शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे जंतर-मंतर पहुंचे हैं।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान या उसके बाद किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे ऐसे सभी दावों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी के भी जान गंवाने की खबर पूरी तरह गलत है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं को साझा न करें। साथ ही पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचने की भी अपील की।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, हमारे वकीलों ने अभी जानकारी दी है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया है। इसलिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा धरना समाप्त किया जाता है।
दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर विपक्षी नेता और कार्यकर्ता जमा हुए हैं। यहीं पर लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ नेताओं को हिरासत में लेने के बाद थोड़ी देर पहले लाया गया था।
#WATCH | Delhi | Opposition leaders and workers gather outside the Mandir Marg Police Station, where some of the detained leaders, who were protesting at Lok Kalyan Marg, were brought a short while back. pic.twitter.com/MmvhK0zar5
— ANI (@ANI) July 21, 2026
लोक कल्याण मार्ग पर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे राहुला गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें शहर की पुलिस द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद तक मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ बहुत ज्यादा बल के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया था। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि कोर्ट को इन सब मामलों में न घसीटें।
मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अब तक चार एफआईआर दर्ज की हैं और 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी और किसान समूहों द्वारा आयोजित "संसद चलो" मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़-फोड़ और अन्य घटनाओं के सिलसिले में दो और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी ने मांग रखी कि अगर सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हो जाए, तो वे तुरंत अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर देंगे। कुछ ही देर बाद, सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद राहुल गांधी को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांग मान ली गई है और सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। जब यह जानकारी राहुल गांधी को दी गई, तो उन्होंने कहा कि वे सिर्फ इतने से सहमत नहीं होंगे, बल्कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी भरोसा मांगा। जब उन्हें याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने सिर्फ चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं। राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता का अपनी बात से पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र के हर नियम के खिलाफ है।
Union Minister Jitendra Singh tweets, "... Rahul Gandhi put forward the demand that if the government agrees to discuss in Parliament all issues related to NEET and the associated movement, he would immediately end his protest. Within a few moments, after taking permission from… https://t.co/SX7bVACs3I pic.twitter.com/JlTmIYd03T
— ANI (@ANI) July 21, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। पीएम मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे। वे ऐसा नहीं कर सकते। इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में हमारे साथ शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi tweets, "An attack on students is an attack on every Indian family. PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time. I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice… pic.twitter.com/lQyI2byOaG
— ANI (@ANI) July 21, 2026
आप सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि सीजेपी के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बैठा दिया है।
CJP के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने @RahulGandhi को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया।
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 21, 2026
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो सफदरजंग अस्पताल में हैं, जहां मेदांता अस्पताल से एक एम्बुलेंस पहुंची है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत दे दी।
#WATCH | Activist Sonam Wangchuk’s wife, Dr Gitanjali Angmo, at Safdarjung Hospital, where an ambulance from Medanta Hospital has arrived.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
Delhi High Court allowed Sonam Wangchuk to be shifted to the private hospital. pic.twitter.com/v2F2YDf8P3
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मोदी जी के अपने बच्चे नहीं हैं, इसलिए उन्हें नहीं पता कि बच्चे होने का क्या मतलब होता है। ये सभी हमारे बच्चे हैं। बच्चों को पीटना सही नहीं है। छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मैं छात्रों से कहना चाहता हूं कि वे डटे रहें। सबसे बड़े तानाशाह को भी जनता के सामने झुकना ही पड़ता है।
एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। वहीं जंतर मंतर पर बारिश हो रही है। वहीं नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एससीपी) के प्रमुख शरद पवार भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
#WATCH | Delhi: Nationalist Congress Party (NCP-SCP) chief Sharad Pawar arrives at Jantar Mantar protest site. #CJPProtest pic.twitter.com/o2xRUg5NNz
— ANI (@ANI) July 21, 2026
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोक कल्याण मार्ग पहुंचे और यहां कांग्रेस के चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी वहां मौजूद थे।
#WATCH | Delhi: Union Minister Jitendra Singh reached Lok Kalyan Marg and spoke with Lok Sabha LoP Rahul Gandhi over Congress's ongoing protest here.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
Union Home Secretary Govind Mohan also present.
(Earlier visuals) pic.twitter.com/aN2wEVSDit
लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने पर पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यह भाजपा का आतंकवाद है। वे छात्रों की बात नहीं सुनते। वहीं प्रदर्शन कर रहे कन्हैया कुमार समेत कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और अन्य कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया।
#WATCH | Delhi: Congress leaders including party president Mallikarjun Kharge, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, KC Venugopal, Pawan Khera and others are holding a protest demanding the resignations of Prime Minister and Education Minister Dharmendra Pradhan. pic.twitter.com/bmWWpPNpOc
— ANI (@ANI) July 21, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने चिकित्सकीय रिपोर्ट्स की समीक्षा के बाद कहा कि वांगचुक को निरंतर और सतत चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है। कोर्ट ने मेदांता अस्पताल के निदेशक को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित करने का निर्देश दिया, जो उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करेगी और स्वीकृत चिकित्सा मानकों के अनुसार उपचार प्रदान करेगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने केंद्र सरकार की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल के सभी मेडिकल रिकॉर्ड तुरंत मेदांता को सौंपने को कहा। साथ ही, गीतांजलि अंगमो को पति से मिलने की पूरी छूट दी गई है।
दिल्ली में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बच्चों को चोटें आई हैं। जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उनसे बातचीत करके कोई समाधान निकाला जाना चाहिए। हमारे युवा बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
#WATCH | Delhi: Congress leader Bhupinder Singh Hooda said, "The children have received injuries. A solution should be found by talking to those who are sitting on the protest. The future of our young children is being toyed with." pic.twitter.com/3jOvfKc21B
— ANI (@ANI) July 21, 2026
दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 साल की लड़की, जिसका इलाज दिल्ली के आरएमएस अस्पताल में चल रहा है। उसकी सेहत में सुधार के संकेत मिले हैं। उसे होश आ गया है। लेकिन वह अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। सूत्रों के मुताबिक, अगर उसकी हालत में सुधार जारी रहता है, तो डॉक्टर उसे वेंटिलेटर से हटाने पर विचार कर रहे हैं।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि मैं इस मामले को सही ढंग से सुलझाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का शुक्रिया अदा करती हूं। भारत में एक लोकतांत्रिक नागरिक को अपनी पसंद का डॉक्टर, अस्पताल और इलाज चुनने का अधिकार है। यहाँ उन्हें जिस तरह से लाया गया था, उसके कारण हमें भरोसा नहीं हो रहा था। उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनकी सेहत की निगरानी जंतर-मंतर पर भी की जा सकती थी। यह एक तरह की नजरबंदी जैसा था ताकि वह बाहर के लोगों से संपर्क न कर सकें। उनकी सेहत से जुड़ी बातें जानलेवा नहीं हैं। सरकार से ज्यादा चिंता हमें उनकी सेहत की है। सोनम ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है, ताकि वे उन छात्रों के साथ एकजुटता दिखा सकें जिनकी कल पिटाई हुई थी। सफदरजंग अस्पताल आए कई सांसदों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। डॉ. लांबा और डॉ. दिघे, जो पिछले 20 दिनों से उनका इलाज कर रहे थे, ने आज कोर्ट को बताया कि इलाज करने वाले डॉक्टर को भी मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था। हमें उस अस्पताल में नजरबंदी और कैद जैसा महसूस हुआ। लंच के बाद एक लिखित आदेश दिया जाएगा, फिर हम उन्हें मेदांता ले जाएंगे।
#WATCH | Activist Sonam Wangchuk’s wife, Dr Gitanjali Angmo, says, "I thank Delhi High Court for favourably disposing of this matter. In India, a democratic citizen has the right to choose his choice of doctor and hospital and treatment. Here, we had trust deficit because of the… pic.twitter.com/CfhhCkZJYM
— ANI (@ANI) July 21, 2026
दिल्ली के एडिशनल डीसीपी आनंद कुमार मिश्रा ने कहा कि कुछ एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं और यह संख्या निश्चित रूप से और बढ़ सकती है। अभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे दूसरे पहलुओं की जांच होगी। एफआईआर दर्ज होने की संभावना है। पूरे विरोध वाले इलाके में 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन सभी की निगरानी की जा रही है। इस काम के लिए एक खास टीम लगाई गई है, जिसमें कई टीमें मिलकर काम कर रही हैं। हम हर चीज की बारीकी से जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो और हमारे अपने लगाए गए कैमरों की फुटेज। हमने पहले ही एक टीम बना ली थी ताकि जरूरत पड़ने पर हम तेजी से जांच कर सकें। वह टीम अभी काम कर रही है।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके आंदोलन में आए छात्रों से मिले। सीजेपी आंदोलन में घायल हुए छात्र आज फिर आंदोलन से जुड़ गए हैं। लखनऊ से आए आदर्श सूरज झा सोमवार के प्रदर्शन में लाठीचार्ज में घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि बैरिकेड से निकलने का प्रयास कर रहे थे, उस समय लाठीचार्ज में घायल हो गए।
कांग्रेस सांसद शशि थरू ने कहा कि यह सच में बहुत बुरी हालत है। पार्लियामेंट चर्चा के लिए होती है। हमारे पास कई ऐसे मुद्दे हैं जो देश को जला रहे हैं, जिसमें यह राजधानी शहर भी शामिल है। हमने देखा है कि कल क्या हुआ, और इन हालात में, अगर पार्लियामेंट इन पर चर्चा करने का फोरम नहीं है, तो फिर फोरम क्या है? मेरा मतलब है, मुझे आपको बताना है कि सरकार इन चीज़ों को लेकर बहुत जिद्दी हो रही है। मुझे लगता है कि स्पीकर को बस मामला अपने हाथ में लेना चाहिए और पार्लियामेंट में इस रुकावट को पूरी स्थिति पर खुली चर्चा बुलाकर हल करना चाहिए। स्टूडेंट प्रोटेस्ट, भूख हड़ताल, लाठीचार्ज, हिंसा- 100 लोग राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हैं। आप ऐसे मामले को कैसे नजरअंदाजकर सकते हैं?
दिल्ली: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "कल राजधानी में केंद्र सरकार का बेरहम और क्रूर रवैया देखने को मिला। क्या छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध से निपटने का यही तरीका था? यह सरकार डरी हुई और असंवेदनशील है। हम संसद में फिर से यह मुद्दा उठाएंगे। हमने चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पहले ही एक प्रस्ताव पेश कर दिया है। पूरा देश देख रहा है कि मोदी छात्र-विरोधी और युवा-विरोधी हैं। कल की घटना के लिए वही जिम्मेदार हैं। कल विरोध प्रदर्शन में कितने छात्र शामिल थे? यह एक तानाशाही सरकार है, लोकतांत्रिक सरकार नहीं?"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल के साथ RML अस्पताल पहुंचे। कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए लोगों को यहां भर्ती कराया गया है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, along with Congress MPs Priyanka Gandhi Vadra and KC Venugopal, arrives at RML hospital. People injured in Police action during CJP protest march yesterday are admitted here. pic.twitter.com/MqK8cjdCR9
— ANI (@ANI) July 21, 2026
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा अपने साथियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रही है ताकि वे लोग दबे और कुचले राज न खोल दें... कोई कल्पना नहीं कर सकता है कि आजादी के बाद कोई सरकार इस तरह का व्यवहार युवाओं के साथ करेगी... यह लोकतंत्र में कभी स्वीकार नहीं हो सकता है..."
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि "बच्चे ये बताने चाहते थे कि सरकार का सिस्टम बीमार पड़ गया है और उनके हित के बारे में नहीं सोच रहा है। लेकिन उन बच्चों को लाठियां खानी पड़ी। ये इतनी निर्मम सरकार है और बच्चों ने इतना आंसू बहाए हैं सरकार को इनके आंसुओं पर भी दया नहीं आ रही है। ये शिक्षा मंत्री को अभी भी पद से हटा नहीं रहे हैं, हमें इन्हें वोट के माध्यम से हटाना है एक यही हमारे पास हथियार है।'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि कल जो हुआ, उसके लिए मोदी जी ने माफी तक नहीं मांगी है। युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली के फिलाफ विरोध कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को दीमक ने खोखला कर दिया है। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें ये सब बंद करवाना चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने RML अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बैठक की। कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए लोगों को यहां भर्ती कराया गया है।
#WATCH | Delhi: Union Minister JP Nadda holds a meeting with doctors at RML hospital. People injured in Police action during CJP protest march yesterday are admitted here. pic.twitter.com/5fE3B5tl3j
— ANI (@ANI) July 21, 2026
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि "सबसे बड़ा मुद्दा देश के तमाम युवा जो बेरोजगार हैं पेपर लीक मामले को लेकर लाखों युवा आए थे और उनकी बात सुनी नहीं गई। सुनने के बजाए उनके ऊपर लाठी लार्ज हुआ, और एक और मुद्दा है राम मंदिर में चंदा चोरी जिससे देश के करोड़ों-करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई है इस मुद्दे पर चर्चा होना चाहिए और जो जिम्मेदार हैं उसको सरकार बचाने का काम कर रही है। मुझे उम्मीद है जो चंदा चोरी में शामिल हैं वो बच नहीं पाएंगे।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर व्यापक चर्चा हो, दिल्ली पुलिस ने युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सिविल ड्रेस में किसी को लाठी चार्ज करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। जब सड़कों पर इस किस्म की चिंगारी हो तो संसद में भी आवाज उठानी पड़ती है।
अरविंद केजरीवाल ने आप मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर छात्रों से बर्बरता का लगाया आरोप। सीजेपी आंदोलन में देश विरोधी तत्वों के हाईजैक करने का मनगढ़ंत आरोप बताया। केजरीवाल ने कहा कि वह कल पंजाब में एक जरूरी मीटिंग में शामिल होने के लिए गए थे इसलिए वह आंदोलन में शामिल नहीं हो पाए।
नीट मुद्दे पर 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर मंतर से संसद भवन तक हुए सीजेपी विरोध प्रदर्शन में घायल लोगों से मिलने के बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "कल के विरोध प्रदर्शन में कई छात्र घायल हो गए थे। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों में से कई को आरएमएल अस्पताल लाया गया था।
आज मैं यहां उन सभी से मिलने आया हूं जो घायल हुए थे। हमें जानकारी मिली है कि एक लड़की को छोड़कर बाकी सभी को छुट्टी दे दी गई है। सभी घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को छुट्टी मिल गई है। एक लड़की ICU में है और उसकी हालत गंभीर है, हो सकता है कि कुछ लोग दूसरे अस्पतालों में भी हों। हमारे पास उसका डेटा नहीं है।
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के मुताबिक 110 लोग थे, लेकिन हमारे पास कोई पक्का आंकड़ा नहीं है। यहां से हम पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जा रहे हैं क्योंकि हमने सोशल मीडिया पर देखा है कि कई छात्र लापता हैं और उनके माता-पिता को डर है कि पुलिस उन्हें ले गई होगी। ऐसी खबरें भी हैं कि कई छात्रों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई हैं। आज हमने एक हेल्पलाइन भी शुरू की है ताकि जिसे भी कानूनी या मेडिकल मदद की ज़रूरत हो, उसे वह मदद मिल सके।
VIDEO | Delhi: After meeting the injured in July 20th CJP protest over NEET issue, AAP national convenor Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) says, “Several students were injured in yesterday's protest. Several police personnel were also injured. Many of the injured students and… https://t.co/LAMYTDJo1E pic.twitter.com/YXkICSBRoZ
— Press Trust of India (@PTI_News) July 21, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस पर "बर्बरता और क्रूरता" का आरोप लगाया। दीपके ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
दीपके ने मीडिया को बताया कि दिल्ली पुलिस ने बच्चों को बर्बरता से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने 12 साल की लड़कियों के सिर फोड़ दिए। दीपके ने कहा कि उस दिन दिल्ली पुलिस की वर्दी में गुंडे भरे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने युवा प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की। एक लड़की गर्दन पर लाठी लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। वह अभी भी RML में गंभीर हालत में है। दीपके ने कहा कि अगर उसे कुछ होता है, तो दिल्ली पुलिस और नरेंद्र मोदी की सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस मार्च रोकने के लिए जल तोप का उपयोग कर सकती थी। दीपके के अनुसार, प्रदर्शनकारी 17-18 साल के बच्चे थे। उन्होंने कहा कि वे एक महीने से शांति से बैठे थे और पहला हमला दिल्ली पुलिस की तरफ से हुआ। पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिससे भगदड़ मच गई। दीपके ने विरोध स्थल के पास पत्थरों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी भारी बारिश, कड़ी सुरक्षा और एक दिन पहले "संसद चलो" मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बावजूद रात भर जंतर-मंतर पर डेरा डाले रहे। मंगलवार सुबह, वॉलंटियर्स ने विरोध स्थल की सफाई की, जबकि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी।
विरोध स्थल के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई थी क्योंकि वॉलंटियर्स को मंच की सफाई करते देखा गया, जो सोमवार को पुलिस द्वारा टेंट और अन्य अस्थायी जगहों को हटाने के बाद एकमात्र खड़ा ढांचा था। यहां तक कि मंच को ढकने वाला टेंट भी फटा हुआ था। युवा समर्थकों के एक समूह ने दीपके को अपने अनुभव बताए, आरोप लगाया कि बिना नाम के टैग वाले पुलिस कर्मियों ने महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों को पीटा और उन्हें "आतंकवादी" कहा। दीपके को हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगते देखा गया।
दिल्ली में कल CJP प्रोटेस्ट मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्यसभा में AAP सांसदों ने विरोध जताया।
कल संसद के बाहर CJP के विरोध-प्रदर्शन पर BJP सांसद कंगना रनौत ने कहा कि "सभी सांसद संसद के अंदर थे। हम सभी डरे हुए थे, यह सोचकर कि भीड़ हम पर हमला कर सकती है। मैं दिल्ली पुलिस की तारीफ करती हूं कि उन्होंने ढाल बनकर लोगों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया।"
दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "हम इस मुद्दे को काफी समय से उठा रहे हैं ये कोई नया मुद्दा नहीं है लेकिन मुद्दा ये है कि बार-बार ये हो रहा है लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है मुझे याद है जब मैं यूपी में काम कर रही थी तो जब पेपर लीक हुए थे उसमें सबसे नीचे वाले अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया था और दो दिन के लिए रखा और उसके बाद बात वही रुक जाती है किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अभी ये मुद्दा इसलिए ज्वलंत हैं क्योंकि ये देश के युवा है और उनके मां-पाप उन्हें लोन लेकर पढ़ाते हैं ये कितनी मुश्किल परिस्थिति है बच्चा कह रहा है कि क्या मैं संघर्ष ही करता रहूं? ये बहुत गंभीर मामला है इस हल्के में नहीं लिया जा सकता है..आज बच्चे बहुत दुखी हैं....ये सदन ही युवा का है हम सब को उन्होंने ही यहां रखा है...मोदी जी एंटी यूथ हैं, एंटी गरीब हैं और एंटी किसान हैं 12 साल हो गए हैं आप सब देख रहे हैं..बच्चों की आवाज आप सुन लीजिए और मंत्री से इस्तीफा दिलवाए...एक जमाना था जब मंत्री जिम्मेदारी लेते थे..आप भी जिम्मेदारी लीजिए और सिस्टम को दुरूस्त करिए।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पेपर लीक मामले और कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी - कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कहते हैं, "हमें दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने पर गर्व है, फिर भी लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता... जंतर-मंतर पर 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है; लोग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। क्या सरकार उनके मरने का इंतज़ार कर रही थी? कल, जब देश के युवा सड़कों पर उतरे, तो उन पर की गई बर्बरता चौंकाने वाली थी... मुझे लगा कि जब युवा सड़कों पर भूखे-प्यासे घूमते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हों, तो मैं चुप नहीं रह सकता। मैंने खुद विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का फैसला किया... मैं उन युवाओं के साथ खड़ा होने के लिए यहाँ बैठा हूँ जो अभी भी विरोध कर रहे हैं, ताकि सरकार और प्रधानमंत्री से उनकी बात सुनने का आग्रह कर सकूँ... आबादी के 51% हिस्से को कुचलने के बाद आपने क्या सबक सीखा है? वे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे; वे युवा थे, अपनी पढ़ाई कर रहे छात्र थे... एक शिक्षित, जागरूक भारतीय नागरिक और सांसद के तौर पर, मैं पूरी रात बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति के नीचे बैठा रहा और इस लड़ाई को लड़ने की हिम्मत जुटाई... मैंने अभी स्पीकर से बात की है और उन्हें स्थिति के बारे में बताया है... जो कोई भी बातचीत करने को तैयार है, मैं उससे बात करने के लिए तैयार हूं... अगर वे हमें नज़रअंदाज़ करते हैं, तो आंदोलन होगा।
संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम (PDPP एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। धारा 223(b) BNS किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा जारी आदेश का पालन न करना या सरकारी काम में बाधा डालना।
FIR में आरोप लगाया गया है कि आरोपी गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा हुए और उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था में खलल डाला, सरकारी काम में बाधा डाली, हिंसक गतिविधियों में शामिल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इन सभी आरोपों की जांच संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन द्वारा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और PDPP एक्ट के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है।
दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हुई हिंसा में संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले के इलाके में बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाने को लेकर एक FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि हिंसा की साज़िश रचने के मामले में एक FIR दर्ज की गई है, जिसमें पुलिस जांच के दौरान कई अहम सबूत सामने आए हैं। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में दो FIR दर्ज की गई हैं।
दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस ने अब तक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन और अन्य पुलिस स्टेशनों में पांच FIR दर्ज की हैं। अभी और FIR दर्ज होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
Violence during CJP protest march | Delhi Police have registered 5 FIRs so far at Connaught Place Police Station, Parliament Street Police Station and other Police Stations. More FIRs are likely to be registered. Accused are being identified with the help of CCTV footage: Delhi…
— ANI (@ANI) July 21, 2026
सोनम वांगचुक की सेहत के बारे में सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग की हेड, डॉ. प्रो. मनीषा ठाकुर कहती हैं, "उनका इलाज अभी भी दिल्ली के VMMC और सफदरजंग अस्पताल में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की देखरेख में चल रहा है, जिसमें AIIMS दिल्ली और सफदरजंग अस्पताल के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। अभी उनके वाइटल्स (शरीर के ज़रूरी संकेत) स्थिर हैं। हालांकि, उनका ब्लड शुगर लेवल लगातार कम बना हुआ है। हमने कल रात उनके इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच के लिए ब्लड सैंपल भेजा था, जिसमें पोटैशियम का लेवल 3.2 mEq प्रति लीटर पाया गया। उन्हें अभी भी पैनसाइटोपेनिया (pancytopenia) की समस्या है, जिसमें एनीमिया के लक्षण दिख रहे हैं; यानी उनका हीमोग्लोबिन कम है और ल्यूकोसाइट काउंट भी कम है। इन क्लिनिकल और लैब पैरामीटर्स को देखते हुए लगातार जांच और कड़ी निगरानी की ज़रूरत है। उन्हें अभी ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी दी जा रही है और वे सिरप के रूप में ओरल पोटैशियम सप्लीमेंट ले रहे हैं, लेकिन वे लगातार इंट्रावेनस थेरेपी और किसी भी तरह का ग्लूकोज लेने से मना कर रहे हैं। हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन, लगातार लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी और लंबे समय तक उपवास के कारण होने वाले शारीरिक तनाव को देखते हुए, उन्हें लगातार मेडिकल देखरेख और क्लिनिकल निगरानी की ज़रूरत है। उनके ठीक होने और किसी भी तरह की जटिलता (complication) का समय पर पता लगाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है। सफदरजंग अस्पताल में मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम द्वारा सभी ज़रूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और उनकी क्लिनिकल स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
सोनम वांगचुक के ज़रूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं। हालांकि, उनका ब्लड शुगर लेवल कम बना हुआ है। कल रात लिए गए सैंपल की जांच के अनुसार, उनका सीरम पोटैशियम लेवल 3.2 mEq/L है, और उन्हें लगातार पैनसाइटोपेनिया (pancytopenia) की समस्या है, जिसमें एनीमिया और ल्यूकोसाइट काउंट कम होना शामिल है। इन क्लिनिकल और लैबोरेटरी पैरामीटर्स को देखते हुए लगातार जांच और कड़ी निगरानी की ज़रूरत है। उन्हें अभी ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी (ORS) और ओरल पोटैशियम सप्लीमेंट दिया जा रहा है। हालाँकि, बार-बार मेडिकल सलाह के बावजूद वे इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज़ लेने से इनकार कर रहे हैं। हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन, लगातार लैबोरेटरी असामान्यताएं और लंबे समय तक उपवास से होने वाले शारीरिक तनाव को देखते हुए, उनके ठीक होने और किसी भी संभावित जटिलता की समय पर पहचान और इलाज के लिए लगातार मेडिकल देखरेख और क्लिनिकल निगरानी ज़रूरी है। सभी ज़रूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है, और उनकी क्लिनिकल स्थिति पर कड़ी और लगातार नज़र रखी जा रही है। आगे का इलाज उनकी क्लिनिकल प्रगति और लगातार होने वाली लैबोरेटरी जांच के आधार पर तय किया जाएगा।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जहां एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भर्ती हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक की पैथोलॉजिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन जमा करने को कहा। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह मंगलवार को एक्टिविस्ट की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की उस याचिका पर फैसला करेगा, जिसमें उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई है।
मंगलवार को सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में रीगल सिनेमा के पास हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पत्थरबाज़ी और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में हुए हंगामे के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके और पुलिस की कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया।
सोनम वांगचुक अनशन जारी रखेंगे
दूसरी ओर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा है कि वो अपना अनशन जारी रखेंगे। वांगचुक ने कहा- "मैं तब तक अनशन जारी रखूंगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती, या फिर मुझे यहां अस्पताल में ही सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। मुझे उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी, उससे पहले नहीं।
CJP के प्रोटेस्ट में पुलिस पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़ और हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब एक्शन शुरू कर दिया है। पुलिसकर्मियों से मारपीट, पथराव और पुलिसकर्मियों को आई चोटों पर अलग-अलग FIR दर्ज करने के बाद अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इधर हिंसा और प्रोटेस्ट मामले में पुलिस ने 70 लोगों को हिरासत में लिया है। सोमवार शाम प्रोटेस्ट में शामिल उपद्रवियों के हमले में IPS और दिल्ली पुलिस के 10 अफसर समेत 118 से ज़्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान घायल हो गए हैं। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की तो अब बारी उन उपद्रवियों की पहचान करने की है जिन्होनें शांति पूर्ण प्रोटेस्ट की आड़ में पत्थरबाजी और हंगामा किए।
जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।
इस बीच सीजेपी के नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है। CJP के प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार ने उन्हें विचार का भरोसा दिया है। हालांकि, रात को प्रदर्शनकारियों के बीच अभिजीत दीपके ने कहा है कि अब सरकार से कोई बात नहीं होगी जिसे भी बात करनी होगी वो जंतर-मंतर पर आएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को मचे भारी बवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करवा लिया था लेकिन देर रात एक बार फिर से प्रदर्शनकारी वहां पर जुटने लगे। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने भी इस दौरान किसी को नहीं रोका। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों को नहीं रोका जाएगा और ये भी साफ कर दिया है कि अगर किसी तरह का बवाल किया गया तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।