पीएम मोदी बोले, मैं मुख्य अतिथि हूं पर यहां का सांसद भी हूं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण का प्रारंभ करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्य अतिथि हूं पर यूपी का सांसद भी हूं इसलिए आप सबका स्वागत करता हूं। उन्होंने प्रदेश में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ही बिजली से लेकर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। यह बदलाव सिर्फ छह साल में हुआ है। यूपी अब पूरे देश लिए आशा और उम्मीद का केंद्र बन चुका है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले, छद्म समाजवाद ने भारत के औद्योगीकरण को पहुंचाया नुकसान
लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा होने के कारण ही आज नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आकार ले रहा है। अब यूपी मतलब शिक्षा हब, यूपी मतलब इंवेस्टमेंट हब और यूपी मतलब निवेश फ्रेंडली माहौल वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि भारत में छद्म समाजवाद ने उद्योगों के खिलाफ माहौल बनाया है पर पीएम मोदी के नेतृत्व में अब यूपी व देश में उद्योगों को लेकर लोगों की धारणा बदली है।
ज्यूरिख एयरपोर्ट आफ एशिया के सीईओ डेनियल बर्चर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास के मुख्य वाहक बन गए हैं। उनके सहयोग से ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आकार ले पा रहा है। प्रोजेक्ट के विकास के लिए हमें भूमि अधिग्रहण में आसानी हुई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
कुमार मंगलम बिरला बोले, निवेश के लिए आकर्षण बन गया है यूपी
आदित्य बिरला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने ईज आफ डूइंग बिजनेस को लेकर कई शानदार कदम उठाए हैं जिसके कारण यह निवेशकों के लिए आकर्षक प्रदेश बन गया है। उन्होंने उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश की अपील की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 का उद्घाटन कर दिया है। इस मौके पर उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में मौजूद मंत्रियों व अफसरों ने उनका स्वागत किया।
इंवेस्टर समिट में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंवेस्टर समिट में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री का विमान 9: 25 पर अमौसी एयरपोर्ट पर उतरा और यहां से वह सीधे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए।
यूपी में विदेश से निवेश के लिए 7.12 लाख करोड़ रुपये के 108 एमओयू साइन हुए
- 25 सेक्टरों में निवेश के लिए योगी सरकार ने नई नीतियां लागू की हैं।
- इन्वेस्टर्स समिट के लिए 16 देशों के 20 शहरों में मंत्री समूह ने रोड शो किए हैं।
- विदेश से यूपी में निवेश के लिए 7.12 लाख करोड़ रुपये के 108 एमओयू साइन हुए हैं।
- देश के प्रमुख शहरों में रोड शो से नौ लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए।
ये हैं पार्टनर कंट्री
यूके, जापान, साउथ कोरिया, नीदरलैंड, सिंगापुर, मारीशस, डेनमार्क, आस्ट्रेलिया, यूएई, इटली।
ये उद्योगपति समिट में रहेंगे मौजूद
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, आदित्य बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला, महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल और हीरानंदानी ग्रुप से जुड़े दिग्गज उद्योगपति मौजूद रहेंगे।
इस समिट में मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल, नवीनीकरण ऊर्जा, टेक्सटाइल, टूरिज्म, वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक, शिक्षा, हेल्थकेयर, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भारी निवेश की संभावना है।
पीएम मोदी के अलावा रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री योगी भी रहेंगे मौजूद
समिट लखनऊ के वृंदावन योजना के विशाल मैदान में आयोजित हो रही है। उद्घाटन सत्र में पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खास तौर से मौजूद रहेंगे। इसके अलावा तीन दिन की समिट में गृहमंत्री अमित शाह व अन्य केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप पुरी, अश्विनी वैष्णव सहित केंद्र और प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री शामिल होंगे।
UP Global Investors Summit Live News in Hindi: करीब 25 लाख करोड़ रुपये के निवेश के करार होने की उम्मीद
यूपी में आज से तीन दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आगाज हो रहा है। देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपतियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का शुभारंभ करेंगे। समिट में करीब 25 लाख करोड़ रुपये के निवेश के करार होने की उम्मीद है। इससे दो करोड़ रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। 10 साझीदार देशों के अलावा 40 देशों के अन्य 600 प्रतिनिधि भी समिट में भाग लेंगे।