राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस इसकी जांच कर रही थी।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार एक मामले में शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। शिकायत की जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप इस मामले में नया केस दर्ज किया जा सकता है या नहीं। पुलिस फिलहाल शिकायत के तथ्यों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर रही है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिल्ली में डीसीपी कार्यालय के बाहर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कानून को अपने हाथ में लेकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है और क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस प्रदर्शन के जरिए लोगों का ध्यान वंदे मातरम के मुद्दे से भटकाना चाहते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम का विरोध एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है और इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी के धरने को लेकर कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता फिलहाल संसद मार्ग पुलिस थाने में धरने पर बैठे हैं। यह मामला सीधा और स्पष्ट है। रोहतक जिले के रहने वाले साहिल के साथ 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस की गैरकानूनी कार्रवाई की गई, जिसमें पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
जयराम रमेश ने कहा कि साहिल की एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है और उसके पूरे शरीर पर पेलेट गन से लगी चोटों के निशान हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ साहिल, उसकी मां और उसके वकील की मांग है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं है, बल्कि साहिल के खिलाफ कथित गैरकानूनी पुलिस कार्रवाई और पेलेट गन के इस्तेमाल से संबंधित एक विशिष्ट एफआईआर है। उनकी मांग है कि एफआईआर दर्ज कर उसका पंजीकरण नंबर उन्हें उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले दो घंटे से यह मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया गया है।
#WATCH दिल्ली: RAF (रैपिड एक्शन फ़ोर्स) के जवान संसद पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंचे।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी DCP से मुलाक़ात के बाद भी यहीं मौजूद हैं। उनके साथ साहिल लोचव भी हैं, जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हो गए थे।… pic.twitter.com/fVSqUazLYR
कांग्रेस ने भाजपा निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का ऑर्डर किसने दिया? अमित शाह और दिल्ली पुलिस को जवाब देना होगा।
छात्रों पर पैलेट गन चलाने का ऑर्डर किसने दिया?
— Congress (@INCIndia) August 21, 2026
- अमित शाह और दिल्ली पुलिस को जवाब देना होगा pic.twitter.com/3Ni0wpeALb
कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, 'एफआईआर दर्ज करो साहिल को न्याय दो अमित शाह और दिल्ली पुलिस कितनी भी कोशिश कर लें छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती, न्याय होकर रहेगा।'
साहिल की कंप्लेन पर इन्वेस्टिगेशन नंबर ही नहीं दिया गया है, जिससे कि एफआईआर दर्ज हो सके। एम्स से भी साहिल की एमएलसी ( मेडिको लीगल केस) रिपोर्ट नहीं दी गई है, जिसको कि कंप्लेन और एफआईआर में लगाया जा सके। ये सरासर अन्याय है। अमित शाह और दिल्ली पुलिस सुन लें- ये तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों के न्याय के लिए हम पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा- 'हम छात्रों के साथ खड़ें हैं। हम न्याय के लिए खड़े हैं। हम चुप नहीं रहेंगे। एफआईआर दर्ज होने तक डीसीपी ऑफिस के बाहर धरना।'
साहिल लोचाब दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हैं। वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में हाथ बटाने के लिए पार्ट-टाइम कार भी चलाते हैं। साहिल एसएससी दिल्ली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और 2024-25 में हुए पेपर लीक से प्रभावित हुए थे। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित 'संसद मार्च' में साहिल पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग लेकर शामिल हुए थे। इसी दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने लाकर दावा किया था कि 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों ने पैलेट गन (छर्रों) का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि साहिल तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस की बर्बर कार्रवाई में उनकी एक आंख की रोशनी जाने की नौबत आ गई है।
पहले भी प्रदर्शनों में पैलेट के इस्तेमाल का राहुल गांधी ने उठाया था मुद्दा
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर बड़ा हमला था। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हुल गांधी के साथ 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब भी मौजूद था, जिनकी आंख गंभीर चोटों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई थी।