राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के लिए जम्मू हैं। सतवारी में जनसभा खत्म करने के बाद वह रघुनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना की। मंदिर में उन्होंने लोगों के साथ ही पुजारियों का हाल जाना।
जम्मू के सतवारी में जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश को रोज़गार सिर्फ छोटे व्यापारी और लघु और मध्यम व्यवसाय ही दे सकते हैं, देश के 2-3 बड़े उद्योगपति नहीं, इसलिए भारत में बेरोज़गारी फैल रही है। हिंदुस्तान का पूरा का पूरा धन 2-3 उद्योगपतियों की जेब में जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है। पूरा कारोबार देश के कुछ उद्योगपति चला रहे हैं। नोटबंदी से काला धन नहीं मिट सका। नोटबंदी कर छोटे कारोबारियों को नुकसान पहुंचाया गया। छोटे कारोबारी ही रोजगार पैदा कर सकते है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गरीबों से उनकी जमीन जो छीनी जा रही है। कश्मीरी पंडितों के साथ सरकार अन्याय कर रही है। आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने कश्मीरी पंडितों की बात को सही तरीके से नहीं सुना। वह भीख नहीं अपना हक मांग रहे हैं। जम्मू कश्मीर को बाहर के लोग चला रहे हैं। प्रदेश के लोगों की आवाज को प्रशासन नहीं सुनता है। हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा बेरोजगारी जम्मू कश्मीर में है। पढ़ाई करने के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उनके पास सेना में भर्ती होने का विकल्प था लेकिन केंद्र की अग्निवीर योजना ने उनका सपना तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनाकर जम्मू कश्मीर के लोगों का पूरा हक छीन लिया गया। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो इस फिर से प्रदेश का दर्जा बहाल किया जाएगा।
हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने निकले थे। यात्रा के दौरान देखने को मिला कि लाखों-करोड़ों लोगों ने देश में मोहब्बत की दुकानें खोली है। हर प्रदेश में पदयात्रा के दौरान देखने को मिला देश के सामने कठिनाई जरूर है। लोकतंत्र पर लगातार हमला किया जा रहा है। नोटबंदी, जीएसटी, किसान बिल, चीन मुद्दे पर जब संसद में आवाज उठाने की कोशिश करते तो हमारा माइक बंद कर दिया जाता था।
विजयपुर से शुरू हुई यात्रा के दौरान राहुल गांधी रास्ते में जमीदारा ढाबे पर कश्मीरी पंडितों के शिष्टमंडल से मिले। उन्होंने कश्मीरी पंडितों की समस्याओं और अन्य चीजों के बारे में जानकारी ली।
कक्षा नौ में पढ़ने वाली दृष्टि शर्मा ने राहुल गांधी से मुलाकात कर नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा उनसे कई प्रकार की चीजों के बारे में भी जाना। राहुल गांधी ने मिलने के लिए कश्मीर से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
कुंजवानी चौक पर राहुल गांधी के भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। कुछ समय बाद सतवारी चौक से थोड़ा पीछे गुरुद्वारे (अशोक नगर) के पास जम्मू-कठुआ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुख्य कार्यक्रम होगा। इसके लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है।
जम्मू के कुंजवानी में राहुल गांधी से मिलने और उनकी जनसभा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं। पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद हैं।
पूर्व मंत्री योगेश साहनी के अनुसार शेड्यूल के तहत 24 जनवरी की सुबह 8 बजे यात्रा शीतली (नगरोटा चेकपोस्ट के पास) से शुरू होगी। नगरोटा के पुराने रूट से होती हुई आर्मी गेट रेंबल उधमपुर तक जाएगी। इसके अगले दिन 25 जनवरी की सुबह 8 बजे यात्रा मैत्रा रामबन से शुरू होकर खोबाग में रुकेगी और दोपहर 2 बजे हरपुरा बनिहाल के लिए रवाना होगी। इस दौरान शाम 4 बजे लंबेड बनिहाल में कार्नर बैठक का आयोजन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर यात्रा को विश्राम दिया जाएगा।
सोमवार को भारत जोड़ो यात्रा के जम्मू पहुंचने पर राहुल गांधी कश्मीरी पंडित परिवारों से भेंट करेंगे। उनका दुख दर्द सुनेंगे। बाद में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया जाएगा। तीन बजे के बाद पीआरआई सदस्यों से भी मिलेंगे।
जम्मू जिला प्रशासन की ओर से सतवारी में एकतरफा हाईवे खुला रखने की बात कही गई है। जिसमें हल्के वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। यात्रा के दौरान जम्मू मार्ग पर राहुल गांधी की पत्रकार वार्ता होगी।
इसके बाद यात्रा सिद्धड़ा स्थित वन सुरक्षाबल मैदान पर रात्रि विश्राम करेगी। शनिवार को जम्मू के नरवाल मंडी इलाके में धमाके के बाद यात्रा के आयोजन स्थलों और राहुल गांधी की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। यात्रा 30 जनवरी को श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर मैदान में संपन्न होगी।
भारत जोड़ो यात्रा अपने 129वें दिन सोमवार को सुबह सात बजकर 5 मिनट पर विजयपुर से जम्मू के लिए रवाना हुई। सुबह 11 बजे सतवारी में राहुल गांधी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा में दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश जैसे बड़े नेता शामिल हैं। शनिवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी राहुल गांधी के साथ नजर आए थे।