आज संसद के बजट सत्र का 5वां दिन है। दोनों सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जारी रहेगी। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा के लिए 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। वहीं राज्यसभा में इस विषय पर 16 घंटे की चर्चा होगी। गौरतलब है कि पहले दिन चर्चा की शुरुआत होने के बाद कर्नाटक से निर्वाचित भाजपा के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान के बाद विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए। हालांकि, राहुल ने अपने भाषण में कुछ ऐसे तथ्यों का उल्लेख किया, जिसका सत्ता पक्ष की तरफ कड़ा विरोध किया गया। सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 45 मिनट से अधिक समय तक हुए इस हंगामे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के बयानों पर आपत्ति दर्ज कराई। स्पीकर ओम बिरला ने भी कहा कि किसी भी मैगजीन, किताब या अखबार में छपे विषयों पर सदन में चर्चा की अनुमति नहीं है। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध नहीं थमा और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शाम करीब पांच बजे स्थगित कर दी गई।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: NDA के सहयोगियों ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया
ट्रेड डील के बाद NDA के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी का अभिनंदन किया
- फोटो : एएनआई
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद आज सत्ताधारी गठबंधन- NDA के सहयोगियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया।
लोकसभा में हंगामा: कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा में 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल को सुचारू तरीके से चलाने की अपील की। हालांकि, विपक्षी दलों की तरफ से हंगामा जारी रहा। हंगामा न थमने पर चंद मिनटों के बाद ही स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में अहम विधायी कामकाज निपटाए जा रहे हैं।
लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही ठप, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसदों की तरफ से नारेबाजी और शोर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी जारी रहा। स्पीकर की जगह पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेनेट्टी ने सांसदों से कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलाने में मदद करने की अपील की गई। हालांकि, इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने हंगामा न थमता देख 12.12 बजे कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर हंगामा
लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर हंगामा आज भी जारी रहा। दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर राहुल ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वे अपने वक्तव्य के समर्थन में सभी दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखने के लिए तैयार हैं। इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कल ही इस संबंध में नियम साफ कर चुके हैं। सरकार नियमों के तहत नेता प्रतिपक्ष की सभी बातों को सुनने के लिए तैयार है। पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेनेट्टी ने विपक्षी दलों के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति करते हुए कहा कि सदन में यार जैसे संबोधन आपत्तिजनक हैं। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही फिर स्थगित, राहुल की तीखी टिप्पणी
विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही फिर स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन सभापति ने कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी। संसद के बाहर पत्रकारों के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने देश के किसानों की मेहनत के साथ ऐसा क्यों किया। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि चार महीन से समझौता रूका हुआ थास, लेकिन अचानक डील होने का एलान कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इन्होंंने समझौता नहीं किया देश को बेच दिया है।
लोकसभा में नहीं थमा हंगामा, कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित
संसद में आज मर्यादा भी टूटी। विपक्ष आरोप लगाता रहा कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। पहले दोपहर करीब सवा दो बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की जगह सदन की कार्यवाही संचालित कर रहे पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेनेट्टी की तरफ कागज उछाले गए। बाद में जब तीन बजे कार्यवाही शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की। अशोभनीय आचरण के मामले में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पारित होने के बाद सैकिया ने आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र से निलंबित किए जाने की घोषणा की। इसके बाद एक बार फिर विपक्षी खेमे की तरफ से कागज उछाले गए। हंगामा नहीं थमने के कारण लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सफलता : नक्सली हिंसा में 15 साल में 88 फीसदी की गिरावट
देश में वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी हिंसा में बड़ी और ऐतिहासिक कमी आई है। वर्ष 2010 की तुलना में 2025 तक नक्सली हिंसा की घटनाओं में 88% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि नागरिकों और सुरक्षाबलों की मौतों में 90% की कमी आई है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वर्ष 2010 में 1,936 हिंसक घटनाएं हुई थीं, जो 2025 में घटकर 234 रह गईं। इसी तरह 2010 में 1,005 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 100 पर आ गई है। पिछले साल 2025 में सुरक्षाबलों ने 364 नक्सलियों को ढेर, 1,022 को गिरफ्तार और 2,337 नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया। ये आंकड़े नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को दर्शाते हैं। गृह राज्य मंत्री ने कहा, नक्सली हिंसा से प्रभावित पुलिस थानों की संख्या भी साल 2010 की तुलना में 465 से घटकर 2025 में 119 रह गई है। अब देश में केवल 8 जिले नक्सल प्रभावित हैं, जिनमें 6 छत्तीसगढ़, एक झारखंड और एक ओडिशा में स्थित हैं। राय ने कहा, यह प्रगति सरकार के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत अगले महीने 31 मार्च तक भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाना है।
सीएपीएफ के लिए कुल 83 प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए गए
गृह राज्यमंत्री राय ने लोकसभा में कहा, देशभर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के लिए कुल 83 प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रशिक्षण संस्थानों में से सबसे अधिक 15 केंद्र मध्य प्रदेश में हैं। वर्ष 2020 से 2025 के बीच सरकार ने सीएपीएफ की प्रशिक्षण अवसंरचना के लिए 755.42 करोड़ रुपये आवंटित किए, जिनमें से 743.46 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। राय ने कहा, समय-समय पर प्रशिक्षण के लिए वाहनों की खरीद, तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था और प्रशिक्षकों के लिए मानव संसाधन भी बढ़ाया गया है।