राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने शुक्रवार को कहा कि तीन से छह साल की उम्र बच्चों के दिमागी और शारीरिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस उम्र की शिक्षा और पोषण को संविधान में मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए। राज्यसभा में रखे प्रस्ताव में उन्होंने तीन से छह साल की शुरुआती शिक्षा को अनिवार्य बनाने के कई कारण गिनाए।
सुधा मूर्ति ने कहा कि अभी संविधान का अनुच्छेद 21-ए केवल 6 से 14 वर्ष के बच्चों की मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है। 3 से 6 वर्ष की आयु पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, जबकि इस उम्र में बच्चों का 85% दिमाग विकसित हो जाता है। इस दौरान सही पोषण, खेल-खेल में सीख और सुरक्षित माहौल जरूरी है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि जिन बच्चों को शुरुआती शिक्षा मिलती है, उनकी सेहत बेहतर होती है, और आगे चलकर स्कूल में ऐसे बच्चों का प्रदर्शन अच्छा होता है।
केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किसी भी तरह से अनिवार्य लाइसेंसिंग पर भारत के अधिकार को सीमित नहीं करेगा। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि समझौते में मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल हैं जो सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान भी भारत की नीतिगत स्वायत्तता को पूरी तरह संरक्षित रखेंगे।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले पांच वर्षों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों को प्रति परिवार औसतन 50 दिनों का रोजगार दिया गया। मनरेगा के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के काम की गारंटी दी जाती है। पासवान ने कहा कि 2024-25 में इसके तहत प्रति परिवार औसतन 50.24 दिनों का रोजगार प्रदान किया गया। 2023-24 में औसत संख्या 52.07 थी, 2022-23 में यह 47.84 थी, 2021-22 में 50.07 थी और 2020-21 में 51.54 थी।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च सदन में बताया कि सरकार गुमराह करने वाली फर्जी खबरों और एआई, डीप फेक के बढ़ते मामलों पर अंकुश के लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से पहल कर रही है। अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे नुकसानदायक कंटेंट से निपटने के लिए पहले से ही एक बड़ा कानूनी और इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क मौजूद है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन के अंदर कथित तौर पर ई-सिगरेट पीने के लिए तृणमूल सांसद के खिलाफ शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। ठाकुर ने एक दिन पहले सांसद का नाम लिए बिना यह मुद्दा उठाया था। ठाकुर ने शिकायत में कहा, तृणमूल के एक सांसद को सदन की बैठकों के दौरान खुलेआम इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का इस्तेमाल करते देखा गया। यह हरकत सदन में मौजूद कई सदस्यों को साफ दिखाई दे रही थी। इस प्रकार के कृत्य संसद की मर्यादा और कानून की अवमानना के समान हैं।
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में 954 अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें से 263 महिलाएं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में बताया कि इस वर्ष एक दिसंबर तक कुल अधिकारियों में से 200 अधिकारी अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग से हैं। 217 अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यकों से संबंधित आंकड़े अलग से नहीं रखे जाते हैं। मंत्री ने राजदूतों और उच्चायुक्तों के पदों पर तैनात अफसरों का विवरण भी दिया। इसके अनुसार, एससी/ एसटी वर्ग से 26 राजदूत, उच्चायुक्त या स्थायी प्रतिनिधि हैं। वहीं, पिछड़े वर्ग से 25 राजदूत, उच्चायुक्त, स्थायी प्रतिनिधि हैं। 11 राजदूत, उच्चायुक्त या स्थायी प्रतिनिधि महिला अधिकारी हैं। यह विदेश मंत्रालय में विभिन्न वर्गों व लिंगों का प्रतिनिधित्व दर्शाती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में बताया कि 2024-25 में 1.16 लाख दवा नमूनों में से 3,104 नमूने गैर-मानक पाए गए। इसके अलावा 245 नमूने नकली या मिलावटी मिले। मंत्री ने बताया कि सरकार ने देश में दवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने दिसंबर 2022 से 960 से अधिक दवा निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण किया है, जिसके आधार पर 860 से अधिक कार्रवाई (जैसे उत्पादन रोकने और लाइसेंस रद्द करने के आदेश) की गई हैं।
टीबी के 21 फीसदी मरीज घटे
नड्डा ने बताया कि टीबी मरीजों में उल्लेखनीय कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2015 से टीबी की दर में 21% की कमी आई। यह प्रति एक लाख आबादी पर 237 से घटकर 2024 में 187 हो गई है। टीबी से होने वाली मृत्यु दर भी 25 प्रतिशत कम हुई है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को इलाज के दौरान प्रति माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पश्चिम एशिया के देशों इस्राइल, ईरान, सीरिया और इराक से 5,945 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। इनमें उत्तर प्रदेश के 1,474 नागरिक शामिल थे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इन निकासी अभियानों में 2023 में इस्राइल में चलाया गया ऑपरेशन अजय और 2025 में ईरान और इस्राइल में चला ऑपरेशन सिंधु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2024 में कुवैत में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 45 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को मानवीय आधार पर हवाई मार्ग से स्वदेश पहुंचाया। इनमें उत्तर प्रदेश के तीन नागरिक भी शामिल थे। जयशंकर ने यह भी बताया कि विदेशों में काम करने वाले या रहने वाले भारतीयों की मौतों की संख्या में हाल में खास वृद्धि नहीं हुई है। इस साल अक्तूबर तक 5,897 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर भारत लाए गए हैं।
एक संसदीय समिति ने देश की शहरी जल अवसंरचना में वित्तीय अंतर की ओर ध्यान दिलाते हुए अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (एएमआरयूटी) 2.0 के तहत वित्तपोषण और संचालन को मजबूत करने के लिए त्वरित कदम उठाने की सिफारिश की है। दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर जोर देते हुए समिति ने कहा कि आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को 2047 तक की मांग और विकास पैटर्न के अनुरूप शहरी जल आपूर्ति क्षेत्र की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करना चाहिए। आवास और शहरी कार्यों संबंधी संसदीय समिति ने लोकसभा में एएमआरयूटी पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें शहरी पेयजल पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने कहा कि एएमआरयूटी से शहरी जल अवसंरचना में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन स्वीकृत कुल राशि अब भी एचपीईसी द्वारा अनुमानित कुल आवश्यकता का केवल लगभग आधा ही पूरा कर पाती है।
एक संसदीय समिति ने कहा है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता उसके उस दायित्व को रेखांकित करती है, जिसके तहत देश में समान, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक प्रथाओं को बढ़ावा देना शामिल है।
विश्व चिकित्सा शिक्षा महासंघ (डब्ल्यूएफएमई) ने भारत में चिकित्सा शिक्षा और संस्थानों को विनियमित करने वाली वैधानिक संस्था एनएमसी को 10 वर्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस मान्यता के साथ एनएमसी को देश में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति ने कहा कि एनएमसी का दायित्व भावी पीढ़ियों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सस्ती और सुलभ चिकित्सा शिक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए उन्नत भौतिक अवसंरचना और प्रशिक्षित व कुशल फैकल्टी में पर्याप्त निवेश के साथ एक मजबूत और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा प्रणाली आवश्यक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'एनएमसी को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता उसकी भूमिका का अंत नहीं, बल्कि देशभर में समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी की शुरुआत है, जिसमें वैज्ञानिक और आधुनिक प्रगति, साक्ष्य-आधारित प्रथाओं, आलोचनात्मक सोच, पेशेवर नैतिकता और सामाजिक व्यवहारिक संवेदनशीलता पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए।'
गोवा के नाइटक्लब में लगी आग के मामले में आरोपी क्लब मालिकों को थाईलैंड से वापस लाने की प्रक्रिया पर पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हरशवर्धन श्रृंगला ने बयान दिया है। श्रृंगला ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई समस्या आएगी। हम उन्हें जल्द से जल्द भारत ला सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि थाईलैंड की ओर से भी किसी तरह की दिक्कत की संभावना नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ेगी और आरोपी समय पर भारत लौट आएंगे।
दिल्ली में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा स्पीकर को लिखे गए पत्र पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कीर्ति आजाद ने कहा कि उनके दावों की जांच कौन करेगा? जीरो ऑवर सभी सांसदों के लिए होता है, लेकिन वे इसे बेवजह इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए स्पीकर ने उन्हें डांटा। उन्होंने अपनी शिकायत में एक भी नाम नहीं बताया। कीर्ति आजाद का कहना है कि बिना नाम लिए की गई शिकायत का कोई आधार नहीं होता और इससे केवल राजनीतिक विवाद खड़ा होता है।
शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही उस समय 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी जब विपक्ष ने यह मुद्दा उठाया कि सदन में एक भी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं है। सदन ने 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद, विपक्षी सदस्यों ने मंत्रियों की गैरहाजिरी की ओर ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वे सरकार से इस पर बात करेंगे और एक जूनियर मंत्री से अनुरोध किया कि किसी कैबिनेट मंत्री को बुलाया जाए।
लेकिन विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह सदन का अपमान है। कैबिनेट मंत्री आने तक सदन की कार्यवाही रोकें। ऐसे में लगभग पांच मिनट इंतजार के बाद सभापति ने कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी।
संसद के शीतकालीन सत्र में आज 10वें दिन की कार्यवाही शुरू होने के बाद पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। सात बार लोकसभा के सांसद रहे पाटिल के निधन पर स्पीकर ओम बिरला ने शोक संदेश पढ़ा और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। पाटिल के संसदीय जीवन और देश की राजनीति में योगदान को याद करने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने संसद पर साल 2001 में हुए आतंकी हमले की बरसी का उल्लेख किया। स्पीकर ओम बिरला ने देश के लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों को भी नमन किया। श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
संसद पर आतंकी हमले की बरसी: राज्यसभा में भी दी गई श्रद्धांजलि
लोकसभा के अलावा राज्यसभा में भी संसद पर आतंकी हमले की बरसी का उल्लेख किया गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों को नमन करते हुए विधायी काम शुरू कराया। हालांकि, विपक्षी दलों की तरफ से इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। शोरगुल के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा की।