भारत इंतजार करेना और यह देखेगा कि अफगानिस्तान में सरकार गठन कितना समावेशी रहता है और तालिबान इसे किस तरह करता है। समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि भारत इस बात पर भी नजर रखेगा कि तालिबान के शासन पर दुनिया के अन्य लोकतंत्र किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान ने काबुल से 120 से अधिक भारतीय अधिकारियों के साथ उड़ान भरी है। कर्मचारियों को बीती देर शाम एयरपोर्ट के सुरक्षित इलाकों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया था।
अफगानिस्तान में रूस के राजदूत दिमित्री झिर्नोव ने कहा कि अशरफ गनी सरकार के मुकाबले पिछले 24 घंटे में तालिबान ने काबुल को सुरक्षित रखा है। बता दें कि आज रूस और तालिबान के बीच बातचीत भी होने वाली है।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने अफगानिस्तान संकट पर एस जयशंकर के बात की। दोनों के बीच अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई।