये 15,000 आलिया तथा उच्च आलिया स्तर के मदरसों के लिए कम्प्यूटर लैब की स्थापना हेतु 1 लाख रूपये प्रति मदरसा का अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है।
- वर्तमान में उत्तर प्रदेश में वनावरण एवं वृक्षावरण प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र का 9.23 प्रतिशत है। वर्ष 2030 तक वनावरण एवं वृक्षावरण 15 प्रतिशत तक किये जाने का लक्ष्य है।
- उत्तर प्रदेश में वनावरण एवं वृक्षावरण में वृद्धि हेतु विभिन्न योजनाओं में सड़क, रेलवे लाईन, नहरों के किनारे की भूमि तथा कृषकों की निजी भूमि पर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण की कार्य योजना है।
- वर्षाकाल - 2023 में वृक्षारोपण हेतु 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है।
- सामाजिक वानिकीकरण योजना हेतु 600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पौधशाला प्रबन्धन योजना हेतु 175 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ग्रीन इण्डिया मिशन के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में ईको टूरिज्म के विकास हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- लखनऊ स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिये 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- पिछड़ा वर्ग के पूर्वदशम एवं दशमोत्तर कक्षाओं के छात्र / छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु 2107 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु 962 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- सामान्य वर्ग के छात्र / छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने हेतु 530 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु 34 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- पूर्व से निर्माणाधीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के अवशेष कार्यों हेतु कुल 20.60 करोड़ रूपये तथा निर्मित समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों में फर्नीचर, उपकरण आदि की व्यवस्था हेतु 8.64 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
- मानिसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण निराश्रित दिव्यांगजन के लिए आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र हेतु स्वैच्छिक संगठनों को सहायता प्रदान किये जाने हेतु 10 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना हेतु प्रथम चरण में 29 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन विकास के लिये आधारभूत संरचाओं में वृद्धि की गयी है। इससे पर्यटन वृद्धि के राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन भी हो रहा है।
- उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 24 करोड़ 87 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या 24 करोड़ 83 लाख एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या 04 लाख 10 हजार से अधिक रही है।
- स्पिरिचुअल सर्किट योजना के अन्तर्गत गोरखपुर- देवीपाटन डुमरियागंज का पर्यटन विकास, स्पिरिचुअल सर्किट योजना के अन्तर्गत जेवर दादरी सिकन्दराबाद नोएडा - खुर्जा बाँदा का समेकित पर्यटन विकास, जनपद मथुरा स्थित गोवर्धन के पर्यटन विकास हेतु स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
- अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, विन्ध्याचल, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखपुर, मथुरा, बटेश्वर धाम एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराये जा रहे हैं।
- मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजनान्तगत प्रदेश में स्थित पर्यटन स्थलों का विकास 300 करोड़ रूपये की धनराशि से कराया जा रहा है।
- शक्ति पीठ माँ शाकुम्भरी देवी मन्दिर के समेकित पर्यटन विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रयागराज के समेकित विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- पर्यटन नीति 2018 के अर्न्तर्गत पर्यटन इकाईयों को प्रोत्साहन हेतु 45 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- बौद्ध परिपथ के समेकित पर्यटन विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- बुन्देलखण्ड का समेकित पर्यटन विकास हेतु 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- शुकतीर्थ धाम का समेकित पर्यटन विकास हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में युवा पर्यटन को बढ़ावा देना हेतु 2 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म, लखनऊ बोर्ड की स्थापना हेतु 2.50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्तराष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर के मेगा इवेन्ट हेतु 5 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- श्री नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद हेतु 2.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 201 राजकीय संस्थायें एवं 19 अनुदानित संस्थायें अर्थात 220 संस्थायें स्वीकृत हैं जिनमें से 168 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
- 52 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन / अवस्थापना की प्रक्रिया में हैं, जिन्हें निकट भविष्य में पी०पी०पी० मोड पर संचालित किया जाना है।
- वर्तमान में 1372 निजी क्षेत्र की डिप्लोमा स्तरीय संस्थाओं में छात्र / छात्राओं को प्रवेश दिया जा रहा है।
- वर्तमानतः राजकीय अनुदानित एवं निजी क्षेत्र की समस्त संस्थाओं को सम्मिलित करते हुये कुल प्रवेश क्षमता 223779 है। छात्र / छात्राओं को अधिक रोजगार तथा इमर्जिंग टेक्नोलाजी आधारित उद्योग हेतु मैनपावर उपलब्ध कराने के दृष्टिगत सत्र 2022-23 से New Age Course के अन्तर्गत 04 पाठ्यक्रम यथा डाटा साइंस एवं मशीन लर्निंग, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सेक्यूरिटी एवं ड्रोन टेक्नोलाजी में शिक्षण प्रशिक्षण 21 राजकीय पालीटेक्निकों में प्रारम्भ किया गया है, जिसमें प्रवेश क्षमता 1575 है।
- राजकीय पॉलीटेक्निकों की स्थापना एवं अवस्थापना विकास हेतु क्रमश: 50 करोड़ रूपये एवं 33 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोण्डा, बस्ती, प्रतापगढ़ तथा मीरजापुर में कक्षाओं के संचालन हेतु 1.50-1.50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्राविधिक शिक्षा विद्यालयों/ अभियंत्रण संस्थाओं में पूर्व से निर्मित भवनों के जीर्णोद्वार एवं अनुरक्षण हेतु 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,72,872 सीटें उपलब्ध हैं।
- प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 में महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा संचालित कराई जा रही है। सम्पूर्ण प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतन्त्र रूप से संचालित हो रहे हैं।
- सम्पूर्ण प्रदेश में 2963 से अधिक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें 4.58 लाख से अधिक सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं।
- टाटा टेक्नोलॉजीज लि० की सहभागिता से प्रदेश के राजकीय क्षेत्र के 150 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के तकनीकी उन्नयन की योजना के अन्तर्गत आधुनिक कार्यशालाओं एवं कक्षा कक्षों का निर्माण कराया जा रहा है।
- परियोजना की लागत 5000 करोड रूपये से अधिक है जिसमें 88 प्रतिशत अंश टाटा टेक्नोलाजी लि० द्वारा तथा 12 प्रतिशत अंश राज्य सरकार द्वारा लगाया जायेगा।
- इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा परियोजना हेतु 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में कार्यशाला, प्रशिक्षण कक्ष इत्यादि के निर्माण के लिये 477 करोड़ रूपये का व्यय वहन किया जायेगा।
- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में परियोजना के लिए 940 करोड़ रूपये की व्यवस्था करायी गयी है। परियोजना के फलस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 30,000 छात्र प्रशिक्षित होंगे।
- कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 150करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना हेतु 70 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- केन्द्र प्रायोजित स्ट्राइव योजना के अन्तर्गत 29 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उच्चीकरण कराया जायेगा। इस हेतु 35 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- खेलो इंण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिये 30 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में निजी सहभागिता से खेल अवस्थापनाओं के निर्माण हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार योजना हेतु 15 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- खेल विकास कोष की स्थापना हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- जनपद मेरठ में मेजर ध्यान चन्द्र खेल विश्वविद्यालय की स्थापना किये जाने के संबंध में त्वरित गति से कार्यवाही की जा रही है। खेल विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- सहारनपुर, फतेहपुर एवं बलिया में स्पोर्टस कालेज के निर्माण हेतु 20 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में उच्च शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु वर्तमान में 19 राज्य विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय, 01 डीम्ड विश्वविद्यालय 30 निजी विश्वविद्यालय, 172 राजकीय महाविद्यालय, 331 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय एवं 7372 स्ववित्त पोषित महाविद्यालय संचालित हैं।
- नैक रैंकिंग में लखनऊ एवं गोरखपुर विश्वविद्यालयों को ए-डबल प्लस श्रेणी प्राप्त हुई है। इसी प्रकार के० जी०एम०यू० को भी नैक रैंकिंग में ए प्लस श्रेणी प्राप्त हुई है।
- मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को ए श्रेणी प्राप्त हुई है। भारत में प्रथम बार किसी कृषि विश्वविद्यालय को नैक रैंकिंग प्रदान हुई है और यह श्रेय प्रदेश के कानपुर कृषि विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ है। प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में से एमिटी विश्वविद्यालय को ए-श्रेणी तथा शारदा विश्वविद्यालय, गलगोटिया विश्वविद्यालय एवं जी.एल.ए. विश्वविद्यालय को ए प्लस श्रेणी प्राप्त हुई है।
- प्रदेश में प्रथम बार 11 विश्वविद्यालयों द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग की तैयारी कर सहभाग लिया है। चार विश्वविद्यालय विश्वस्तरीय रैंकिंग हेतु क्यू.आई.एस. रैंकिंग में भाग ले रहे हैं। विन्ध्याचल धाम मण्डल में माँ विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
- देवीपाटन मण्डल में माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- मुरादाबाद मण्डल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हेतु 300 करोड़ रूपये व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रारम्भिक शिक्षा के सार्वभौमिक लक्ष्य की प्राप्ति हेतु हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। प्रदेश में बेसिक शिक्षा के अधीन शासकीय / अशासकीय लगभग 2,23,712 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें सभी बच्चों के लिए 01 से 03 किलोमीटर की परिधि में विद्यालय की सुविधा उपलब्ध है।
- समग्र शिक्षा अभियान हेतु 20,255 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास एवं उन्हें स्मार्ट विद्यालयों के रूप में विकसित करने की कार्य योजना है। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।
- शासकीय / अशासकीय लगभग 2,23,712 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें सभी बच्चों के लिए 01 से 03 किलोमीटर की परिधि में विद्यालय की सुविधा उपलब्ध है।
- समग्र शिक्षा अभियान हेतु 20,255 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का विकारा एवं उन्हें स्मार्ट विद्यालयों के रूप में विकसित करने की कार्य योजना है। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है ।
- केन्द्र सरकार की सहायता से पी०एम० श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इण्डिया) नामक नई योजना प्रदेश में क्रियान्वित किये जाने हेतु 510 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है। ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की नई योजना हेतु 300 करोड़ रूपये व्यवस्था की गयी है।
- गरीबी रेखा के ऊपर के लगभग 28 लाख छात्र छात्राओं को निःशुल्क यूनिफार्म वितरण हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा-1 से 08 तक अध्ययनरत लगभग 02 करोड़ छात्र-छात्राओं के उपयोग के लिए मुफ्त स्वेटर और जूते और मोज़े प्रदान करना 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैं ।
- कक्षा 01 से 08 तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्कूल बैग उपलब्ध कराये जाने हेतु 350 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- वनटांगिया गावों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संचालन एवं निर्माण हेतु 11 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अन्तर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को वित्तीय वर्ष 2023-2024 में प्रवेश दिलाये जाने हेतु 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
- कृषि क्षेत्र के बाद हथकरघा उद्योग सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला विकेन्द्रीकृत कुटीर उद्योग है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख (एक लाख इक्यानबे हजार ) हथकरघा बुनकर एवं लगभग 80 हजार हथकरघे हैं। प्रदेश में 2.58 लाख पावरलूम कार्यरत हैं जिसके माध्यम से 5.50 लाख पावरलूम बुनकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं।
- वस्त्र क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने एवं प्रदेश में अधिकाधिक रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से उ०प्र० टेक्सटाइल एण्ड गारमेंटिंग पालिसी 2022 प्रख्यापित की गयी है, जिसमें वस्त्र क्षेत्र के निवेशकों एवं नया स्वरोजगार प्रारम्भ करने वाले युवाओं को अनेक वित्तीय सुविधायें अनुमन्य की गयी हैं, जिसके लिये 150 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- गारमेन्टिंग नीति, 2017 के अन्तर्गत 175 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश के पावरलूम बुनकरों को रियायती दरों पर विद्युत उपलब्ध करायी जा रही है इस हेतु 345 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- मुख्यमंत्री पॉवर लूम उद्योग विकास योजना हेतु 20 करोड़ रूपये तथा मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना हेतु 10 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पॉवर लूम विकास योजना हेतु लगभग 18 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- वित्तीय वर्ष 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टैबलेट / स्मार्टफोन वितरण योजना लागू की गयी। इस पायलट योजना का विस्तार करते हुये लोक कल्याण संकल्प पत्र - 2022 में स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजनान्तर्गत अनुरूप 02 करोड़ टैबलेट / स्मार्टफोन का 05 वर्षों में वितरण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना हेतु 3600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति के कार्यान्वयन हेतु 401 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- स्टेट डाटा सेन्टर हेतु 85 करोड़ 89 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति हेतु 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए प्रदेश में आई०टी० पार्क्स की स्थापना की जा रही है ।
- उ०प्र० सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2017-2022 के तहत राज्य को लगभग 53,000 व्यक्तियों को रोजगार के साथ लगभग 6,300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं । प्रदेश सरकार द्वारा नई उ०प्र० सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा नीति-2022 दिनांक 18 नवम्बर 2022 को अधिसूचित की गयी है। इसके अन्तर्गत लगभग रूपये 5000 करोड़ के निवेश का अनुमान है जिससे लगभग 50,000 व्यक्तियों हेतु प्रत्यक्ष एवं 1,00,000 व्यक्तियों हेतु अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- कृषकों को कृषि की समग्र नवीनतम तकनीक से प्रशिक्षित करने हेतु एक नवोन्मेषी कार्यक्रम द मिलियन फार्मर्स स्कूल" " का आयोजन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। वर्ष 2023 -2024 में 17000 किसान पाठशालाओं का आयोजन प्रस्तावित है।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022- 2023 में माह नवम्बर 2022 तक 12 किस्तों में 51.639 करोड़ रूपये का भुगतान डी०बी०टी० के माध्यम से कृषकों के बैंक खातों में किया गया।
- नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना हेतु 631 करोड़ 93 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022 2023 में प्रदेश के 49 जनपदों में गौ आधारित प्राकृतिक खेती का कार्य प्रारम्भ किया गया है जिसमें गंगा नदी से जुड़े 26 जनपद सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत 1714 क्लस्टर्स आच्छादित हैं जिनका सम्मिलित क्षेत्रफल 85,710 हेक्टेयर है। योजना हेतु 113 करोड़ 52 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- कृषकों के निजी नलकूपों को रियायती दरों पर विद्युत आपूर्ति हेतु 1950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना हेतु 984 करोड़ 54 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नेशनल क्रॉप इन्श्योरेन्स योजना हेतु 753 करोड़ 70 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरूद्धार कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु 55 करोड़ 60 लाख रूपये की व्यवस्था की गयी है।
- पण्डित दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना हेतु 102 करोड़ 81 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- आत्मनिर्भर कृषक समन्वित योजना हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
- दलहन और तिलहन बीज मिनी किट वितरण योजना हेतु 15-15 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- कृषकों के डिजिटल डाटाबेस हेतु एग्री स्टैंक योजना हेतु 2 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- कृषकों की आय में अभिवृद्धि हेतु कृषि शिक्षा शोध एवं अनुराधान के साथ-साथ प्रसार कार्यक्रमों की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
- प्रदेश के 04 कृषि विश्वविद्यालयों में एग्रीटेक स्टार्टअप योजना हेतु 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रोद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, अयोध्या, चाँदा तथा मेरठ में अवस्थापना कार्यों हेतु लगभग 35 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के अन्तर्गत कृषि महाविद्यालय ( कैम्पस ) आजमगढ़ में पठन- पाठन का कार्य प्रारम्भ हो चुका है तथा जनपद गोण्डा में कृषि महाविद्यालय ( कैम्पस) की स्थापना का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
भारत विश्व में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला देश है- जिसमें उत्तर प्रदेश सर्वाधिक दुग्ध उत्पादनकर्ता राज्य है। दिन प्रतिदिन बढ़ती हुई जनसंख्या एवं घटती हुई कृषि योग्य भूमि के कारण दुग्ध व्यवसाय ही एकमात्र ऐसा व्यवसाय है, जो ग्रामीण क्षेत्र के अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्बल, भूमिहीन मजदूर, बेरोजगारों हेतु अतिरिक्त आय का लाभप्रद साघन है।
- वर्तमान दुग्ध संघों के सुदृढीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना हेतु 86 करोड़ 95 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023 -2024 में 61 करोड़ 21 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- जनपद मेरठ व वाराणसी में डेयरी परियोजनाओं हेतु 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति, 2022 के अन्तर्गत प्रदेश में स्थापित होने वाले दुग्ध उद्योग की इकाईयों को वित्तीय अनुदान, रियायतें एवं अन्य सुविधाएं प्रदान किये जाने हेतु 25 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
चीनी उद्योग, उत्तर प्रदेश का कृषि आधारित महत्वपूर्ण उद्योग है तथा प्रदेश के लगभग 46 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों के परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है।
- पेराई सत्र 2021-22 में प्रदेश में 27.60 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई तथा 120 चीनी मिलों द्वारा 1016 लाख टन गन्ने की पेराई कर 101.98 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। वर्तमान पेराई सत्र 2022-23 में 117 चीनी मिलों का संचालन हुआ है एवं इस सत्र में प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल 28. 53 लाख हेक्टेयर है, जिससे चीनी का उत्पादन 105 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है।
- वर्तमान सरकार द्वारा कृषकों को गन्ना मूल्य भुगतान समय से सुनिश्चित कराने हेतु वर्ष 2017 से एस्क्रो अकाउण्ट मैकेनिज्म प्रारम्भ किया गया है जिससे गन्ना मूल्य खाता केवल मिल प्रतिनिधि के स्थान पर अब मिल प्रतिनिधि एवं जिला गन्ना अधिकारी तथा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित किया जा रहा हैं।
- चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य मद की धनराशि के व्यावर्तन पर पूर्ण अंकुश लगा हैं। विगत पांच वर्षों में 27,531 हेक्टेयर गन्ना खेती में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र की स्थापना हुई है। इससे 50 प्रतिशत तक सिंचाई जल की बचत होगी।
- सिंचाई जल के साथ पोषक तत्वों के प्रयोग से 50 प्रतिशत रासायनिक उतरकों की बचत होगी साथ ही ड्रिप इरीगेशन के माध्यम से क्षारयुक्त और अल्प वर्षों वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती सम्भव हो सकेगी।
- त्वरित आर्थिक विकास योजना के हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 में नये कार्यों हेतु 1500 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
- बुन्देलखण्ड की विशेष योजना हेतु 600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है । पूर्वावल की विशेष योजनाओं हेतु 525 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश के युवाओं को सरकार के साथ नीति प्रबन्धन, क्रियान्वयन अनुश्रवण के कार्यों में सहभागिता का विशिष्ट अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा
- मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया गया है। कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के 100 आकाक्षात्मक विकास खड़ों में केन्द्र / राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का समवर्ती मूल्यांकन कार्य करने हेतु विधिक प्रक्रियान्तर्गत शोधार्थियों का चयन किया गया है। योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023- 2024 के बजट में 05 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
यूपी की योगी सरकार ने वित्तवर्ष 2023-24 के लिए 6.90 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में ढांचागत विकास सहित अलग-अलग योजनाओं के लिए किए गए आवंटन का जिक्र किया।
बिजली आपूर्ति को लेकर किए गए एलान
- वित्तमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय पर 24 घण्टे तहसील मुख्यालय पर 20 से 22 घण्टे और गांवों को 18 से 20 घण्टे बिजली दिये जाने का रोस्टर निर्धारित है।
- 01 अप्रैल, 2017 से पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में 14:38 घण्टे तहसील क्षेत्र में 16:58 घण्टे तथा शहरी क्षेत्र में 21:08 घण्टे आपूर्ति के सापेक्ष वर्ष 2022-23 में माह अप्रैल, 2022 से अक्टूबर 2022 तक औसतन ग्रामीण क्षेत्र में 17:26 घण्टे, तहसील क्षेत्र में 20:52 घण्टे तथा शहरी क्षेत्र में 23:26 घण्टे आपूर्ति की गई।
- वर्ष 2017-18 से कुल 1,21,324 मजरे विद्युतीकृत किये जा चुके हैं।
- प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत गरीब परिवारों को निशुल्क और अन्य ग्रामीण परिवारों को 50 रूपये की 10 मासिक किश्तों में बिजली कनेक्शन देने की सुविधा दी गयी। इस योजना में 62.18 लाख इच्छुक घरों को विद्युत संयोजन निर्गत किए गए।
- कृषि कार्यों हेतु समुचित रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए 11 के०वी० कृषि एवं गैर कृषि ग्रामीण फीडरों के पृथकीकरण योजना के अन्तर्गत लक्षित 2227 नग फीडरों का पृथकीकरण पूर्ण कर लिया गया है।
- प्रदेश में स्थापित होने वाली तापीय उत्पादन परियोजनाओं यथा घाटमपुर, ओबरा 'सी' व जवाहरपुर से ऊर्जा निकासी हेतु लगभग 7076.37 करोड़ रूपये की पारेषण परियोजनाओं का निर्माण पी०पी०पी० पद्धति से कराया जा रहा है। इनमें से लगभग 4081.23 करोड़ रूपये की परियोजनायें पूर्ण कर ली गयी है तथा शेष निर्माणाधीन हैं।
- वर्ष 2019-2020 में औसतन उत्पादन उपलब्धता 3766 मेगावाट प्रतिदिन, वर्ष 2020-2021 में औसत उत्पादन उपलब्धता 3816 मेगावाट प्रतिदिन तथा वर्ष 2021-2022 में औसतन उत्पादन उपलब्धता 3998 मेगावाट प्रतिदिन रही।
- 2x660 मेगावाट जवाहरपुर तापीय परियोजना 2x660 मेगावाट ओबरा सी तापीय विस्तार परियोजना एवं 1X660 मेगावाट पनकी तापीय परियोजना का आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूर्ण होना एवं उत्पादन कार्य प्रारम्भ होना लक्षित हैं।
पारेषण तंत्र की क्षमता जो कि वित्तीय वर्ष 2016-2017 में 16,348 मेगावाट थी, को वर्ष 2021-2022 में 28,000 मेगावॉट तक किया गया, जिसे वित्तीय वर्ष 2022 2023 तक बढ़ाकर 30,806 मेगावॉट तक किया जाना लक्षित है।
उत्तर प्रदेश में 03 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। जेवर तथा अयोध्या में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। शीघ्र ही प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हो जायेंगे।
जेवर एयरपोर्ट में रनवेज की संख्या 02 से बढ़ाकर 05 किये जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 04 एयरपोर्ट्स के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 06 एयरपोर्ट्स (अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावरती, चित्रकूट तथा सोनभद्र) का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो रहा है।
आगे आने वाले वर्षों में प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय तथा 16 घरेलू एयरपोर्ट, इस प्रकार कुल 21 एयरपोर्ट क्रियाशील हो जायेंगे।
- यूपी सरकार ने बजट में एलान किया है कि प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। 'एक जनपद एक मेडिकल कालेज की योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 45 जनपद मेडिकल कॉलेज से आच्छादित किये जा चुके हैं, 14 जनपदों में मेडिकल कालेज निर्माणाधीन है। असेवित 16 जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पीपीपी मॉडल पर की जा रही है।
- 14 नये मेडिकल कालेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 2491 करोड़ 39 लाख रूपये की व्यवस्था की गयी है।
- असाध्य रोगों की चिकित्सा हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश इन्स्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट की स्थापना हेतु 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
- स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कालेजों की स्थापना हेतु 26 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।
- प्रदेश में स्थित सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कालेजों / चिकित्सा विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की कुल 8528 सीटें उपलब्ध हो गयी है।
- प्रदेश में स्थित सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कालेजों / चिकित्सा विश्वविद्यालयों में वर्ष 2022- 2023 में पी. जी. की कुल 2,847 सीटें हो गयी हैं।
- वर्ष 2022 में लगभग 300 संस्थानों में नर्सिंग / पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारम्भ हुये हैं। प्रदेश में राजकीय पैरामेडिकल कालेजों की संख्या 17 से बढ़ाकर 19 की गयी जबकि निजी क्षेत्र के स्कूलों की संख्या 287 से बढ़ाकर 351 की गयी।
- टर्शियरी चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ किये जाने के क्रम में एस. जी. पी.जी.आई. लखनऊ के 558 बेड के इमरजेन्सी मेडिसिन एवं रीनल ट्रान्सप्लान्ट केन्द्र की स्थापना की गयी।
- एस.जी.पी.जी.आई. में लीवर ट्रान्सप्लान्ट सेन्टर व एडवांस डायबिटीक सेन्टर की स्थापना की गयी है।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, मेरठ, प्रयागराज एवं के०जी०एम०यू० लखनऊ में डायबटिक रेटिनोपैथी की स्थापना की गयी है। राम मनोहर लोहिया संस्थान, लखनऊ में एडवान्स्ड न्यूरोसाइंस केन्द्र का कार्य प्रगति पर है।
- 14 मण्डलीय कार्यालयों तथा प्रयोगशालाओं भवन निर्माण, मशीनों तथा उपकरणों के लिये 200 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।
- नवसृजित पुलिस कमिश्नरेट के कार्यालय एवं अनावासीय भवनों आदि की व्यवस्था हेतु 850 करोड़ रूपये व्यवस्था प्रस्तावित है।
- प्रदेश में पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को आवासीय सुविधा (शहरी क्षेत्र) उपलब्ध कराये जाने हेतु 400 करोडरूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। एसडीआरएफ के सुदृढीकरण हेतु नये वाहनों के क्रय के लिए 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
- कोविड- 19 वैश्विक महामारी के सामने विश्व के ताकतवर समझे जाने वाले देश असहाय हो गये थे उस विषम परिस्थिति में माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमारे कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के सहयोग से प्रदेश को उस कठिन कालखण्ड से बाहर निकाला।
- कोविड कालखण्ड में जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा. उन्हें ध्यान में रखते हुये अत्यन्त त्वरित गति से प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार किया गया और प्रवासी श्रमिकों के पुनर्वास की अदभुत मिसाल प्रस्तुत की।
वित्तमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां इन पंक्तियों से सामने रखीं,
मंजिलें लाख कठिन आयें, गुजर जाऊँगा।
हौसले हार के बैठूंगा तो मर जाऊँगा
लाख रोकें ये अंधेरे, मेरा रास्ता
लेकिन मैं जिधर जाऊँगा रोशनी ले जाऊँगा ।।
वित्तमंत्री ने कहा कि जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- महिलाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों को नियन्त्रित करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करके इनके लिए निरापद वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति सरकार निरन्तर प्रयासरत है।
- सरकार की अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टालरेन्स की नीति के अनुरूप प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाये जाने एवं आपराधिक /असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियन्त्रण करने के उद्देश्य से कार्ययोजना बनाकर अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जा रही है जिसके फलस्वरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है ।
- वर्ष 2022 में वर्ष 2016 के सापेक्ष आलोच्य अवधि में डकैती में 80.31 प्रतिशत, लूट में 61.51 प्रतिशत हत्या में 32.45 प्रतिशत, बलवा में 51.65 प्रतिशत, गृहभेदन में 5.59 प्रतिशत, चोरी में 17.22 प्रतिशत, रोड होल्डअप में 100 प्रतिशत व फिरौती हेतु अपहरण में 43.18 प्रतिशत की कमी आयी है। अपराधों पर अंकुश लगाये जाने हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं ।
- उक्त अवधि में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में दहेज मृत्यु में 15.81 प्रतिशत, बलात्कार में 21.75 प्रतिशत व अपहरण में 9.17 प्रतिशत की कमी आयी है महिलाओं के विरूद्ध घटित होने वाले अपराधों पर पुलिस द्वारा नियंत्रण हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में एण्टी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित 3,41,236 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिसमें से 3,39,552 शिकायतें निस्तारित की गई।
- अभियान के अन्तर्गत 70 हज़ार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अवैध अतिक्रमण से अवमुक्त कराया गया है। 23,920 राजस्व वाद, 923 सिविल वाद एवं 4504 एफआईआर दर्ज करायी गयी है।
- 847 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है, वर्तमान में 196 भू-माफिया जेल में निरूद्ध हैं।
- साइबर क्राइम की रोकथाम हेतु प्रदेश के प्रत्येक परिक्षेत्र में साइबर क्राइम पुलिस थाना की स्थापना की गयी है।
- प्रदेश के समस्त थानों में (1531) साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है परिक्षेत्रीय मुख्यालयों पर बेसिक साइबर फोरेसिक लैब एवं पुलिस मुख्यालय पर एडवांस्ड डिजिटल साइबर फारेंसिक लैब की स्थापना करायी जा रही है।
- कर्तव्य पालन के दौरान शहीद / मृत पुलिस कर्मियों एवं उत्तर प्रदेश राज्य के मूल निवासी केन्द्रीय अर्द्ध सैन्य बलों / अन्य प्रदेशों के अर्द्ध सैन्य बलों अथवा भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुये 73 शहीद / मृत कर्मियों के आश्रितों को 17 करोड़ 96 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी।
- स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट / स्मार्टफोन देने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 3600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उप्र स्टार्टअप नीति-2020 के अन्तर्गत कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, खादी, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन आदि क्षेत्रों में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 50 इन्क्यूबेटर तथा 7200 स्टार्टअप्स कार्यरत हैं। नीति के अंतर्गत पीजीआई लखनऊ, आईआईटी कानपुर तथा नोएडा परिसर में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स के क्षेत्र में परिचालन प्रारम्भ किया जा चुका है।
- इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देने तथा स्टार्टअप्स के लिये सीड फण्ड हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।
- उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप्स नीति हेतु 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक स्टार्ट-अप्स की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलरेटर फण्ड के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
- प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को रोजगारोन्मुख व्यावसायिक कोर्सेज / स्किल्स में प्रशिक्षण देने की योजना के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से 06 वर्षों में 12 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया तथा 4 लाख 88 हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवायोजित कराया गया।
- युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरूआती 03 वर्षों के लिये किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये 10 करोड़ रूपये तथा युवा अधिवक्ताओं के लिये कॉपर्स फण्ड हेतु 5 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- बालिकाओं के प्रति आमजन की सकारात्मक सोच विकसित करने हेतु संचालित "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना" के अन्तर्गत प्रति लाभार्थी को रु० 15,000 तक की धनराशि से लाभान्वित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 हेतु 1050 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- सभी वर्गों की पुत्रियों की शादी हेतु संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु 600 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ग्रामीण महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गठन किया जाता है। योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 83 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान योजनान्तर्गत वर्तमान में 32 लाख 62 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी जा रही है। इस हेतु वर्ष 2023 2024 के बजट में 4032 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित हैं।
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आदि संचालित हैं।
- प्रदेश में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत अक्टूबर, 2022 तक 95 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया गया। मिशन इन्द्र धनुष के अंतर्गत 36 लाख 82 हजार से अधिक बच्चों एवं 10 लाख 31 हजार से अधिक गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया गया।
- प्रदेश में कानून एवं शान्ति व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनश्चित करने हेतु 03 महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनांक 10 से 12 फरवरी, 2023 के मध्य यू.पी. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का भव्य एवं अत्यन्त सफल आयोजन किया गया। इस समिट के आयोजन के पूर्व प्रदेश सरकार के मंत्रियों एवं अधिकारियों के प्रतिनिधि मण्डल 16 देशों के 21 शहरों में भेजे गये जहां उनके द्वारा व्यापारिक समुदाय को प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के संबंध में अवगत कराया गया और इसी थीम पर रोड शो आयोजित किये गये इन देशों में अमेरिका, कनाडा, यूके जर्मनी, बेल्जियम, स्वीडन, नीदरलैण्ड्स, फ्रांस, मैक्सिको, ब्राजील, अर्जेन्टीना, जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर व ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा भारत के 08 प्रमुख नगरों मुम्बई, बंगलूरू, हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद एवं चण्डीगढ़ में रोड शो का आयोजन किया गया।
- इसके परिणामस्वरूप यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में 25,000 से अधिक निवेशकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश सरकार का बजट पेश होने से पूर्व मंत्रिमंडल के साथ बैठक की।
बजट के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि आजादी के अमृत काल के प्रथम वर्ष में आज प्रस्तुत होने जा रहा 'नए उत्तर प्रदेश' का बजट राज्य के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के इतिहास में नए स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि निःसंदेह, यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप प्रदेश के गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं समेत समाज के हर तबके के हितों की पूर्ति करने वाला होगा।
- योगी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से झांसी और चित्रकूट को जोड़ने के लिए बजट में बड़ा एलान हो सकता है। इसी तरह से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की गाड़ी भी इस बजट से रफ्तार पकड़ेगी।