सीएम योगी ने कहा कि यूपी में स्वास्थ्य विभाग ने 75 हजार नियुक्तियां की हैं। अब हम एसजीपीजीआई लखनऊ में पार्टनरी हेल्थ केयर सेंटर उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। इसके लिए 859 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वहीं, अयोध्याधाम में 500 बेड के अस्पताल की घोषणा हमने की है। 27 मेडिकल कॉलेज में छात्रावास की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश के अंदर हर एक सेक्टर में यूपी आगे बढ़ा है। हमने छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है। इसके बाद भी सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाएं उनके लिए बंद नहीं की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्टार्टअप में यूपी परफॉर्मर स्टेट के रूप में सामने आया है। प्रदेश में इस समय 20,000 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। सपा को इससे कुछ लेना देना नहीं था क्योंकि सपा का स्टार्टअप कल्चर तो कट्टा और बम बनाना था। आज प्रदेश में जो भी स्टार्टअप हैं उसमें से आधे महिलाओं की ओर से लीड किए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने बताया कि विश्वविद्यालयों की ओर से 5000 से ज्यादा पेटेंट की फाइलिंग हुई है जिसमें 300 से ज्यादा स्वीकृत हो चुके हैं। 2017 के पहले निजी विश्वविद्यालयों की स्वीकृति के लिए पिक एंड चूज किया जाता था। प्रदेश के छह मंडल तो ऐसे थे कि जहां एक भी विश्वविद्यालय नहीं था। हमने मां शाकुभरी विश्वविद्यालय की स्थापना की। अब इन मंडलों में विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। हम सिर्फ राज्य के ही विश्वविद्यालय नहीं बना रहे हैं बल्कि निजी विश्वविद्यालय को भी बढ़ावा दे रहे हैं साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों को बुला रहे हैं जिससे कि शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सीएम ने आगे कहा कि जहां कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां विद्यालय बनेंगे। इसके लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। शिक्षामित्रों को अप्रैल से 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार देंगे। शिक्षकों के लिए पांच लाख कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।
सीएम ने डिजिटल एन्टरप्रेन्योर योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके तहत गांवों में आठ हजार डिजिटल उद्यमी स्थापित करेंगे। इसमें 50 फीसदी महिला आरक्षण होगा। यूनियन बजट में कई गई सीमार्ट की घोषणा के तर्ज पर प्रदेश में महिला उद्यमी विपणन उद्योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यूपी में पहले मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर की स्थिति बहुत खराब थी। हमने संस्थागत प्रसव की व्यवस्था की, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें। इसके लिए एक हजार करोड़ की व्यवस्था करने जा रहे हैं।
कृषि एक्सपोर्ट के लिए भी हमने बजट में 100 करोड़ की व्यवस्था की है। 40 लाख ट्यूबवेल यूपी में हैं। सपा काल में न लाइट आती थी, न किसान काम कर पाता था। आज 16 लाख किसानों को फ्री बिजली दी जी रहा है। हम किसानों सोलर पैनल भी देने जा रहे हैं। आज 'खेती की बात खेत में' होती है। सीएम ने बीच में चुटकी ली कि हालांकि कृषि मंत्री की सेहत नहीं बताती कि वह खेती करते होंगे।
सीएम ने कहा कि गरीब ब्राह्मण को ही सपा स्कॉलरशिप दे देती। 2030 तक पांच गीगवाट डाटा सेंटर क्लस्टर बनाने की योजना है। यदि कोई व्यक्ति एक कुंतल का बोरा गाड़ियों में लाद रहा है, वास्तव में यह अनह्यूमन है। इसकी जगह रोबोटिक्स ले सकता है। इसके लिए हमने 100 करोड़ की व्यवस्था की है। खेतों में दवा डालने, पेस्टीसाइड डालने से किसानों को नुकसान होता था। आज इसकी जगह ड्रोन ले रहा है।
आने वाले समय एआई गेम चेंजर होने वाला है। यूपी सरकार युवाओं को फ्री में एआई टूल उपलब्ध कराएगी। इसके लिए हमने बजट में व्यवस्था की है। लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित करेंगे। दूसरा काशी-मिर्जापुर यानी विंध्याचल तक इकोनॉमिक जोन विकसित करने जा रहे हैं। सरकार जन विश्वास सिद्धांत के रूप में कार्यक्रम आगे बढ़ाएगी।
सीएम ने कहा कि शिक्षा में ड्रॉप आउट रेट सपा के शासनकाल में लगभग 6 था। आज हम इसे 0-3 पर ले आए हैं। आठ हजार न्याय पंचायत तक कंपोजिट विद्यालय ले जाने का लक्ष्य है। पहले हर विधानसभा में एक-एक, फिर हर ब्लॉक में फिर हर न्याय पंचायत तक ले जाएंगे। जहां एक ही छत के नीचे 12वीं तक की पढ़ाई और कौशल विकास प्रशिक्षण मिलेगा।
स्कूलों में शौचालय, पेयजल की व्यवस्था न होने से बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं। हमने हर स्कूल में इनकी सुविधा दी। इससे ड्रॉप आउट रेट कम हुआ। फटा कुर्ता पहनकर, नंगे पैर, फटा बैग लेकर बच्चे स्कूल जा रहा था। जब हमने उसे पैसा देना चाहा तो उसने नहीं लिया। उसने बताया कि भाई है लेकिन वह निजी स्कूल में जाता है। ये कहानी सुनकर हमने प्रदेशभर में हर बेटी को दो जोड़ी ड्रेस, सूज, बैग देने की व्यवस्था की। बाद में हमने सभी बच्चों देने का काम शुरू किया। किसी का जाति, मत मजहब नहीं देखा। सरकार के लिए यह पाप है, यदि सरकार ये सब देखे।
उन्होंने कहा कि हमने बजट में डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की बात कही है। अब तक कई डाटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं। जहां शुद्ध पेयजल का आभाव और खुले में शौच जाते थे लोग वहां इंसेफेलाइटिस से लोग मरते थे। हमने इनको ठीक किया, मौतों का आंकड़ा कम हो गया। सपा सरकार में हर साल 1200 से 1500 एससी, एसटी को बच्चों की मौतें होती थीं। हमने डाटा कलेक्ट किया। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है।
सीएम ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़कर विपक्ष को घेरा। 'मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता है रणधीरों का? पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, 'जाति-जाति' का शोर मचाते केवल कायर क्रूर'। हमने यूपी के हर नागरिक को पूरी दुनिया के सामने गर्व के साथ सीना चौड़ा करके जाने का गौरव दिया। आज हर बड़ा उद्यमी यूपी में निवेश करने को तैयार है। सब कुछ पारदर्शी है। पिक एंड चूज कुछ भी नहीं है।
सीएम युवा योजना से ब्याजमुक्त गारंटीयुक्त लोन दिया जा रहा है। प्रदेश में 1.10 लाख युवाओं को अब तक लोन दिया गया। पीएम की अध्यक्षता में गठित नीति आयोग ने यूपी को सबसे अच्छा माना है। सीएजी ने भी सराहना की है। पहली बार यूपी ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में पेश किया। लॉ एंड आर्डर से आज यूपी निवेश के ड्रीम के रूप में स्थापित है। इंडस्ट्री 5.0 में एआई औद्योगिक क्रांति का सबसे महत्वपूर्ण बनने जा रहा है। हमने बजट में इसके लिए व्यवस्था की है। भारत मंडपम में कांग्रेस के नेताओं बहुत ही घृणित काम किया। ये लोग देश की कीमत पर सौदेबाजी करते हैं।
उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधरी। जब हम किसी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पैसे लगाते हैं। तो वह पैसे वापस देता है, रोजगार जनरेट होता है। यूपी का पैसा यूपी में लगे, इसके लिए लगातार प्रयास चल रहा है। जिस राज्य के पास एमएसएमई का पावर होगा, वह राज्य अग्रणी होगा। मेरठ के ब्रास, गोरखपुर का टेराकोटा, आजमगढ़ की ब्लैक क्राकरी, भदोही की कालीन समेत यूपी के अन्य जिलों के उत्पादों को वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट से आगे बढ़ाया। हमने विश्वकर्मा श्रम सम्मान से टूल किट वितरित किया।
सीएम ने आगे कहा कि 2016-17 में यूपी देश के अंदर नीचे से तीसरे नंबर पर था। आज डबल इंजन की सरकार ने बॉटम थ्री से टॉप थ्री राज्यों तक पहुंचाया है। आज परसेप्सन बदला है। कुछ जनपद ऐसे थे, जिनका नाम सुनकर लोग उसे होटल में कमरे नहीं देते थे। यूपी अब वन ट्रिलियन की इकोनॉमी बनेगा। बड़ा कार्य करने के लिए बड़ा लक्ष्य रखा जाता है। फिर, उसी हिसाब से परिश्रम किया जाता है। जब किसानों का कर्ज माफ करने के लिए सोचा तब भी पैसे की समस्या आई। लेकिन, हमने योजना बनाई और अपने बजट से 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया।
सदन में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष ने सार्थक चर्चा की। इसके लिए सभी सदस्यों का धन्यवाद, कि उन्होंने सदन में भाग लिया। चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को शिवपाल यादव का श्राप न लगे, वह स्वस्थ रहें।
सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे की बात का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे लगता है नेता प्रतिपक्ष पर चच्चू (शिवपाल यादव) का असर आ गया है। 2016-17 में ऋण ग्रसत्ता लगभग 30 फीसदी थी। हमने इसे 27 फीसदी किया। आगे इसे 23 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य है। प्रति वयक्ति आय इसी वित्त वर्ष में 1.20 लाख क्रास कर जाएगी। सपा सरकार में यह 43 हजार थी।
बजट सत्र में प्रदेश में कर्ज को लेकर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आज प्रदेश में 9 लाख से ज्यादा का कर्ज है। इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विरोध जताया। हालांकि बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि इतना कर्ज है।
नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर अंगुली उठाते हुए कहा कि अस्पतालों में तो छोड़ो, मेडिकल कॉलेज तक में रेफर करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जीवन-मरण से संबंधित है, इसलिए इस विभाग में संविदा में कर्मी नहीं रखे जांए। आज एक हजार पर 0.37 डॉक्टर है, जबकि WHO का मानक है एक हजार पर 1 डॉक्टर हो। सरकार अभी तक इस मानक तक नहीं पहुंची है।
शिक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर कानून बनाकर रोक लगनी चाहिए। गलगोटिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि यो लोग बहुत फीस लेते हैं। आजकल गलगोटिया अपना कुत्ता खोज रहे हैं, कह रहे हैं कि इसे हमने बनाया है। एक समय में इलाहाबाद विवि एख समय अधिकारी बनाने का कारखाना थी। लेकिन, पढ़ाई की गुणवत्ता आज काफी खराब हो गई है। विश्व विद्यालयों में गुणवत्ता सुधारने की जरूरत है। गंगा मैया आज गंदगी से बिलख रही हैं। इसकी सफाई पर भी सरकार ध्यान दे।
बजट सत्र में सपा विधायक शिवपाल सिंह ने शायरी पढ़कर बजट पर अपना विरोध जताया।
बजट पर चर्चा में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने संसदीय कार्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम लोग कोई कार्य लेकर आएं तो प्रमुखता से सुनें। बजट के लिए 9 लाख करोड़ से ज्यादा की धनराशि आंवटित हुई है, तो यह बजट व्यय भी हो। जो भी प्रस्ताव मिलें, आप उसे पास करें।
उन्होंने पेयजल की समस्या भी उठाई। कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जब तक सभी जगहों पर पानी की टंकियां शुरू नहीं हो जाती, तब तक हैंडपंप रिबोर की व्यवस्था बनाएं रखें। गर्मी में पानी की किल्लत होती है तो इस पर ध्यान देना चाहिए। बिजली की समस्या तो ठीक है। लेकिन, विजिलेंस की टीम से क्षेत्र की जनता त्रस्त है। तंज कसा कि इनकी निगरीनी के लिए भी एक विजिलेंस लगानी पड़ेगी।
उन्होंने सदन में संस्कृत आज दम तोड़ रही है। संस्कृत को राजाश्रय की जरूरत है। इस भाषा के प्रोत्साहन लिए भी बजट आवंटित होना चाहिए।
सरकार के प्रति व्यक्ति आय के जवाब में कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने प्रति व्यक्ति कर्ज बताया। उन्होंने कहा कि 2020-21 में प्रदेश पर 05 लाख 64 हजार का कर्ज था। अब 2024-25 में 08 लाख 46 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो चुका है। आज प्रति व्यक्ति पर लगभग 37,500 का कर्ज है।
सवालों के जबाव न देने पर रोजगार और पलायन के मुद्दे पर सपा ने वाकआउट किया।
जवाब में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पलायन शब्द अब यूपी से बाहर हो गया है। आज दुनियाभर में सबसे ज्यादा डिमांड यूपी के कामगारों की है।
सपा विधायक संग्राम सिंह ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार द्वारा लगाए जा रहे रोजगार मेलों की पोल खोलते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि आजमगढ़, देवरिया और गोरखपुर समेत अन्य जिलों से युवा नौकरी को दूसरे राज्यों को गए। यदि रोजगार दिया जा रहा है तो युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? सरकार पलायन रोकने के लिए क्या कर रही है?
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर तंज कसा कि इस बार चली-चला की बेला है।
इसका जवाब मंत्री ने देते हुए कहा कि हम केवल केंद्र सरकार को रिपोर्ट दे सकते हैं। नौ वर्षों में सरकार ने एक भी टैक्स नहीं लगाया। बोतल की बात पर तंज कसते हुए कहा कि इन लोगों को बोतल की बड़ी चिंता है। बोतल के दाम तो बढ़ गए हैं। इसका सपा ने विरोध किया। इस पर कुछ देर के लिए हंगामा हुआ। खाद के दाम प्रदेश सरकार नहीं कम कर सकती। वह केंद्र सरकार ही कर सकती है।
सपा विधायक आरके वर्मा ने महंगाई पर सवाल पूछा। उन्होंने कविता से सरकार पर निशाना साधा। 'तेल की बोतल पूछ रही है ये, पहले तुम ही खरीदते तो मुझे...आज क्यों सोच रहे हो'। उन्होंने कहा कि आलू किसान परेशान हैं। बिचौलिया मालमाल हैं।
इसके जवाब में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि निविदा में कार्य अवधि निर्धारित होती है। कंपनियां बदल सकती हैं, लेकिन कर्मी नहीं बदले जाते हैं। ये आदेश 2009, 2016 के हैं। हमने इसमें कोई निर्णय नहीं लिया है।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ पहला सवाल श्रम एवं रोजगार मंत्री से सपा विधायक रागिनी सोनकर ने किया। उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के बराबर आउटसोर्सिंग कर्मियों को वेतन देने की मांग की।
यूपी विधानसभा के आज हंगामेदार रहने का अंदेशा है। सरकार को आज कैग रिपोर्ट पेश करने के साथ-साथ राष्ट्रपति का अभिभाषण पास कराना है। दोपहर बाद 3.00 बजे सीएम योगी सदन को संबोधित करेंगे।