केंद्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने आगामी बोर्ड परीक्षा, जेईई मेन, नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर फैसले को लेकर रविवार सुबह 11.30 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बेठक हुई है। इस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों, शिक्षा सचिव के साथ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हुए। पढ़िए...
उधर, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने रविवार शाम पांच बजे वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेस करके राज्य बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा कोविड-19 स्थिति के कारण, गोवा बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है। कक्षा 10वीं के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त अंकों के आधार पर अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाना है। वहीं, 12वीं की परीक्षा पर अगले 2 दिनों में फैसला होगा।
मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में सरकार से कक्षा बारहवीं के छात्रों को वैक्सीन में प्राथमिकता देने की बात कही है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र से कहा कि छात्रों को टीका लगाने से पहले कक्षा 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं कराना बहुत बड़ी गलती साबित होगी।
शिक्षा मंत्रियों,शिक्षा सचिवों, राज्य परीक्षा बोर्डों के अध्यक्षों और हितधारकों की उच्च स्तरीय बैठक खत्म हो गई है। किसी भी समय बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में बड़ा एलान हो सकता है।
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 12वीं कक्षा की परीक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई है। बैठक में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्कूल शिक्षा विभाग की सचिव अनीता करवाल, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा आदि शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और अध्यक्ष शामिल हैं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है कि सीबीएसई 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी लगातार कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान होने वाली इन परीक्षाओं के बारे में अपनी चिंताओं को साझा कर रहे हैं। उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा मायने रखती है। हम अपना सबक क्यों नहीं सीख रहे हैं? एक बंद जगह पर लोगों की भीड़ जमा करने से कोरोना संक्रमण और बढ़ेगा।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कई छात्रों और अभिभावकों के साथ बैठक कर बोर्ड परीक्षा पर सुझाव मांगे थे। बैठक के बाद सिसोदिया ने बताया कि हितधारकों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए। बच्चों के लिए कोरोना टीकों के अभाव में, किसी भी तरह की परीक्षा आयोजित करने से विद्यार्थियों और शिक्षक को संक्रमण होने का खतरा है। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जाना चाहिए।
पहले प्रस्ताव के मुताबिक कक्षा बारहवीं के 174 विषयों में से केवल 20 मुख्य विषयों की ही परीक्षा ली जाएगी। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स, बायोलॉजी, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, बिजनेस स्टडीज, अकाउंट्स, जियोग्राफी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश आदि विषय शामिल हैं। इन मुख्य विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर अन्य विषयों का परिणाम तैयार किया जाएगा।
एक तरफ जहां सोशल मीडिया 12वीं बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ रविवार यानी आज 11 बजे होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय और राज्य मंत्री बारहवीं बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के विकल्पों पर चर्चा करने जा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा तीन प्रकार के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं।