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Samwad 2025 Day 1: अभिनेता इमरान हाशमी बोले- लखनऊ का प्यार और यहां की मेहमान नवाजी दिल खुश कर देती है

Thu, 17 Apr 2025 09:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

खास बातें

Amar Ujala Samwad Lucknow 2025: लखनऊ में अमर उजाला 'संवाद' कार्यक्रम जारी है। सीएम योगी ने विकास के मुद्दे पर बात की। संवाद कार्यक्रम में देश की जानी-मानी हस्तियां, नीति-नियंता, विचारक और विशेषज्ञ अपने-अपने विचार रखे। आज के अंतिम सत्र में अभिनेता इमरान हाशमी, सेवानिवृत्त BSF डीआईजी नरेंद्रनाथ धर दुबे और फिल्म निर्देशक तेजस प्रभा विजय देओस्कर ने अपने विचार साझा किए।
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मंच पर अभिनेता इमरान हाशमी, सेवानिवृत्त BSF डीआईजी नरेंद्रनाथ धर दुबे और फिल्म निर्देशक तेजस प्रभा - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

07:28 PM, 17-Apr-2025

सेना की वर्दी पहन कर इस किरदार को जीने का अनुभव कैसा रहा?
आर्मी ऑफिसर का किरदार निभाने के बारे में बात करते हुए इमरान हाशमी ने कहा कि ये हमेशा एक एक्टर की लिस्ट में होता है कि हमने एक ऑफिसर का रोल प्ले किया है। पिछले 20 सालों से मेरी भी चाहत थी कि मैं एक ऐसी कहानी और एक ऐसे स्पेस का हिस्सा बनूं, जो इंस्पिरेशनल हो पेट्रियोटिक हो। 2017 में मैं राजस्थान गया था, बीएसएफ के बॉर्डर पर वहां के जवानों से और उनसे बात करके एक दिन ऐसा लगा कि मुझे ऐसा किरदार मिल जाए और एक ऐसी कहानी तो बस मेरा करियर बन जाएगा।

मेरी खुशकिस्मती है कि सात साल बाद विजय ने मुझे यह रोल दिया और एक ऐसे ऑपरेशन और किरदार, नरेंद्र नाथ धर दुबे जी की जो लाइफ स्टोरी है, वह काफी इंस्पिरेशनल है। यह बहुत सारे एक्टर्स ने कहा है कि जब एक बार आप वह वर्दी पहन लेते हैं तो अपने आप में ही अनुशासन आ जाता है। दुबे जी की जो लाइफ है, जिस तरह उन्होंने और उनके ऑफिसर्स ने इस ऑपरेशन को लीड किया तो यह एक एक्टर के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि हम उसे स्क्रीन पर पेश करें। वो आधे से ज्यादा काम हो गया था, जब ऑनस्क्रीन मैंने वो यूनिफॉर्म पहन ली थी।

07:19 PM, 17-Apr-2025

लखनऊ से हमेशा अच्छी यादों को बटोर कर वापस जाता हूं: इमरान हाशमी
सत्र की शुरुआत करते हुए इमरान हाशमी ने लखनऊ के लोगों का आभार जताया। इमरान ने कहा, मैं पिछले 20 दिन से लखनऊ में शूटिंग कर रहा हूं एक फिल्म के लिए और जब भी आता हूं, यहां के लोगों का प्यार, अदब और लोगों की मेहमान नवाजी से दिल खुश हो जाता है। हमेशा अच्छी यादों को बटोर कर वापस जाता हूं।

07:10 PM, 17-Apr-2025

इमरान हाशमी ने अपनी फिल्म ग्राउंड जीरो पर बात की
अभिनेता इमरान हाशमी और फिल्म निर्माता तेजस प्रभा विजय देओस्कर मंच पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म 'ग्राउंड जीरो' के बारे में भी बात की। सेशन में जवान के सहस, पराक्रम और बलिदान की बात हुए। सेशन की शुरुआत में मंच पर 'ग्राउंड जीरो' का ट्रेलर दिखाया गया। इमरान पहली बार इस जॉनर की फिल्म में नजर आ रहे हैं, जिसका निर्देशन तेजस प्रभा विजय देओस्कर ने किया है।

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07:00 PM, 17-Apr-2025

संवाद के मंच पर पहुंचे अभिनेता इमरान हाशमी, सेवानिवृत्त BSF डीआईजी नरेंद्रनाथ धर दुबे और फिल्म निर्देशक तेजस प्रभा विजय देओस्कर
अभिनेता इमरान हाशमी, बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीआईजी नरेंद्रनाथ धर दुबे, फिल्म निर्देशक तेजस प्रभा विजय देओस्कर अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। यह सभी 'सच्ची कहानियां: कितनी सच्ची' विषय पर अपने-अपने विचार रखेंगे।
 

06:51 PM, 17-Apr-2025

अजहर इकबाल ने मजाकिया अंदाज में किस्सा साझा किया
सारी जिंदगी डरते हुए गुजरी। थोड़े बड़े हुए तो टीचर से डरे, फिर बॉस से डरे। अब बीमारियों से डर लगता है और अब मौत से डर लगता है। फिर किसी ने सवाल किया कि सर आपने बीवी का जिक्र नहीं किया। उन्होंने जवाब दिया, 'डर के मारे'।

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06:51 PM, 17-Apr-2025

कभी ऐसा हुआ है कि इंस्टाग्राम चला रही हों और क्राइम पेट्रोल की कोई रील सामने आ गई हो। पति देव (अनूप सोनी) सामने आ गए हों।
जूही बब्बर ने कहा, 'जी, बिल्कुल। अनूप सोनी जी दिखाई देते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। लेकिन एक चीज बताऊं 10 दिन उन्होंने क्राइम पेट्रोल किया और बंदे ने मुस्कुराना बंद कर दिया। मैं बता दूं कि पांच साल अनूप जी ने क्राइम पेट्रोल नहीं किया, क्योंकि वह कुछ और कर रहे थे। लेकिन अब वे वापस क्राइम पेट्रोल की एंकरिंग करने वाले हैं'।

06:47 PM, 17-Apr-2025

एक बहुत अच्छी बात आपने लिखी है कि जिन्होंने आपको नाम दिया और जिस नाम को आपने बदला, उन्हें आप नहीं बताया कि आपने जिंदगी को किस तरह बदल डाला?
अजहर ने कहा, 'जो चीजें हम हासिल करते हैं और उनके एवज में जो चीजें हम खो देते हैं। आपने जो सवाल किया वह बहुत ही भावुक करने वाला है। जिंदगी की शुरुआत बहुत संघर्ष  से हुई थी। वालिद की छोटी सी दुकान थी। तब हालात वैसे नहीं थी कि हम उन्हें अच्छी जिंदगी दे पाएं। कभी-कभी चीजों को समझने में हम देर कर देते हैं। कठिन थे रिश्ते, किसी से फरियाद कर न पाए। खुशी को आनंद और दुख को साद कर ना पाए। उनकी आवाज गूंजती है हर तरफ। पिता जीवित थे तो उनसे संवाद कर न पाए'।

06:42 PM, 17-Apr-2025

एक शेर सुना दीजिए
'मरुस्थल से यकायक जैसे जंगल हो गए हैं, तेरा सानिध्य पाकर हम मुकम्मल हो गए हैं। बदन के नशे पर हर तिल को सौ-सौ बार देखा। उसे इतना पढ़ा कि पागल हो गया हूं'।

06:42 PM, 17-Apr-2025

मम्मी और पापा में बेस्ट एक्टर कौन?
अगर गुरु की बात करूं तो मेरी गुरु मम्मी हैं। मैंने थिएटर उनसे सीखा है। नादिरा जी का जो योगदान है वो ये है कि उन्होंने आने वाली कितनी पीढ़ियों में रंगमंच को जिंदा रखा है।

06:42 PM, 17-Apr-2025

आपके पिता भी एक्टर, भाई भी एक्टर, मां भी एक्टर और पति भी एक्टर, क्या कोई ऐसा बोलता है कि सबसे अच्छा एक्टर कौन?
इस पर जूही ने कहा, 'ऐसा कोई नहीं बोलता। लेकिन मेरे पूरे परिवार में अगर मेरा कोई क्रिटिक है, तो वो मेरे पापा हैं। अगर वो उस समय शहर में हैं, तो वह मेरे दर्शकों में बैठे होंगे। और कहते हैं कि आज आपने यह ठीक नहीं किया। आज तुम फिर रोने लगीं। मेरे पेरेंट्स मेरे गुरु हैं'।

06:41 PM, 17-Apr-2025
जूही बब्बर सोनी - फोटो : अमर उजाला

आप जिस पैशन को जीती हैं, थिएटर को वह चैलेंजिंग हो रहा है। जो लोग इस तरफ आना चाहते हैं, आप क्या कहेंगी?
इस पर जूही बब्बर ने कहा, 'लखनऊ मेरा ननिहाल है। यह शहर मुझे बेहद पसंद है। जहां तक बात थिएटर के चैलेंजिंग होने की है तो बिल्कुल चैलेंजिंग है। लेकिन, जो लोग थिएटर कर रहे हैं, यह उन्हीं का फर्ज बनता है कि कुछ करें। आप अपनी कला के लिए क्या कर सकते हैं कि उसकी वैल्यू बढ़े। चाहें वह लोगों की नजर में आर्ट के रूप में हो या कमर्शियल, मैं दोनों तरह से बात करूंगी। आज नापने का तरीका कमर्शियल ज्यादा हो गया है कि क्या ये चीज हिट है? तभी लोग उसके पीछे जाते हैं। एक बात और है कि जैसे ही आप रंगमंच की बात करते हैं तो आप झोला पकड़े एक ऐसे इंसान की छवि बनाते हैं। वह भी थिएटर है, लेकिन वही थिएटर नहीं है। मेरी मां ने थिएटर कंपनी शुरू की थी तो लोग उम्मीद करते थे कि पूरी कंपनी ट्रेन से यात्रा करे। मां से कह देते थे कि आपको फ्लाइट टिकट दे देंगे। बेटे के जन्म के बाद मैंने ब्रेक लिया था, लेकिन जब कमबैक किया तो तीस-चालीस साल बाद भी मुझसे वही उम्मीद की गई कि जूही जी आप एयर टिकट से आ जाइए, बाकी ट्रेन से आ जाएंगे। मैंने मना कर दिया'।

शायर अजहर इकबाल ने भी संवाद में शिरकत की है। उन्होंने शुरुआत इस शेर से की, 'जिंदगी के कथानक बदल जाएंगे, रोम के सारे मानक बदल जाएंगे, दर्द के गीत बजते रहेंगे यूं ही, गाने वाले अचानक बदल जाएंगे'। उन्होंने अपने नाम में बदलाव का जिक्र भी किया। उनका नाम अजहरुद्दीन था। मगर अब यह अजहर इकबाल कैसे हुआ?

06:30 PM, 17-Apr-2025

थिएटर करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है?
जूही बब्बर ने इस सवाल के जवाब से पहले अमर उजाला का धन्यवाद किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी शुक्रिया कहा। जूही बब्बर ने कहा कि लखनऊ मेरे दिल के करीब है। लखनऊ में मेरा ननिहाल है। जब भी यहां आने का मौका मिलता है तो मैं सब छोड़कर आ जाती हूं। थिएटर करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि जो थिएटर कर रहे हैं उनका दायित्व बनता है कि वह इसे बदलें। जैसे आप रंगमंच की बात करते हैं तो आपके दिमाग में झोला पकड़े, एक गरीबनुमा, एक नुक्कड़नाटक उस तरह की छवि आप बनाते हैं। वह थिएटर है लेकिन वह ही थिएटर नहीं है। 

06:14 PM, 17-Apr-2025

शायहर अजहर इकबाल और अभिनेत्री जूही बब्बर पहुंचीं मंच पर
अमर उजाला 'संवाद' के मंच पर शायर अजहर इकबाल और अभिनेत्री जूही बब्बर सोनी पहुंच गई हैं। वह आधुनिक युग और कला की दुनिया विषय पर चर्चा करेंगे। 

05:59 PM, 17-Apr-2025

क्या दूसरे समुदाय को लेकर कोई खटास है?
अनिरुद्धाचार्य: 
हम किसी से नफरत नहीं करते। हम ही हैं, जो कहते हैं कि ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम। कहीं और से तो आज तक ऐसी आवाज नहीं आई। हमारे मन में कोई खटास नहीं है। सर्वधर्म की अवधारणा ही गलत है। धर्म एक ही है सनातन। इस्लाम मजहब है, सिख पंथ है। गंगा और गंगा की नहर है। नदी से निकली धारा का नाम नहर है। एक सनातन धर्म से बाकी मजहब और पंथ निकले हैं। अगर मजहब और धर्म में फर्क नहीं होता तो सभी धर्म में लोग पत्नी को धर्मपत्नी कहते। धर्म कोई सब्जी नहीं। मूल में तो सनातन ही रहेगा।

05:59 PM, 17-Apr-2025

क्या देश में बदलाव महसूस होता है? 
अनिरुद्धाचार्य:
 बहुत कुछ तो नहीं बदला है, फिर भी मेरा मानना है कि मोदी जी अगर हजार-पांच सौ का नोट बंद कर सकते हैं तो गोहत्या भी बंद कर सकते हैं। वे रात आठ बजे देश के सामने आकर कहें तो गोहत्या बंद हो जाए। जैसे नया वक्फ कानून गरीब मुसलमानों को अधिकार देने के लिए है। जैसे प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र पर भी वक्फ बोर्ड ने दावा कर दिया था। गंगा मैया ने इस बात का इलाज कर दिया।

05:58 PM, 17-Apr-2025

हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर आजकल कई संत बात कर रहे हैं, उस पर आपकी क्या राय है? 
अनिरुद्धाचार्य: 
लगभग 52 देश मुस्लिम देश हैं। अगर उससे हमें कोई एतराज नहीं है तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाए तो उससे किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। हिंदू राष्ट्र होने का यह मतलब नहीं कि मुसलमान यहां नहीं रहेंगे। मुसलमान यहां थे, हैं और रहेंगे। यहां हिंदू राष्ट्र बनेगा तो गाय राष्ट्रमाता बनेगी। महाराष्ट्र में गोमाता को राज्यमाता का दर्जा मिला है। हिंदू राष्ट्र होगा तो इसका यह मतलब है कि हिंदुओं का पक्ष मजबूत होगा। अभी हमारे सामने गाय काट दी जाती है, हमारी आस्था का सम्मान नहीं होता। इंदिरा गांधी जी स्वामी करपात्री के पास समर्थन मांगने गई थीं। तब स्वामी जी ने कहा था कि क्या आप गोहत्याओं पर प्रतिबंध लगाएंगी? जब वे प्रधानमंत्री बन गईं, तब स्वामी जी ने दिल्ली तक यात्रा निकाली और वहां इंदिरा जी से सवाल पूछा तो सरकार ने उनके समर्थकों पर गोलियां चलवा दीं।

05:53 PM, 17-Apr-2025


वो कौन सा क्षण था, जब लगा कि अध्यात्म की ओर जाना है?
अनिरुद्धाचार्य: 
एक बार गांव में भागवत की कथा हुई। मां मुझे लेकर गईं। उन्होंने मेरे लिए आशीर्वाद मांगा कि मन्नू भी भागवत सुनाए। मैंने भी मां की इच्छा पूरी की और भागवत सुनाने वाला बन गया। 

संत बनना आजकल पैशन के साथ-साथ फैशन भी हो गया है, आप इससे सहमत हैं?
अनिरुद्धाचार्य:
 लोग क्या करते हैं, हमें इससे मतलब नहीं। हमने केवल समाज की सेवा की है। आज मेरी आयु 34 साल है। इस उम्र के लड़के शराब पीकर क्लबों में घूम रहे हैं। इस उम्र में हमने पढ़ाई की और पढ़कर समाज सेवा की। आज 290 वृद्ध मांओं का बेटा बनने का मौका मिला। मैंने गौरी-गोपाल गुरुकुल की स्थापना की और बच्चों को वहां नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। 400 गोमाता और 125 नंदी की सेवा करते हैं। जब बच्चे अपने माता-पिता से पैसे मांगकर शौक पूरा कर रहे हैं, वहां हम यह काम कर रहे हैं। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।

05:52 PM, 17-Apr-2025



13-14 वर्ष की आयु में संतों को भोजन कराया, आज अन्नक्षेत्र में 30-40 हजार लोग प्रसाद पाते हैं

व्यासपीठ पर बतौर कथावाचक अपनी यात्रा शुरुआत के बारे में बताते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में उनका जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि पिता गांव के मंदिर में पुजारी थे। वे गांव में भिक्षाटन करने भी जाते थे। एक दिन दोपहर करीब 12-1 बजे आठ-दस संतों का आगमन हुआ। उन्होंने भोजन की इच्छा जाहिर की। मैं 13-14 वर्ष का था। वे उन संतों को अपने घर ले गए और मां को भोजन कराने को कहा। अनाज-आटे की कमी थी, ऐसे में वे पड़ोस की मौसी के घर से आटा-नमक लाए और उन्हें खीर-पूड़ी खिलाई। इसी समय उनके मन में यह विचार आया कि बड़े होने पर वे संतों के लिए अन्नक्षेत्र का संचालन करेंगे। ये उनका सपना बन गया। बकौल अनिरुद्धाचार्य, आज अन्न क्षेत्र गौरी-गोपाल में 30-40 हजार लोग हर दिन प्रसाद पाते हैं। 

05:47 PM, 17-Apr-2025

अनिरुद्धाचार्य ने सोशल मीडिया का धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर बेबाकी से अपने विचार रखे
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने सनातन धर्म और आध्यात्म के विषय के साथ-साथ आधुनिक दौर में सोशल मीडिया का धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर भी बेबाकी से अपने विचार रखे। सबसे पहले उन्होंने संवाद के सदन में मौजूद जनता से पौराणिक श्लो- 'सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे, तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नमः' के उच्चारण का आह्वान भी किया। इसके बाद उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 18वें अध्याय के 66वें श्लोक से उन्होंने अपने संवाद का आगाज किया।

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। 
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः

सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस युग में सोशल मीडिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के कंटेट हैं। बकौल अनिरुद्धाचार्य, वे खुद पर बनने वाले मीम भी देखते हैं, ये लोगों को हंसाने का काम करते हैं। वे खुद भी इसका सकारात्मक इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं।

05:32 PM, 17-Apr-2025



हिंदू राष्ट्र बनाने चाहिए या नहीं?

इस सवाल पर आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इस धरती पर लगभग 52 देश मुस्लिम देश हैं। अगर 52 देश मुस्लिम हो सकते हैं और उससे हमें कोई एतराज नहीं हैं तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाए तो इससे किसी को एतराज नहीं होना चाहिए।

05:26 PM, 17-Apr-2025

संवाद के मंच पर पहुंचे कथावाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य
आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक डॉ. अनिरुद्धाचार्य अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। वह सनातन धर्म और अध्यात्म विषय पर अपने विचार रख रहे हैं।

05:24 PM, 17-Apr-2025

कमांडो की ट्रेनिंग राजनीति के अखाड़े में कैसे काम आती है
असीम अरुण ने कहा कि कोई भी ट्रेनिंग काम आती है। ट्रेनिंग हमें सिखाती है कि योजना बनाओ, सामने वाले को चित करने के लिए तैयार रहो और कुछ भी हो जाए हारना नहीं है, जान लगाकर लड़ना है। यह बात राजनीति में भी लागू है और अभी बॉक्सिंग की बात हो रही थी ये बात वहां पर भी लागू है। जो आपका व्यवहार बनता है ऐसे प्रशिक्षण से वो बहुत काम आता है।


यूपी एटीएस चीफ की भूमिका, सैफुल्ला एनकाउंटर के बारे में कुछ बताइए?
इस सवाल के जवाब में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि इस पर जो फिल्म बनी थी वो मैंने देखी थी, फिल्म ठीक थी लेकिन उस घटना के बहुत सारे आयाम थे जो उसमें आना चाहिए था। खैर, उस घटना की अगर मैं बात करूं तो वो समय था जब भारत में, दुनिया में और उत्तर प्रदेश में आईएसआईएस का एक बहुत बड़ा प्रकोप चल रहा था, युवाओं को ये लोग बहका रहे थे, उनको आतंकवादी बना रहे थे। इसके साथ ही इराक में, सीरिया से यह सब संचालित हो रहा था। लेकिन वो भी समय था, जब सारी एजेंसीज बहुत अच्छे से काम कर रही थीं। ऐसे में भी कोई भी घटना हम लोगों ने नहीं होने दी और सबसे शक्तिमान ग्रुप यही था। हमें कुछ बड़ी घटनाएं उज्जैन में, लखनऊ में पता चलीं तो हमने रेड की और हमारी कोशिश थी कि इन आतंकियों को हम जीवित गिरफ्तार कर पाएं लेकिन हमें फेस टू फेस शूटआउट करना पड़ा, जिसमें वो मारा गया। वो एनकाउंटर भी ऐतिहासिक है जो 13 से 14 घंटे लाइव चला। मैं अपने साथी कमांडरों को धन्यवाद देना चाहूंगा, वो टीम बहुत ही प्रशिक्षित टीम थी और अभी भी है। ऐसे में कई बार गलतियां भी हो जाती हैं, फायर पावर अनावश्यक रूप से यूज कर जाते हैं। लेकिन बहुत ही विशेषज्ञता के साथ उस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया। इस टीम के जो सदस्य थे उनको राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया।

आपकी एक सोशल मीडिया पोस्ट जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अंतिम विदाई पर लिखी गई थी, थोड़ा उसके बारे में जानकारी दीजिए? 
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य था, मेरी उम्र केवल 34 साल थी और मैं प्रधानमंत्री का बॉडीगार्ड था। चार साल मैं एसपीजी में रहा और उसमें से तीन साल मैं मनमोहन सिंह जी की सुरक्षा में तैनात रहा। उनसे व्यवहार और आचरण के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलता था और जब वो नहीं रहे तो सबको पीड़ा थी। मेरा उनसे ज्यादा लगाव था, मुझे कुछ ज्यादा पीड़ा थी तो मैंने एक सामान्य से पोस्ट लिखी। उसी बीच जर्मन कार खरीदी थीं, एसपीजी ने इन्हें इस लिए लिया गया था, क्योंकि उनका प्रोटेक्शन लेवल अच्छा था, उस समय इंडियन कार का इतना अच्छा नहीं था, लेकिन मनमोहन सिंह जी बिल्कुल तैयार नहीं होते थे कि वो उस गाड़ी में बैठें। उनका बार-बार मन करता था कि मेरे लिए एंबेसडर लगाओ या जो उनकी अपनी मारुति 800 थी, उसको बहुत हसरत भरी निगाहों से देखते थे। हम कहते थे कि इस गाड़ी में तो आप कभी नहीं बैठ सकते लेकिन उस गाड़ी को भी सहेज के संभालकर रखने की जिम्मेदारी एसपीजी की थी।

05:21 PM, 17-Apr-2025

मुस्लिम समाज अपने वक्फ को लेकर चिंतित है, वह सुप्रीम कोर्ट में जा रहा है तो सरकार उसका जवाब कोर्ट में देगी, लेकिन सामाजिक मंचों पर जो इसका जवाब देना चाहिए था वह अब ऐसा लगता है कि कानून तो बन चुका है तो अब जवाब देने की क्या जरूरत
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि कोई भी कानून बनता है उसको लेकर लोकसभा में भी चर्चा हुई और राज्यसभा में भी चर्चा है। सरकार अपने पक्ष को नए कानून को बहुत वैज्ञानिक तरीके से प्वाइंट के तौर पर रख रही थी। उस समय विपक्ष क्या पूछ रहा था कि आपका राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन पा रहा है। जबकि इसका उससे कोई लेना-देना यानी हल्की बातें। 

05:03 PM, 17-Apr-2025

संवाद के मंच पर पहुंचे मंत्री असीम अरुण
उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। वह समता और समाज विषय पर अपने विचार रखेंगे। 

04:57 PM, 17-Apr-2025

कभी संघर्ष याद आता है पिता का, जब वो आपके और आपके भाई के लिए ओवरटाइम किया करते थे? 
विजेंदर: संघर्ष के दिन बिल्कुल याद आते हैं। कहते हैं न कि वो जमीन नहीं भूलनी चाहिए जहां से आप आए हैं। मेहनत अब भी बाकी है, बहुत सारी चीजें करनी हैं जिंदगी में। जिंदगी आपको बहुत सारे मौके देती हैं, आप उन सब मौकों को पकड़िए, उन्हें जाने मत दीजिए। मौकों का सही तरीके से फायदा उठाइए और उन्हें व्यर्थ मत जाने दीजिए। पीछे देखेंगे तो आगे वाली ट्रेन छूट जाएगी।

विजेंदर ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था कांस्य
विजेंदर को साल 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। 39 वर्षीय विजेंदर अभी पेशेवर सर्किट में खेल रहे हैं हालांकि उन्होंने 2022 के बाद से कोई मुकाबला नहीं लड़ा है। विजेंदर राजनीति में भी सक्रिय हैं। उन्होंने 2024 में भाजपा का दामन थामा था। इससे पहले वह कांग्रेस का हिस्सा थे। 

04:51 PM, 17-Apr-2025

आप एक सोसायटी से आती हो जहां बॉक्सिंग जैसे खेल को अलग तरीके से देखा जाता है। कभी आपको ताने नहीं मिले?
निकहत: कुछ नहीं बहुत ताने मिले थे। जब मैं पड़ोसी के साथ मुक्केबाजी के लिए जाती थी। हम चार बहनें हैं। मुझसे बड़ी दोनों बहनें फीजियोथेरेपिस्ट हैं। मेरे मम्मी पापा को बोला जाता था कि आपने अपनी बेटी को बॉक्सिंग में क्यों डाला। हमारी कम्यूनिटी में बॉक्सिंग की इजाजत नहीं है। बॉक्सिंग में हमें शॉर्ट्स पहनना पड़ता है, स्लीवलेस पहनना पड़ता है जो कि सही नहीं है। आपने ऐसा क्यों किया, आपको बेटी को मुक्केबाजी में नहीं डालना चाहिए था। आपकी इस बेटी की वजह से बड़ी बेटियों को रिश्ते मिलने बंद हो जाएंगे, लेकिन मेरे पापा ने किसी की नहीं सुनी। उन्होंने मुझे पहले दिन से सपोर्ट किया है और वह मुझे हमेशा एक ही बात कहते थे कि देखना आज यह बोल रहा है कि इस बेटी की वजह से बड़ी बेटी को रिश्ते नहीं मिल रहे, लेकिन एक दिन यही बोलेंगे कि ये इस बेटी की बहनें हैं और ये उनके जीजू हैं। पापा हमेशा कहते रहे कि मेहनत करते रहो और अपने सपने को पूरा करो। भारत के लिए मेडल जीतो। देखना एक दिन अपने आप लोग आएंगे आपके साथ फोटो और सेल्फी लेने।

विजेंदर: म्हारी छोरियां छोरों से कम है के? निकहत किसी से कम नहीं है। विश्व चैंपियन है। लड़कियों को निजी जिंदगी में भी कभी नहीं आंकना चाहिए। महिला शक्ति हमसे बहुत स्ट्रॉन्ग है। उनका मान सम्मान होना चाहिए।

04:47 PM, 17-Apr-2025



शुरुआत मैंने एथलेटिक्स से की थी: निकहत जरीन

मुक्केबाज निकहत जरीन बोलीं, शुरुआत मैंने एथलेटिक्स से की थी। मैं 100-200 मीटर स्प्रिंट में हिस्सा लेती थी। पिता के साथ स्टेडियम जाती थी। वहां मैंने मुक्केबाजों को देखा। मुक्केबाज बॉक्सिंग बैग और पंचिंग बैग पर पंच कर रहे थे, तब मैंने अपने पिता से कहा कि पापा बॉक्सिंग सिर्फ लड़के कर सकते हैं क्या, लड़कियां नहीं कर सकतीं? तो उन्होंने बोला कि नहीं बेटा लड़कियां भी कर सकती हैं।

04:40 PM, 17-Apr-2025

कैसा लग रहा है आप दोनों को लखनऊ में आकर?
संवाद के मंच पर मुक्केबाज विजेंदर सिंह और निकहत जरीन पहुंचे हैं। दोनों से पूछा गया कि लखनऊ में आकर आपको कैसा लग रहा है तो विजेंदर सिंह बोले, बहुत अच्छा लग रहा है। एक बहुत अच्छी कहावत है... मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं।

निकहत: मैं पहली बार लखनऊ आई हूं। मैंने बस लखनऊ को इंस्टाग्राम रील्स पर देखा है। लखनऊ के खाने वाला रील्स देखकर मेरा मन करता था कि मैं यहां आऊं। कल मुझे खाने का मौका मिला और मैं और इस जगह को एक्सप्लोर करना चाहती हूं।

04:33 PM, 17-Apr-2025

शिक्षा को लेकर आप लोग क्या कर रहे हैं? 
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रजनी बोलीं, मैं सबसे पहले अमर उजाला को धन्यवाद देना चाहती हूं। अमर उजाला के 77 वर्ष पूरे होने पर आपको बधाई देना चाहती हूं। अमर उजाला को लोग कई चीजों के लिए काफी पसंद करते हैं। जब से केंद्र में और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही कि कैसे देश आगे कैसे बढ़े और कैसे प्रदेश आगे बढ़े। किस तरह से हमारे युवा आगे बढ़ें इसके लिए अनेक योजनाएं बनाईं। जब आपने मुझसे ये सवाल किया तो मुझे याद आ रहा है कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमारे युवाओं की क्षमता को पहचानना होगा। 

04:28 PM, 17-Apr-2025

आगे बढ़ने के लिए हमको अपनी दिनचर्या सुधारनी होगी: मंत्री रजनी तिवारी
उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी संवाद के मंच पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को आगे बढ़ना है तो हमको अपनी दिनचर्या को सुधारना होगा। सुबह सोचना होगा कि पूरे दिन हमें क्या करना है और मैं भी उसको लेकर काम करती हूं। मुझे लगता है कि मैं सारे कामों को सही ढंग से कर पाती हूं। हमारा देश 2047 तक विकसित बनेगा और उसमें सबसे बड़ा योगदान यूथ का होगा। उसको लेकर सरकार ने योजनाएं बनाईं और मैं आपको बताना चाहूंगी। आज हर क्षेत्र में अगर आप युवाओं की बात करें, महिलाओं की बात करें, किसानों की बात करें, हर क्षेत्र में हम आगे बढ़ रहे हैं। महिलाओं की बात करें तो वो सुरक्षित महसूस करने लगी हैं। युवाओं को रोजगार मिल रहा है, किसानों का भी ध्यान रखा जा रहा है। हम सबको लेकर काम कर रहे हैं और इसीलिए हम यह कह पा रहे हैं कि हमारा देश जल्द ही विकसित होगा, 2047 तक हमारा देश जरूर पूर्ण रूप से विकसित होगा।

04:02 PM, 17-Apr-2025



क्या बदलते दौर के साथ सिनेमा में गालियों की जरूरत है?

दिव्य प्रकाश दुबे से पूछा गया कि समय के साथ स्क्रिप्ट लेखन में बदलाव आए हैं। अब गालियां भी हिस्सा बन गई हैं। क्या इसकी जरूरत है? इस पर दिव्य प्रकाश दुबे ने कहा, 'टीवी सीरियल सीमित तरीके से लिखते हैं। फिर जब हमें दस घंटे मिले और समय की पाबंदी नहीं रही तो हम फ्री हो गए। यह हम राइटर्स के लिए बहुत बड़ा मौका है। यह सवाल अक्सर आता है कि क्या गाली डालने से कोई चीज चलती है? तो कहूंगा कि बिल्कुल नहीं चलती। कोई चीज तब चलती है, जब कोई बात किसी को टच करती है। फिर उसमें गाली है या नहीं है। अगर 17 और 18 साल का कोई लड़का, ऐसा हो नहीं सकता कि उसके जीवन में गाली न हो। पान सिंह तोमर फिल्म को ही देखिए कि डकैत के जीवन पर फिल्म है और उसमें एक भी गाली नहीं है। गली बॉय में एक भी गाली नहीं है। ऐसे में बैलेंस बनाना पड़ता है'।

03:59 PM, 17-Apr-2025

क्या कभी ट्रोलिंग से परेशानी हुई?
इस पर नुसरत ने कहा, 'हम कुछ वक्त बाद ऐसी फिल्म बना रहे होंगे, जहां लोग सोशल मीडिया का प्रेशर ले रहे होंगे। इस पर फिल्म बनेगी कि क्या हुआ हमारे युवाओं के साथ और खुद हमारे साथ कि हम इस दबाव को कैसे झेल पाए। यह बहुत बड़ा मॉन्स्टर है। हम लोगों को उनके नाम से नहीं, उनके सोशल मीडिया हैंडल के नाम से जानते हैं। यह जगह बहुत डरावनी हो चुकी है'।

03:57 PM, 17-Apr-2025

हॉरर ही क्यों चुना विषय?
इस पर विशाल फुरिया ने कहा, 'हॉरर ऐसा जॉनर है कि वह दिमाग पर छप जाता है। इसका इम्पैक्ट बहुत गहरा होता है। मैं जब लपाछपी पहली फिल्म लिख रहा था तो पहले मैंने सिर्फ हॉरर फिल्म लिखना शुरू किया था। एक ऐसी कहानी, जिसमें एक बच्ची की दो मां हैं, एक मर गई और एक जिंदा है। मैंने महाराष्ट्र में ऐसी कुछ कहांनियां सुनी थीं। फिर मुझे लगा कि यह चीजें खुद-ब-खुद फिल्म में आ रही हैं। जब लपाछपी बनी तो बहुत सारी औरतें सिनेमा में आईं। उन्होंने फिल्म की तारीफ की और बच्चों को लड़कर फिल्म दिखाने थिएटर ले जा रही थीं।

03:55 PM, 17-Apr-2025

यह फिल्म दर्द के बारे में है
राइटर दिव्य प्रकाश दुबे भी संवाद में शामिल हुए हैं, जिन्होंने 'छोरी 2' के लेखन का काम किया है। प्रकाश दुबे ने कहा, 'यह फिल्म उस दर्द के बारे में है, जो हमें पता है। समाज में मौजूद है। फिल्म की मेकिंग के दौरान मुझे हरियाणवी सीखने में बहुत मजा आया। हॉरर एक अलग तरह का जॉनर है। इसे स्थापित करना अलग तरह का चैलेंज रहा'।

03:51 PM, 17-Apr-2025



गुस्से वाली फिल्म है छोरी-2: विशाल फुरिया

विशाल फुरिया ने कहा, 'पहली कोशिश ये थी कि भ्रूण हत्या के आंकड़े इतने ज्यादा थे कि वह बाहर नहीं आते। सरकारें प्रयास करती हैं, लेकिन फिर भी आंकड़े आते नहीं है। मुझे यह बहुत डरावना लगा। उस मां पर क्या बीतती होगी, जिसकी बेटी छिन जाती है। उस मां की पीड़ा को महसूस करो। लोगों की विचारधारा बदलने की कोशिश होनी चाहिए कि बच्ची भी उतना ही सम्मान लेकर आती है, जितना कि बेटा। फिल्म छोरी में मां वहां से निकल जाती है और हम एक उम्मीद की तरफ बढ़ते हैं। लेकिन, मुझे लगा वह उम्मीद नहीं है, जितनी होनी चाहिए। फिर बाल विवाह भी एक समस्या है। अब छोरी-2 बनाई है। यह एक गुस्से वाली फिल्म है। मैं एक मां का दर्द समझता हूं।'

03:49 PM, 17-Apr-2025

छोरी-2 बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
संवाद में सवाल किया गया कि 'छोरी' के बाद 'छोरी 2' फिल्म बनाने की जरूरत क्यों लगी? इस पर नुसरत ने कहा, 'इस मंच पर बुलाने के लिए सबसे पहले शुक्रिया। छोरी-1 फिल्म किए अब पांच साल पूरे हो गए। हमारी छोरी थोड़ी बड़ी हो गई है अब। दर्शकों का शुक्रिया। छोरी के बाद छोरी-2 का ऐसा कोई आइडिया तो नहीं था। लेकिन, जब हम छोरी को प्रमोट कर रहे थे तो हम और विशाल फुरिया फ्लाइट में थे। तभी विशाल के दिमाग में आया कि अगर फिल्म का जो कॉन्सेप्ट है भ्रूण हत्या का उसे एक स्टेप और आगे बढ़ाया जाए तो दूसरी क्या चीज घटित हो सकती है, जो हो सकता है। उन्होंने एक आइडिया दिया बाल विवाह का। और मैंने सहमति जताई। मुझे लगा एक मां ने एक बच्ची को बचाया, वह बड़ी हुई, लेकिन उसका डर खत्म नहीं हुआ। वह एक ऐसी स्थिति में आती है, जहां हर मुकाम पर उसे लड़ना पड़ता है। मुझे वह विचार काफी दिलचस्प लगा। हमने इस दुनिया में एक ईमानदार कदम आगे रखा'।

03:42 PM, 17-Apr-2025




छोरी-2 के दौरान क्या चुनौतियां रहीं?

इस सवाल पर नुसरत भरूचा ने कहा, पहले पार्ट और इस पार्ट दोनों में मेरे लिए सबसे मुश्किल था, मां बनना। मैं रियल लाइफ में ना मां बनी हूं, ना वो रिश्ता समझ आता है। पर्दे पर मां बनना बहुत मुश्किल था। मैं जब छोरी-2 देखती हूं तो यह देखती हूं कि क्या मैंने मां के इमोशन को ठीक से किया है। मेरे लिए वह फीलिंग बहुत जरूरी थी। इसलिए, दोनों फिल्मों में वह मेहनत मेरे लिए बहुत जरूरी थी। बाकी सारी फिल्में इसके मुकाबले काफी आसान थीं। कॉमेडी करना इसे देखते हुए काफी आसान लगा। छोरी-1 और छोरी 2 के लिए मुझे और विशाल सर को काफी चर्चा करनी पड़ी। मेरी बच्ची मुझसे छिन गई है, उस इमोशन में मुझे लगातार रहना पड़ा। पूरी शूटिंग के दौरान। एक ऐसी फिल्म में घुसना और निकलना वाकई बहुत मुश्किल है। हम एक्टर्स को वाकई एक फिल्म के बाद थैरेपी लेनी चाहिए कि इन इमोशन से कैसे निकलें। खुद को हील करना बहुत जरूरी है'।

03:36 PM, 17-Apr-2025

अभिनेत्री नुसरत भरूचा पहुंचीं संवाद के मंच पर
अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने छोरी-2 फिल्म बनाने की पीछे की वजह बताते हुए कहा कि हमारा छोटा प्रयास जो 2020 में शुरू किया गया था उसे पांच साल हो गए। अब यह कोशिश बड़ी हो गए। उन्होंने छोरी-1 और छोरी-2 को प्यार देने के लिए जनता का धन्यवाद किया।  

03:02 PM, 17-Apr-2025

उत्तर प्रदेश में हुनर की कोई कमी नहीं

यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि टेक्सटाइल सबसे बड़ा एंप्लॉयमेंट जनरेटर है और उत्तर प्रदेश में हुनर की कोई कमी नहीं है। हम लोग लगभग 1500 से 2000 एकड़ में लखनऊ और हरदोई के बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क ला रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री ने माननीय मुख्यमंत्री के अनुरोध पर यूपी को एक पीएम मित्र पार्क दिया है। वह एक ऐसा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा, जिसमें कि हर तरीके की यूनिट को इंटीग्रेटिड इकोसिस्टम के तहत आप पाएंगे। गारमेंटिंग एक ऐसे सेक्टर है। आजकल यूथ में यूज एंड प्रोफेशन बहुत आ रहा है। गारमेंट्स की नीड बहुत बढ़ती जा रही है। फुटवीयर में भी गारमेंट्स लगने लग गए हैं। इस तरीके से इस सेक्टर में एंप्लॉयमेंट भी जनरेट होगा और एक इंडस्ट्रीयल इकोसिस्टम जुड़ेगा। 


 

02:47 PM, 17-Apr-2025

'ललितपुर में हम बल्क ड्रग्स और फार्मा पार्क बना रहे हैं'

यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि इसी तरह से बुंदेलखंड में ऐसी जगह हैं, जैसे बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, यहां पर लोग जाना ही नहीं चाहते। सीएम योगी का बहुत स्ट्रोंग फोकस है कि हमें रिजनल समस्या दूर करनी हैं। जो हमारे एरिया विकास की दृष्टि से पीछे थे, उन्हें मैनस्ट्रीम में लाना है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का एक पूरा फाउंडेशन लेकर आ गया। उसके बाद अब यूपीडी क्षेत्र में आप देखेंगे, कि नोएडा जैसी बहुत बड़ी टाउनशिप आकार ले रही हैं। मूर्त रूप ले रही है। ललितपुर में हम बल्क ड्रग्स और फार्मा पार्क बना रहे हैं। क्योंकि भारत में 65 प्रतिशत डिपेंड हैं चाइना के ऊपर। छोटी सी दवा है पैरासिटामॉल, सब लोग जानते हैं लेकिन उसका जो की मैटिरियल है वो भी बाहर से आता है। उस डिपेंडेंट्स को हम लोग दूर करना चाहते हैं। हम चाहते हैं इंडिपेंडेंट बने इसलिए ललतिपुर में एक फार्मा पार्क की स्थापना कर दी गई है। उस पर काम चल रहा है शीघ्र ही आप देखेंगे बड़े-बड़े एंकर यूनिट चालू हो जाएंगे। 

02:26 PM, 17-Apr-2025

यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि देखिए बदलाव का एक और उदाहरण देता हूं, यूपी को मुख्यत: दो तीन शहरों से जाता था इंवेस्टमेंट के लिहाज से। नोएडा, एनसीआर में चूंकि पड़ता है, तो वो गुड़गांव को टक्कर देता था। स्टेट की कैपिट्ल्स हैं साउथ की। हैदराबाद और बेंगलोर। नोएडा यूपी में है और गेटवे है। लेकिन असली विकास जो हुआ है वो छोटे टर्म में हुआ है, मैं आपको उसका उदाहरण देता हूं। जहां हम लखनऊ में बैठे हैं, वहां से 45 मिनट की दूरी पर संडीला है, उस टाउन में आज हमारे पास इतने मल्टीनेशनल है, आईटीसी वहां पर है। पेप्सीको, हल्दीराम वहां है, बालाजी वेफर्स वहां पर है। एक तहसील टाउन की ग्रोथ देखिए आप। इसी तरह से अगर कंपेरिजन करें हम तो आप मथुरा के पास कोपी चले जाइए। ये यूनिट्स हमने पिछले तीन से साढ़े तीन साल में अलॉट्स कीं और आज ये प्रोडक्शन में हैं। कोविड के समय जब हम परेशान थे तो एक फ्रांस की कंपनी ने वहां प्लाट लिया और जमीन ली। उस समय ऑक्सीजन मैनुफेक्चरिंग का संकट था तो उस समय कंपनी ने  उत्पादन शुरू किया। आज वो एशिया में सबसे बड़ा प्लांट है। जो अटल टनल बनी है, उसमें जो केमिकल लगे हैं, वो इटालियन कंपनी के बाहर से आते थे, लेकिन इटली की कंपनी को हमने जमीन दी। वो केमिकल हमारे प्रदेश में बनते हैं। केमिकल यहां बनते हैं।

02:24 PM, 17-Apr-2025

UPSIDA CEO: प्रति व्यक्ति आय में 2.5 का इजाफा हुआ है- माहेश्वरी

माहेश्वरी ने कहा कि आप देखिए सरकार ने पिछले दस वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर को फंडामेंटल ड्राइवर ऑफ ग्रॉथ माना है। चाहे सड़क हो, हाईवे हो, कनेक्टिवटी,  21 एयरपोर्ट वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। 75 जिले हैं और आप समझिए हर तीन से चार जिलों के बीच एक एयरपोर्ट, ऐसा तो डेवलप प्रदेश का डेवलेप कंट्री में इतनी प्रिजेंश नहीं है। 56 प्रतिशत देश के एक्सप्रेसवे आज उत्तर प्रदेश में हैं। सबसे ज्यादा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जो नेटवर्क है वो उत्तर प्रदेश के पास है। इन सब का परिणाम क्या हुआ उसके बारे में अब आपको बताता हूं, प्रति व्यक्ति आय जो हमारी 48000 रुपये थी 2016-17 में जो आज 1,24,000 है। जबकि हमारी आबादी का बेस लगभग 25 करोड़ है। इतनी बड़ी आबादी के आधार को प्रति व्यक्ति आय में 2.5 का इजाफा करना वो भी 7-8 साल में, ये आउटकम है। ये हम सबके लिए एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है।
 

01:58 PM, 17-Apr-2025

Mayur Maheshwari: उत्तर प्रदेश को लेकर जो चर्चा होती थी कि उत्तर प्रदेश का कुछ नहीं हो सकता है कि धारणा को कैसे तोड़ रहे हैं?

"उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की रणनीति" सत्र में यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि बहुत बहुत धन्यवाद अमर उजाला परिवार का यह मंच देने के लिए। मैं उत्तर प्रदेश से आता हूं, मेरी पढ़ाई भी यही हुईं। जब हम लोग छोटे थे तो सोचते कि डेवलप स्टेट से तुलना होती थी, कि महाराष्ट्र में, मुंबई में क्या-क्या अच्छी चीज हो रही हैं। फिर उसके बाद हम लोगों ने पढ़ाई की, इंजनीयरिंग की। पढ़ाई करने के बाद जब राज्य में आए। तब उस जर्नी को मैं आज देखता हूं, तो आप अनुभव करिए कि लीडरशिप का विजन क्या ट्रांसफॉर्मेशन देता है, मैं आपको आपको इसका कुछ उदाहरण देता हूं। पिछले सात साल से उत्तर प्रदेश में इस सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो फोकस हुआ है। किसी भी सिस्टम को बनाने के लिए एक इनपुट चलता है, उसके बाद उसके आउट्स कम आते हैं। 

01:58 PM, 17-Apr-2025

समंदर के रेत को बनाया अपना कैनवस 

सैंड आर्ट को दुनियाभर में पहचान मिली है। मैंने समंदर के रेत को अपना कैनवस बनाया और उसपर कुछ-कुछ बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे पर्यटकों ने इसे पसंद करना शुरू किया। कई बार लोगों के मन में सवाल आता है कि रेत पर बनी कला कितनी देर टिकेगी, एक झोंका आया तो सारा मेहनत खराब। सुदर्शन कहते हैं, इसपर मेरा मानना है कि मुझे ये नहीं पता कि अगले सेकेंड में मैं जीवित रहूंगा या नहीं तो कला के बारे में क्यों सोचना। इसी सोच पर मैंने इस कला का आगे ले जाने की कोशिश की है। मैं हमेशा ये सोचता हूं कल मुझे क्या करना है। शायद अब समंदर भी मुझे समझने लगा है और हर दिन एक नया कैनवस दे देता है। समंदर की वजह से मैं हूं। आज देश में बहुत सारे कलाकार हैं, इसके वैश्विक स्तर पर अब कई कंपटीशन होने लगे हैं।
 

01:40 PM, 17-Apr-2025

मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने कहा कि अभी जो ऑवर्ड मिला है, वो महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ही मिला है। क्योंकि जब हम बचपन में पुरी की समंदर किनारे रेत पर कलाकृति बनानी शुरू किया, हमको ये पता चला कि 14वीं शताब्दी में महाप्रभु जगन्नाथ जी के भक्त थे बलराम दास, उन्होंने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति बनाकर पूजा की और जगन्नाथ के तीन रथ जाते हैं, भाई और बहन का रथ मौसी के घर चला गया, भगवान जगन्नाथ का रथ रुक गया। क्योंकि वो अपने भक्त के रथ पर बैठ गए थे तब से भारत और पुरी समंदर किनारे का रेत पवित्र हो गया। 

सुदर्शन पटनायक को कहा, मैंने कई बार गणेश जी की रेत से कलाकृति बनाई और इसे दुनियाभर में सराहा गया। गणेश जी विघ्नहर्ता हैं मेरी रेत कला के दौरान भी कई बार उनकी शक्ति और महिमा देखने को मिली है।

01:34 PM, 17-Apr-2025

'मैंने एमबीबीएस छोड़ दिया और कला में अपना करियर चुना'

शिखा शर्मा कहती हैं, मुझे बहुत इंटरेस्ट था आर्ट में। लेकिन मुझे डॉक्टर भी बनना था। क्योंकि वो मेरे पिता का सपना था। उनका सपना मुझे पूरा करना था। क्योंकि वो डॉक्टर नहीं बन पाए तो मैं बन जाऊं, पर मैंने कला को चुना। मैंने एमबीबीएस छोड़ दिया और कला में अपना करियर चुना। बहुत मुश्किलें आईं, आपको लग रहा होगा कि यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। क्योंकि जब हम घर के बाहर रंगोली बनाते हैं, और वहां एक वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक रंगोली बनाते हैं बहुत सारी चीजें बदलती हैं, घर के बाहर रंगोली बनाना एक छोटी सी रंगोली बनाना होता है। मैंने जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएं हैं, वो इतना आसान नहीं थे। हमने जो सातवां वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है वो इंदौर से केदारनाथ तक का है। शिखा ने उज्जैन से केदारनाथ तक रंगोली बनाई, जोकि वर्ल्ड रिकॉर्ड है। केदारनाथ के 21 किलोमीटर के ट्रैक पर रंगोली बनाई। पूरी चढ़ाई पर रंगोली बनाई थी। वो अलग ही अनुभव था, वहां पल-पल में बारिश हो जाती है, बर्फ गिर जाती है। 15 से 20 मिनट में मौसम बदल जाता है। वहां पर रंगोली के बैग्स लेकर पहुंचे। नवरात्रि का पहला दिन था। सुबह पांच बजे उठे, वहां तेज बारिश हो रही थी। वहां के मंदिर के जो पुजारी हैं, उनसे कहा था कि हमें यहां पर रंगोली बनानी हैं। तो उन्होंने बोला कि नहीं, तीन किलोमीटर पर बर्फ गिरी है तो आप यहां पर रंगोली तो बना ही नहीं पाओगे, आप सोच भी नहीं सकते, तो हमने वहां से तिरपाल खरीदी। इसी बीच बारिश बंद हो गई। रंगोली दो दिन तक वहां पर रही। एक बारिश का कतरा भी नहीं आया। तो वहां के पुजारी ने भी कहा कि आपकी भक्ति की शक्ति को हमने देखा है।

01:29 PM, 17-Apr-2025

मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक और रंगोली आर्टिस्ट शिखा शर्मा

संवाद में दुनिया में अपनी रेत कला के लिए मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक और रंगोली आर्टिस्ट शिखा शर्मा अपने विचार साझा कर रहे हैं। शिखा शर्मा अपनी रंगोली कला के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। उन्हें सुरीली रंगोली क्वीन का खिताब भी प्राप्त है। शिखा सात बार इस कला से विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं। 

01:22 PM, 17-Apr-2025

यह एक जटिल मुद्दा है और कई समस्याएं हैं: डॉ. कृष्णमूर्ति

सबसे पहले समझने की जरूरत है कि शिक्षा एक विशेष टॉपिक क्यों है? आप शिक्षा में कुछ भी बदलाव लाते हैं, तो उसका परिणाम आपको तुरंत दिखाई नहीं देगा। इसका असर सामने आने में कम से कम 10 साल लग सकते हैं, कुछ चीजें पहले बदलेंगी, कुछ बाद में। यह एक जटिल मुद्दा है और कई समस्याएं हैं। यह समस्याएं छात्रों, सरकार और संस्थानों के स्तर पर हैं। छात्रों के स्तर पर छात्र नहीं पढ़ना चाहते, यह एक ग्राउंड रियलिटी है। अगर आप छात्र से कहेंगे कि यह पढ़ना है, यह पढ़ना है, तो उनमें एक स्वाभाविक प्रतिरोध (inherent resistance) होगा। उन्हें यह समझाना पड़ेगा कि क्यों पढ़ना है।

01:21 PM, 17-Apr-2025

'नई शिक्षा नीति को उत्तर प्रदेश में मजबूती के साथ लागू किया जा रहा है'

नई शिक्षा नीति को उत्तर प्रदेश में मजबूती के साथ लागू किया जा रहा है और आगे इसको बढ़ाएंगे। सरकार पहले सभी सरकारी स्कूलो को कवर करने के बाद प्राइवेट स्कूलों को भी जोड़ने का काम करेगी। कौशल विकास के लिए जो केंद्र की नीति है, उसमें सरकार अपना पूर्ण योग्यदान कर रही है। आईएएस डॉ हरिओम ने केंद्र द्वारा चल रही कौशल विकास के बारे में बताते हुए कहा कि दीनदायल कौशल विकास योजना, इसमें 1.5 लाख से अधिकांश लाभार्थी  शामिल हो चुके है। पीएम इंटर्नशिप योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसी स्कीम को कौशल विकास विभाग संचालित कर रहा है। आईएएस डॉ हरिओम ने कौशल विकास में आने वाली दिक्कतों के बारे में कहा कि हर इंडस्ट्री, स्किल, मार्केट की इकोलॉजी होती है। उसमें लीगल फ्रेम वर्क बेहद जरूरी है। हम स्कीम को लागू कर सकते है, लेकिन जो सोशल फ्रेम वर्क है उसको बदलना बहुत जरूरी है। जैसे हाथ से काम करना छोटा काम है, व्हाइट शर्ट पहनकर काम करना अच्छा है। लेकिन स्किल हाथ का हुनर है।

01:21 PM, 17-Apr-2025

कौशल पर डॉ हरिओम ने युवाओं के मन की उलझन की दूर

आईएएस डॉ हरिओम ने लखनऊ में आयोजित अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में शिक्षा और कौशल का समन्वय विशेष पर अपनी बात रखीं। उन्होंने कहा कि  स्कूली शिक्षा को कोशल से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने "प्रवीण" एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत 2016 से हुई थी। लेकिन अभी हमने 200 सरकारी इंटर कॉलेज है, उसमें 25 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को 2024-25 में इनरोल किया है। उसमें हमने 100 करोड़ का बजट रखा है। इसमें कक्षा 9वीं और 11वीं में पढ़ने वाले छात्रों को कोई एक स्किल देने की कैम्पैन शुरू किया है। यूपी के 60 जिलों को इसके तहत कवर किया गया है, जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश में इसको लागू किया जाएगा।
 

01:20 PM, 17-Apr-2025

कहां लक्ष्मणरेखा खीचनीं है यह समझना जरूरी: प्रो. अनिल

एआई पर बात करते हुए प्रो. अनिल ने कहा कि एआई शिक्षा पर नकारात्मक और साकारात्मक, दोनों प्रभाव डाल रहा है, लेकिन हमें साकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। एआई का इस्तेमाल तेजी से बेहतर सीखने के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन यह समझना जरूरी है कि कहां लक्ष्मणरेखा खीचनीं है।

01:07 PM, 17-Apr-2025

अगले 5 वर्षों में और 50,000 टिंकरिंग लैब स्कूलों में होंगे: प्रो. अनिल

राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति आई, उस समय से अब तक करीब साढ़े चार साल हो गए, धीरे-धीरे कौशल विकास योजना, या हम जो नॉर्मल एजुकेशन सिस्टम जो होती है शिक्षा व्यवस्था में कैसे लोगों को जोड़ना है कौशल के साथ, इस पर धीरे-धीरे काम शुरू हुआ है। लेकिन अभी तक संतुष्ट नहीं हैं। क्योंकि अभी तक बहुत सारे स्कूलों में अभी तक चिंता का विषय जरूर है। लेकिन मैं दो चीजों के बारे में बताना चाहूंगा कि एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर नीति आयोग की तरफ से टिंकरिंग लैब्स की शुरुआत हुई, दस हजार स्कूलों में टिंकरिंग लैब्स हैं, अगले 5 वर्षों में और 50,000 टिंकरिंग लैब स्कूलों में होंगे। एनईपी छठी कक्षा से ही कौशल विकसित करने पर केंद्रित है। शिक्षा प्रणाली की पुनर्निर्माण हो रहा है। इसमें एनईपी बड़ी भूमिका में है। प्राथमिक स्तर पर जब लिखित परीक्षा के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया के अलावा क्रिटिकल थिंकिंग, एनालिटिक एबिलिटी विकसित करने पर काम किया जाएगा, तो युवा खुद नवाचार की ओर बढ़ेंगे।
 

12:53 PM, 17-Apr-2025

शिक्षा और कौशल का सम्मेलन सत्र

संवाद में शिक्षा और कौशल (स्किल) के बीच बेहतर तालमेल या समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस मंथन में प्रमुख रूप से अनिल सहस्त्रबुद्धे, डॉ. हरिओम और डॉ. कृष्णमूर्ति बातचीत कर रहे हैं। इस प्रेरणादायक सत्र से युवा वर्ग को अपने भविष्य की दिशा तय करने में काफी मदद मिलेगी।
 

12:39 PM, 17-Apr-2025

कांग्रेस के बारे में क्या बोले जितिन प्रसाद?

प्रसाद ने कांग्रेस के बारे में कहा कि उनके पास कोई वैकल्पिक सोच नहीं है। वहां रहते हुए आप जनसेवा का काम नहीं कर सकते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस जनता की भावनाओं को रिप्रेजेंट नहीं कर रही है, इसलिए उन्हें हर जगह हार का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस और भाजपा में जमीन आसमान का अंतर है। भाजपा के पास एक अलग विजन है, जनाधार है, एक व्यापक संगठन है। सभी लोगों के लिए अवसर है। नए नेतृत्व पैदा करने की पार्टी के पास क्षमता है। भाजपा देश में नया नेतृत्व देने में सक्षम है। कांग्रेस के पास ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो विभाजन की बात करते हैं वे कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब वोट देने की बात होगी तो लोग देश में मोदी जी को और प्रदेश में योगीजी को ही चुनेंगे।

12:37 PM, 17-Apr-2025

जितिन प्रसाद बोले- विपक्ष के पास कोई विजन नहीं

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष मुद्दा विहिन है। उनके पास कोई विजन नहीं है। यूपी की पहचान बदली है इसे पूरे विश्व ने देखा है, विपक्ष को यह नहीं दिख रहा है तो यह उनके विजन की गलती है। कानून अपना काम कर रहा है। कानून सबके लिए समान है। जो काम हो रहे हैं, उससे पूरे विश्व के सामने भारत का डंका बज रहा है। यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा में सिर्फ बातें नहीं होती बल्कि काम की बातें होती है। यहां कोई यह नहीं सोच सकता कि हम नहीं होंगे तो काम नहीं होगा। यहां की सोच है कि यदि आप काम करते हैं तो आप पद के लायक हैं और एक दिन आप आगे बढ़ेंगे।

12:36 PM, 17-Apr-2025

भारत के प्रति धारणा को बदलने की जरूरत है: जितिन प्रसाद

एआई पर जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार के विजन में एआई की टॉप प्रायोरिटी है। सीधे पीएम इसे मॉनिटर करते हैं। दस हजार करोड़ की राशि का प्रबंध सिर्फ एआई मिशन के लिए किया गया है। एआई के लिए डेटा बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस दौरान जैम की भी चर्चा की। जिसमें जे का मतलब जनधन खाता है। ए का मतलब आधार और एम का मतलब मोबाइल फोन हैं। ये सभी एक डेटा के रूप में भारत की पूंजी का निर्माण करते हैं। सरकार एआई मिशन पर तन्मयता के साथ काम कर रही है। भारत में भी घर-घर में गैस चूल्हा जल रहा है। भारत के प्रति धारणा को बदलने की जरूरत है। मोदी जी का नेतृत्व देश में और योगी जी का नेतृत्व प्रदेश में ठोस रणनीति के साथ काम कर रही है। हम वर्ल्ड एलएलएम मॉडल विकसित करेंगे। एआई सिर्फ भाषणों में न रहे, हमारी यह चेष्टा है। हम इसका कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल करना चाहते हैं ताकि इसका आम लोगों को लाभ मिले। 

12:15 PM, 17-Apr-2025

जितिन प्रसाद ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला की भी सराहना की

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि डबल इंजन की सरकार की कोशिश है कि नौजवान पीढ़ी को हर सहायता मुहैया कराई जाए। इस दौरान उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत टैलेंट कैपिटल है। उनके लिए सरकार सकारात्मक माहौल मुहैया कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार बहुत ही संवेदनशील है। सरकार अपनी कान और अपनी आंख खुली रखे हुए है और बदलावों के अनुसार नई-नई रणनीतियां बना रही है। सरकार युवाओं को दिशा देने का काम कर रही है।
 

12:15 PM, 17-Apr-2025

यूपी डबल इंजन की सरकार का रोल मॉडल: जितिन प्रसाद

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार क्या है? केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि यूपी डबल इंजन की सरकार का रोल मॉडल है। उन्होंने कहा कि यूपी बड़ी चीजें करने के लिए तैयार है। हमने बड़े बदलाव किए हैं। कुंभ के आयोजन से यूपी की एक अलग पहचान बनी है। सेमीकंडक्टर के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं। हम डिस्प्ले चिप पर काम कर रहे हैं। यूपी की धरती पर इसका निर्माण होगा। सरकार इसके निर्माण में 50% से अधिक का योगदान देगी।

12:13 PM, 17-Apr-2025

लखनऊ भारतीय राजनीति में खास महत्व रखता है: जितिन प्रसाद

केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने अमर उजाला के मंच पर कारोबार और निर्यात बढ़ाने की चुनौतियों पर बात की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखनऊ भारतीय राजनीति में खास महत्व रखता है। लखनऊ से मेरा बहुत अहम नाता रहा है। लखनऊ की एक अलग ही हवा है। यहां के लोग, यहां का खाना और यहां की बारीकियां यहां आकर ही पता चलती है। यहां आते ही हवा बदल जाती है। 
 

12:04 PM, 17-Apr-2025

सीएम योगी ने कहा कि जब 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच में महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज की धरती पर हम सबको आयोजित करने का अवसर मिला। डबल इंजन सरकार के सामर्थ, उत्तर प्रदेश के लोगों के आतिथ्य सत्कार की परंपरा और महाकुंभ में आने वाले लोगों की उत्सुकता। पूरा भारत कुंभ में आया। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के लोग रहे हों, महाराष्ट्र या गुजरात से जुड़े श्रद्धालु रहे हों। अरुणाचल, मणिपुर, त्रिपुरा या असम से जुड़े हुए वहां के श्रद्धालु और संत रहे हों या फिर उत्तर भारत से जुड़े हुए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड से लेकर पूरे उत्तर क्षेत्र से जुड़े हुए लोग एक साथ उत्तर प्रदेश के अंदर इन 45 दिनों के आयोजनों में जुड़े। नेपाल और भूटान से भी बहुत संख्या में श्रद्धालु आए थे। दुनिया में 100 से अधिक देशों के श्रद्धालु भी महाकुंभ के साक्षी बने। मुझे लगता है दुनिया में इतने लंबे समय तक चलने वाला आयोजन इतनी बड़ी संख्या में होने वाले किसी आयोजन में इतनी बड़ी संख्या में होने वाले आयोजन में उपस्थिति हो, वह एक विहंगम दृश्य पहली बार इतने वृहद पैमाने पर देखने को प्रयागराज की धरती पर देखने को मिला। इसको लेकर हर व्यक्ति अभिभूत था। यह दृश्य हमारे सामने आया था। यह हमारा सौभाग्य था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए जो व्यवस्थाएं की थीं उन व्यवस्थाओं से अभिभूत होकर हर व्यक्ति जाता था। जो जाता था, वो त्रिवेणी का जल लेकर जाता था। जो आए थे वो तो सौभाग्य मानता ही था। जो किन्ही कारणों से नहीं आए उनके लिए उनके घर तक गंगाजल पहुंचाने का कार्य वो श्रद्धालु करते थे जो प्रयागराज महाकुंभ के साक्षी बने। आपने देखा होगा, जो आया था उन सबने फोर्स की बहुत तारीफ की और इन 45 दिनों के अंदर प्रयागराज महाकुंभ के अंदर दो चीजों की चर्चा हर व्यक्ति करता था। एक स्वच्छता और दूसरा पुलिस के बिहेवियर की। हर व्यक्ति इसकी तारीफ करता था। स्वच्छता... स्वच्छता का एक मानक कैसे होना चाहिए। एक टेम्पररी सिटी में सबकुछ अस्थायी, तब भी कहीं भी एक तिनका नहीं, स्वच्छ और सुंदर वातावरण आ रहे हैं। करोड़ों लोग आ रहे हैं। कहीं कोई गंदगी नहीं। पुलिसकर्मी लोगों के सहयोग करने में इंतजार नहीं रहे थे। पुलिसकर्मियों ने आवश्यकता पड़ने पर 16-16 घंटे ड्यूटी की जनता की सेवा की। सर्दी, गर्मी, किसी की परवाह नहीं की, जनता की सेवा में जुटे रहे। अन्य विभाग के लोग भी जनता की सेवा इसी स्फूर्ति से जुटे रहे। 
 

10:42 AM, 17-Apr-2025

Who is Mickey Mehta: नाश्ता हल्का होना चाहिए, फल-अंकुरित आहार होना चाहिए

डॉ मिकी ने कहा कि कहा कि नाश्ता तगड़ा होना चाहिए, यह बहुत बड़ा मिथ है। नाश्ता हल्का होना चाहिए, फल-अंकुरित आहार होना चाहिए। अगर सर्दियों का मौसम है तो ठीक है ड्राइफ्रट्स। घी वाला दूध, इसका आहर हो जाए। दोपहर को 12 बजे तक हमारी पाचन क्रिया कमजोर होती है। सुबह छह से 10 तक कफ काल और सुबह 10 से दोपहर दो तक पित्त काल होता है। कफ काल में खाया नहीं जाता। पित्त काल में खाया जाता है। 
 

10:38 AM, 17-Apr-2025

Dr. Mickey Mehta Live: सुबह का समय आपके हाथ में है- डॉ

डॉ. मिकी मेहता ने कहा कि सुबह का समय आपके हाथ में है। एक बार आप बाहर निकल गए तो लाइफ शायद नियंत्रण से छूट जाए। पर सुबह आपके हाथ में हैं। अगर सुबह उठते ही यम, नियम, आसन, प्रयाध्यन, ध्यान आदि चीजों की दिनचर्या रखेंगे तो आप योगी बन सकते हो। योगी होकर भी आप सांस्कारिक जीवन जी सकते हो। 

10:23 AM, 17-Apr-2025

Dr. Mickey Mehta: 'मैं 54 साल से योग कर रहा हूं'

'जीवन शैली में छिपा है सेहत का राज' सत्र में डॉ. मिकी मेहता अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें सारी चीजें सुक्ष्म रूप से करनी है, तोड़-फोड़ मारपीट से दूर रहे। योग की परिभाषा है स्वयं में स्थि, स्वयं में उपस्थित, स्वयं में होना, स्वयं को होने देना, स्वयं में स्वतंत्र बनना, स्वतंत्रता का स्वामी बनना, अंतर्यामी बनना, ऊर्ध्वगामी बनना, स्वामी बाबा राम देव बनना। उन्होंने मैं 54 साल से योग कर रहा हूं। 45 साल इस व्यवसाय में हो गए हैं। 

 

10:03 AM, 17-Apr-2025

अमर उजाला संवाद कहां देख सकते हैं?

अमर उजाला संवाद 2025 कार्यक्रम आप अमर उजाला के यूट्यूब चैनलअमर उजाला उत्तर प्रदेश के यूट्यूब चैनलअमर उजाला के इंस्टाग्राम पेजअमर उजाला के फेसबुक पेज और अमर उजाला के एक्स/ट्विटर पेज पर लाइव देख सकते हैं। इसके साथ ही अलग-अलग अतिथियों से जुड़े वीडियोज भी आप इन चैनलों पर देख सकते हैं। इस कार्यक्रम से जुड़े लाइव अपडेट्स और इंटरव्यू आप Amarujala.com पर भी पढ़ सकते हैं।

09:49 AM, 17-Apr-2025

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कांग्रेस से शुरू किया था राजनीतिक सफर

केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद 2001 में सक्रिय राजनीति में आए। वह 2004 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार शाहजहांपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और जीते। 2008 में केंद्रीय इस्पात मंत्री बने। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में लखीमपुर की धौरहरा सीट से सांसद चुने गए थे। जितिन प्रसाद यूपीए सरकार के दोनों कार्यकाल में मंत्री रहे। इसके बाद 2014 का लोकसभा, 2017 का विधानसभा और 2019 का लोकसभा चुनाव वे हार गए। साल 2021 में जितिन प्रसाद कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जितिन प्रसाद को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भेजा। प्रदेश में लगातार दूसरी बार भाजपा की सरकार बनी तो जितिन प्रसाद को योगी सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री बनाया गया। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से भाजपा ने मौजूदा सांसद वरुण गांधी का टिकट काटकर जितिन को दिया। यहां से चुनाव जीतकर वह फिर सांसद बने। फिर जितिन प्रसाद ने एक दशक के बाद केंद्रीय कैबिनेट में वापसी की।

09:29 AM, 17-Apr-2025

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के राजनैतिक जीवन पर एक नजर

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। 1989 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे।  इसके बाद 1990 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके 12 साल बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2002 के विधानसभा चुनाव में मल्लावां विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और 130 वोटों के करीबी अंतर से चुनाव हार गये थे। पाठक 2004 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर उन्नाव से सांसद चुने गए। बसपा ने उन्हें सदन में उपनेता बनाया, वहीं 2009 में मायावती ने ब्रजेश पाठक को राज्यसभा भेज दिया। वह सदन में बसपा के मुख्य सचेतक रहे। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक उन्नाव लोकसभा सीट से दूसरी बार मैदान में थे, लेकिन यह चुनाव हार गए थे। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 22 अगस्त 2016 को ब्रजेश पाठक बीजेपी में शामिल हो गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और कानून मंत्री बनाया गया। योगी सरकार 2.0 में उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली।

09:08 AM, 17-Apr-2025

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का सियासी सफर संक्षेप में

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पहली बार वर्ष 2002 में प्रयागराज शहर पश्चिमी से माफिया अतीक के खिलाफ उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। इस चुनाव में केशव प्रसाद हार गए। वर्ष 2007 में भाजपा ने फिर केशव को शहर पश्चिमी से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने फिर से केशव को उनके गृह नगर सिराथू से प्रत्याशी बनाया और वह भारी मतों से जीतकर विधायक बने। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में केशव को भाजपा ने फूलपुर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया। इसमें केशव करीब तीन लाख मतों से सपा प्रत्याशी धर्मराज सिंह पटेल से चुनाव जीते। वर्ष 2016 में प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती और केशव को डिप्टी सीएम का दायित्व सौंपा गया। 2022 में फिर से डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी गई।
 

08:39 AM, 17-Apr-2025

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का सियासी सफर

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से शुरू होती है, जहां साल 2000 में हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और फिर लोकसभा में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण कमेटी के सदस्य भी बने। साल 2004 तक 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे अखिलेश यादव ने बतौर सांसद आचार समिति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण कमेटी के सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद अखिलेश यादव का लोकसभा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा, साल 2004 और 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर अखिलेश यादव फिर से लोकसभा पहुंचे। साल 2012 में उत्तर प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री रहे।

08:18 AM, 17-Apr-2025

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो उस समय वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। वहीं 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 2022 में दोबारा मुख्यमंत्री बने।

07:55 AM, 17-Apr-2025

18 को ये होंगे मेहमान

  • अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष 
  • उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
  • उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
  • केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद
  • पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे
  • विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय कारंडिकर
  • पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना
  • गीतकार मनोज मुंतशिर
  • अभिनेता विनीत कुमार सिंह
  • स्माइल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मनीष विज
  • कोटक म्युचुअल फंड के एमडी निलेश शाह
  • एक्टर व कंटेंट क्रिएटर स्नेहिल दीक्षित मेहरा
  • कंटेंट क्रिएटर हर्षवर्द्धन वर्मा

07:41 AM, 17-Apr-2025

17  अप्रैल को ये शख्सियतें होंगी शामिल

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • कैबिनेट मंत्री रजनी तिवारी
  • शिक्षाविद् प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे
  • केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद
  • हेल्थगुरु डॉ. मिक्की मेहता
  • अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक
  • बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विशाल फुरिया
  • फिल्म निर्देशक तेजस प्रभा विजय देवस्कर
  • फिल्म अभिनेता इमरान हाशमी
  • अभिनेत्री नुसरत भरूचा
  • अभिनेत्री जूही बब्बर सोनी
  • वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक डॉ. अनिरुद्धाचार्य
  • शायर अजहर इकबाल
  • कीर्ति चक्र विजेता बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्र नाथ धर दुबे
  • बॉक्सर विजेंद्र सिंह
  • बॉक्सर निखत जरीन
  • अंतरराष्ट्रीय रंगोली कलाकार शिखा शर्मा

07:27 AM, 17-Apr-2025

शौर्य की गाथाओं से सजेगी शाम

संवाद के पहले दिन की शाम शौर्य और मनोरंजन की गाथाओं से ओतप्रोत होगी। कीर्ति चक्र से सम्मानित बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्र धर दुबे शौर्य और पराक्रम की गाथाओं के साथ लोगों से रूबरू होंगे। वहीं, इमरान हाशमी और फिल्म निर्देशक तेजस देओस्कर बताएंगे कि फिल्मी कहानियां कितनी सच्ची होती हैं।

07:14 AM, 17-Apr-2025

आध्यात्मिक गुरु देंगे लोगों के सवालों के जवाब

पहले दिन के संवाद में बॉलीवुड डायरेक्टर विशाल फुरिया शायर अजहर इकबाल के साथ ही आलंपियन बॉक्सर विजेंदर सिंह, वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर निखत जरीन भी मौजूद रहेंगी। आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य अपनी बात रखने के साथ ही लोगों के सवालों के जवाब भी देंगे। 

07:11 AM, 17-Apr-2025

ये मेहमान होंगे शामिल

उद्घाटन सत्र के बाद शिक्षाविद् प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे, हेल्थ गुरु डॉ. मिकी मेहता, अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक, अंतरराष्ट्रीय कलाकार शिखा शर्मा और यूपीसीडा के सीईओ आईएएस मयूर माहेश्वरी मौजूद रहेंगे। बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी, अभिनेत्री नुसरत भरूचा व जूही बब्बर सोनी लोगों से रूबरू होंगी।

06:27 AM, 17-Apr-2025

Samwad 2025 Day 1: अभिनेता इमरान हाशमी बोले- लखनऊ का प्यार और यहां की मेहमान नवाजी दिल खुश कर देती है

अमर उजाला संवाद में आज से दो दिन तक बात होगी तेजी से आगे बढ़ते देश के साथ वैश्विक पटल पर छाप छोड़ते उत्तर प्रदेश के विकास की। बात होगी प्रदेश के विकास पथ पर बढ़ने में महिला शक्ति के योगदान की। इस बातचीत में देश की नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। संवाद का शुभारंभ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर में सुबह 10 बजे से होगा। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विकास का खाका खींचेंगे और संवाद के लिए मंच पर रहेंगे।

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