Cyclone Mocha Live Tracking, Wind Speed, IMD Alert: आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र आज चक्रवात का रूप ले सकता है। भारत में इससे नुकसान का खतरा कम है, क्योंकि 12 मई तक यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की तरफ बढ़ेगा और फिर उसके बाद बांग्लादेश और म्यांमार की तरफ निकल जाएगा।
आईएमडी ने कहा कि चक्रवाती तूफान के धीरे-धीरे फिर से वापस लौटने, उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने और 13 मई से थोड़ा कमजोर होने की संभावना है। और यह 14 मई की पूर्वाह्न के आसपास कॉक्स बाजार (बांग्लादेश) और क्यौकप्यू (म्यांमार) के बीच दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उत्तरी म्यांमार के तटों को पार कर सकता है। इस दौरान 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
आईएमडी ने कहा कि गहरे दबाव का क्षेत्र लगातार उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ रहा है। आईएमडी कार्यालय ने कहा कि मौसम प्रणाली धीरे-धीरे 11 मई की सुबह तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान और 12 मई की सुबह दक्षिण पूर्व और आसपास के मध्य बंगाल की खाड़ी में एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगी।
आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में गहरे दबाव का क्षेत्र पांच किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ रहा है और पोर्ट ब्लेयर से लगभग 540 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, कॉक्स बाजार (बांग्लादेश) से 1,460 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और सितवे (म्यांमार) के 1,350 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित है। आईएमडी ने कहा कि इसके कुछ समय के लिए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और आज शाम के आसपास उसी क्षेत्र में एक चक्रवाती तूफान में तेजी लाने की संभावना है।
चक्रवात को लेकर तैयारियों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों को चक्रवात से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य सरकार स्थिति को संभालने के लिए तैयार है। सीएम बनर्जी ने कहा कि अगर कुछ अलग परिस्थितियां आती हैं, तो हम तटीय इलाकों से लोगों को बचाएंगे, क्योंकि चक्रवात बांग्लादेश और फिर म्यांमार तक जाएगा।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने कहा कि म्यांमार के पास समुद्र की सतह का तापमान (एसएसटी) बंगाल की खाड़ी की तुलना में सामान्य से 1-2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। बंगाल की खाड़ी का तापमान लगभग 30-32 डिग्री सेल्सियस है। उपसतह की स्थिति भी गर्म है, लेकिन खाड़ी के केंद्र जितनी गर्म नहीं है। कोल ने आगे कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर समुद्र और वायुमंडलीय दोनों स्थितियां चक्रवात के विकास के लिए अनुकूल हैं। समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से 1-2 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता है और चक्रवात के बनने और तीव्रता के लिए गर्मी और नमी की निरंतर आपूर्ति प्रदान करने के लिए उपसतह की गर्मी भी पर्याप्त है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन ने लोगों को सतर्क कर दिया है क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मंगलवार देर रात के बाद तेज होने की संभावना है। कम दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर में स्थित है।
नौ से 11 मई के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। चक्रवात मोका के प्रभाव के कारण सप्ताहांत के दौरान भारत के पूर्वोत्तर में भारी दर्ज किए जाने की संभावना है। त्रिपुरा और मिजोरम में 13 मई को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और 14 मई को छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। नगालैंड, मणिपुर और दक्षिण असम में भी रविवार को भारी वर्षा होने की संभावना है।
आईएमडी ने 9 से 12 मई के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास और 9 से 13 मई के दौरान दक्षिणपूर्व और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के समुद्री क्षेत्रों में पर्यटन, अपतटीय गतिविधियों और शिपिंग को लेकर सलाह दी है। आईएमडी ने पर्यटकों को इन क्षेत्रों में जाने से मना किया है।
मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवात के शुरुआत में 12 मई की सुबह तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बाद में बांग्लादेश और म्यांमार की तटों की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
अंडमान सागर से सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित हो चुका है। लेकिन 'मोका' नाम का यह चक्रवात भारत से नहीं टकराएगा। अब यह बांग्लादेश और म्यांमार के तट से टकरा सकता है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र एक अवदाब के रूप में बदल चुका है। यह उत्तर की ओर बढ़ रहा है और 10 मई तक एक चक्रवाती तूफान के रूप में तब्दील हो जाएगा। आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवात मोका के शुक्रवार, 12 मई की सुबह तक बहुत गंभीर तूफान में बदलने की संभावना है। इसके साथ ही हवा की गति 130 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आईएमडी ने मंगलवार को कहा था कि बंगाल की दक्षिण-पूर्व खाड़ी के ऊपर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 65 किमी प्रति घंटे के वेग से चलने वाली हवाओं के साथ कम दबाव वाला क्षेत्र मंगलवार की शाम एक चक्रवात में केंद्रित हो गया। आईएमडी ने कहा था कि मौसम प्रणाली के बुधवार सुबह 5.30 बजे तक एक गहरे दबाव में बदलने और अगले 12 घंटों में चक्रवात ‘मोका’ में बदलने की उम्मीद है। हवा की गति 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकती है।