तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख और अभिनेता विजय को रविवार को उनके चेन्नई स्थित आवास पर बम की धमकी मिली। इसके बाद उनके आवास पर व्यापक तलाशी के लिए खोजी कुत्तों के साथ एक बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब 27 सितंबर को करूर में विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कम से कम दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
भगदड़ पीड़ितों की जानकारी लेने के लिए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को फोन किया। सीएम स्टालिन ने एक्स हैंडल पर लिखा, फोन पर मुझसे संपर्क कर करुर में हुई दुखद घटना पर अपनी हार्दिक चिंता और संवेदना व्यक्त करने का आभार। सीएम स्टालिन ने लिखा, 'उपचाराधीन लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में ईमानदारी से पूछताछ करने के लिए धन्यवाद।'
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक संगठन- अखिल भारतीय युवा महासंघ (एआईवाईएफ) के सदस्यों ने टीवीके (तमिलनाडु वेत्री कझगम) प्रमुख और अभिनेता विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए 40 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
करुर की भगदड़ पर कर्नाटक के मंत्री शरण प्रकाश ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है... सरकार को बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय कर कुछ दिशानिर्देश जारी करने चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
तमिलनाडु के करुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा करने के बाद उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन ने कहा, 'अस्पताल में अब सभी ठीक हैं। उन्हें बहुत अच्छा इलाज मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने करुर की भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए हादसे को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, तमिलनाडु में हुई घटना के पीड़ितों को वे श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सभी राजनीतिक दलों से एहतियाती कदम उठाने की अपील करता हूं ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।' इससे पहले एक्स पर लिखे एक भावुक पोस्ट में टीवीके प्रमुख विजय ने कहा कि उनके पास अपने दिल की पीड़ा को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए विजय ने उपचार करा रहे लोगों को पार्टी की ओर से सभी जरूरी मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
करुर की रैली में मची भगदड़ में घायल शख्स सेंथिलकन्नन ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत से डीजीपी को निर्देश देने की गुहार लगाई है। याचिकाकर्ता की अपील है कि इस हादसे की जांच पूरी होने, ठोस सुरक्षा उपाय लागू कर दोषियों की जवाबदेही तय होने तक विजय को किसी भी ऐसी राजनीतिक सभा या रैली की अनुमति न मिले। याचिकाकर्ता का कहना है कि करुर की त्रासदी 'सिर्फ भगदड़ या हादसा' नहीं, यह लापरवाही, कुप्रबंधन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है। आयोजकों ने भीड़ को बिना रोक-टोक जमा होने दिया, पर्याप्त बैरिकेड्स नहीं लगाए गए। रैली के वाहन को गलत तरीके से खड़ा करने से भीड़ बेकाबू हो गई। करुर शहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
याचिका में दलील दी गई कि अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और राजनीतिक रैलियों की अनियंत्रित अनुमति नागरिकों के जीवन को खतरे में डालती है। पीड़ित की दलील है कि सरकार की तरफ से घोषित मुआवजा और जांच के लिए गठित आयोग पर्याप्त नहीं हैं। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू नहीं किए जाते, विजय को भविष्य में ऐसी रैलियों की अनुमति देने से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ेगी।
करुर की भगदड़ पर एक अन्य राजनीतिक दल- एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने कहा, कल की दुखद घटना में 40 लोगों की मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में एक बुज़ुर्ग महिला की हालत गंभीर है। भविष्य में ऐसी दुखद घटना न हो, राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए। पुलिस को इससे सबक लेना चाहिए। राजनीतिक दलों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, और पुलिस को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी कोई जनहानि न हो। ऐसे हादसों को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम सभी को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि तमिलनाडु में भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मैं किसी राजनीतिक दल के नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक आम आदमी के रूप में आया हूं।' तमिलनाडु सरकार भगदड़ से निपटने के लिए अच्छा काम कर रही है। भगदड़ की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय सही है।
करूर भगदड़ पर तमिलनाडु से निर्वाचित एमडीएमके सांसद दुरई वाइको ने कहा, यह भयानक त्रासदी है जिसने न केवल तमिलनाडु को बल्कि संभवतः पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई है। यह न केवल तमिलनाडु में बल्कि पूरे देश में कई बार हो चुकी है। कुछ महीने पहले, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में कुंभ मेले के दौरान भी ऐसी घटना घटी थी... फिर, कर्नाटक की राजधानी में आईपीएल जीतने का जश्न मनाने के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम की मौजूदगी में भी ऐसी ही घटना घटी थी। ऐसे आयोजन करने वालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समारोह कानून के दायरे में हो... जनता में भी जागरूकता होनी चाहिए।
तमिलनाडु में सत्तारुढ़ दल- डीएमके की सांसद कनिमोझी ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जाकर करूर भगदड़ पीड़ितों से मुलाकात की। इस अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है। उनके साथ तमिलनाडु सरकार में पूर्व मंत्री रहे डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी समेत कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
पीड़ितों से मुलाकात के बाद कनिमोझी ने कहा, मुख्यमंत्री स्टालिन ने यह सुनिश्चित किया है कि जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ता मदद के लिए यहां मौजूद रहें... भले ही प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री किसी भी राजनीतिक रैली का आयोजन करें, पार्टी को कुछ शर्तों का पालन करना पड़ता है। इनसे ऊपर कोई नहीं है... इस मामले में सीएम ने एक पूर्व महिला जज की अध्यक्षता में आयोग गठित किया है। उसकी रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए।
देश में भीड़ प्रबंधन में कुछ गड़बड़ है: कांग्रेस नेता शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने करूर हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी त्रासदियां देश में भीड़ प्रबंधन की खामियों को उजागर करती हैं। अपने संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद और दर्दनाक स्थिति है। हमारे देश में भीड़ प्रबंधन में कुछ गड़बड़ है। हर साल कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बड़े समारोहों के लिए सख्त नियम और सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाएं।
करूर में भगदड़ पर एडीजीपी कानून-व्यवस्था एस डेविडसन देवसिरवथम ने कहा, टीवीके ने कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने इसे स्वीकार नहीं किया क्योंकि इसे एक उच्च जोखिम वाली जगह माना जाता था। यहां एक तरफ पेट्रोल पंप और दाईं ओर अमरावती नदी का पुल था। अधिकारियों ने हालात को देखते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीवीके की तरफ से वैकल्पिक जगह मांगी गई, लेकिन वहां भी हजारों लोगों की क्षमता नहीं थी। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें करूर में इस जगह का सुझाव दिया क्योंकि हाल ही में एक अन्य राजनीतिक दल ने लगभग 12,000 से 15,000 लोगों के साथ एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम किया था। टीवीके के लोग भी जगह देखने के बाद सहमत हो गए थे। संतुष्ट होने के बाद उन्होंने हमें लिखित आवेदन देकर कार्यक्रम की अनुमति मांगी। इसलिए कोई खुफिया विफलता जैसी बात नहीं है। वहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइट थी। कुछ शर्तों का उल्लंघन किया गया था। मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है कि उल्लंघन में कौन-कौन शामिल है।
करुर में भगदड़ के बाद सरकार ने हाईकोर्ट से रिटायर हो चुकीं जस्टिस अरुणा जगदीशन को जांच का जिम्मा सौंपा है। न्यायमूर्ति जगदीशन ने भगदड़ पीड़ितों से अस्पताल जाकर मुलाकात की। उन्होंने घटनास्थल पर जाकर भी जानकारी ली।
करूर का दौरा करने के बाद जस्टिस जगदीशन ने कहा, ऐसे आयोजनों की खामियों का पता लगाने के लिए आयोग का गठन किया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष सनी जोसेफ ने तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ पर प्रतिक्रिया दी है। टीवीके प्रमुख व अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में शनिवार रात हुई भगदड़ को उन्होंने जनता और नेताओं दोनों के लिए सबक बताया। बता दें कि रैली में जगह की क्षमता से लगभग दोगुने यानी 60 हजार लोग जमा हो गए थे। इसमें महिलाओं और बच्चों समेत करीब 40 लोगों की मौत हो गई। कांग्रेस नेता जोसेफ ने कहा कि यह हादसा राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अनुभव और आम जनता से उनके जुड़ाव के महत्व को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दर्द गहरा है, लेकिन इसी में सीख भी छिपी है।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) अधिवक्ता विंग के अध्यक्ष एस. अरिवाझगन ने कहा, अभिनेता सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने कल करूर में हुई दुखद भगदड़ की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने इस संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में टीवीके की तरफ से पेश अधिवक्ता एस. अरिवाझगन ने न्यायमूर्ति एम. ढांडापानी की पीठ के समक्ष हा कि अदालत को घटना का स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। याचिका में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि केवल एक स्वतंत्र एजेंसी ही उन खामियों का पता लगा सकती है जिनके कारण पार्टी की जनसभा के दौरान भगदड़ में बड़ी संख्या में लोगों को जान गंवानी पड़ी। दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस ढांडापानी ने टीवीके के वकीलों को हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के समक्ष विस्तृत याचिका दायर करने का निर्देश दिया। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होने की उम्मीद है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने करूर भगदड़ पर कहा, "तमिलनाडु में हुआ हादसा, जिसमें इतने लोगों की जान चली गई, बेहद दुखद है। मैं कहना चाहता हूं कि अगर शुरुआत से ही सावधानी बरती गई होती, तो यह नौबत नहीं आती। इस बात की जांच होनी चाहिए कि किसकी गलती से इन निर्दोष लोगों की जान गई और उन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाने ज़रूरी हैं।"
बिहार: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने करूर भगदड़ पर कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और इसमें कई युवाओं की जान चली गई। मुझे इस पर बहुत दुख है। मैं लोगों से विनम्र निवेदन करता हूं कि जब वे इतनी बड़ी भीड़ में हों तो अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। पहले यह बेंगलुरु में हुआ और अब करूर में। ऐसा नहीं होना चाहिए। लोगों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।"
टीवीके अध्यक्ष विजय ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी की रैली के दौरान भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 20 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि घायलों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।
विजय ने आगे कहा, "आपको जो नुकसान हुआ है, उसके लिए यह कोई बड़ी रकम नहीं है। मुझे पता है कि आपके नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती। यह एक अपूर्णीय क्षति है। हालांकि, इस घड़ी में आपके साथ खड़ा होना और आपका दुख साझा करना मेरा कर्तव्य है।"
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
करूर भगदड़ पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "यह एक बहुत ही दुखद और दर्दनाक स्थिति है। हमारे देश में भीड़ प्रबंधन में कुछ गड़बड़ है। हर साल कोई न कोई हादसा होता रहता है। हमें बंगलूरू की याद आती है। जब हम इन भगदड़ों में बच्चों के मारे जाने की खबर सुनते हैं, तो बहुत दुख होता है। मेरे लिए, यह तर्क है कि हम आम लोगों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यवस्थित नीति के रूप में क्या कर सकते हैं। लोग किसी राजनेता को सुनने के लिए, जो संयोग से एक फिल्म स्टार भी है, या क्रिकेटरों को देखने के लिए, जो हमारे लिए भी स्टार हैं, जाते हैं। मूल बात यह होनी चाहिए कि कुछ नियम, मानक और प्रोटोकॉल होने चाहिए... साथ ही, मैं केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी परिस्थिति में सभी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बहुत सख्त प्रक्रियाओं पर सहमत हों ताकि हमें इन भयानक भगदड़ों में अपनों के खोने का दुख और पीड़ा न झेलनी पड़े।"
तमिलनाडु: करूर भगदड़ पर करूर से कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहा, "यह त्रासदी का समय है। हम पूरी तरह से टूट चुके हैं, क्योंकि यह एक बहुत छोटा शहर है और समाज आपस में बहुत जुड़ा हुआ है। हम एक परिवार की तरह रहते हैं। इस जगह पर इतनी बड़ी त्रासदी पहले कभी नहीं हुई। हमें इससे उबरने में वर्षों लगेंगे। मैं इस घटना के बाद से यहां हूं और मैंने उन सभी परिवारों से मुलाकात की है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम उन लोगों से मिले हैं जिनका इलाज चल रहा है। लगभग सभी बहुत गरीब, मजदूर, किसान या खेतिहर मजदूर हैं। हर किसी ने किसी न किसी को खोया है जिस पर वे अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं। मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। हम इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की रैली में हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
करूर भगदड़ पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "बहुत ही दुखद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। जिस तरीके से कार्यक्रम के प्रमुख विजय ने जितने भीड़ की अनुमति ली थी उससे 3 गुना भीड़ इकट्ठा कर ली। कोई प्रबंध नहीं किया। मैं तमिलनाडू के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने 10 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।"
करूर भगदड़ पर, तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव पी सेंथिल कुमार ने कहा, "इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 39 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 17 महिलाएं, 13 पुरुष, 4 लड़के और 5 बच्चियों की मौत हो गई है। 39 मृतकों में से 30 का पोस्टमार्टम हो चुका है और शव परिवारों को सौंप दिए गए हैं। बाकी पोस्टमार्टम अभी जारी हैं। 26 घायल मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया और उन्हें छुट्टी दे दी गई। 67 घायलों को आईपीडी में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। 2 मरीज गंभीर हैं। बाकी सभी की हालत स्थिर है। एक मरीज को आगे के इलाज के लिए मदुरै मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है।"
भाकपा महासचिव डी. राजा ने करुर भगदड़ पर कहा, "मैं टीवीके द्वारा आयोजित राजनीतिक रैली में करूर में हुई भगदड़ से बहुत स्तब्ध और दुखी हूं... लोगों की सुरक्षा और उनके लिए व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री वहां पहुंचे हैं और उन्होंने वित्तीय सहायता, मुआवज़ा, चिकित्सा देखभाल के अलावा लोगों की हर संभव मदद की घोषणा की है। उन्होंने मामले की जांच के लिए आयोग भी नियुक्त किया है। जांच होनी चाहिए, जितनी जल्दी हो सके रिपोर्ट सामने आनी चाहिए और जो लोग जिम्मेदार हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां करूर भगदड़ में घायल हुए लोगों का इलाज चल रहा है और पोस्टमॉर्टम के बाद पीड़ितों के शव उनके परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। कल टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ की घटना में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन करूर में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के शवगृह पहुंचे। कल TVK प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ की घटना में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अनुसार, कल टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ की घटना में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
करूर भगदड़ पर भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, "जो भी मदद की ज़रूरत होगी, हम करेंगे। मैं अनुरोध करना चाहती हूं कि इसे सनसनीखेज बनाने के बजाय, हम सब समझदारी से काम लें। चाहे उन्हें रक्त की ज़रूरत हो या किसी भी तरह की चिकित्सा सहायता की, या परिवार को सहायता की ज़रूरत हो, हमने अपने ज़िला अध्यक्ष और आस-पास के जिलों के अध्यक्षों से भी अनुरोध किया है कि वे उनकी हर संभव मदद करें। मैं सुबह-सुबह करूर पहुंच गई हूं। हमारे प्रदेश अध्यक्ष भी पहुंच रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को फ़ोन करके स्थिति की जानकारी ली है और केंद्र सरकार जो भी मदद दे सकती है, वह देने की पेशकश की है।"
तमिलनाडु: करूर भगदड़ पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP), कानून और व्यवस्था, एस. डेविडसन देवसिरवथम ने कहा, "...हमें प्रारंभिक जांच करनी होगी। 39 लोगों की जान चली गई है। मामला दर्ज कर लिया गया है..."
सड़क मार्ग से करूर के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन करूर भगदड़ के बाद चेन्नई से त्रिची पहुंचे, जहां से वह सड़क के रास्ते करूर के लिए रवाना हो गए।
करूर भगदड़ पर TVK प्रमुख और अभिनेता विजय ने भी शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा, 'मैं असहनीय पीड़ा और दुःख में हूं। इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। करूर में अपनी जान गंवाने वाले अपने प्रिय भाइयों और बहनों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं। मैं अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
36 लोगों की मौत: स्टालिन
सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय की करूर में आयोजित रैली में भगदड़ में 8 बच्चों, 16 महिलाओं सहित 36 लोगों की मौत हो गई। मैंने अस्पतालों में भर्ती सभी लोगों को बेहतर उपचार देने का आदेश दिया है।
मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा, जांच आयोग का होगा गठन: सीएम
तमिलनाडु के सीएम कार्यालय ने कहा कि करूर त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा। इस घटना की जाँच के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग का गठन किया जाएगा।
अमित शाह ने तमिलनाडु के सीएम और राज्यपाल से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से बात कर राज्य में मची भगदड़ के बाद की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।
गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से मांगी रिपोर्ट
पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने करूर में भगदड़ पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया कि तमिलनाडु के करूर जिले में भगदड़ जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लोगों की दुखद मृत्यु के बारे में जानकर दुख हुआ। मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।
आपातकालीन बैठक के लिए सचिवालय पहुंचे स्टालिन
भगदड़ के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अधिकारियों के साथ बैठक के लिए सचिवालय पहुंचे।
अमित शाह ने जताया दुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि तमिलनाडु के करूर में भगदड़ में हुई दुखद मौत से बहुत दुखी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
करूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के दृश्य। जहां घायल भर्ती हैं।
नमक्कल और सेलम से बुलाए डॉक्टर: सेंथिल बालाजी
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी ने कहा कि नमक्कल और सेलम जिले के डॉक्टरों को इलाज के लिए करूर बुलाया गया है और वे भी आ रहे हैं। हमने निजी अस्पताल को भगदड़ के कारण भर्ती मरीजों के लिए शुल्क न लेने की सलाह दी है और हम (सरकार) मुख्यमंत्री के आदेशानुसार इसका ध्यान रखेंगे। ज़िला प्रबंधन उपचार दे रहा है ताकि मृत्यु दर में और वृद्धि न हो।
तमिलनाडु के राज्यपाल
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके नेता वी सेंथिल बालाजी करूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब तक भगदड़ में 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 58 लोगों को भर्ती कराया गया है। भगदड़ की घटना के बाद सीएम ने तुरंत पूछताछ की और जिला कलेक्टर, एसपी और मुझे अस्पताल पहुंचने का आदेश दिया। हमें अतिरिक्त डॉक्टरों को बुलाने और उचित इलाज करने की सलाह दी। कल मुख्यमंत्री खुद यहां आने वाले हैं। अभी तक 46 लोग निजी अस्पताल में हैं, और 12 लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं।
करूर में टीवीके की रैली के दौरान मची भगदड़ और लोगों की मौत को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक जताया है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
पलानीस्वामी का दावा- 29 लोगों की मौत
तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष और AIADMK महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि करूर में आयोजित तमिलगा वेत्री कझगम पार्टी की प्रचार सभा के दौरान भीड़ की अराजकता के कारण 29 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य बेहोश हो गए। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह खबर चौंकाने वाली और दुखद है। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और खेद व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई।
30 लोगों के बेहोश होने की आशंका
पीटीआई के मुताबिक टीवीके की रैली में भगदड़ के दौरान 30 से अधिक लोगों के बेहोश होने की आशंका है। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
पीटीआई के मुताबिक टीवीके की रैली में भगदड़ के बाद मुख्यमंत्री स्टालिन कल करूर जा सकते हैं।
तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि रैली में दो बच्चों समेत 10 लोगों की मौत होने की आशंका है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।