बाहरी जिला पुलिस ने कंझावला केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। डीसीपी की देखरेख में एसआईटी काम करेगी।
बाहरी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को किशन विहार में हादसे वाली जगह से कुछ पहले की एक सीसीटीवी फुटेज मिली हैं। इसमें दिखाई दे रहा है कि अंजलि ही स्कूटी चला रही है। निधि उसके पीछे बैठी हुई है। पुलिस 13 किलोमीटर के स्ट्रेच पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
निधि के पड़ोसी का कहना है कि निधि ने अगले दिन सुबह सभी को बताया था कि उसका एक्सीडेंट हुआ है। पर उसने ये नहीं बताया कि वह एक्सीडेंट के बाद मौके से भाग खड़ी हुई और अपने घर आ गई। निधि के इस कदम से पड़ोसी भी नाराज हैं। पड़ोसियों का कहना है कि निधि को अपनी सहेली की सहायता करनी चाहिए थी, हो सकता है वह बच जाती।
पड़ोसी ने बताया कि जिस समय निधि घर लौटी, उस समय तीन-चार लोग आग ताप रहे थे। इनमें से एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निधि ने पहले अपने घर का गेट खटखटाया। गेट नहीं खुला तो वह उसके पास आई। वह बहुत ही हड़बड़ी में थी। उसका मोबाइल फोन बंद था। निधि ने उससे मोबाइल का चार्जर मांगा। इसके बाद वह अपने घर चली गई।
सुल्तानपुरी कांड में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बुधवार सामने आई। इनमें से एक में अंजलि की दोस्त निधि के घर के पास की है। जिसमें निधि पड़ोसी से मोबाइल चार्जर मांगती हुई दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी दुर्घटना स्थल के नजदीक की है। इसमें अंजलि स्कूटी चला रही थी और उसकी सहेली निधि स्कूटी पर पीछे बैठी हुई है। सुल्तानपुरी थाना पुलिस ने दोनों सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लिया हैं। पुलिस दोनों वीडियो समेत अन्य को जांच के लिए भेज रही है।
निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि मैं अधिकारियों से इस मामले की जांच करने और परिवार को आर्थिक रूप से समर्थन देने का अनुरोध करती हूं। जल्द से जल्द परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए। मैं किसी पर आरोप नहीं लगाती लेकिन उस लड़की (निधि) ने अपने बयान में जो कहा है मैं उसका समर्थन नहीं करती।
सुल्तानपुरी थाने में FSL की टीम उस कार की जांच के लिए पहुंची, जिसके नीचे अंजलि को कई किलोमीटर तक घसीटा गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिवार से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ये दरिंदगी के सिवा कुछ नहीं है। बेटी अकेली कमाने वाली थी। मां बीमार हैं। कल सीएम ने भी बात की थी। सरकार पूरा इलाज करवाएगी। सरकार की ओर से 10 लाख रुपये देंगे। परिवार की मांग थी कि किसी व्यक्ति को नौकरी पर रखा जाए। परिवार के लोगों से कागज मांगे हैं। परिवार गरीब है, तो पार्षद, विधायक और सामाजिक लोगों से गुहार लगाई है कि सभी मदद करें।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह घटना बहुत दु:खद है। आज मैं परिवार से मिला। लड़की की मां के इलाज में भी जो भी जरूरत होगी वो दिल्ली सरकार की तरफ से करवाया जाएगा। सरकार की तरफ से 10 लाख की सहायता दी जा सकती है इसकी मुख्यमंत्री ने घोषणा की है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अंजली के परिवार से मुलाकात की है। उनके साथ संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज भी थे। इस दौरान उन्होंने एलान किया कि दिल्ली सरकार अंजलि के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे।
आरोपियों को पता था कि उन्होंने स्कूटी सवार लड़की को टक्कर मारी है। उन्होंने दो-तीन बार लड़की को कार आगे पीछे कर कुचला। आरोपियों ने ढाई किलोमीटर घसीटने के बाद लड़की का घिसटता हाथ देख लिया था। आरोपियों को कार में कुछ अटका होने का आभास था। उन्होंने बाहर देखा तो लड़की का हाथ दिखाई दिया। लेकिन रास्ते में खड़ी एक पीसीआर को देखकर फिर से युवती को घसीटने लगे।
युवती को गिराने के लिए कार से चार बार से ज्यादा यू-टर्न लिया था। महज 24 सेकंड में यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। इस दौरान कार चार सुल्तानपुरी, अमन विहार, प्रेम नगर और कंझावला थाना इलाके से गुजरी।
फिर 4:26 बजे और 4:27 बजे साहिल नाम के शख्स ने दो पीसीआर कॉल कर बताया कि सड़क पर एक महिला का शव पड़ा है। उस रास्ते पर कुल 5 पीसीआर वैन थीं, लेकिन सीरियस कॉल को देखते हुए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया, फिर भी कोई पीसीआर कार को नहीं खोज पाई, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि रात में धुंध थी और पीसीआर के पहुंचने के पहले कार निकल जाती थी। जबकि पीसीआर का रिस्पॉन्स टाइम ठीक था।
रिपोर्ट के अनुसार, पहली पीसीआर कॉल रात 2 :18 बजे मिली। जिसमें एक शख्स ने दुर्घटना के बारे में जानकारी दी। दूसरी पीसीआर कॉल 2:20 पर मिली यह भी दुर्घटना के बारे में थी। इसके बाद दो पीसीआर कॉल 3:24 बजे के आसपास आई। इसमें चश्मदीद दीपक ने बताया कि कार में किसी का शव लटका है।
मामले में गृहमंत्राल के आदेश पर बनी जांच कमेटी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 13 किलोमीटर के रूट पर पांच पीसीआर वैन तैनात थीं। पांच से छह पीसीआर कॉल हुई। चश्मदीद दीपक से 20 से ज्यादा बार पुलिस अफसरों ने बात की थी। उसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए कुल नौ पीसीआर वैन को लगाया गया। आरोपियों को लोकल पुलिस भी खोज रही थी, लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस मौके से आरोपियों को नहीं पकड़ पाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंझावला कांड के आरोपियों की आज रोहिणी कोर्ट में पेशी होगी। आरोपियों की रिमांड आज खत्म हो रही है।
दिल्ली के कंझावला सड़क हादसे के मामले में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब आरोपियों की कार की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि युवती वाहन के अगले बाएं पहिये में फंसी हुई थी। ज्यादातर खून के धब्बे अगले बाएं पहिये के पीछे पाए गए। कार के नीचे और हिस्सों पर भी खून के धब्बे मिले हैं। यह खुलासा एफएसएल रिपोर्ट से हुआ है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी दिल्ली के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कार सवारों के खून के नमूने भी विस्तृत जांच के लिए एफएसएल पहुंच गए हैं।