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Samwad 2025 Day 2 Live: कब लगा कि भारत के लिए खेलना अब दूर नहीं? वो कौन सी पारियां थीं? रैना ने दिया ये जवाब

Fri, 18 Apr 2025 07:05 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

खास बातें

Amar Ujala Samwad Lucknow 2025: अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चर्चा जारी है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज पांडे ने भारतीय सेना की तैयारियों और विकसित भारत में सशस्त्र बलों के योगदान पर अपनी बात रखी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कई मुद्दों पर बेबाकी से बात रखी। 'संवाद' के दूसरे दिन के अंतिम सत्र में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना ने अपने विचार रखे।
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संवाद के मंच पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर सुरेश रैना - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

06:33 PM, 18-Apr-2025

सवालः ये कब लगा कि भारत के लिए खेलना अब दूर नहीं है? वो कौन सी पारियां थीं?
रैनाः जैसा कि मैंने कहा एयर इंडिया से मैं कंगाली खेला, बॉम्बे में एक ट्रॉफी मैच खेला। मैंने तब बहुत कुछ सीखा जब एयर इंडिया से मुझे स्कॉलरशिप मिली थी। मेरा सबसे पहला सपना गाजियाबाद के लिए खेलना था। फिर यूपी का प्रतिनिधित्व करना। मुझे याद है 2005-06 में हमने केडी बाबू सिंह स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी जीती थी। तब टीम में पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, आरपी सिंह थे। बहुत बड़े-बड़े नाम थे उस टाइम पर। सच कहूं तो मुझे पता नहीं था कि मैं देश के लिए खेलूंगा या नहीं खेलूंगा। मुझे पहले उत्तर प्रदेश अंडर 14 टीम की कप्तानी मिली, फिर अंडर 16 की और फिर अंडर-17 और अंडर 19 की कप्तानी मिली। मैं एक डिसिप्लिन रोड पर था। अच्छा फोकस करना, ऊपर वाले का आशीर्वाद, मां पाप की दुआएं तो अलग जुनून था खेलने का। मुझे लगता है कि किसी को अगर क्रिकेटर बनना है तो कड़ी मेहनत से ज्यादा मां पापा का आशीर्वाद होना ज्यादा जरूरी है।

06:26 PM, 18-Apr-2025

सवालः लखनऊ में आप होस्टल में रहे। यहां से जुड़ी सबसे खूबसूरत याद कौन सी थी? आप होस्टल छोड़कर भी चले गए थे। वह क्या वजह थी?
रैनाः तब बहुत रैगिंग होता थी। किसी भी इंस्टीट्यूट में किसी भी स्पोर्ट्स के कल्चर में रैगिंग नहीं होनी चाहिए। वो मुश्किल था, क्योंकि कभी रहे नहीं परिवार से दूर, मम्मी पापा से दूर तो मेरे लिए मुश्किल था। तो जब मैं घर गया तो पापा ने कहा कि आपने ही कहा था कि आपका सपना है भारत के लिए खेलना, लेकिन अब आप वापस आ गए। तो मुझे थोड़ा निराशा हुई कि परिवार ने मुझे इतना समर्थन दिया और फिर मैंने वापसी की। जैसे लक्ष्य मूवी में ऋतिक रोशन ने वापसी की, मैंने भी ठीक वैसी ही वापसी की।

06:22 PM, 18-Apr-2025

सवालः मम्मी ने बेलन से पीटा था, उस किस्से के बारे में कुछ बताएंगे?
रैनाः नहीं-नहीं मां थपकी से मारती थीं।

सवालः ये जो सपना था भारत के लिए खेलने का, ये सबसे पहले किसने देखा? युवा सुरेश रैना ने देखा, पिता ने देखा या मां ने देखा? 
रैनाः मेरे परिवार ने मेरा बहुत समर्थन किया। मैं गाजियाबाद कभी नहीं आया था। मैं मुरादनगर से मेरठ गया। मेरठ से ही मेरा चयन हुआ था। मुरादनगर से फिर मैं लखनऊ गया जहां चार साल रहा। मेरा जीवन बहुत कठिन था। मैं सबसे  छोटा था घर में। मेरे परिवार ने कहा कि खेलना है तो खेलो लेकिन पढ़ाई बहुत जरूरी है। मैंने लखनऊ से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। फिर लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। परिवार ने कहा कि पढ़ाई करोगे तो किसी भी फील्ड में आगे बढ़ोगे। फिस होस्टल आए। लखनऊ से अंडर 16 खेलने को मिला, फिर अंडर 14 खेलने को मिला। तो यह सफर चलता रहा। मेरे यहां पर बहुत कोच हैं और बहुत ने मेरे लिए दुआ की। लेकिन सबसे बड़ा हाथ एयर इंडिया का है। मुझे याद है 1998 में 10 हजार रुपये मिलते थे स्कॉलरशिप और होस्टल की फीस 10 हजार रुपये थी साल की। मैं अपने परिवार पर कभी निर्भर नहीं रहा। लेकिन मुझे जो अनुभव मिला, देश के लिए खेलकर, उत्तर प्रदेश के लिए खेलकर और गाजियाबाद के लिए खेलकर। मुझे लगता है कि सपना देखना जरूरी होता है, लेकिन परिवार का समर्थन मिलना भी बहुत जरूरी है आगे बढ़ने के लिए।

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06:20 PM, 18-Apr-2025
सुरेश रैना - फोटो : अमर उजाला

सवालः रात भर घर नहीं पहुंचे थे? क्या किस्सा था वो?
रैनाः 
अमर उजाला और लखनऊ में बहुत साल रहे हैं। बहुत प्यार मिला है। तालीम सीखी है लखनऊ यूनिवर्सिटी से। वो किस्सा बहुत पुराना था। दो दिन का मैच था। स्कूल में छुट्टी होती थी। ऐसा बच्चों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि पापा ने बहुत पिटाई की थी मेरी। तब फोन नहीं होता था। सारे मैच हो चुके थे, सिर्फ फाइनल बचा था। जब मैं ट्रॉफी लेकर घर पहुंचा तो पापा ने पूछा कि बता कर क्यों नहीं जाता। तो मैंने कहा कि फोन किया था फोन किसी ने नहीं उठाया। वो जुनून अलग था, उत्तर प्रदेश के लिए खेलने का, देश के लिए खेलने का तो मैंने सोचा कुछ तो अलग करना पड़ेगा देश का नाम रोशन करना है तो।

06:03 PM, 18-Apr-2025

अमर उजाला संवाद के मंच पर सुरेश रैना
अमर उजाला संवाद के मंच पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और उद्यमी सुरेश रैना पहुंच गए हैं। वह कामयाबी की कहानियां सत्र में अपने विचार रखेंगे। 

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06:01 PM, 18-Apr-2025

आप अपने आपको किस परंपरा के गीतों में सबसे ज्यादा जुड़ा पाते हैं?
इसके जवाब में मनोज मुंतशिर ने कहा कि 18 मार्च 1999 वह तारीख थी, जब मैंने पुष्पक एक्सप्रेस से 362 रुपये का टिकट लेकर ट्रेन पकड़ी थी। तब मेरे लिए फिल्मी गीतों का मतलब इतना था कि साहित्य और लोकप्रियता के बीच क्या कोई स्वीट पॉइंट है, ऐसी जगह जहां लिटरेचर आम आदमी से मिल जाए। मुझे वह फिल्मी गीतों में दिखाई दिया।

गीतकार अज्ञेय के विरुद्ध कोई खड़ा हो सकता है: मनोज मुंतशिर
क्या दुनिया में कोई गीतकार अज्ञेय के विरुद्ध खड़ा है। दिनकर के खिलाफ खड़ा है? इन्हीं से तो हम सीखते हैं। मगर, कई बार ऐसा होता है कि जो साहित्य के ठेकेदार हैं वो ये नहीं कहते कि इसने बड़ी-बड़ी बातें आसान भाषा में कही हैं। एक बात बताऊं, एक फिल्मों के बड़े प्रोड्यूसर थे। वो अपनी फिल्मों के गाने लिखवाने काका हाथरसी के पास पहुंचे। उन्हें बताया कि हमारी जो हीरोइन है उसका ब्रेकअप हो गया है। अपने छज्जे पर बैठी है। उसे देखकर लग रहा है कि चिंता में अपनी जान दे देगी। कुछ लिख दीजिए

गोरी बैठी छत पर कूदन को तैयार
नीचे पक्का फर्श है भली करे करतार
भली करे करतार न कोई दे दे धक्का
ऊपर भारी नार है, नीचे पतले कक्का

05:54 PM, 18-Apr-2025

लेखन की जब बात आती है, कोई लिखता क्यों है? यह प्रेरणा कहां से आती है?
जवाब में कवि मनोज मुंतशिर ने कहा कि लिखने की एक वजह होनी चाहिए कि आपके अंदर कुछ उबल रहा है, तभी लिखना चाहिए। नहीं तो बेकार है। तुलसीदास ने कहा, 'मुझसे तो राम ने लिखवाया, वह मैंने लिखा'। इसलिए ईश्वर जब लिखवाए तब लिखो। कोई साहिर बनकर वैराग्य नहीं लिख सकता। भगवान डिक्टेशन न दे तो कोई नहीं लिख सकता। अगर परमात्मा आपका हाथ पकड़कर न लिखवाए तो कोई शेक्सपीयर नहीं लिख सकता।

05:50 PM, 18-Apr-2025

आदिपुरुष तक सिर्फ मैंने फिल्मों में गाने लिखे: मनोज मुंतशिर
आदिपुरुष तक सिर्फ मैं फिल्मों में गाने लिख रहा था। बड़ी-बड़ी फिल्मों के गाने ही लिखता था। आदिपुरुष के बाद मैंने 1100 रुपये में मैंने भजन लिखे। मेरे सामने हमेशा दो रास्ते थे कि आप अपनी लोकप्रियता को कैसे भुनाएं। आप इसे निजी फायदे के लिए भी भुना सकते हैं और अपने सनातन के लिए भी भुना सकते हैं। मैं अपनी लोकप्रियता को अपने सनातन के लिए भुना रहा हूं। जयश्रीराम।

05:49 PM, 18-Apr-2025

मुश्किल में मैं भगवान श्रीराम की शरण में गया: कवि मनोज मुंतशिर
मनोज मुंतशिर ने कहा, हर कोई मुश्किल में राम की शरण में जाता है। मैं भी मुश्किल में राम की शरण में गया। उस वक्त मुझे कोई सुख नहीं मिल रहा था। तब मुझे लगा कि राम के चरणों में ही अपने शब्द पुष्प अर्पित कर पाऊं। तो मुझे भगवान श्रीराम ने वाणी की शक्ति दी थी। शब्दों की शक्ति दी तो मैंने उन्हें अर्पित कर दी। मैंने सोचा निरंतर उन्हीं के लिए लिखूंगा।

05:40 PM, 18-Apr-2025
अमर उजाला संवाद - फोटो : अमर उजाला

जितनी बार लोग मुझसे नाराज होंगे, मैं सवाल पूछने नहीं सिर्फ माफी मांगने आऊंगा: मनोज मुंतशिर
चर्चा के दौरान मनोज मुंतशिर ने कहा कि मेरे घर के बगल की दुकान का पनवाड़ी भी मुझे नहीं पहचानता था कि मैं कौन हूं। तो जितनी बार लोग मुझसे नाराज होंगे, मैं सवाल पूछने नहीं, सिर्फ माफी मांगने आऊंगा। लोगों को नाराजगी का हक है।

05:38 PM, 18-Apr-2025

मनोज मुंतशिर, आपकी लाइफ की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी आदिपुरुष, इसके बाद जिंदगी ने क्या-क्या मोड़ लिए?
इस सवाल के जवाब में कवि मनोज मुंतशिर ने कहा कि कोई भी तजुर्बा बुरा नहीं होता, हर तजुर्बा अच्छा होता है। आदिपुरुष एक गलती थी, एक भूल थी। एक ऐसी भूल जिसके लिए मुझे मेरे देश ने, अवध की इस मिट्टी ने बहुत बड़ा दिल दिखाते हुए मुझे माफ कर दिया। अब आज मुझसे पूछेंगे तो मुझे लगता है कि क्या याद रखूं कि मुझ पर कितने पत्थर फेंके गए कि ये याद रखूं कि कैसे मुझे लोगों ने फिर से गले लगा लिया। अब लगता है कि मेरे जीवन में आदिपुरुष भी जरूरी थी, जिससे मैं सही और गलत का फर्क जान सकूं।

05:29 PM, 18-Apr-2025

आदिपुरुष के संवाद लिखने का दुख हमेशा मुझे रहा: मनोज मुंतशिर
लखनऊ से क्या झूठ बोलना। इसका दुख हमेशा रहा कि मैंने उस फिल्म (आदिपुरुष) के संवाद लिखे। वो खराब थे, अशोभनीय थे। हालांकि, फिल्म के गीत हिट हुए। उसके लिए थोड़ा-सा श्रेय मुझे मिल जाता तो अच्छा तो लगता।

05:26 PM, 18-Apr-2025

जीवन का पहला बड़ा मंच मुझे अमर उजाला ने दिया: मनोज मुंतशिर
कवि मनोज मुंतशिर ने संवाद के मंच पर चर्चा के दौरान कहा कि मुझे जीवन का पहला बड़ा मंच 2017 में अमर उजाला ने कानपुर में दिया था। मैं आज तक इस बात के लिए ऋणी हूं कि पहली बार हजारों लोगों के सामने बोलने का अवसर मुझे अमर उजाला ने दिया। इसका मैं शुक्रगुजार हूं।

05:21 PM, 18-Apr-2025

संवाद के मंच पर पहुंचे कवि मनोज मुंतशिर
अमर उजाला संवाद के मंच पर गीतकार एवं कवि मनोज मुंतशिर पहुंच गए हैं। वह 'राष्ट्रवाद पर सवाल क्यों?' सत्र पर अपने विचार रखेंगे।

05:19 PM, 18-Apr-2025

बाजार में दूसरे पर भरोसा सबसे बड़ी गलती: नीलेश शाह
नीलेश शाह ने कहा कि बाजार में दूसरे पर भरोसा सबसे बड़ी गलती होती है। खुद के रिसर्च के आधार पर निवेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्र के साथ-साथ निवेश का रुख भी बदल जाता है। आजकल बाजार मनोविज्ञान के आधार पर काम कर रहा है। गीता पढ़ने की जरूरत है। उससे मनोविज्ञान से जुड़ी बारीकी समझ में आती है। सोने में निवेश पर उन्होंन कहा कि इसमें निवेश जरूरी है। लोग सोना खरीदते हैं फिर बेचते नहीं है। रैली के बाद इसमें गिरावट जरूर आएगी पर निवेश किया जा सकता है। अशीष ने सोने में रैली पर कहा कि पिछले घोड़े की तेजी पर भरोसा नहीं करना चाहिए, नया घोड़ा ढूंढना चाहिए।

05:19 PM, 18-Apr-2025

हमें करेक्शन का लाभ उठाना चाहिए: आशीष सोमैया
मंदी की आशंका पर आशीष ने कहा कि 'निगाहों पर मंजिल थी गिरें और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की पर चिराग आंधियों में भी जलती रहे।' बाजार गिरेगा लेकिन फिर उठेगा। हमें करेक्शन का लाभ उठाना चाहिए। उसी अनुसार रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग तब पैसा लगाते हैं जब बहुत कॉन्फिडेंस महसूस करते हैं। आपके वर्तमान विश्वास का आपके भविष्य के रिटर्न का कोई लेनादेना नहीं है। अपुनइच भगवान है जैसी सोच से नीचे जाने का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में गिरे बाजार में निवेश का अधिक मौका मिलता है।


05:17 PM, 18-Apr-2025

10 वर्षों में भारत दसवीं बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था बन गया: नीलेश शाह
विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर शाह ने कहा कि मार्केट की उम्मीदें बहुत बढ़ गईं थीं। 10 वर्षों में भारत दसवीं बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। छह साल में करीब 18 लाख करोड़ रुपये का बाजार में मुनाफा आया। ऐसे में बाजार में निवेशकों की आकांक्षाओं को पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा था। इसलिए बाजार में करेक्शन आया। ट्रंप के कारण भी बाजार प्रभावित हुआ। हमारा निर्यात गुड्स में कम है, सर्विसेज में ज्यादा है। हमारी इकोनॉमी ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़ी हुई है। उन्हें सर्दी लगेगी तो हमें भी कुछ झेलनी पड़ेगी। ट्रंप ने पूरा वातावरण हिलाकर रख दिया है। 

05:14 PM, 18-Apr-2025

टैरिफ वॉर का हमें फायदा मिलने की उम्मीद
टैरिफ वॉर पर बोलते हुए कोटक म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक, नीलेश शाह ने कहा कि हमारा बाजार ऐसा है जहां हमें शोर को दरकिनार कर जो वास्तव में हो रहा उस पर ध्यान रखने की जरूरत है। हमें कंपनी के कैशफ्लो पर ध्यान रखने की जरूरत है। ट्रंप के बारे में नीलेश ने कहा कि उनका हाल हिंदी सिनेमा के डॉयलॉग जैसा है। वह डॉयलॉग है- मैं दिल में आता हूं समझ में नहीं आता। 

कार्यक्रम के दौरान आशीष ने कहा कि जब भी बाजार में वर्तमान के तरह का हालात बनता है तो हमें इसका फायदा मिलने की उम्मीद होती है। फिलहाल बाजार में दो दिग्गज भिड़े हुए हैं। हमें उनकी लड़ाई का फायदा मिलेगा। एफआईआई की बिकवाली पर आशीष ने कहा कि इस गिरावट के बावजूद हमारे बाजार का रुझान सुधरेगा।

05:00 PM, 18-Apr-2025

आशीष सोमैया, आपको वह पहला मौका याद है जब बाजार में आपको नुकसान हुआ और उससे आपने क्या सबक लिया?
व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के ईडी और सीईओ आशीष पी. सोमैया ने इस सवाल के जवाब में कहा कि मैं 1999 से बाजार में हूं। सबसे पहले एक बार मैंने जब काम शुरू किया, तब सैलरी इतनी आनी शुरू नहीं हुई थी। मैं तब ट्रेनी था और तकनीक का बूम चल रहा था। मेरे कॉलेज के एक सीनियर ने बताया कि यह शेयर खरीद लो, तब सात दिन बात सेटलमेंट होता था। मैंने उसको बोला कि तुम खरीद लो मैं पैसा दे दूंगा तुमको। वह शेयर क्या लिया उसके बाद मेरी पिटाई हो गई। मम्मी से वापस जाकर माफी मांगनी पड़ी और 15000 रुपये मांगने पड़े।  तब का ऐसा दौर था कि तब मेरे मामा, मौसी, चाचा को पता चलता तो परिवार बोलते कि यह तो गलत लाइन का आदमी है। यह सब कुछ खत्म कर देगा। कहने का मतलब है यह कि तब का समय देखो और अब का समय देखो। आज से 25 साल पहले अगर कोई शेयर बाजार में पैसा गंवाता तो लोग कहते कि तुम तो जुआरी हो। परिवार को खत्म कर दोगे।आज के दौर में अगर पैसा गंवा देते हो तो लोग कहते हैं लगे रहो बना लोगे पैसा। 

04:52 PM, 18-Apr-2025

नीलेश शाह आपको पैसे का संस्कार सबसे पहले कहां से मिला?
इस सवाल के जवाब में कोटक म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक, नीलेश शाह ने कहा कि पैसों के मामले में हमारी संस्कृति में कई बार कहा कि बेटा पैसों के पीछे मत भागना। पैसा हाथ का मैल है। पैसों से सबकुछ नहीं खरीदा जा सकता। जब मैं मार्केट में आया तो वॉरेन बफेट नाम के प्रसिद्ध निवेशक है तो उनका एक वाकया याद रह गया कि पैसा जीवन में सबकुछ नहीं, पैसा बहुत जरूरी भी नहीं है, लेकिन यह सब बोलने से पहले पैसा बना लेना बहुत जरूरी है।

04:46 PM, 18-Apr-2025

संवाद के मंच पर व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के ईडी और सीईओ आशीष पी. सोमैया
कोटक म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक, नीलेश शाह और व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के ईडी और सीईओ आशीष पी. सोमैया अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। वह बाजार: क्या करें, क्या न करें सत्र पर अपने विचार साझा करेंगे। 

04:34 PM, 18-Apr-2025

अमित आपको ऐसा लगा शूट पर कि ये क्या बता रहा है मुझे?
इस पर अमित ने कहा, 'यह रोज होता है। यह किसी भी काम में होगा। हमारे भी काम में होता है। बहुत बार होता है। कभी-कभी दूसरे की बात सही निकलती है। कभी-कभी हमारी बात सही निकलती है। अपना जो काम है, उसमें बहुत सारे डिपार्टमेंट हैं। सारे लोग बहुत महत्वपूर्ण है। अगर सब साथ में मिलकर एक बुत नहीं खड़ा करेंगे तो काम कैसे होगा। मगर, एक मजेदार किस्सा है कि जब काम नहीं होता था तो मुझे ऑडिशन देने में बड़ी कोफ्त होती थी। मैं एक दिन गया ऑडिशन देने तो एक-दो लाइनें बोलीं। फिर मैंने कहा कि एक और ऑडिशन देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अब क्या कर लोगे तुम? मैंने कहा कि कुछ और बेहतर कर सकता हूं। मुझे लगा कि ये लोग जो ऑडिशन लेने आए हैं, वो अपना समय काटने आए हैं। आठ घंटे पूरे करने आए हैं। ऐसी बहुत चीजें हुईं। और जब जवानी ज्यादा थी तो बहुत लड़ाई-झगड़े भी हो जाते थे। बहुत गुस्सा आ जाती थी। अब तरस आने लगा है। अब सोचता हूं कि साउंड, कैमरा एक्शन के बाद तो मुझे ही काम करना है'।

04:25 PM, 18-Apr-2025

समाज की जो चीजें हम पर थोप दी जाती हैं उसे निभाने में आधा जीवन निकल जाता: अभिनेता विनीत
अभिनेता विनीत ने आगे कहा, 'समाज की जो चीजें हम पर थोप दी जाती हैं, उसे निभाने में आधा जीवन निकल जाता है। मेरी शादी हुई तो सिर्फ 14 लोग गए। क्योंकि अपनी शादी के दवाब में पैसे का तनाव लेकर मुझे पांच और साल का संघर्ष नहीं जोड़ना था। अगर कुछ कार्ड कम छपेंगे तो आपकी मोहब्बत कम नहीं हो जाती। जो लोग उंगली उठा रहे हैं उन्हें पता ही नहीं कि आप किन परिस्थिति से गुजर रहे हैं। ऐसे रिश्ते नहीं चाहिए। ऐसा समाज बनाइए कि लोग छोटे और बड़े की नजर से देखना बंद करे। जो लोग जिम्मेदारी निभा रहे हैं वो कम से कम कुंठा के साथ तो न जिए। बहुत वक्त ऐसा आया कि पैसे नहीं होते थे। पैसे एक व्यवस्था है। मैं कम नहीं हूं। सांस पूरी ले रहा हूं। मेरे अंदर का दम कम नहीं है। ईश्वर ने मेरे शरीर में उतनी ही हड्डियां दी हैं, जिनती बड़ी से बड़ी कुर्सी पर बैठे किसी शख्स को दी। मैं सपने छोटे क्यों देखूं। मैं रुकूंगा नहीं। इसी तेवर को लेकर चलता रहा। मुंबई में 13-14 साल हो गए, मेरे पास अभी भी घर नहीं है। हां, एक काम कर रहा हूं कि मेरे पास एक छत हो, क्योंकि यह बेसिक जरूरत है। लेकिन, मुझे यह कहने में शर्म नहीं आती'।

04:08 PM, 18-Apr-2025
विनीत कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला

विनीत क्या आप पीछे पलटकर देखते हैं?

हां मैं देखता हूं, क्योंकि मैं जो जीवन में काम कर रहा हूं। मैंने सपना देखा था तो मुझे गाइड करने वाले बहुत कम लोग थे। गलतियां होंगी इसकी संभावना बहुत ज्यादा थीं। ऐसे में एक ही रास्ता था कि मुड़-मुड़े के देख, ताकि पता चले कि पिछले तीन महीने में क्या किया। पिछले छह महीने में ऐसा क्या हुआ कि ग्रोथ नहीं हो रही। उसका मुझे बहुत फायदा मिला। बचपन से एक कंडीशनिंग रही है परिवारों में कि अपनी कमियों को छिपाएइए। अगर मोजा फटा है तो एक बच्चा बचपन से ही उसे छिपाकर रखता है। घर की बैठक एकदम चकाचक रखने की कोशिश होती है, बेशक घर का हाल बेकार हो। मेरा कहना है कि खोल दो, परदा हटा दो।

04:08 PM, 18-Apr-2025

अभी परीक्षाओं का दौर चला है। आप जैसे लोग संघर्ष पर कम बात करते हैं। आप थोड़ा खुलकर बताइए कि आपका संघर्ष कैसा रहा?

इस पर अमित सियाल ने कहा, 'मैं कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहता। कानपुर में निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुआ। उस समय के संघर्ष ऐसा लगता था कि बाप रे यह कब खत्म होगा संघर्ष। मैं कब बड़ा होऊंगा और इससे निजात मिले। लेकिन, अब भी वैसा ही लगता है। मुझे लगता है कि संघर्ष जीवन का हिस्सा है और यह चलता रहता है। संघर्ष ही आपको बढ़ाता है। अगर आप थम गए तो थमा पानी हमेशा बेकार ही होता है। ऐसी कोई चीज नहीं है, जिसमें संघर्ष रहा हो मेरे जीवन में और आप में से किसी ने न किया हो। मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ अलग किया है। आपका सबसे बड़ा संघर्ष ये है कि मुझे करना क्या है? मैं 30 की उम्र में एकदम लॉस्ट था। तब मुझे पता चला कि एक्टिंग ही करनी है। एक्टर ही बनूंगा। एक रोटी खाऊंगा दिन में, एक भी नहीं खाऊंगा। कुछ फर्क नहीं पड़ता। यूनिवर्स का विस्तार होता है। हम सभी को विस्तार करते रहना चाहिए। मुझे अब बिल्कुल संघर्ष महसूस नहीं होता, क्योंकि मुझे जो चीज करनी थी वो मिल गई। अब इसमें क्या संघर्ष है। यह तो रोजमर्रा की मुश्किलें हैं। इनसे तो आप निकल ही जाओगी। अपनी लाइफ को अप्रीशिएट करिए। एक दिन जिंदगी बदलेगी। अच्छा वक्त आएगा'। अमित सियाल ने आगे कहा, 'जिंदगी में जब भी डाउन हो तो डिस्कवरी पर जाकर शो देखना। हम सुमद्र के कंण हैं, हम उतने भी नहीं हैं। संघर्ष को भी एंजॉय करिए'।

04:00 PM, 18-Apr-2025

अगला सवाल विनीत से किया गया, 'आपने एक इंटरव्यू में कहा था कि संघर्ष मेरी जिंदगी से शायद खत्म नहीं होगा। लेकिन अब चार-चार फिल्में एक साथ, क्या संघर्ष खत्म हुआ अब?

विनीत कुमार सिंह ने कहा, 'यहां संवाद में बुलाने के लिए अमर उजाला का बहुत-बहुत धन्यवाद। लखनऊ आना, उत्तर प्रदेश आना मेरे लिए घर आने जैसा होता है। यहां आना ऐसा लगता है, घर के आंगन में बैठा हूं और घर के आंगन में बैठना सुखद ही होता है। थिएटर में हम दोनों लोगों की फिल्में एक साथ चल रही हैं। जाट और केसरी चैप्टर 2। केसरी चैप्टर 2 के लिए मैं अमित सियाल को बधाई देती हूं। सालभर की मेहनत के बाद एक फिल्म पूरी होती है। थिएटर में लगने के बाद यह रिजल्ट का दौर है। परिवार के साथ वक्त निकालकर अमित की फिल्म देखने जरूर जाएं। अब आपके सवाल का जवाब यह है कि जीवन में संघर्ष कभी खत्म नहीं होता। मैंने जो इंटरव्यू दिया था उसका कहने का मकसद यह था कि बेसिक चीजों का संघर्ष जीवन में खत्म होना चाहिए। क्योंकि बेसिक चीजों के लिए संघर्ष करते हुए इंसान का पोटेंशियल कम पड़ने लगता है। जीवन का काफी समय बचपन में चला जाता है। काफी उम्र बुढ़ापे में चला जाता है। जो एक वक्त है 18-20 साल से लेकर तब तक जब तक हाथ-पैर चल रहे हैं, वह वक्त रोटी-कपड़ा-मकान की जद्दोजहद में जाता है तो बड़ा खराब लगता है। मैं यही कहता हूं कि इस जद्दोजहद से निकल सकें तो तभी अंदर की प्रतिभा निखरकर बाहर आ पाती है'।

03:56 PM, 18-Apr-2025

फिल्म 'केसरी 2' आज रिलीज हुई है। वैसी फिल्में जब आप करते हैं, बतौर भारतीय गुस्सा ही आया कि क्या ऐसे कोई जान ले सकता है। किरदार पर कुछ बताइए

'फिल्म में एक शख्स हैं, वो इंग्लैंड से हैं। उन्होंने जनरल डायर का रोल किया है। बहुत इमोशनल रोल था फिल्म का। जनरल डायर कहता है, 'मैंने ऐसा क्या खास कर दिया। सारे कीड़े-मकौड़ों को मारा। सीन खत्म होने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि अमित क्या हमने सही में ऐसा किया है। मैंने उन्हें कहा कि आपने ऐसा नहीं किया आप परेशान मत होइए'। अगर आप लोगों को कभी मौका मिले तो उनकी हिस्ट्री पढ़िएगा। वो थोड़े से मेंटल डिसऑर्डर से ग्रसित थे। वो ऐसे आदमी थे, जिनका बचपन बहुत गंदा गुजरा था। उसने वो भड़ास बड़े होकर हिंदुस्तानियों पर निकाल दी, लेकिन उन्हें नहीं निकालनी चाहिए थी। ऐसी फिल्में करने का अपना मजा है'। 

 

03:54 PM, 18-Apr-2025

संवाद में पहुंचे अमित सियाल से पूछा गया, 'कितना कानपुर अंदर बचा है, मुंबई जाकर भी?'

संवाद का अलग सत्र है "सिनेमा का बदलता दौर", इस सत्र में अभिनेता अमित सियाल यहां पहुंचे हैं। एक्टर ने कहा, 'आप इंसान को कानपुर से निकाल सकते हो। उसके अंदर से कानपुर नहीं निकाल सकते हो। कानपुर मेरा जन्मस्थान है। वहां पला-बढ़ा है। यहां पैदा हुआ तो हिंदी भी अच्छी है। अपने जन्मस्थान से आपकी बहुत सारी यादें जुड़ी होती हैं। आप वहां बड़े हुए हैं। मैं कानपुर और कानपुरियों का बहुत आभारी हूं'। 


 

03:52 PM, 18-Apr-2025

आपको छापामार स्वास्थ्य मंत्री भी कहा जाता है, आप कई मेडिकल कॉलेजों में छापा भी मार चुके हैं

इस सवाल पर पाठक ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि अपने अस्पतालों को डाउन द लाइन हम देखें और ऐसे देखें कि ये न लगे कि विजिट घोषित है। जब घोषित विजिट होती है तो प्रशासन लग जाएगा, पुलिस खड़ी हो जाएगी, चूना डालेंगे, दरी बिछाएंगे। हमें भैया कुछ नहीं चाहिए हम साधारण कार्यकर्ता हैं और प्रदेश की जनता ने मुझ पर भरोसा किया है तो अपने मरीजों को किस तरह से दवा मिल रही है ये मैं खुद जाकर देखूंगा। इसमें कोई भी आरोप लगाए मैं स्वीकार करता हूं कि मैं औचक निरीक्षण के लिए जाता हूं और भी अधिक जाऊंगा। अभी मैं चार दिन पहले अयोध्या के दौर पर गया था, रुदौली एक छोटा सा कस्बा है, उसके पास में एक छोटा सा अस्पताल था। लोग सोच रहे थे कि इतने छोटे अस्पताल में मैं नहीं जाऊंगा। मैं गया नीचे बहुत अच्छा था, ओपीडी चल रही थी लेकिन जब मैंने कहा बेड दिखाओ ये तो 30 बेड का अस्पताल है तो एक भी बेड नहीं मिला मुझे। चार बेड बगैर गद्दे के पड़े थे। हमने जांच बैठाई और कड़ी कार्रवाई करूंगा। कोई भी किसान अगर खेत की मेड़ पर सुबह नहीं जाता है तो खेती उसके बस की बात नहीं है। इसलिए मैं अपने अस्पतालों को जिम्मेदार हूं और मैं जाऊंगा।

03:50 PM, 18-Apr-2025
उपमुख्य मंत्री ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला

कैग की एक और रिपोर्ट है, जिसमें यह बात है कि यूपी में दवाइयों की कमी है?

इस सवाल पर पाठक ने कहा कि हमारे पास दवाई की कोई कमी नहीं है। आज हमने एक एप डेवलप किया है। जो डॉक्टर स्टोर से दवाई उठाएगा, हम मानते हैं वो ही मरीज देख रहा है तो हमारे स्टोर को हमने ऑनलाइन किया है, जो हमारे औषधी कक्ष हैं, पहले लखनऊ से सप्लाई होती थी, हर जिले में हमने औषधी कक्ष बनाए हैं, स्टोर रूम, गोदाम बनाए हैं, हम वहां से सप्लाई करते हैं, जो डॉक्टर रेगुलर दवाई ले जा रहा है हम मानते हैं यही मरीजों को देख रहा है, बाकियों को हम नोटिस देते हैं। मेरे पास जो आंकड़े हैं, उनमें दवाइयों की कमी नहीं है। 
 

03:45 PM, 18-Apr-2025

किस टाटा कंपनी को आपने काम दिया था?

आप ये सवाल उनसे पूछिए कि उन्होंने किस यादव जी को काम दिलाया था और वो यादव जी बीच में काम छोड़कर क्यों भाग गए। उनसे पूछिए और न हो तो उनको मेल कर दीजिए किस टाटा कंपनी को आपने काम दिया था। काम किसने दिलाया था, मुख्यमंत्री आवास में बैठक हुई थी और टाटा कंपनी पर दवाब डालकर काम लिया गया था। आप टाटा कंपनी के उस मैनेजर का इस मंच पर इंटरव्यू कीजिए और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
 

03:43 PM, 18-Apr-2025

स्वास्थ्य नीति ये कहती है कि ढाई फीसदी जीडीपी का होना चाहिए, अपने यहां 1.1 फीसदी ही खर्च हो पा रहा है?

इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारे पास पैसे से अधिक महत्व इंफ्रास्ट्रक्चर का है। मान लीजिए आपने पैसे रखे हुए हैं, आपके पास दाल-चावल है, प्रेशर कुकर बनाने के लिए नहीं है तो क्या करोगे। पहले तो हम डॉक्टर बनाएंगे। फिर भवन बनाएंगे। फिर उसके बाद पैसे खर्च करेंगे। जिस गति से स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में बढ़ा है, तुलनात्मक अध्यन 2017 से पहले की और आज की करें तो आप मानेंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आमूलचूल परिवर्तन हेल्थ सेक्टर में किया है।
 

03:35 PM, 18-Apr-2025

डॉक्टरों और नर्स की कमी पर उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा?

उपमुख्यमंत्री ने कहा अगर आप कोई कंपनी शुरू करते हैं तो क्या पहले दिन से ही वो टॉप पर हो जाती है क्या? अगर अमर उजाला का प्रकाशन 1948 में शुरू हुआ और आज अमर उजाला समाचार जगत में वट वृक्ष है। अब आप बताइए 1948 में क्या स्थिति रही होगी जरा बताइए मुझे? आप देश की जनता से जानिए। जब कोई बच्चा कंसीव होता है तो 9 महिने में उसको जन्म मिलता है, फिर धीरे-धीरे बड़ा होता है। क्या कोई भी शुरूआत भी नहीं करेगा। समाजवादी पार्टी की सोच क्या है कि केवल 17 ही मेडिकल कॉलेज स्टेट में हो या 12 ही मेडिकल कॉलेज स्टेट में हो। किसी को तो आगे आना पड़ेगा और जहां तक संसाधनों की बात है पहले से लाख गुना बेहतर संसाधन पूरे प्रदेश में हैं। समाजवादी पार्टी के शासन काल में, मैं तो आरोप लगाना नहीं चाहता लेकिन आपने छेड़ा है तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि प्रदेश की जनता को खुद मौके पर जाकर प्रदेश में देखना चाहिए, जौनपुर मेडिकल कॉलेज की चर्चा उन्होंने की अच्छा हुआ उन्होंने हमें मुद्दा दे दिया। आप इसको जरूर समाचार पत्र में लेना, जौनपुर मेडिकल कॉलेज समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शुरू हुआ। टाटा को काम मिला, टाटा को जबरदस्ती किसको काम दिलाया ये उनसे पूछिए और वो ठेकेदार बीच में से छोड़कर भाग गया। हमने एसआईटी बनाई और कैबिनेट से अतिरिक्त पैसे स्वीकृत कराकर काम पूरा करा रहे हैं। ये जनता के पैसों को लूटने के लिए प्रोजेक्ट लाते थे, हम प्रदेश की जनता के हित के लिए प्रोजेक्ट लाते हैं।

03:34 PM, 18-Apr-2025

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जो आवंटित राशि पूरी खर्च नहीं हो पा रही है?

इस सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि लोगों को पता नहीं है, जो समाजवादी पार्टी के लोग हैं या अन्य इस प्रकार की जो चर्चा चलाते हैं, हम 60 और 40 के आधार पर काम करते हैं। 60 फीसदी भारत सरकार देती है, 40 फीसदी हम देते हैं। जो भी प्रोजेक्ट भारत सरकार हमें पैसा भेजती है, उसके लिए 40 फीसदी धनराशि हम आरक्षित ऑलरेडी हम बजट में रखते है और ये सभी केंद्रीय योजनाओं में होता है। ये वो पैसा है जैसे ही केंद्र सरकार से पैसा आता है, हम अपना 40 फीसदी बजट उसमें मिलाकर काम शुरू कर देते हैं। आज आयुष्मान आरोग्य योजना में नौ हजार करोड़ रुपये का पेमेंट यूपी सरकार ने उन मरीजों के लिए किया है जिनको पांच लाख तक के निशुल्क इलाज के लिए गारंटी दी है। ये 40 फीसदी पैसे वही हैं जो हम अपने सुरक्षित अपनी निधि में रखते हैं। 
 

03:22 PM, 18-Apr-2025

UP Deputy CM Brajesh Pathak: अखिलेश के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री ने कही ये बात

मेडिकल कॉलेज कोई पॉकेट में रखी हुई चीज नहीं होती। मेडिकल कॉलेज पूरी दुनिया देख रही है, एमबीबीएस की सीटें तीन गुना हुई हैं और इन सीटों को उत्तर प्रदेश सरकार क्रियेट नहीं करती है। नीट की परीक्षा होती है और पूरे देश में एक साथ होती है, हमने इसकी संख्या में तीन गुना की बढ़ोत्तरी की है।

03:14 PM, 18-Apr-2025

Deputy CM Brajesh Pathak: आपके कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश की बदलती सेहत सत्र में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2017 के बाद से अब तक यूपी का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल गया है। सबसे पहले मैं मेडिकल एजुकेशन की तरफ आऊंगा। जब 2017 में हमें काम करने का अवसर मिला, हमारे पास 12 मेडिकल कॉलेज सरकारी क्षेत्र में थे। निजी क्षेत्र में भी कुछ मेडिकल कॉलेज थे। हमारे सामने सबसे पहले ये चुनौती थी कि चिकित्सकों की तैनाती और उनकी उपलब्धता। पूरे देश के पैमाने पर इस बात की चर्चा है कि चिकित्सकों की भारी कमी थी। लेकिन मैं कह सकता हूं, 2017 से आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हर जिले में मेडिकल कॉलेज बने उस दिशा में हमारी सरकार ने गंभीर काम किया है। आज 2017 से तुलना की जाए तो आज 80 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और यह कार्य मात्र 8 वर्षों में हुआ। कुछ जिले बचे हैं उन पर भी हम प्रदेश की जनता के समक्ष जाने वाले हैं पीपीपी मोड पर, हमने टेंडर कर दिया है और एग्रीमेंट भी कर दिया है।
 

02:58 PM, 18-Apr-2025

आईआईटी-एनआईटी के शिक्षक दे रहे ट्रेनिंग

प्रो. राजीव ने बताया कि साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण दिया गया है, जो बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं। इनमें से कुछ शिक्षक बच्चों को एआई पढ़ा भी रहे हैं। इसके अलावा, आईआईटी, एनआईटी से करार किया गया है। शिक्षक यहां जाकर फिजिकल रूप से रहते हैं। आईआईटी, एनआईटी के शिक्षक इन प्रशिक्षकों को तैयार कर रहे हैं कि अपने कोर ब्रांच में एआई को लाया जा सकता है।

02:54 PM, 18-Apr-2025

स्कूलों में बच्चों को एआई पढ़ाया जा रहा है: प्रो. राजीव

तकनीकी शिक्षा में एआई पर फोकस किया जा रहा है। वहीं, स्कूली स्तर पर भी एआई पढ़ाया जा रहा है। हर विषय और पाठ्यक्रम को एआई से इंटीग्रेट कर दिया गया है। हालांकि, इसमें एक बड़ी चुनौती यह थी कि एआई पढ़ाने वाले शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, अब लाखों शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
 

02:54 PM, 18-Apr-2025

छात्रों की जरूरतों और करिकुलम में संशोधनों पर चर्चा की गई: प्रो. राजीव

उन्होंने कहा एनईपी लागू होने के बाद से ही हमने तकनीकी शिक्षा की जरूरतों को समझा। इसके लिए आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी जैसे संस्थानों की कमेटी बनाकर छात्रों की जरूरतों और करिकुलम में संशोधनों पर चर्चा की गई। इसका नतीजा यह हुआ कि आज छात्र उच्च कोटि की तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
 
 

02:43 PM, 18-Apr-2025

एआई एक बड़े चैलेंज के तौर पर भी है, और अवसर के तौर पर भी है?

प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि भारत ने चीन से भी पहले अपनी स्कूली शिक्षा में उनको एआई पढ़ाया जाता है। एआई पढ़ना स्कूल में इनोवेशन सिखाना, एआई का प्रयोग करते हुए वो किस तरह से इनोवेशन करते हैं। जहां तक उच्च शिक्षा का सवाल है, कोई ऐसा करिकुलम नहीं है, कोई ऐसा विषय नहीं जिसको एआई से इंटीग्रेट न किया गया हो।

प्रो. राजीव कुमार ने एआई पर बात करते हुए कहा कि सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि एआई इंटीग्रेट तो कर दिया, लेकिन उसे पढ़ाएगा कौन...? टीचर्स की ट्रेनिंग कैसे होगी? इसी चैलेंज को समझते हुए टीचर्स को ट्रेंड किया गया। पिछले चार वर्षों में करीब 4.50 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है, जो इमर्जिंग एरियाज़ में बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

02:14 PM, 18-Apr-2025

'आज की तारीख में जो करिकुलम देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में चल रहा है वो विश्व का अति उत्तम  करिकुलम है'

तकनीकी शिक्षा के नए आयाम सत्र में एआईसीटीई के सचिव प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि देश में करीबन तीन हजार इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) इन कॉलेजों को रेगुलेट करता है। जब से नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 लागू हुई है। उससे पहले से ही एआईसीटीई ने अपने इंजीनियरों को क्योंकि इंडस्ट्रीज का हमेशा एक आरोप रहा है कि मोस्ट ऑफ दा इंजीनियर्स दे आर नोट एम्प्लॉयमेंट। हमने इस चीज को समझा। इंडस्ट्रीज को अपने साथ बैठाया। देश के आईआईटी, एनआईटी और आईआईसी जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को बुलाकर एक कमेटी बनाई। जिसने ये समझा की हमारी तकनीक क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों की आवश्यकताएं क्या है? 
किस तरीके से उनको करिकुलम को रिवाइज किया जा सकता है। आज की तारीख में जो करिकुलम देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में चल रहा है वो विश्व का अति उत्तम  करिकुलम है। इसमें स्किल्स, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, एआई, एमएल रोबोटिक्स और जितनी भी नई-नई तकनीक थी, उनका समावेश किया गया है। इसको समावेश करने के बाद ये करिकुलम देश के सभी संस्थानों में चल रहा है। आज इसका परिणाम ये हुआ कि हमारा एम्प्लॉयमेंट रेट काफी बढ़ा है। देश के संस्थानों से 60 फीसदी छात्र कैंपस प्लेसमेंट से प्लेसमेंट पा रहे हैं। 

02:10 PM, 18-Apr-2025

'आप दो से तीन महीने के समय में एआई सीख सकते हैं'

एआई पर बोलते हुए विज ने कहा कि यह डर सही है कि एआई आपकी जॉब ले लेगा। अगर आप अपने आपको एआई के लिए प्रशिक्षित नहीं करें तो आपके बिजनेस में भी दिक्कत आएगी। आपकी जॉब में भी दिक्कत आ जाएगी। आप सबको यह जानना है कि आप एआई का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। आप एआई से बड़ी से बड़ी कंपनी बना सकते हैं। आप दो से तीन महीने के समय में एआई सीख सकते हैं। भारत की बात करें तो हमें इस तकनीक पर बहुत काम करना पड़ेगा। नहीं तो हमें पेट्रोल की तरह एलएलएम के लिए भी भुगतान करना पड़ेगा। बायजू प्रकरण पर विज ने कहा कि नजर हटी दुर्घटना घटी। कैश फ्लो से नजर हटी दुर्घटना घटी। कॉरपोरेट गवर्नेंस से नजर हटी दुर्घटना घटी।

02:07 PM, 18-Apr-2025

'हर क्लास में शरारती बच्चा होता है'

शेयर बाजार में जारी गेनसोल (ब्लूस्मार्ट) प्रकरण पर विज ने कहा कि हर क्लास में शरारती बच्चा होता है। हर ग्रुप में एक ऐसी एंटटी होती है, जहां पर आपको बैड एक्टर्स मिल जाते हैं। यह मामला कुछ ऐसा ही है।

02:06 PM, 18-Apr-2025

'उद्यमियों में छोटे बाजार से बड़ा बाजार ढूंढने का जज्बा होना चाहिए'

उन्होंने कहा कि जब कोई नया बिजनेस शुरू करता है तो शुरुआत में आइडिया कुछ और होता है और आगे चलकर वह पहुंचता कहीं और है। यहां इमानदारी के अलावा एक और फीचर है वह है उसमें सुनने की क्षमता होनी चाहिए। उन्हें एब्जॉर्ब करनी चाहिए। उद्यमियों को अपने अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। असफलता के बाद उद्यमी को उससे निकलने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे ही लोग सफल होते हैं जो सुनते हैं, एब्जॉर्ब करते हैं और प्रयोग करते हैं। उद्यमियों में छोटे बाजार से बड़ा बाजार ढूंढने का जज्बा होना चाहिए। उद्यमियों को व्यापार में अपना दृष्टिकोण बदलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे करियर में कुछ फैसले सही भी रहे और कुछ सही नहीं भी रहे।

02:00 PM, 18-Apr-2025

'मोदी जी और गोयल जी हमारे मेंटर हैं'

देश के वाणिज्य मंत्री के बयान के बाद शुरू हुए विवाद पर विज ने कहा कि मोदी जी और गोयल जी हमारे मेंटर हैं। उनकी स्पीच में उन्होंने जो कहा उन्हें एनकरेज मानना चाहिए। उनकी स्पीच के अंदर कहीं न कहीं एक उत्साहवर्धन छिपी हुई है। शायद वे कह रहे हैं कि हमें और तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। हमारे स्टार्टअप भी एक इवेलुएशन के दौर से गुजर रहे हैं। हम चीन की गति से नहीं बढ़ रहे हैं, लेकिन हम चीन से प्रेरणा ले सकते हैं। काम यहां पर भी बहुत हो रहा है। पीयूष जी की बात उत्साह बढ़ाने वाला है। हमें हर चीज पर काम करना होगा। काम हो भी रहा है। हमारी सरकार को रिसर्च पर फोकस करना चाहिए।

01:55 PM, 18-Apr-2025
मनीष विज - फोटो : अमर उजाला

कमल तो कीचड़ में ही खिलता है: मनीष

मनीष विज ने कहा कि यह सही बात है कि भारत में बहुत चुनौतियां है। लेकिन कमल तो कीचड़ में ही खिलता है और एक्सप्रेस वे का रास्ता सिर्फ सर्विस रोड से ही निकलता है। पिछले नौ वर्षों में कम से कम 130 अरब डॉलर का निवेश हुआ है। आज उनकी मार्केट वैल्यू 400 अरब डॉलर है। जल्द ही यह एक ट्रिलियन डॉलर होगा। जरूरी नहीं है कि सब आईआईटी या आईआईएम से निकले हैं। ये उद्यमी छोटी शुरुआत कर इस स्तर पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बीच ही अवसर है। उन्होंने कहा कि पैसे हैं सपने देखने वाला आदमी चाहिए। शुरुआत हर चीज की छोटे से कमरे से होती है। सपने बड़े होने चाहिए। 

01:46 PM, 18-Apr-2025

मनीष विज ने की स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर बात

स्टार्टअप... टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के सत्र में स्माइल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मनीष विज पहुंचे। मनीष विज एक उद्यमी नहीं एक पूरा इकोसिस्टम हैं। वे डिजिटल स्पेस में नए समय के स्टार्टअप क्रिएट करते रहे हैं। जूपी सिटी मॉल जैसी कंपनियों में उनका निवेश है। उन्होंने अमर उजाला के मंच पर स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर बात की।
उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा के बाद यहां से एक सफल उद्यम निकले यह मेरी इच्छा है। उन्होंने कहा कि असफलता के समय सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि आप अपने आपको कैसे मोटिवेट करते हैं। इसमें सबसे अधिक जरूरी है कि आप ऐसे लोगों के बीच रहें जो आपको रे ऑफ होप देता रहे। सबसे जरूरी है आपका माइंडसेट। इस दुनिया में जीवन का सफर सिर्फ माइंडसेट से जीता जा सकता है।

01:41 PM, 18-Apr-2025

'मौके भी हजार हैं और फीडबैक भी आपको हजार मिल जाते हैं'

स्नेहल दीक्षित ने कहा कि कॉन्टेंट तय करना तो बहुत मुश्किल है और इंस्टाग्राम और यूट्यूब की खूबी है ये है कि आपको दो मिनट में पता चल जाता है कि ये चल रहा है कि नहीं। मौके भी हजार हैं और फीडबैक भी आपको हजार मिल जाते हैं। 

01:30 PM, 18-Apr-2025

Snehiil Dixit Mehra in Samwad: आप एक मां भी हैं घर भी संभालना है और कंटेंट भी क्रिएट करना है कैसे बैलेंस करती हैं?

उन्होंने कहा कि मैं टाइम मैनेजमेंट का बहुत ख्याल रखती हूं। पहले से एक कैलेंडर बनाकर रखती हूं। खुद को डेडलाइन देती हूं। आज मैं लखनऊ में हूं और आज मैं कोई दूसरा काम नहीं करने वाली हूं। आज मैं पूरी तरह से यहां हूं। यही गुरू मंत्र है कि जो काम कर रहे हैं, उस वक्त पूरा मन लगाकर वो करें। मैं जिस पर जो कर रही हूं, उसी में स्पेशलाइज्ड हूं उस चीज में जो मैं उस पल में जो मैं कर रही हूं। टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। दूसरा घरवालों का बहुत सपोर्ट है। मेरे पति और मेरा बेटा कॉन्टेंट में आइडिया देते हैं। मेरे करीबी मित्र जैनम बोहरा मेरे साथ यहां भी आएं हैं, वो मेरा पूरा सोशल मीडिया हैंडल करते हैं। दोस्त, फैमिली, जब आप कुछ अचीव करने लग जाते हैं तो सब आपको सपोर्ट करने लग जाते हैं। 

01:26 PM, 18-Apr-2025

Snehiil Dixit Mehra: संवाद में स्नेहिल से पूछा गया, 'आप जर्नलिस्ट बनना चाहती थीं। अब आप राइटर हैं, क्रिएटिव राइटर हैं, एक्टर भी हैं। कैसे शुरू हुआ?'

एक्टर और कॉटेंट क्रिइएटर स्नेहल दीक्षित ने कहाकि अमूमन जैसा कि होता है जो आप बनना चाहते हैं, वैसा बन नहीं पाते। हमें भी घरवालों ने मना कर दिया और इंजीनियर बना दिया। नेचुरल जो प्रोग्रेसन था सिनेमा से जुड़ जाओ। मैंने इंडस्ट्री में 18 साल काम किया और अलग-अलग विषयों पर लिखा। टेलीविजन राइटिंग में मेरी बहुत अच्छी पकड़ बन गई थी। मुझे पता चला मैं बहुत अच्छी स्टोरीटेलिंग हूं। अपहरण सीरीज में मैं क्रिएटिव डायरेक्टर थी। वहां एक लाइन थी, 'एजी, गाली दे रहा है कोई'। वह मैंने बोली। मैंने उस मौके को हाथ से नहीं निकलने दिया। अपहरण की वजह से कैमरे के सामने आई। ऊपर वाले की कृपा रही कि ऐसा हुआ। इंटरनेट की जनता ने नाम दिया 'बीसी आंटी'। यह श्रेय उन दर्शकों को जाता है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर मुझे देखा और सराहा। और आज इतने बड़े मंच पर मैं यहां बैठी हूं'।

01:25 PM, 18-Apr-2025

Keshav Prasad Maurya: 'जनता हमारे काम का समर्थन कर रही है'

उन्होंने कहा कि हमने सपा को उपचुनाव में भी सपा को हराया है और अब 2027 की जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं। जनता हमारे काम का समर्थन कर रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राणा सांगा विवाद पर कहा कि किसी भी महापुरुष पर बयान नहीं देना चाहिए। सपा सांसद रामजी लाल सुमन को अपना बयान वापस लेना चाहिए। मैं ऐसी अपेक्षा करता हूं। डिप्टी सीएम केशव ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून को लेकर तुष्टिकरण करने वाले सपा-कांग्रेस परेशान हैं। इन लोगों ने कभी मुसलमानों का भला नहीं किया। ये कानून गरीब मुसलमानों के पक्ष में है।

01:19 PM, 18-Apr-2025

Keshav Prasad Maurya in Samwad: 2027 में पीडीए का मुकाबला कैसे करेंगे?

इस सवाल पर मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को जो सियासत मिली है वो विरासत में मिली है। उनको संघर्ष के कारण नहीं मिली। उनको जमीनी हकीकत का कुछ अता-पता नहीं है। वो हर समय अहंकार के आकाश में रहते हैं। उनको लगता है कि उनके इशारे पर उत्तर प्रदेश चलना चाहिए। मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटे हुए आठ साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन उनको अभी भी लगता है कि वो मुख्यमंत्री हैं, वो फर्जी पीडीए की बात करते हैं। पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक की बात करते हैं। 

01:19 PM, 18-Apr-2025

KP Maurya in Samwad Lucknow: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर बात करें तो अपराध की घटना बढ़ती जा रही है। 

कोई भी आपराधिक घटना घटती है तो वो दुखद है। हमारी कोशिश होती है कि अपराध न हो लेकिन अगर हो जाता है तो हमारी कोशिश होती है कि हम अपराधी को ऐसी सजा दें कि वह एक नजीर बन जाए। मैं अपराधियों को बता देना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में अपराध किया तो भूल जाइए कि आपको सत्ता का संरक्षण मिलेगा।

01:16 PM, 18-Apr-2025

मौर्य ने आगे कहा कि अब 2027 में विधानसभा चुनाव आ रहे हैं, मैं अमर उजाला के संवाद मंच से कह सकता हूं कि 2027 में हम फिर से 300 पार सीटें जीतेंगे। 2027 में हम 2017 को दोहराएंगे। फिर से सरकार बनाएंगे। मुझे कोई कन्फ्यूजन नहीं है। 2024 में चूक हुई है। हम लोगों को विश्वास था कि हम ज्यादा सीटें जीतेंगे। लेकिन परिणाम विपरित आया। 

01:07 PM, 18-Apr-2025

यूपी में लोकसभा चुनाव में भाजपा की इतनी स्थिति खराब कैसे हो गई?

इस सवाल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देखिए आज आप नोट कर लीजिए। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी जब लोकसभा चुनाव होंगे तो 60 से 80 सीट के बीच में हमेशा जीतेगी, जब विधानसभा चुनाव होंगे तो 300 से पार ही रहेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में मैंं एक एक्सीडेंट मानता हूं क्योंकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने मिलकर बहुत दुष्प्रचार किया। फर्जी पीडीए की बात की, संविधान खत्म करने की बात की, आरक्षण खत्म करने की बात की। इस प्रकार के बहुत दुष्प्रचार किए। हमारे युवा, हमारे गरीब, हमारे पिछड़ी जाति के लोग, हमारे अनुसूचित जाति के लोग उनके दुष्प्रचार से गुमराह हो गए। जिसके कारण से हमारी सीटों की संख्या घटी। इसका हमने बहुत अच्छे तरीके से अध्यन किया। अध्यन करने बाद इस निष्कर्ष पर हैं कि जो गलती है भविष्य में नहीं होगी। 

01:05 PM, 18-Apr-2025

आपका नाम भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नाम चलता रहता है मीडिया में

इस सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मीडिया में जो चलता रहता है वो भाजपा में होता नहीं है। जो भाजपा में होता है वो मीडिया में होता नहीं। 

12:53 PM, 18-Apr-2025

ना अभी तक यूपी के अध्यक्ष और ना ही केंद्र के अध्यक्ष का फैसला हुआ, इतनी देर क्यों लग रही है?

इस सवाल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये हमारी पार्टी परिवारवादी पार्टी नहीं है कि पांच लोगों की पार्टी है, पांच लोग मिलकर तय कर देंगे कि कौन अध्य्क्ष रहेगा, यह प्रक्रिया है, पूरी हो रही है। मुझे लगता है सही समय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भी मिलेंगे और यूपी के अध्यक्ष भी मिलेंगे। 

सवाल- लेकिन जब पहले जल्दी फैसले हो जाते थे, जब पार्टी परिवारवादी थी क्या?
पहले जल्दी हो जाते थे, या देर में होते थे, ये तो एक प्रक्रिया है। आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के 70 फीसदी भू-भाग पर भाजपा और एनडीए का शासन है और हमारी पार्टी देश का कोई ऐसा राज्य नहीं जिस राज्य में नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 50 प्रतिशत राज्यों के चुनाव के बाद संविधान के अनुसार होते हैं। वह प्रक्रिया पूरी हो रही है। मुझे लगता है कि कार्यकर्ताओं और आप सभी का ये सवाल जल्द खत्म होने वाला है। 

12:46 PM, 18-Apr-2025

जब आप उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने तो आपको कैसा अनुभव है?

बदलता प्रदेश... बदलता उत्तर प्रदेश सत्र में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चर्चा के दौरान कहा कि जब मुझे पार्टी ने इस पद के लिए योग्य समझा, तो आप की तरह मैं भी चौंका था, कि मुझे उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी देगा और वह जिम्मेदारी मिली तो मैंने अपनी पूरी क्षमता के साथ इस पर काम किया। इसके बाद जनता जर्नादन की कृपा हुई, 325 सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी का 14 वर्ष का यूपी में वनवास खत्म हुआ और समाजवादी पार्टी के कुशासन से मुक्ति मिल गई। 

जब आप अध्यक्ष बने तो 40 सीटें थे, आपके सामने चुनौती बड़ी थी
माननीय मोदी जी को देश प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता था। उत्तर प्रदेश ने फिर इसके लिए रिकॉर्ड 73 सांसद दिए थे।
 

12:35 PM, 18-Apr-2025

harshvardhan Verma: मंदिर पूरा होने की कगार पर है- हर्षवर्धन वर्मा

कॉन्टेंट क्रिएटर हर्षवर्धन वर्मा ने कहा कि अयोध्या में महौल इस बहुत अच्छा है। मंदिर पूरा होने की कगार पर है। दूसरी प्राण प्रतिष्ठा का हम इंतजार है। जब हमारे रामलला अब राजाराम होकर विराजमान होंगे। उन्होंने कहा कि 2020 से पहले जब मंदिर बनने की शुरुआत नहीं हुई थी, उसे विवाद के रूप में देखा जाता था। सब लोग वाराणसी जाना है, केदारनाथ जाना है, लेकिन अयोध्या कोई आना नहीं चाहता था। अयोध्या नाम लोग विवाद की तरह लेते थे लेकिन अयोध्या हमारे लिए आस्था है। 

12:34 PM, 18-Apr-2025

'भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है'

अखिलेश यादव ने राणा सांगा विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि ऐसा इतिहास जो लोगों के बीच विवाद पैदा करे उसका जिक्र नहीं करना चाहिए। वहीं, सपा नेता अबू आजमी के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि मुझे ये नहीं पता कि उन्होंने किस संदर्भ में ये बात कही है। हमें इतिहास को लेकर विवाद नहीं करना चाहिए। सपा में परिवारवाद के आरोप पर उन्होंने कहा कि सभी को अपनी योग्यता साबित करनी पड़ती है। परिवारवाद तो भाजपा में भी है। कई ऐसे नेता हैं जो भाजपा में काम कर रहे हैं। जो अपनी योग्यता साबित करेगा वो आगे जाएगा। उन्होंने कहा कि हम लोग संविधान से चलने वाले लोग हैं। भाजपा जाति के आधार पर भेदभाव करती है। हम संविधान के लिए लड़ रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी, वो जातिवादी लोग हैं। 

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'मैं इसलिए इस गमछे को पहनकर आया, क्योंकि मैं जगन्नाथ पुरी गया था। मुझे जानकारी मिली कि वहां अभी तक योगी जी गए ही नहीं हैं। मैं गमछा इसलिए पहना हूं, ताकि मैं उन्हें (सीएम योगी) ये बात याद दिला सकूं। वो गए नहीं तो इसका मतलब मैं ये कहूं कि वो हिंदू नहीं हैं, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता। अगर मैं भाजपा का होता तो कहता कि वो हिंदू ही नहीं हैं, वे खराब हिंदू हैं।' अखिलेश यादव ने कहा, 'जो सच्चा हिंदू है वह स्वामी विवेकानंद जी को मानता है। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस और टॉलरेंस हमें ज्यादा धर्म सिखाता है। उन्होंने शिकागो में भाषण दिया कि हम उसे देश आते हैं, जो देश और जिस देश का धर्म हमें सब को स्वीकार करना सिखाता है। यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस और टॉलरेंस हमारा धर्म सिखाता। बताइए विवेकानंद जी की कितनी बात मानते हैं, केवल वस्त्र पहन लेते हैं और बोलते हैं हम हो गए विवेकानंद। वस्त्र से कोई योगी नहीं हो सकता है, बल्कि विचार से योगी हो सकता है' अखिलेश ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में जीरो पावर्टी हो गई जीरो पावर्टी हो गई। कहते हैं न्याय को लेकर जीरो टॉलरेंस है और आप किसी के भी साथ अन्याय कर दे रहे हो। आप किसी पर झूठे मुकदमे लगा रहे हो, किसी को भी जेल भेज रहे हो और किसी का भी एनकाउंटर कर रहे।

'राजनीतिक लोगों को झूंठा फंसाया जा रहा'
अखिलेश ने कहा, 'दुनिया के 100 इन्फ्लुएंसर की सूची आई है। इस सूची में भारत का कोई इन्फ्लुएंसर नहीं है, वो इसलिए नहीं क्योंकि दुनिया जान रही है कि यहां की डेमोक्रेसी खतरे में है। नकारात्मक काम हो रहे हैं यहां पर, बुल्डोजर चल रहे हैं यहां पर, यहां पॉलिटिकल लोगों को झूंठा फंसाया जा रहा है। दुनिया देख रही है कि फ्रीडम ऑफ प्रेस में हम कहां खड़े हैं, इक्वलिटी ऑफ इंडेक्स में हम कहां खड़े हैं, भूखमरी के इंडेक्स में हम कहां खड़े हैं, हमारा रुपया दूसरे की तुलना में कहां है ये तमाम मानक हैं। भाजपा के काम करने के तरीके की वजह से हम लोग दुनिया में कहीं दिखाई नहीं दे रहे।'

'अल्पसंख्यकों पर हमला हो रहा'
अखिलेश यादव ने आगे कहा, 'अल्पसंख्यकों पर हमला हो रहा है, जैन समाज पर हमला कर दिया। जैन समाज शांतिपूर्ण ढंग से रह रहा था, अब उनकी जमीनों पर भी कब्जा शुरू कर दिया। ये पता नहीं क्या है भाजपा के अंदर की वे अगर जमीन देख लें तो बस कब्जा कर लेंगे। ये भारतीय जनता पार्टी नहीं है, ये भारतीय जमीनी पार्टी है। ये जमीन देखकर कब्जा करने वाली पार्टी है।'

12:21 PM, 18-Apr-2025

'21 महीने में 323 किलोमीटर का सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे बनाकर दिखाया'

अखिलेश यादव ने कहा कि जिस समय समाजवादी पार्टी की सरकार में एक्सप्रेस-वे बन रहा था आगरा से लखनऊ वाला। उस समय इंडियन रोड कांग्रेस के मानक नहीं आए थे। जो इंडिया रोड कांग्रेस के मानक हैं, उसके तहत एक्सप्रेसवे बनने चाहिए। उस समय एक्सप्रेस-वे नहीं आया था। उस समय समाजवादी पार्टी ने रिकॉर्ड टाइम में नेताजी की वजह से 21 महीने में 323 किलोमीटर का सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे बनाकर दिखाया। मैं एयरफोर्स का धन्यवाद देना चाहता हूं, एयरफोर्स ने उत्तर प्रदेश की सरकार के साथ मिलकर काम किया। देश का वो पहला एक्सप्रेस-वे बना, जो इमरजेंसी में कोई भी बड़े से बड़ा एयरक्राफ्ट उतार सकते हैं। जिस दिन उद्घाटन हुआ था, उस दिन सुखोई ने, मिराज ने टच डाउन किया। बाद में हरक्यूलिस विमान उतरा।

12:04 PM, 18-Apr-2025

2012 से 2017 के कार्यकाल में सबसे बड़ी उपलब्धि थी आपको क्या लगती है, उस वक्त की दूसरी सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आपका धन्यवाद, जो आपने 2012 से 2017 की उपलब्धियों के बारे में पूछ लिया, एकवादी लोगों का मैंने भाषण सुना था। वो अभी भी गुम है, किस दुनिया में पता ही नहीं है। किस दुनिया में चले जाते हैं, ये भी नहीं पता लगता कई बार। एक बार मैंने एक बहुत प्रतिष्ठित अखबार में पूरा विज्ञापन था। उस विज्ञापन में लिखा था कि उत्तर प्रदेश में 17 एक्सप्रेस-वे बने हैं, या बन रहे हैं। मैंने वहीं से बात निकालकर ट्विट किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने वो बात कही और उसके बाद में देखा जब मैं एयरपोर्ट से आ रहा था, तो एकर्डिंग लगी थी, उस होर्डिंग में लिखा था 7 एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। छह प्रस्तावित हैं। मैंने तभी सोचा कि ये सपने में बना रहे थे। अगर प्रतिष्ठित अखबार में 17 एक्सप्रेसवे की बात कही जाए और होर्डिंग लगानी पड़ जाए  सात और छह की। हमारे मुख्यमंत्री जी समझते नहीं है कि एक्सप्रेस-वे क्या है? वो चार लाइन सड़क को भी एक्सप्रेस वे समझते हैं। कोई सड़क बन जाए उसे एक्सप्रेस-वे मान लेते हैं।

11:49 AM, 18-Apr-2025

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि कभी-कभी वो कन्फ्यूज हो जाते हैं, सैनिक स्कूल और में और मिलिट्री स्कूल में। मुझे नेताजी ने मिलिट्री स्कूल में पढ़ने का मौका दिया। मिलिट्री स्कूल की वजह से आज हम राजनीति में सफल हैं। दूसरा, हमें समाजवादी विचारधारा जो नेताजी ने दी, डॉ. भीमराव आंबेडकर जी का जो संविधान है, उसके जो प्रेमबल में चीजें लिखीं हैं। कि जो हमारा "वी दा पीपुल" और हमें देश कैसा बनाना है। जो हमारा देश कैसा बने। सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, कंट्री हो। जो हमारे प्रेमबल में है समाजवादी, उस विचारधारा को लेकर चल रहे हैं। जो हमारे और आपके सामने चुनौतियां हैं। वो चुनौतियां कि हम किस तरीके से समाजिक न्याय की राज्य की स्थापना करें । 

11:45 AM, 18-Apr-2025
Akhilesh Yadav - फोटो : अमर उजाला

अखिलेश यादव ने कहा कि फौज हमारे देश की वो फौज है, जो कठिन परिस्थितों में हमारे देश की रक्षा कर रही है। एक एक फौजी यहां जानता होगा कि नेताजी के समय में वो फैसला लिया गया था कि अगर किसी भी सीमा पर फौजी शहीद होगा तो उसे घर परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार निभाएगी। जिस समय ये फैसला लिया जा रहा था, सरकार कह रही थी कि बजट कम है, बजट पर्याप्त नहीं है, हम कितने लोगों को घर पहुंचाएंगे तो नेताजी ने उसी समय कहा था कि अगर फौजी हमारे देश की रक्षा करता है। उसको सम्मान के लिए घर पहुंचाने के लिए कितना भी बजट खर्च होगा, सरकार खर्च करेगी। नेताजी का यह फैसला आज भी है। नेताजी का बहुत इमोशनल रिश्ता फौज से जुड़ा है।

11:40 AM, 18-Apr-2025
Akhilesh Yadav - फोटो : अमर उजाला

'हम लोग तो संवादी लोग हैं, दूसरी तरफ एकवादी लोग हैं'

अखिलेश यादव ने कहा कि हम लोग तो संवादी लोग हैं, दूसरी तरफ एकवादी लोग हैं। हम सब लोग संविधान से चलना चाहते हैं, कुछ लोग मन विधान से चलाना चाहते हैं। नेताजी हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने विरासत में जो हम लोगों को समाजवाद दिया है और समाजवादी आंदोलन दिया है। हम सभी समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि हम लोगों की अगले कई वर्षोंं तक उस आंदोलन को ले जाने की जिम्मेदारी है। 

11:31 AM, 18-Apr-2025

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संवाद के मंच पर अमर उजाला के पूरे परिवार का बहुत धन्यवाद और आभार प्रकट किया। जैसा कि आपने बताया कि आज, स्थापना दिवस है आपका। मुझे खुशी है इस बात की आप लखनऊ में हैं। अमर उजाला, सबसे पहले उन्होंने मुझे बच्चों के कार्यक्रम में बुलाया था। टॉपर्स को सम्मान करने के लिए मुझे बुलाया था। मैं आपके इस संवाद के कार्यक्रम के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और बधाई देना चाहता है। 

11:22 AM, 18-Apr-2025

पूर्व सेना प्रमुख ने किया नेशनल ओलंपियाड के दस विजेताओं का सम्मान

संवाद के मंच पर पूर्व सेना प्रमुख मनोज पांडे ने नेशनल ओलंपियाड के दस विजेताओं का सम्मान किया। अमर उजाला की ओर से नेशनल ओलंपियाड का आयोजन किया गया था। इसमें लाखों छात्रों ने प्रतिभाग किया। इनमें से 38 छात्र विजेता बने थे। संवाद के मंच पर विजेता राघव, अंश चौधरी, अंश रंजन सिंह, दर्शन सिंह बिष्ट, वंश बिष्ट, अद्विक, आर्यन कुमार, चिराग नेगी, माधव धीमान, स्नेहा जोशी और अनिशु गुप्ता का सम्मान किया गया।
 

11:10 AM, 18-Apr-2025

अग्निवीर योजना पर आपका क्या कहना है?

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि सबसे पहले तो मैं बताना चाहूंगा कि जब हम किसी भी कार्य क्षेत्र में बदलाव लाना चाहते हैं तो उसको लेकर सवाल होते हैं। लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया अब इसकी आशंकाओं का समय निकल गया है। मैं एक मुद्दे पर खास ध्यान देना चाहूंगा, अग्निवीर जब चार वर्ष के कार्यकाल के बाद सेना से बाहर आएंगे तो सेना के मूल्य उनके साथ होंगे। इन युवाओं के साथ एक अच्छा व्यवहार लेकर निकलेगा। जब चार साल में यह युवा बाहर निकलेगा तो उसके पास काफी धनराशि रहेगी जिससे वह अपना उद्योग शुरू कर सकता है। उसके साथ ही उसके पास स्किल रहेगी उससे वो बहुत कुछ कर सकता है। इसके साथ ही मैं राज्य सरकारों से अनुरोध करूंगा कि वो इनके स्किल का प्रयोग करें।

11:02 AM, 18-Apr-2025

Manoj Pande: आपका फौज की तरफ झुकाव कैसे हुआ, इंजीनियरिंग से कैसे यहां आना हुआ?

धन्यवाद, आपने जो निमंत्रण दिया यहां आने के लिए उसके लिए। आपके प्रश्न के दो भाग हैं। मैं एक गैर सैनिक पृष्ठभूमि से आता हूं, मेरे परिवार में कोई फौज में नहीं था। जब मैं स्कूल में था तो वो स्कूल एयरफोर्स स्टेशन में था, मैं वहां का अनुशासन देखकर उससे प्रेरित होकर मैंने सेना में आने का निर्णय लिया। इंजीनियरिंग से सेना में आने पर मैं कहना चाहता हूं कि यह बताता है कि सेना में सबके लिए है। सेना सभी विभागों को समान अवसर प्रदान करता है। एक तरीके से मैं मानता हूं यहां पर आपकी प्रतिभा ही सबकुछ है।

10:57 AM, 18-Apr-2025

Who is Manoj Pande: 'ये सेना को हमेशा प्रेरित करता रहेगा'

पूर्व सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा कि 'आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सशस्त्र बल देश के विकास में योगदान देते रहेंगे। भारतीय सेना ने देश के नागरिकों के दिल में एक विशेष स्थान बनाया है। देशवासियों द्वारा सेना पर जताया गया भरोसा सशस्त्र बलों के विश्वास को और मजबूत बनाता है। ये सेना को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।'

उन्होंने यह भी कहा कि सेना में कार्यरत सैनिकों में 14 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से हैं। सेना की 12 फीसदी संख्या उत्तर प्रदेश में तैनात है। 3.06 लाख सेवानिवृत्त सैनिक और उनके परिवार उत्तर प्रदेश में निवासरत है। दो वर्ष के बाद हर साल सेना से औसतन पांच से छह हजार अग्निवीर जो उत्तर प्रदेश के डोमेसाइल हैं, चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर समाज से जुड़ेंगे।

जनरल मनोज पांडे ने कहा कि 'मेरे परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि नहीं है, लेकिन स्कूल के माहौल से मैं सेना में जाने के लिए प्रेरित हुआ। सेना में सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं। सेना में मेरिट के आधार पर तरक्की मिलती है।'

10:53 AM, 18-Apr-2025

Former Army Chief Manoj Pande: 'युवा देश के विकास के ध्वजवाहक'

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि 'सेना एक विशाल परिवार है, जो सेवा के बाद भी उतने ही प्रभावी होते हैं। युवाओं के लिए मेरा संदेश होगा कि कार्यक्षेत्र में लीडरशिप रोल निभाने के लिए तैयार करें। इसके लिए कैरेक्टर, कंपटीशन, कंडक्ट पर ध्यान दें। कोई भी राष्ट्र युवाओं की आस्था और बलिदान के बिना तरक्की नहीं कर सकता। युवा ही देश के विकास के ध्वज वाहक होते हैं। बड़े सपने देखें और नए अवसरों की तलाश करें। आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें और देश के अच्छे नागरिक बनें। सेना भी राष्ट्रीय प्रयासों को आगे बढ़ाने और समर्थन देने की अच्छी स्थिति में हैं। आज सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। लोगों का सशक्तिकरण सेना का उद्देश्य है। डिफेंस डिप्लोमैसी के माध्यम से मित्र देशों के साथ अपने संबंधों को मजूबत करने, संयुक्त सैन्याभ्यास और यूएन पीस कार्यक्रमों में सेना के प्रयास केंद्रित हैं।'

 

10:49 AM, 18-Apr-2025
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे - फोटो : अमर उजाला

'आज युद्ध का स्वरूप बदला'

जनरल मनोज पांडे ने कहा कि 'साल 2047 तक हमने विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है तो सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है ताकि विकास की यात्रा प्रभावित न हो। पिछले कुछ दशकों में युद्ध के चरित्र और प्रकृति में बड़ा बदलाव आया है। तकनीक के आने से युद्ध का स्वरूप बदला है। पारंपरिक युद्ध को हाइब्रिड युद्ध से बदला जा रहा है। साइबर स्पेस डोमेन का महत्व भी बढ़ा है। हमारी सुरक्षा और रक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना अपरिहार्य जरूरत के रूप में उभरा है। एकेडमिक, रिसर्च, रक्षा उद्योगों का विकास और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बेहद अहम है। इससे हमारी रक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार की नीतियों से भी सुरक्षा बलों को फायदा मिला है। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। ड्रोन्स और सैटेलाइस के निर्माण के लिए भी निवेश की दिशा में काम जारी है।'

10:48 AM, 18-Apr-2025
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे - फोटो : अमर उजाला

विकसित भारत की यात्रा में सशस्त्र बलों की भूमिका और योगदान सत्र में सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने कहा कि आज मैं एक ऐसे विषय पर अपने विचार रखूंगा, जो भारत के भविष्य की दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह विषय विकसित भारत की यात्रा में सशस्त्र बलों की भूमिका और योगदान है। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं तो हम एक ऐसे भारत की कल्पना करते हैं, जो संगठित हो, स्थिर हो, समृद्ध हो, सुरक्षित हो और आत्मनिर्भर हो और हर नागरिक या देशवासी जो सम्मान, न्याय और अवसर देता हो। इस लक्ष्य को हासिल करने में मैं मानता हूं सशस्त्र बल एक मजबूत स्तंभ और आधारशिला है। 

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि आप सब जानते हैं हमारा आज कई क्षेत्रों में अच्छी प्रगति कर रहा है। विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। हमारा आर्थिक विकास मजबूत हो रहा है और हम बेहतर कंज्यूमर इन्फ्लुएंस और अच्छे जीवन स्तर, उच्च साक्षरता और देश वासियों की बढ़ती आकांक्षाओं के साक्षी हैं। आज हम विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में खड़े हैं। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हम अपने आइडिया के कारण एक नई क्रांति के साक्षी हैं। इसमें एक मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमी कंडेक्टर और स्पेस की उपलब्धियां शामिल हैं। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के बढ़ते कद को भी देखते रहे हैं। वैश्विव समस्याओं के समाधान में हम पहल करते रहे हैं।

10:36 AM, 18-Apr-2025

आज ही के दिन अमर उजाला की यात्रा शुरू हुई: वरुण माहेश्वरी

अमर उजाला समूह के निदेशक वरुण माहेश्वरी  ने कहा कि माननीय मनोज पांडे जी, भारत की यशस्वी सेना के यशस्वी पूर्व अध्यक्ष। सभागार में उपस्थित सभी सम्माननीय जन, अतिथिगण और प्रिय साथियों। नमस्कार, आज का दिन हमारे लिए गर्व और आत्मचिंतन का अवसर है, आज ही के दिन अमर उजाला की यात्रा 18 अप्रैल 1948 को आगरा से शुरू हुई। जब मुरारी लाल जी माहेश्वरी और डोरी लाल जी अग्रवाल ने एक सपने को साकार करने की ठानी। ये सपना सिर्फ अखबार छापने का नहीं था बल्कि एक ऐसे राष्ट्र की कल्पना का था जो सशक्त हो, जागरूक हो और विचारशील हो। उनकी इसी दूरदृष्टि और संपादकीय कौशल की बुनियाद पर अमर उजाला खड़ा हुआ और आज 77 वर्ष पूरे कर हम स्वर्णिम शताब्दी की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ा रहे हैं। 

सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर अमर उजाला ने बीते आठ दशक में न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत में पाठकों के दिलों तक पहुंच बनाई। वहीं अमर उजाला डॉट कॉम के माध्यम से हम ये पहुंच पूरे विश्व में हर हिंदीभाषी तक ले जाने में सक्षम हैं। बीते 77 वर्षों में अमर उजाला न केवल समाचार देने वाला माध्यम रहा बल्कि प्रदेश और देश को जोड़ने वाला, उन्हें जागरूक करने वाला और उनकी लोकतांत्रिक सोच को मजबूती देने वाला एक सशक्त मंच बन गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर निरंतर संवाद कायम रखते हुए, हमने पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाया है। 

विचारों के आदान प्रदान के लिए संवाद का सिलसिला हमने इसलिए शुरू किया था, ताकि एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। हम हर साल प्रदेशों की राजधानी में 'संवाद' कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। इसी क्रम में तहजीब के शहर लखनऊ में इस दो दिवसीय आयोजन की शुरूआत हुई। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इसका आरंभ किया। शिक्षा, कला, अभिनय और राजनीति की शख्सियतों से कल आप रूबरू हुए। आज दूसरे दिन जनरल मनोज पांडे जी सत्र का आरंभ कर रहे हैं। विचारों की ठंडी और नई हवाएं आज भी आप तक पहुंचे। वहीं बतौर समाचार पत्र हम विश्वास दिलाते हैं आगे भी सच, संतुलन और समाज सेवा के मूल्यों के साथ लेकर चलेंगे। आप सभी का समर्थन, विश्वास और स्नेह ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। धन्यवाद, जय हिंद।

09:53 AM, 18-Apr-2025

अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम कब शुरू होगा?

अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम 18 अप्रैल को 11 बजे से शुरू होगा। 

अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम कहां आयोजित होगा?
अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम लखनऊ के गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा।

अमर उजाला संवाद कहां देख सकते हैं?
अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम आप अमर उजाला के यूट्यूब चैनलअमर उजाला उत्तर प्रदेश के यूट्यूब चैनलअमर उजाला के इंस्टाग्राम पेजअमर उजाला के फेसबुक पेज और अमर उजाला के एक्स/ट्विटर पेज पर लाइव देख सकते हैं। इसके साथ ही अलग-अलग अतिथियों से जुड़े वीडियोज भी आप इन चैनलों पर देख सकते हैं। इस कार्यक्रम से जुड़े लाइव अपडेट्स और इंटरव्यू आप Amarujala.com पर भी पढ़ सकते हैं।

09:16 AM, 18-Apr-2025

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के राजनैतिक जीवन पर एक नजर

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। 1989 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे।  इसके बाद 1990 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके 12 साल बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2002 के विधानसभा चुनाव में मल्लावां विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और 130 वोटों के करीबी अंतर से चुनाव हार गये थे। पाठक 2004 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर उन्नाव से सांसद चुने गए। बसपा ने उन्हें सदन में उपनेता बनाया, वहीं 2009 में मायावती ने ब्रजेश पाठक को राज्यसभा भेज दिया। वह सदन में बसपा के मुख्य सचेतक रहे। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक उन्नाव लोकसभा सीट से दूसरी बार मैदान में थे, लेकिन यह चुनाव हार गए थे। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 22 अगस्त 2016 को ब्रजेश पाठक बीजेपी में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और कानून मंत्री बनाया गया। योगी सरकार 2.0 में उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली।

08:55 AM, 18-Apr-2025

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का सियासी सफर संक्षेप में

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पहली बार वर्ष 2002 में प्रयागराज शहर पश्चिमी से माफिया अतीक के खिलाफ उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में केशव प्रसाद हार गए। वर्ष 2007 में भाजपा ने फिर केशव को शहर पश्चिमी से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने फिर से केशव को उनके गृह नगर सिराथू से प्रत्याशी बनाया और वह भारी मतों से जीतकर विधायक बने। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में केशव को भाजपा ने फूलपुर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया। इसमें केशव करीब तीन लाख मतों से सपा प्रत्याशी धर्मराज सिंह पटेल से चुनाव जीते। वर्ष 2016 में प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती और केशव को डिप्टी सीएम का दायित्व सौंपा गया। 2022 में फिर से डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी गई।

08:02 AM, 18-Apr-2025

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का सियासी सफर

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से शुरू होती है, जहां साल 2000 में हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और फिर लोकसभा में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण कमेटी के सदस्य भी बने। साल 2004 तक 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे अखिलेश यादव ने बतौर सांसद आचार समिति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण कमेटी के सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद अखिलेश यादव का लोकसभा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा, साल 2004 और 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर अखिलेश यादव फिर से लोकसभा पहुंचे। साल 2012 में उत्तर प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री रहे।

07:43 AM, 18-Apr-2025

आज शामिल होंगे ये मेहमान

  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव
  • उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
  • उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
  • पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय कारंडिकर
  • क्रिकेटर सुरेश रैना
  • गीतकार मनोज मुंतशिर
  • अभिनेता अमित सियाल
  • अभिनेता विनीत कुमार सिंह
  • स्माइल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मनीष विज
  • कोटक म्युचुअल फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह
  • एक्टर व कंटेंट क्रिएटर स्नेहिल दीक्षित मेहरा
  • कंटेंट क्रिएटर हर्षवर्द्घन वर्मा

07:21 AM, 18-Apr-2025

सिनेमा के बदलते दौर की कहानी पर चर्चा

इसके अलावा संवाद के दूसरे दिन अभिनेता विनीत कुमार सिंह व अभिनेता अमित सियाल सिनेमा के बदलते दौर की कहानी अपनी जुबानी सुनाएंगे। इसके अतिरिक्त क्रिकेटर सुरेश रैना कामयाबी की कहानियां सुनाएंगे। स्माइल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मनीष विज स्टार्टअप...टेक्नोलॉजी...इनोवेशन...पर विचार रखेंगे।
 

07:11 AM, 18-Apr-2025

उत्तर प्रदेश की बदलती सेहत पर होगी चर्चा

शुक्रवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बदलता प्रदेश...उत्तर प्रदेश व ब्रजेश पाठक उत्तर प्रदेश की बदलती सेहत पर चर्चा करेंगे। क्रिकेटर सुरेश रैना, गीतकार मनोज मुंतशिर, छावा फेम अभिनेता विनीत कुमार सिंह दर्शकों को बांधकर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।

06:40 AM, 18-Apr-2025

Samwad 2025 Day 2 Live: कब लगा कि भारत के लिए खेलना अब दूर नहीं? वो कौन सी पारियां थीं? रैना ने दिया ये जवाब

अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन यानी आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्श प्रेक्षागृह में सपा प्रमुख अखिलेश यादव प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी बात रखेंगे। इसके अतिरिक्त विज्ञान की उपलब्धियों, देश की रक्षा से जुड़े मुद्दों, वित्तीय प्रबंधन पर नामचीन हस्तियां विचार रखेंगी। 

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