उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या बीते तीन वर्षों में लगातार घटी है। शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में बताया कि वर्ष 2023 में 9.08 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए विदेश गए थे। यह संख्या 2024 में घटकर 7.7 लाख रह गई और 2025 में घटकर 6.26 लाख हो गई। ये आंकड़े केंद्रीय गृह मंत्रालय के आव्रजन ब्यूरो (बीओआई) की ओर से 2023 से 2025 की अवधि के लिए उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। मजूमदार ने कहा, विदेश में पढ़ाई करना व्यक्ति की इच्छा और चुनाव पर निर्भर करता है। यह निर्णय खर्च उठाने की क्षमता, बैंक ऋण की उपलब्धता, विदेशी समाज का अनुभव और किसी विशेष विषय में रुचि जैसे कई कारकों पर आधारित होता है। सरकार विदेश में सफल भारतीय समुदाय को देश की ताकत मानती है। 14 विदेशी संस्थानों को मंजूरी : मजूमदार ने कहा, देश में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 14 विदेशी शिक्षण संस्थानों को परिसर खोलने की मंजूरी दी गई है। गुजरात की गिफ्ट सिटी में पांच विदेशी विश्वविद्यालयों को संचालन की अनुमति मिली है।
कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता जताई और कहा, युवा वास्तविकता और काल्पनिक दुनिया के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए माथेर ने कहा कि हाल के सप्ताहों में छात्रों का आत्महत्या के कई मामले सामने आए, जो ऑनलाइन मंचों के अत्यधिक इस्तेमाल से अकेलेपन और अलगाव की भावना के शिकार थे। कोच्चि और गाजियाबाद की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप अंजादा लगाइए कि सोशल मीडिया युवाओं व किशोरों को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है। कोच्चि के चोटनिकारा के पास 16 वर्षीय लड़की ने पिछले दिनों अपने ऑनलाइन दोस्त की मौत के गम में आत्महत्या कर ली थी। वहीं, गाजियाबाद में तीन बहनों ने कोरियाई सामग्री से प्रभावित होकर खुदकुशी कर ली थी।
लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली। राहुल ने भाजपा के वरिष्ठ नेता पाल के अतीत में उनकी पार्टी का सदस्य रहने का उल्लेख कर कहा, मुझे पता है आपका दिल उधर (भाजपा की तरफ) नहीं है। इस पर पाल ने कहा, अगर आप मेरी बात मानते तो आज वहां नहीं बैठे होते। आपको सलाह दे रहा हूं कि आपको सही रास्ता पकड़ना चाहिए, आपके पास अभी भी समय है।
राज्यसभा में द्रमुक ने सरकार से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को सांविधानिक दर्जा देने और प्रवर्तन अधिकारों को मजबूत करने की मांग की। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए द्रमुक सदस्य पी विल्सन ने कहा कि हाल के वर्षों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हिंसा बढ़ी है। कुछ राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग करके नाबालिगों के खिलाफ भी कई एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
राज्यसभा आप सदस्य राघव चड्ढा ने जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने के अधिकार (राइट टु रिकॉल) का मुद्दा उठाया। चड्ढा ने शून्यकाल में कहा, अगर मतदाता अपना नेता चुन सकता है तो काम न करने पर उसे हटाने का हक भी होना चाहिए। उन्होंने कहा, सांसद या विधायक चुने जाने के बाद अगर कोई काम न करे तो पांच साल तक जनता के पास बर्दाश्त करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता। एक गलत फैसले का लाखों मतदाता खामियाजा भुगतते हैं।
केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद पूरक कार्यसूची के माध्यम से यह विधेयक सदन में रखा। औद्योगिक संबंध संहिता, 2026 ने तीन पुराने कानूनों ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926, औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की जगह लेगा। तीनों कानून श्रमिक संगठनों, औद्योगिक रोजगार और औद्योगिक विवादों से जुड़े थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकारी आवास आवंटन के लिए सेवारत अधिकारियों के लिए परिवार की परिभाषा के विस्तार को मंजूरी दे दी है। सरकार ने बताया कि संशोधित परिभाषा में पति/पत्नी और आश्रित बच्चों या सौतेले बच्चों के मौजूदा दायरे के अतिरिक्त माता-पिता, आश्रित भाई-बहन व कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे भी शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा, विस्तारित परिभाषा से सभी सेवारत अधिकारियों को लाभ होने की उम्मीद है, जिनमें माता-पिता के साथ रहने वाली अविवाहित महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट बहस पर लोकसभा को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने श्रम प्रधान क्षेत्रों को बजट में प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत बायोफार्मा सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टार्टअप्स के विस्तार के लिए उन्हें बड़े डोमेन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताते हुए वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया है कि मेगा टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हम सदन को गुमराह करने और निराधार बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दाखिल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही और प्रक्रिया के स्पष्ट नियम हैं। जब कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे नोटिस देना होता है और आरोप को प्रमाणित भी करना होता है। मैंने राहुल गांधी को सदन में बुलाकर उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं को प्रमाणित करने का अनुरोध किया है। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर निराधार और झूठे आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।"
केरल के कोट्टायम से निर्वाचित कांग्रेस सांसद एडवोकेट फ्रांसिस जॉर्ज, असम की कोकराझार लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद जे बासुमतारी, केरल से निर्वाचित आईयूएमएल सांसद डॉ एमपी अब्दुस्समद ने भी चर्चा में भाग लिया।
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, मध्य प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सांसद डॉ कविता पाटीदार, पूर्व प्रधानमंत्री और कर्नाटक से निर्वाचित वयोवृद्ध राजनेता एचडी देवेगौड़ा और भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा, "जो नियम हैं, यह नियम हमारे या ओम बिरला के आने के बाद नहीं बने हैं। यह नियम पहले से हैं। यह नियम जब संविधान की रचना हुई तब से है। उन नियमों के आधार पर अगर वे किसी पर आरोप लगाते हैं तो उन्हें प्रमाणित करना होगा। अगर वे जिसपर आरोप लगा रहे हैं अगर वह सदन का सदस्य है तो उसे नोटिस देना पड़ता है और अगर वह सदन का सदस्य नहीं है तो वे ऐसे आरोप नहीं कर सकते। सिर्फ बोलने से प्रमाणित नहीं होता, इससे संबंधित दस्तावेज रखने होते हैं, सबूत रखने होते हैं, सिर्फ बोलने से नहीं होगा। इन्हें प्रमाणिकता, नियम का अर्थ नहीं पता इसलिए कुछ भी बोलते हैं। पहले का इतिहास इन्हें पता नहीं है ये बस आरोप लगाते हैं। जब कोई आसन पर होता है तो वह किसी पार्टी का नहीं होता है... उन्हें संसदीय भाषा का ज्ञान नहीं है। उन्होंने बजट के अलावा सब बोला..."
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा, "भारत का डाटा बहुत ही सुदृढ़ कानूनी स्वरूप में है, डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम के तहते है। भारत के जितने संवेदनशील क्षेत्र हैं सबके अपने विनियम हैं और इस तरह के आरोप लगाने से पहले चीजों को प्रमाणित करना चाहिए।"
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बाद मीडिया से बात की, जहां उन्होंने कहा कि मेरे पास डाटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं। बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता। जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो।
राहुल गांधी के भाषण के बाद अब अनुराग ठाकुर चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस राज में अर्थव्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी थी। विपक्ष देश की तरक्की से खुश नहीं है। इसी के साथ उन्होंने बजट को विकसित भारत वाला बजट करार दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी दूसरी ताकत हैं हमारे किसान, जो खाना देते हैं। हमारे पास खाना प्रचुर मात्रा में है। तीसरा- हमें देश को चलाने के लिए ऊर्जा की जरूरत है। इन तीनों को बचाना आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत है। बजट इन चीजों की पहचान तो करता है। वह कहता है कि हम खतरनाक समय में जा रहे हैं। वह जानता है कि भू-राजनीतिक स्थिति खतरनाक हो रही है। ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है। लेकिन बजट में इसके लिए कोई हल नहीं है। बजट सिर्फ किसी आम बजट की तरह ही है। इसमें इनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं दिया गया है। बजट में आज की चुनौतियों पर बात ही नहीं है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं सदन को कहना चाहता हूं कि सेक्टरों की जो ताकत है , वह हमारे अपने लोग हैं। 1.4 अरब लोग शानदार हैं, ऊर्जावान हैं, बुद्धिमान हैं। वे किसी को भी चुनौती दे सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ लोग नहीं हैं। हमारे पास डाटा का भी बड़ा पूल है। सभी लोग एआई के बारे में बात करते हैं, लेकिन एआई के बारे में बात करना किसी इंजन के बारे में बात करना है, इसके पेट्रोल यानी डाटा के बारे में बात करना भी जरूरी है। यानी अगर आपके पास पेट्रोल- डाटा नहीं है, तो एआई भी बेकार है। इस वक्त दुनिया के पास डाटा के दो पूल हैं- भारत का डाटा पूल (1.4 अरब लोगों का) और चीन (वहां भी इतनी ही जनसंख्या है)। यानी हम डाटा के मामले में ताकतवर हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी तरफ डॉलर को चुनौती मिल रही है। अमेरिकी सुप्रिमेसी को चुनौती मिल रही है। अब हम दो सुपर पावर या कई सुपर पावर वाले दौर में जा रहे हैं। आर्थिक सर्वे की बात सही है। इन सबके केंद्र में एआई का समय है। सभी कह रहे हैं कि हम एआई के समय में जा रहे हैं। एआई का एक परिणाम यह हो रहा है कि कांग्रेस ने जो आईटी इकोसिस्टम बनाया, वह चुनौती की स्थिति में रहेगा। इसे चुनौती मिलेगी। कई इंजीनियरों को एआई हटा देगा।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि दूसरा- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया गया है। हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने मार्शल आर्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि जिजित्सु में ग्रिप दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। चोक कहां हो रहा है, जोर कहां पड़ रहा है, राजनीति में नहीं दिखता। मैं आर्थिक सर्वे को देख रहा था। दो बिंदु मुझे दिखे। पहला बिंदु- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ती जा रही है। यानी जो अमेरिका आधारित सिस्टम था, उसे चुनौती मिल रही है। उसे अब रूस और चीन फिर से चुनौती दे रहे हैं।
लोकसभा में बजट पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि आज दुनिया में अमेरिकी दबदबे को चुनौती दी जा रही है। दुनिया युद्ध की ओर जा रही है। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि आज एनर्जी-फाइनेंस को हथियार बनाने का युग है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बजट पर चर्चा में भाग रह हैं। इस दौरान उन्होंने मार्शल आर्ट्स का जिक्र किया।
लोकसभा में बजट पर चर्चा जारी है, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, "ओम बिरला ने अपनी कर्तव्य को जिम्मेदारी से निभाई है, और विपक्ष ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। वे उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस लाए हैं। स्पीकर के साथ इस बर्ताव के लिए विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।"
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "कम से कम 20-25 कांग्रेस MP लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहीं था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे।"
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि ओम बिरला सदन में आ नहीं रहे। पूरा माहौल अंदर बहुत कड़वा होता जा रहा है, ये इतना शोर मचा रहे हैं। कल जब संसद ठीक चली तो आज कह रहे हैं कि ये 6 लाइने क्यों? जबकि वंदे मातरम् पर चर्चा हो चुकी है, इन्होंने भी इसमें हिस्सा लिया था। एक कड़वापन हैं इनमें कि हम कैसे हार सकते हैं?'
लोकसभा में अब से थोड़ी देर में राहुल गांधी बोल सकते हैं। राहुल गांधी बजट पर चर्चा में हिस्सा लेंगे।
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन जारी है। मकर द्वार पर सांसदों ने विरोध जताया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में काम न करने वाले वाई-फाई हॉटस्पॉट के संबंध में जवाब किया।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डेडिकेटेड ग्रीन एनर्जी जोन के बारे में सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी सांसद सुनेत्रा पवार आज राज्यसभा से इस्तीफा देंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनेत्रा पवार गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में शून्यकाल का नोटिस दिया है, जिसमें नगर निगमों के निजीकरण के कारण सफाई कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय पर चर्चा की जाएगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज सदन में बजट पर बहस में हिस्सा लेंगे। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी दोपहर 12 बजे सदन में चर्चा में भाग लेंगे।
आज संसद के बजट सत्र का 11वां दिन है। दोनों सदनों में बजट पर चर्चा जारी रहेगी। लोकसभा से आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच लंबे समय से बरकरार गतिरोध मंगलवार को दूर हुआ।