लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के विशेष की शुरुआत 18 सितंबर को हुआ था। यह कल यानी 22 सितंबर तक चलना था, लेकिन इसे महिला आरक्षण विधेयक पास करने के बाद एब दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा स्पीकर ने बताया कि सदन की उत्पादकता 132 फीसदी रही।
राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी को दी गई जन्मदिन की बधाई
दो दिन से बिल पर विस्तार से चर्चा हो रही है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दो दिन से बिल पर विस्तार से चर्चा हो रही है। दोनों सदनों में अच्छे से विचार विमर्श हुआ। आने वाले समय में यह सभी बातें सभी को प्रेरित करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बिल से देश के लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा। सभी सदस्यों और राजनीतिक दलों ने महिलाओं को सशक्त बनाने और 'नारी शक्ति' को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आइए देश को एक मजबूत संदेश दें।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को एक विशेष सम्मान सिर्फ विधेयक पारित होने से मिल रहा है ऐसा नहीं है, बल्कि इस विधेयक के प्रति देश के सभी राजनीतिक दलों की सकारात्मक सोच होना, ये हमारे देश की नारी शक्ति को नई ऊर्जा देने वाली है।
पीएम मोदी राज्यसभा में मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में मौजूद हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के इस सवाल पर कि विधेयक कब लागू होगा? केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवाब दिया कि संदेह न करें कार्यान्वयन के बारे में, 'मोदी है तो मुमकिन है'।
खरगे ने किया बिल का समर्थन
महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं इस विधेयक के समर्थन में खड़ा हूं। मेरी पार्टी और INDIA पार्टियां पूरे दिल से इस विधेयक का समर्थन करती हैं।
प्रज्ञान और विक्रम के नींद से जागने का इंतजार: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि देश को अब कुछ ही घंटों में प्रज्ञान और विक्रम के नींद से जागने का इंतजार है, ऐसा होते ही यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन जाएगा। चंदमा पर 14 दिन की रात समाप्त होने वाली है और हमें बेसब्री से वहां सूर्योदय होने और उसके साथ ही 'विक्रम' व 'प्रज्ञान' के सक्रिय होने का इंतजार है।
यह सब एक जुमला है: सपा
महिला आरक्षण बिल पर समाजवादी पार्टी सांसद एस. टी. हसन ने कहा कि यह अपनी पीठ थप-थपाने के लिए लाए हैं। क्या यह अभी लागू नहीं हो सकता था? अगर लोग पहले भी इसे लागू कर रहे थे तो अभी क्यों नहीं हो सकता था? यह सब एक जुमला है क्योंकि समय के साथ सब इसे भूल जाएंगे। इसमें 10-20 साल लगें कुछ नहीं कह सकते।
हमें विपक्ष की चिंता नहीं: हेमा
महिला आरक्षण बिल पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो भी किया है अच्छे मकसद से किया है। किसी अन्य प्रधानमंत्री ने ऐसी चीजें नहीं कीं...ऐसा करना (बिल का विरोध करना) उनका (विपक्ष का) काम है, हमें इसकी चिंता नहीं है।
कांग्रेस सांसदों ने पेश किया संशोधन
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन, नीरज डांगी, अमी याजनिक, रंजीत रंजन, रजनी पाटिल, फूलो देवी नेताम, राजमणि पटेल, जेबी माथेर, डॉ. एल. हनुमंतैया ने महिलाओं के लिए ओबीसी आरक्षण को 33% के भीतर और साथ ही सीटों की वर्तमान व्यवस्था में महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने के लिए संशोधन पेश किया है।
कपिल सिब्बल ने मांगा यह आश्वासन
कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को यह आश्वासन देना चाहिए कि अगर 2029 से पहले जनगणना और परिसीमन नहीं होता तो दोनों अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
महिला आरक्षण बिल की आलोचना नहीं करनी चाहिए: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि किसी को भी महिला आरक्षण बिल की आलोचना नहीं करनी चाहिए। यह बिल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लाया गया है और सभी को इसकी सराहना करनी चाहिए और इसका समर्थन करना चाहिए।
कांग्रेस ने 27 साल तक लटका कर रखा था: चौबे
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि यह राजनीतिक एजेंडा कैसे है? कांग्रेस ने 27 साल तक लटका कर रखा था। मोदी जी ने महिलाओं के लिए जो किया वह देश याद रखेगा। अभी बिल आया है और अभी परीसिमन होगा, जिससे अगर कोई कोर्ट में चला भी जाए तो बिल वहां से खारिज ना हो जाए।
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इसमें बीजेपी की नीयत साफ नहीं है। अगर नीयत महिला सशक्तिकरण की थी तो इसे तुरंत लागू करना चाहिए था। इससे पहले भी जब 2010 या 1979 में ये बिल आया था तो बीजेपी ने इसका विरोध किया था। आज हम इसे राज्यसभा में आम सहमति से पास कराने की कोशिश कर रहे हैं।
महिला आरक्षण बिल पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा से पास हो गया है और राज्यसभा में भी पास हो जाएगा। इससे महिलाओं को अधिकार मिलेगा। बिल के लागू होने के बाद से महिलाओं की लोकसभा और राज्यसभा में भागीदारी बढ़ेगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण बिल पर राजद का पक्ष रखते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि इस बिल में हर समाज की महिलाओं के लिए आरक्षित सीट हो...हम इस बिल को पूरा समर्थन देंगे। ये बिल पास आज हो जाएगा लेकिन कब लागू होगा इसका पता नहीं है। जनगणना होगी तब ये लागू होगा फिर इसके बाद परिसीमन होगा तब जबकर महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। हम तो चाहते हैं इस पर काम जल्द से जल्द हो.... ये बिल को गुमराह करने के लिए लाया जा रहा है..ये केवल जुमलेबाजी है।"
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी इसका राज्यसभा में भी समर्थन करेगी... इन्होंने 2014 से अब तक कुछ नहीं किया। अब जब 9.5 साल हो गए हैं (भाजपा सरकार को) तब वे इसे सिर्फ चुनाव के लिए लेकर आ रहे हैं। इसमें ऐसी शर्तें लगाई हैं जिससे यह अगले 10 साल तक लागू नहीं हो पाएगा।"
संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस जारी है। जहां लोकसभा में गुरुवार को पीएम मोदी ने इसके लिए सभी सांसदों को धन्यवाद दिया, तो वहीं राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष के सहयोग की तारीफ की। हालांकि, इस बीच एक मौका ऐसा भी आया, जब आमतौर पर शांत रहने वाले राजनाथ सिंह अचानक ही अपने वक्तव्य को छोड़कर कांग्रेस को जवाब देने लगे। यह मामला था चीन से जुड़े एक सवाल का, जिस पर कांग्रेस ने बार-बार रक्षा मंत्री के भाषण को बाधित करने की कोशिश की। इसके बाद राजनाथ ने अपने जवाब से विपक्ष की बोलती बंद कर दी। पढ़ें पूरी खबर..
राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सबसे पहले महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "कल लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास हुआ और मुझे आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि आज यहां पर भी ये बिल किसी भी बाधा के बगैर सर्वसम्मति से पास हो जाएगा। मैं प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि जो आरक्षण का विषय काफी लंबे समय से चल रहा था उन्होंने उसको निर्णायक मोड़ पर लाने का प्रयास किया है।'
उन्होंने कहा, "कुछ इस तरह की चर्चा हो रही है कि इस बिल को अभी से लागू कर दिया जाए। मैं इसे स्पष्ट करना चाहता हूं कि कुछ संवैधानिक व्यवस्थाएं होती हैं, कुछ संवैधानिक कार्य करने का तरीका होता है हमें महिलाओं को आरक्षण देना है लेकिन किस सीट पर आरक्षण दिया जाए, किस पर न दिया जाए इसका फैसला सरकार नहीं कर सकती है बल्कि अर्ध न्यायिक निकाय करती है। इसके लिए दो चीज महत्वपूर्ण है -जनगणना और परिसीमन। इसके बाद सार्वजनिक सुनवाई हो फिर सीट और नंबर निकाला जाए फिर आगे बढ़ाया जाए। अगर आप आज ये बिल पास करते हैं तो 2029 में हमारी महिला आरक्षित महिलाएं MP बन करके आए जाएंगी।"
राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, "यह आरक्षण ऊर्ध्वाधर के साथ-साथ क्षैतिज भी है। इसके तहत एससी-एसटी महिलाओं को भी आरक्षण मिलेगा। इसलिए जनगणना और परिसीमन महत्वपूर्ण हैं...जैसे ही विधेयक पारित होगा, जनगणना और परिसीमन होगा। यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। कौन-सी सीट महिलाओं को जाएगी, ये परिसीमन आयोग तय करेगा।"
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा, "2014 में भाजपा ने अपनेने संकल्प पत्र में यह सुनिश्चित किया था कि वे महिला आरक्षण बिल लाएंगे लेकिन इसमें 10 साल लग गए... यह सिर्फ चुनावी जुमला है क्योंकि सरकार को बखूबी पता है कि यह अभी लागू नहीं होगा, यह जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा और यह कब की जाएगी इसकी जानकारी नहीं है। आप सपना दिखातें हैं लेकिन सपने को साकार करने के लिए रास्ता नहीं दिखाते।"
लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "चंद्रयान-3 की सफलता हमारे लिए निश्चित रूप से एक बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि एक तरफ दुनिया के अधिकांश विकसित देश हैं, जो हमसे कहीं अधिक संसाधन-संपन्न होते हुए भी चांद पर पहुंचने के लिए अब भी प्रयासरत हैं, तो वहीं दूसरी तरफ हम बेहद सीमित संसाधनों से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले देश बन गए हैं। मैं सबसे पहले ISRO के वैज्ञानिक और व्यापक भारतीय वैज्ञानिक समुदाय को इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।आज केवल मुझे ही नहीं, सरकार को ही नहीं, इस सदन को ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को अपने इन वैज्ञानिकों पर गर्व है।"
NCP (शरद पवार गुट) वंदना चव्हाण ने कहा, "हम खुश हैं कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित हुआ है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह कुछ शर्तों के साथ आ रहा है। यह कहता है कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद आएगा... अगर हमें सच में महिलाओं को आरक्षण देना है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना है तो वह अभी भी हो सकता है। किसी को नहीं पता कि जनगणना कब होगी और परिसीमन की प्रक्रिया भी 2-3 साल लेगी... लेकिन हम इसके लिए बिल का विरोध नहीं करेंगे। यह एक तरह से 'जुमला' है।"
पीएम मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के रिकॉर्ड मतों से पास होने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने सबी सांसदों का धन्यवाद देते हुए कहा, "कल भारत की संसदीय यात्रा का स्वर्णिम पल था। इस सदन के सभी सदस्य उस स्वर्णिम पल के हकदार हैं...कल का निर्णय और आज जब हम राज्यसभा (बिल पारित होने) के बाद आखिरी पड़ाव पार कर लेंगे, तो देश की मातृशक्ति का जो मिजाज बदलेगा और जो विश्वास पैदा होगा वो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली अकल्पनीय शक्ति बनकर उभरेगा। ये मैं अनुभव करता हूं।"
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया।
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा कह रही है कि ये बिल वो पास कर देंगे लेकिन लागू कब होगा ये वो नहीं बता सकते हैं। इनकी नीयत दुरुस्त नहीं है न ही बिल। जहां तक राज्यसभा का सवाल है हम इसे आज तक के सर्वाधिक मतों से पारित करेंगे।
केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष की आपत्ति को दरकिनार करते हुए कहा, "OBC के लिए जितना काम हुआ है वह शायद ही और किसी के लिए हुआ होगा। आरक्षण सुप्रीम कोर्ट का मामला है, जो पार्टियां OBC के तहत जितने पुरुषों को टिकट देतीं हैं वे महिलाओं को दे दें, आपको आरक्षण की क्या ज़रूरत है। RJD व कुछ अन्य पार्टी OBC के अलावा और किसी को टिकट देतीं हैं क्या? यह ध्यान भटकाने और राजनीतिकरण करने वाले मुद्दे हैं।"
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा से पास होने पर शिवसेना-उद्धव बालासाहेब पार्टी से सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "ये खुशी की बात है कि इसे AIMIM को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों का सर्वसम्मति से समर्थन मिला है। वे अधिकारों की बात करते हैं लेकिन जब अधिकारों की बात आती है, तो वे इसके खिलाफ मतदान करते हैं। खुशी इस बात की है कि सभी ने इसके लिए मतदान किया। यह एक ऐतिहासिक क्षण है। मैं इस बात से बहुत खुश नहीं हूं कि इसे 2024 के चुनावों से नहीं, बल्कि किसी भविष्य की तारीख से लागू किया जाएगा। लेकिन मैं कहूंगी कि 'श्री गणेश' हो गया है।"
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद पहुंचने के बाद कहा, "राज्यसभा में इसे सप्लीमेंट्री बिजनेस के माध्यम से लाया जाएगा क्योंकि हम कल लोकसभा में देर से आये थे। लोकसभा इस बारे में बेहतर जानता है लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि आज राज्यसभा में चर्चा होगी।"
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार सुबह बताया कि महिला आरक्षण विधेयक आज राज्यसभा में पारित होने के लिए पेश किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा था धन्यवाद
विशेष सत्र के तीसरे दिन, लोकसभा के 454 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 2 सांसदों ने बिल के खिलाफ वोट किया। विधेयक पारित किए जाने के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ बिल पारित होने पर खुशी हुई। मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया।
आज राज्यसभा में पेश होगा विधेयक
लोकसभा की मुहर के बाद महिला आरक्षण विधेयक को बृहस्पतिवार को राज्यसभा से पारित कराया जाएगा। उच्च सदन से पास होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा।