सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पांच करोड़ वोट काटे जा रहे हैं और इसके पीछे एक बड़ा मैपिंग एप घोटाला है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह ऐप उसी कंपनी का है जिसने भाजपा को चुनावी बॉन्ड दिए थे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि वंदे मातरम पर भाजपा की राजनीति गलत है, क्योंकि जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह गीत लिखा था, तब स्वतंत्रता आंदोलन चरम पर था लेकिन भाजपा-RSS का उससे कोई संबंध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS ने 50 वर्षों तक अपने मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं दी। यादव बोले कि सपा वंदे मातरम का सम्मान करती है और इसका विरोध करने वालों की राजनीति नहीं मानती।
शिवसेना (उद्धव) सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा में कहा कि सत्ता पक्ष बार-बार “मुस्लिम” शब्द का इस्तेमाल कर माहौल बिगाड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ है, लेकिन इससे बहस को भटकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस की पुरानी गलतियों का हवाला देती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे खुद वही गलतियां दोहराएं।
कांग्रेसी सांसद इमरान मसूद ने वंदे मातरम पर विवाद के बीच कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और अपनी धार्मिक पहचान नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनका धर्म सभी से प्रेम करने की सीख देता है। मसूद ने कहा कि जब वंदे मातरम गाया जाता है, वे खड़े होकर सम्मान दिखाते हैं, लेकिन धर्म बदलने जैसी बातें स्वीकार नहीं हैं।
लोकसभा में राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी को भारत की चुनावी प्रक्रिया की बुनियादी समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल ने यह सवाल उठाया कि चुनाव के 45 दिन बाद CCTV फुटेज क्यों नष्ट की जाती है, जबकि यह नियम स्वतंत्रता के बाद से लागू है और मोदी सरकार ने इसे नहीं बदला है। पात्रा के मुताबिक, भारत के कानून के अनुसार चुनाव खत्म होने के 45 दिन के भीतर कोई भी न्यायालय में चुनौती दे सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस के पास अब भी 20 दिन बचे हैं और जो भी फुटेज चाहिए, वह मांग सकते हैं। पात्रा ने तंज करते हुए कहा कि राहुल गांधी को होमवर्क करने की जरूरत है।
राहुल गांधी के चुनाव सुधार पर दिए गए भाषण को लेकर पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल ने संसद में झूठ की बाढ़ ला दी। उन्होंने कहा कि राहुल द्वारा चुनाव आयोग को धमकाना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। पात्रा के अनुसार राहुल ने कहा कि भाजपा ने हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में “वोट चोरी” कर चुनाव जीता, जो मतदाताओं का अपमान है। उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा सभी राज्यों में वोट चुरा रही है, तो फिर झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस कैसे जीत गई? पात्रा ने कहा कि राहुल का बयान अहंकार और अज्ञानता दिखाता है और न्यायिक संस्थाओं को धमकाने की यह भाषा पहले कभी नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि राहुल को देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।
चर्चा में भाग लेने के दौरान झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से निर्वाचित भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण के बाद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने इतिहास के फैसलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस से कहा कि आज ऐसा ही आलम है, मानो 100 चूहे खाकर बिजली हज को चली। निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के लिए गठित समिति का बचाव करते हुए दुबे ने कहा कि बीते कई दशकों में चुनाव होने की जानकारी अखबारों से मिलती थी।
इसके बाद आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस सांसद पीवी मिधुन रेड्डी ने भी चर्चा में भाग लिया। मिधुन रेड्डी के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी सुधार पर चर्चा में भाग लिया। राहुल ने अपने संबोधन की शुरुआत में देश की संस्कृति में खादी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), चुनाव आयोग और भाजपा से जुड़ी आक्रामक टिप्पणी की तो सत्ताधारी खेमे की तरफ से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। हंगामे और शोरगुल के बीच राहुल ने करीब 28 मिनट में अपना संबोधन पूरा किया। इसके बाद भाजपा के निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की।
लोकसभा में चुनाव सुधार के विषय पर चर्चा में राजस्थान की सीकर संसदीय सीट से निर्वाचित सीपीआईएम सांसद अमरा राम ने एसआईआर के औचित्य पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश की 90 करोड़ से अधिक जनता से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। लोगों को सांप्रदायिकता की तरफ धकेला जा रहा है। 95 साल की आयु में लोगों को वोटर लिस्ट के लिए फोटो क्लिक कराने को कहा जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि घुसपैठ के नाम पर डर का माहौल बनाया जा रहा है। सरकार को बताना चाहिए कि बीते 11-12 साल के कार्यकाल में कितने लोगों को बाहर निकाला गया है।
बिहार के RJD और उत्तर प्रदेश के सपा सांसद ने क्या बयान दिए?
इसके बाद बिहार की औरंगाबाद लोकसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद अभय कुमार सिन्हा ने भी इस चर्चा में भाग लिया। उन्होंने सत्ताधारी खेमे की बातों पर सवाल खड़े करते हुए कहा, NDA के घटक दलों को परिवारवाद की बातें करने से पहले आत्मअवलोकन करना चाहिए। इसके बाद लालजी वर्मा ने भी चर्चा में भाग लिया। वर्मा उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर से निर्वाचित समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को वैध रास्ते से हासिल करने पर जोर देते हुए बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के कथन को उद्धृत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समेत सत्ताधारी खेमा सांविधानिक संस्थाओं को कुचलने का काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए सपा सांसद वर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति समिति से चीफ जस्टिस को हटा दिया गया।
महाराष्ट्र की कल्याण लोकसभा सीट से निर्वाचित शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी चुनावी सुधार पर चर्चा में भाग लिया। उन्होंने वोट का सम्मान सुरक्षित रखने के लिए एसआईआर को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस देश का लोकतंत्र हर चुनाव के साथ मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, देश की जनता हर चुनाव में उम्मीद के साथ मताधिकार का इस्तेमाल करती है। हिंसा का दौर पीछे छोड़कर अब देश आगे बढ़ चुका है। देश के अलग-अलग हिस्से से रिकॉर्ड मतदान की खबरें आती हैं, जो लोकतंत्र की ताकत दिखाती है।
चुनाव सुधार को लेकर हो रही चर्चा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी भाग लिया। एनसीपी सांसद ने कहा कि आज चुनाव आयोग पर आम लोगों को भी शक हो रहा है। राजनीतिक झुकाव के आरोप लग रहे हैं। चुनाव में निष्पक्षता नहीं होने के कारण भी आयोग कटघरे में है। सुप्रिया सुले ने कहा कि आयोग आज जिस तरह की कार्रवाई कर रहा है, ये शर्मनाक है। उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के कथनों का उल्लेख करते हुए मतदाताओं के अधिकार की रक्षा करने का आह्वान किया। एनसीपी सांसद ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद पंचायती राज चुनाव के परिणाम पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि पहली बार फॉर्म, आरक्षण, नामांकन दाखिल करने, नाम वापसी जैसे चरणों में गड़बड़ी क्यों सामने आई। सत्ताधारी भाजपा-शिवसेना पर सवाल खड़े करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि विधायक ने भाजपा नेता के घर से नकदी बरामद की, जो टीवी चैनलों पर दिखाया गया। चुनाव में धनबल के इस्तेमाल के ऐसे अनेकों उदाहरण मौजूद हैं।
महाराष्ट्र से निर्वाचित शिवसेना (यूबीटी) सांसद अनिल देसाई ने भी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनाव और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारियों को गड़बड़ी की सूचनाएं दी गईं, जिसके बाद आयोग ने कार्रवाई की। हालांकि, कई बार आदित्य ठाकरे और अन्य पार्टी नेताओं की तरफ से बताए जाने के बावजूद राज्य निर्वाचन अधिकारी एक-दूसरे की तरफ टाल-मटोल करते रहे। उन्होंने बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ के सामने आ रही परेशानियों का जिक्र करते हुए मौतों पर चिंता जाहिर की।
लोजपा सांसद ने भी चर्चा में भाग लिया
इसके बाद बिहार की जमुई लोकसभा सीट से निर्वाचित लोजपा सांसद अरुण भारती ने भी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम का जिक्र करते हुए एनडीए सरकार के कार्यकाल में होने वाले विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार का लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लेकर हम एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि कई राज्यों की जनता विपक्ष को सिरे से खारिज कर चुकी है।
इसके बाद आंध्र प्रदेश के नरसाराओपेट से निर्वाचित तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सांसद लवू श्रीकृष्ण ने भी चर्चा में भाग लिया। टीडीपी सांसद के बाद केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने चुनाव सुधार में चर्चा पर भाग लिया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का जिक्र करते हुए 1990 के दशक में हुई घटनाओं का जिक्र किया। विपक्षी दलों पर सियासी लाभ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए ललन सिंह ने कहा कि सही मायने में चुनाव सुधार हों, इसी मकसद से एसआईआर जैसी प्रक्रिया हो रही है। वोटर अधिकार यात्रा पर तंज कसते हुए ललन सिंह ने कहा कि जिन इलाकों में कांग्रेस और राजद सांसद ने रोड शो किया, वहां भी नतीजे एनडीए के हित में आए।
तमिलनाडु की चेन्नई सेंट्रल विधानसभा सीट से निर्वाचित डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने तमिल भाषा में चुनाव सुधार को लेकर अपनी बातें रखीं।
पश्चिम बंगाल की श्रीरामपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने आज सरकार से चुनावी सुधार के मुद्दे पर कई अहम सवाल पूछे। उन्हेंने सरकार पर घुसपैठिए और रोहिंग्या की आड़ में भय का वातावरण बनाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल के लोगों से घृणा करती है। यही कारण है कि राम मोहन रॉय का विरोध किया जाता है। वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर सवाल खड़े करते हुए बनर्जी ने कहा, तीन पीढ़ी पहले की हस्ती बंकिम चंद्र चटोपाध्याय को पीएम मोदी 'बंकिम दा' कहकर संबोधित करते हैं, ये दिखाता है कि उनके मन में कितना सम्मान है।
बीएसएफ की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए
कानून के जानकार सांसद के रूप में चर्चित रहने वाले टीएमसी सांसद बनर्जी ने कहा, बीएसएफ अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर कार्रवाई करती है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए कई और भी गंभीर सवाल खड़े किए।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामपुर में हुए उपचुनाव के दौरान आयोग के साथ-साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन की भूमिका भी कटघरे में रही। वोटिंग के दिन पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई का जिक्र करते हुए अखिलेश ने दावा किया, भाजपा सरकार के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन इस बात की कोशिश में लगी थी कि मतदाताओं को घर से निकलने न दिया जाए। इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
बिहार की पश्चिम चंपारण लोकसभा सीट से निर्वाचित भाजपा सांसद डॉ संजय जायसवाल ने चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान पूर्व के चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की हत्या के समय जब कांग्रेस ने उनकी अस्थियों के साथ देशभर में यात्रा निकाली उस समय चुनाव आयोग ने वोट चोरी की। पूर्व चुनाव आयक्त टीएन शेषण के कार्यकाल के दौरान दो और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति का नियम लाने पर सवाल खड़े करते हुए जायसवाल ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद भी अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को देश से निकालने की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को नसीहत देते हुए सरकार का समर्थन करने को कहा। उन्होंने कहा कि बंगाल में 2026 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कथन चरितार्थ होगा, अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा और बंगाल में कमल खिलेगा। विपक्षी दलों की टोका-टाकी पर उन्होंने कहा कि बिहार और यूपी जैसे राज्यों में विपक्षी दलों का पता भी नहीं चलेगा।
लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने की। मनीष तिवारी ने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाने समय की मांग हैं। उन्होंने संविधान के तहत चुनाव आयोग को मिले अधिकारों का जिक्र करके हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार के कार्यकाल में सबसे बड़े चुनावी सुधार हुए। मनीष तिवारी ने कहा, चुनाव आयोग को पूरे राज्यों में एसआईआर नहीं कराए जा सकते। उन्होंने कहा कि 1988 में कांग्रेस सरकार ने इतिहास का सबसे बड़ा सुधार कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज चुनाव आयोग केंद्र के निर्देश पर काम कर रहा है।
ईवीएम और डीबीटी पर कांग्रेस के गंभीर सवाल
ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए तिवारी ने कहा कि इन मशीनों का सोर्स कोड किसी और कंपनी के पास होना चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के मामले में भी सवाल खड़ा किया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि नियुक्ति के लिए बनाई गई समिति में चीफ जस्टिस को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से चुनाव को देखकर किए जाने वाले डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर रोक लगाई जानी चाहिए।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे से संबंधित योजना से जुड़े सवाल पर भी जवाब दिया। बिहार के महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिग्रीवाल ने सवाल किया। इसका जवाब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दिया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल में सांसदों से संक्षिप्त सवाल पूछने की अपील की। महाराष्ट्र की अहमदनगर लोकसभा सीट से निर्वाचित एनसीपी सांसद नीलेख ज्ञानदेव लंके ने कृषि मंत्री से सवाल पूछा। बागवानी किसानों को मुआवजे से जुड़े इस सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश के किसान बधाई के पात्र हैं। फसलों का इस बार रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। 357.732 मिलियन टन होने का अनुमान है। पिछले साल की तुलना में ये मात्रा 7.65 फीसदी अधिक है। साल 2014-15 की तुलना में खाद्यान्न उत्पादन 41.94 फीसदी बढ़ा है। इसका कारण सरकार की नीतियां हैं।
एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी। उन्होंने कहा, आज की बैठक में बिहार चुनावों में एनडीए की जीत के लिए सभी एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी। पीएम मोदी ने सभी एनडीए सांसदों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए काम करने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने जनता के जीवन को आसान बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार करने पर जोर दिया कि उन्हें कोई समस्या न हो। पीएम ने कहा कि कानूनों से लोगों की मदद होनी चाहिए। उन्होंने सांसदों से युवाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
वंदे मातरम के 150 साल पर चर्चा, सरकार ने विपक्षी दलों की आपत्तियों पर कही ये बात
रिजिजू ने लोकसभा में होने वाली कार्यवाही के मुद्दे पर कहा, 'आज लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा शुरू होगी। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज वंदे मातरम पर दो दिवसीय चर्चा का नेतृत्व करेंगे। कुछ विपक्षी सदस्यों ने कहा है कि वंदे मातरम पर चर्चा चुनाव के कारण हो रही है। ऐसा कहना गलत है।'
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में कार्यवाही स्थगित करने की अपील के साथ स्पीकर ओम बिरला को नोटिस भेजा। उन्होंने कहा कि सदन में इंडिगो के अभूतपूर्व संकट, बड़े पैमाने पर यात्री उत्पीड़न और हवाई किराये में बेतहाशा वृद्धि को रोकने के साथ-साथ सरकार हालात को संभालने में विफल रही है। इस विफलता पर चर्चा की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर पर चर्चा की मांग के लिए नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है।
बता दें कि गृह मंत्री शाह के भाषण से पहले शीतकालीन सत्रे के छठे कार्यदिवस पर लोकसभा में वंदे मातरम पर 10 घंटे से अधिक समय की विस्तृत चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बाद में इस विषय पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी और दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई सत्ताधारी सांसदों ने भी भाषण दिए।
ये भी पढ़ें- Vande Mataram Discussion: संसद में वंदे मातरम पर चर्चा; NDA ने इतिहास की गलतियां गिनाईं, विपक्ष के तीखे सवाल
विपक्षी सांसदों ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने वक्तव्य दिए। विपक्ष की तरफ से बोलने वाले अधिकांश सांसदों ने सरकार के तीखे सवाल किए, जिनमें पश्चिम बंगाल से निर्वाचित तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नाम शामिल हैं। मणिपुर से निर्वाचित कांग्रेस सांसद ने वंदे मातरम पर अपने वक्तव्य के दौरान सरकार से उनके राज्य से जुड़े मुद्दे पर तीन घंटे की चर्चा कराने की अपील भी की।
संसद के शीतकालीन सत्र में आज 7वां कार्यदिवस है। लोकसभा में आज चुनाव सुधारों को लेकर चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के विषय पर चर्चा कराई जाएगी। लोकसभा में चुनाव सुधार से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की शुरुआत प्रश्नकाल के बाद यानी दोपहर करीब 12 बजे से होगी। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांध इस चर्चा की शुरुआत करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा की तरफ से निशिकांत दुबे इस चर्चा में पहले वक्ता के तौर पर बोलेंगे।
एनडीए संसदीय दल की बैठक
राज्यसभा में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसके अलावा आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल की बैठक भी बुलाई गई है। मंगलवार सुबह यह बैठक 9.30 बजे संसद भवन परिसर के जीएमसी बालायोगी सभागृह में होगी। भाजपा ने अपने सांसदों से बैठक में समय से उपस्थित रहने को कहा है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा।
बैठक के लिए नेताओं के संसद परिसर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ