राज्यसभा की कार्यवाही को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
किसी भी क्षेत्र के लिए आवंटन में नहीं की गई कटौती: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य के ट्रेंड को समझने के लिए ऐसा कोई मॉडल नहीं है, क्योंकि वे बहुत तेजी से बदलते हैं। हालांकि, सरकार की कोशिश है कि आंकड़े जितना हो सके सही हों और भारत के हितों को सबसे पहले रखा जाए। उन्होंने बताया कि अभी भी बहुत अनिश्चितता है और भारत के लिए जरूरी आयात (जो हमारी अर्थव्यव्यवस्था में मदद करते हैं) में बारे में भी स्पष्टता नहीं है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस बजट में किसी क्षेत्र के लिए आवंटन में कोई कटौती नहीं की गई है। सरकार का अनुमान है कि अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यवय 19.08 लाख करोड़ रुपये तक होगा।
बजट तैयार करते समय सरकार ने देश के हितों दी प्राथमिकता: सीतारमण
वित मंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास तेज करना, समावेशी विकास सुनिश्चित करना और निजी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना है। राज्यसभा में आम बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि यह बजट एक चुनौतीपूर्ण समय में तैयार किया गया है, जिसमें कई बाहरी समस्याएं थीं, जो अनुमान या पूर्वानुमान से परे थीं। इसके बावजूद सरकार ने बजट तैयार करते समय देश के हितों को प्राथमिकता दी है औ पूरी कोशिश की है कि जितने भी आंकड़े हो, सही हो।
हमने वित्त वर्ष 2026 के क्षेत्रवार आवंटन में नहीं की कटौती: सीतारमण
बजट पर चर्चा के जवाब में राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमने वित्त वर्ष 2026 के बजट में क्षेत्रवार आवंटन में कटौती नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय 19.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। बजट में हमने विकास को गति देने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा है।
ओवैसी बोले- जेपीसी रिपोर्ट में असहमति के 70% संपादित अंश शामिल
वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, यह विधेयक असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि बिल संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करता है। इस विधेयक का मकसद वक्फ को बचाना नहीं बल्कि इसे बर्बाद करना और मुसलमानों से इसे छीनना है। उन्होंने कहा कि वे इस विधेयक की निंदा करते हैं। ओवैसी ने कहा, लोकसभा स्पीकर ने आश्वासन दिया है कि जेपीसी रिपोर्ट में सांसदों की असहमति के 70% संपादित संस्करण शामिल किए जाएंगे।
लोकपाल को अब तक 2400 से अधिक भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि लोकपाल को अब तक 2400 से अधिक भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। बता दें कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (2014 का 1) 16 जनवरी, 2014 से लागू हुआ था। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित उत्तर में बताया कि लोकपाल की स्थापना हो चुकी है। यह पूरी तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक दर्ज हो चुकी नियमित शिकायतों की संख्या 2426 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि दर्ज की गई कुल शिकायतों में से 31 जनवरी तक 2350 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।वर्तमान में लोकपाल अध्यक्ष के अलावा कुल छह सदस्य हैं। इनमें से तीन न्यायिक सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, कानून की धारा 3 के अनुसार, अध्यक्ष के अलावा लोकपाल में सदस्यों की संख्या आठ से अधिक नहीं होगी। 50 प्रतिशत न्यायिक सदस्य होंगे।
आम बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद का कांग्रेस पर हमला
राज्यसभा में आम बजट 2025 पर चर्चा हो रही है। भाजपा नीत एनडीए सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सदस्य बृज लाल ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में किसानों की भरपूर अनदेखी हुई। अब सरकार की नीतियों का असर है कि मोटे अनाज और मिलेट्स यानी श्रीअन्न को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तिलहन और दलहन का उत्पादन भी बढ़ा है। इसके बाद झारखंड से निर्वाचित महिला राज्यसभा सदस्य महुआ माझी ने चर्चा में भाग लिया। उन्होंने झारखंड सरकार की तरफ से मांगे गए राज्य सरकार के हिस्से को जल्द से जल्द आवंटित करने की मांग की।
लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित हुई
स्पीकर ओम बिरला ने संसद के बजट सत्र में कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग के लिए सांसदों का आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर भी सांसदों ने विस्तार से चर्चा की। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि धन्यवाद प्रस्ताव पर 17 घंटे से अधिक, जबकि आम बजट पर 16 घंटे से अधिक समय की सार्थक चर्चा हुई। स्पीकर ओम बिरला के संक्षिप्त वक्तव्य के बाद लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के बीच पेश हुआ आयकर कानून संशोधन विधेयक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आयकर कानून संशोधन विधेयक पेश किया। इस समय भी सदन में नारेबाजी और हंगामे का दौर जारी रहा। कई सांसदों को लोकसभा के वेल में घुसकर शोर मचाते भी दिखे। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से अमर्यादित आचरण न करने की अपील की।
भाजपा सांसद ने वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश की, अमित शाह ने दिया बड़ा बयान
लोकसभा में हंगामे के बीच उत्तर प्रदेश की डुमरियागंज से निर्वाचित भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति के प्रमुख जगदंबिका पाल ने सदन के पटल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश की। इसके बाद भारत माता की जय के नारे भी लगे। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर को रिपोर्ट का कोई भी हिस्सा रखने या हटाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यप्रणाली और नियमावली को देखते हुए नीर-क्षीर विवेक के आधार पर स्पीकर को फैसला करना है, जिस पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है।
सभापति धनखड़ ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट का जिक्र किया
सरकार और विपक्ष के बीच वार-पलटवार के बीच सभापति धनखड़ ने कहा कि जब देश में मंडल कमीशन की रिपोर्ट सामने आई थी। उस समय भी बड़े बदलाव हो रहे थे। सभापति ने कहा, जब भी देश की जनता बदलाव और समस्या का समस्या का समाधान चाहती है तो विरोध की ऐसी घटनाएं भी होती हैं। उन्होंने कहा कि वे 9वीं लोकसभा के सदस्य थे उसी समय मंडल कमीशन की रिपोर्ट आई थी। तत्कालीन सरकार का भी जमकर विरोध हुआ था। अब वक्फ बिल भी वैसा ही इतिहास बनाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यों के असंसदीय आचरण पर उन्होंने दरियादिली नहीं दिखाई है। सभापति ने कहा, अगर सदन समय समाप्ति के पहले फैसला नहीं लेता है तो ये संविधान निर्माताओं का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि हंगामा करने वाले सदस्यों की संख्या से फर्क नहीं पड़ता। ऐसे बर्ताव की अनदेखी करने के दूरगामी परिणाम होंगे। इससे देशहित खतरे में पड़ सकता है।
तीन सदस्यों के निलंबन की मांग
सभापति की इस टिप्पणी पर इस पर सत्तापक्ष की तरफ से कहा गया कि तीनों सदस्यों को आज पूरे दिन के लिए निलंबित किया जाए। सभापति ने कहा कि इस संबंध में संसदीय नियमावली और कानून का पालन करते हुए जरूरी कार्रवाई की जाएगी। सभापति की इस टिप्पणी के बाद प्रश्नकाल में सवाल-जवाब हुआ।
केंद्रीय मंत्री नड्डा का आरोप- देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्त है विपक्ष
प्रश्नकाल शुरू होने के बाद सीपीआईएम सदस्य जॉन ब्रिटास ने यमन की जेल में बंद भारतीय निमिषा प्रिया की रिहाई को लेकर सवाल पूछा। इस पर जवाब आने से पहले सदन के नेता जेपी नड्डा ने जेपीसी रिपोर्ट पर हंगामा करने वाले विपक्षी सांसदों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को पूरा मौका दिए जाने के बावजूद उन्होंने बेबुनियाद मुद्दों पर हंगामा किया। नड्डा ने कहा कि सभापति ने दरियादिली दिखाते हुए असंसदीय आचरण करने वाले सदस्यों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया। नड्डा ने कहा कि हंगामा करने वाले विपक्षी सांसद तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। नड्डा ने कहा कि सभापति को रिपोर्ट से किसी भी अंश को मिटाने का विशेषाधिकार हासिल है, इसके बावजूद जेपीसी की रिपोर्ट का कोई भी हिस्सा नहीं हटाया गया है।
विपक्ष का वॉकआउट
नड्डा ने कहा कि कुछ लोग देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का वॉकआउट दिखाता है कि वे देशद्रोही गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह ऑन रिकॉर्ड आना चाहिए कि कुछ लोग देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की मंशा रखते हैं।
रिजिजू ने दोबारा सदन को भरोसा दिलाने का प्रयास किया
विपक्षी सांसदों के बयान के बाद सभापति धनखड़ ने कहा कि पहली बार देश के इतिहास में एक बौद्ध धर्म के अनुयायी सांसद को अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री बनाया गया है। वे पूरी दुनिया में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि सचिवालय से इस बात की पुष्टि कराई गई है कि जेपीसी रिपोर्ट का कोई भी हिस्सा डिलीट नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने जेपीसी को और समय देने की मांग की है। इस पर वे आश्वस्त करना चाहते हैं कि इस जेपीसी की तरह के व्यापक विचार विमर्श और मंथन का काम किसी भी समिति ने इतिहास में नहीं किया है। इसके बाद सदन में प्रश्नकाल की शुरुआत हुई।
विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया
कर्नाटक से निर्वाचित कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने केंद्रीय मंत्री रिजिजू पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से प्रकट की गई असहमति के अंशों को हूबहू जेपीसी की रिपोर्ट का हिस्सा नहीं बनाया गया है। सरकार राज्यसभा में गलत जानकारी दे रही है। उनके अलावा पश्चिम बंगाल से निर्वाचित तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने भी कहा, वे सदन के पटल पर ऑन रिकॉर्ड यह बयान दर्ज कराना चाहते हैं कि असहमति के अंशों को असंसदीय और सनसनी पैदा करने का प्रयास बताकर जेपीसी की रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।
असहमति के तमाम बयानों को भी जेपीसी की रिपोर्ट में शामिल किया गया है
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जेपीसी की रिपोर्ट से किसी हिस्से को हटाने का आरोप बिल्कुल झूठा है। उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। अब सदन के पटल पर रिपोर्ट पेश किए जाने पर विपक्षी सदस्य गुमराह कर रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि असहमति के तमाम बयानों को भी जेपीसी की रिपोर्ट में शामिल किया गया है। सभी बातें सदन के रिकॉर्ड में हैं। विपक्ष का व्यवहार निंदनीय है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी भड़कीं
सभापति धनखड़ ने सरकार की तरफ से दिए गए स्पष्टीकरण के बावजूद राज्यसभा में हंगामा करने के लिए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री ने बिल्कुल साफ शब्दों में सदन को आश्वस्त किया है कि जेपीसी रिपोर्ट के किसी भी हिस्से को डिलीट नहीं किया गया है। सदन के रिकॉर्ड पर झूठा बयान नहीं दिया जा सकता। हंगामे के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी विपक्षी सदस्यों के आचरण की निंदा की।
सरकार बोली- विपक्ष का हंगामा करना हास्यास्पद
विपक्षी सदस्य अब्दुल्ला ने सवाल किया कि एक मंत्री ये आश्वासन कैसे दे रहे हैं कि जेपीसी रिपोर्ट का कोई हिस्सा डिलीट नहीं किया गया है। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि बीते छह महीने में व्यापक चर्चा और मंथन के बाद जेपीसी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखा गया है। जब जेपीसी की रिपोर्ट को सदन में बहस के लिए दोबारा पेश किया जाएगा, उस समय तमाम सदस्य इस पर चर्चा कर सकते हैं। विपक्ष का इस तरह हंगामा करना बिल्कुल हास्यास्पद है। जेपीसी रिपोर्ट पर जमकर हंगामे और सरकार के इस बयान के बाद सभापति ने शून्यकाल में जनहित के मुद्दे उठाने की अनुमति दी।
सभापति ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जेपीसी रिपोर्ट को लेकर हंगामा नहीं थमने पर सभापति धनखड़ ने कई बार सदस्यों को सख्त कार्रवाई के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि अपने आचरण से वे कोई भी ऐसी अप्रिय स्थिति पैदा न करें जिससे विविश होकर उन्हें कड़े फैसले लेने पड़ें।
सरकार का स्पष्टीकरण
जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने कहा कि संसदीय नियमावली में नियम 72 से 92 तक चयन समिति से जुड़े नियमों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए साफ किया कि सभापति को पूरा अधिकार है कि किसी रिपोर्ट को स्वीकार करना सभापति का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि सभापति को नियमों के तहत शक्तियां प्रदत्त हैं। इसलिए सभापति के फैसले को गलत नहीं बताया जा सकता। विपक्ष की आपत्ति बेबुनियाद और तथ्यहीन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेपीसी की रिपोर्ट नियमों के तहत तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जेपीसी की रिपोर्ट सदन में पेश किए जाने के बाद विपक्ष उस पर चर्चा के लिए स्वतंत्र है। विपक्ष जानबूझकर गतिरोध और व्यवधान पैदा कर रहा है।
खरगे ने जेपीसी की रिपोर्ट को अलोकतांत्रिक बताया
आज राज्यसभा में जेपीसी रिपोर्ट मेधा कुलकर्णी ने पेश की। रिपोर्ट पेश होने के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इससे कई सदस्य असहमत हैं। खरगे ने जेपीसी की रिपोर्च को फर्जी और अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने कहा कि बाहर से सदस्यों को आमंत्रित कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसी असंसदीय रिपोर्ट को सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। खरगे ने कहा कि अगर रिपोर्ट में असहमति के स्वर को जगह नहीं दी गई है तो ऐसी स्थिति में इसे अस्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट को हर हाल में वापस किया जाना चाहिए।
जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने के मुद्दे नेता प्रतिपक्ष की दलील
सदन की कार्यवाही के दौरान सदस्यों की तरफ से विरोध और आक्रोश प्रकट किए जाने के मुद्दे पर खरगे ने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। सांसद किसी के घर के मुद्दे या निजी मसले पर सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करते।
सभापति ने तीन सांसदों का नाम लेकर चेतावनी दी
सभापति धनखड़ ने सदन के वेल में आने वाले तीन सांसदों का नाम लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, समीरुल इस्लाम, नदीमुल हक और मोहम्मद अब्दुल्ला ने सदन के वेल में आकर कार्यवाही को बाधित किया। उन्होंने कहा कि सदन में व्यवस्था बहाल न होने पर विवश होकर उन्हें कड़े फैसले लेने पड़ेंगे।
राज्यसभा में हंगामा जारी, सरकार ने विपक्ष के बर्ताव की निंदा की
दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर हंगामा और शोर-शराबा जारी रहने को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ ने नाराजगी भी प्रकट की। उन्होंने सांसदों को असंसदीय आचरण करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। सदन के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी विपक्षी सांसदों के आचरण पर दुख प्रकट किया। उन्होंने विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना रवैये की कड़ी निंदा की और कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से दिए गए संदेश को पढ़े जाने के समय सदन में अव्यवस्था खेदजनक है।
केरल के तटीय इलाकों और वन से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर में कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन परिसर में केरल के तटीय और वन सीमावर्ती समुदायों की सुरक्षा के मुद्दे पर तख्तियों और बैनर के साथ विरोध-प्रदर्शन किया। केरल की वायनाड सीट से निर्वाचित कांग्रेस सांसद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, वायनाड में जंगली जानवरों द्वारा सात लोगों को मार दिया गया है। यह बहुत चिंताजनक स्थिति है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार को इस समस्या को कम करने के लिए धन भेजना होगा। मुझे आज इस मुद्दे को उठाने की उम्मीद है।
लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
राज्यसभा में सभापति धनखड़ की अनुमति के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट भी पेश की गई। रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। सभा की कार्यवाही संक्षिप्त अवधि के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में सदस्यों के हंगामे के कारण स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा और राज्यसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत हो चुकी है। 12 बजे तक दोनों सदनों के प्रश्नकाल के बाद दूसरे विधायी कार्यों की शुरुआत होगी। राज्यसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत से पहले सदन के पटल पर कई अहम प्रस्ताव भी रखे गए।
लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करेंगे तृणमूल सांसद
तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा, रिपोर्ट में हमारी टिप्पणियों, अवलोकन और निष्कर्षों को मात दी गई है... नियम कहता है कि केवल अनुचित टिप्पणी को ही हटाया जा सकता है... हमारे साक्ष्य पर विचार नहीं किया गया है... हम इस संबंध में वे स्पीकर के पास भी जाएंगे।
समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा, 'आज JPC और वक्फ की रिपोर्ट को लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यसूची पर रखा है, जिसे आज हम प्रस्तुत करने जा रहे हैं। छह महीने पहले जब सरकार इस बिल पर संशोधन लेकर आई थी, तब केंद्रीय मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आग्रह किया था कि इस बिल पर विस्तार से चर्चा की जाए, क्योंकि यह देश का ज्वलंत मुद्दा है। आज JPC ने पूरे छह महीने में कई बैठकों और सभी राज्यों के दौरे के बाद रिपोर्ट तैयार की है।
कांग्रेस सांसदों की अहम बैठक
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कांग्रेस के लोकसभा सांसदों के साथ बैठक कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ बैठक में शामिल होने पहुंचीं।