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Amar Ujala Samvad Live: अंतिम सत्र में कॉमेडियन सुमेध शिंदे ने लोगों को गुदगुदाया, सिने सितारों की मिमिक्री की

Mon, 02 Sep 2024 07:03 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

खास बातें

Amar Ujala Samvad Haryana News Live: देश और हरियाणा के बहुआयामी विकास पर महामंथन अमर उजाला संवाद हरियाणा में हुआ। गुरुग्राम स्थित होटल क्राउन प्लाजा में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, धर्म, फिल्म व कारोबार जगत की नामचीन हस्तियां लोगों से रूबरू हुईं।
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लाइव अपडेट

06:51 PM, 02-Sep-2024

जावेद अख्तर ने किया था फोन
साल 2008 में मैंने शाहिद और ऋतिक की मिमिक्री की थी। तो तब कोई करता नहीं था। मेरी इस परफॉर्मेंस से जावेद अख्तर काफी इंप्रेस हुए थे और उन्होंने मुझसे पूछा था कि अगल मैं आपके फोन कर के घर बुलाता हूं तो आप अपनी परफॉर्मेंस का कितना फीस चार्ज करेंगे। आज भी वह मुझे पहचानते हैं और आज भी हम दोनों टच में हैं। यह सब टैलेंट और इंडियन आइडल की बदौलत है। 

06:32 PM, 02-Sep-2024

आप मिमिक्री आर्टिस्ट भी हैं और डबिंग आर्टिस्ट भी हैं। दोनों में क्या अंतर है?
डबिंग में अलग स्क्रिप्ट होती है। आपको उसके हिसाब से सोचना होगा कि यह डायलॉग कैसे बोला जाएगा। जैसे कि अमर उजाला संवाद लिखा है तो इसे आमिर खान कैसे बोलेंगे, उनके लहजे के हिसाब से बोलना होगा। उसी तरह जॉन अब्राहम कैसे बोलेंगे उस हिसाब से बोलेंगे। अगर कोई स्क्रिप्ट मिमिक्री आर्टिस्ट पढ़ पाता है तो उसमें डबिंग कर सकते हैं। जैसे मैं एक चीज को नौ भाषाओं में डब कर लेता हूं।

06:25 PM, 02-Sep-2024

स्टैंडप कॉमेडियन सुमेध शिंदे ने मिमिक्री कर लोगों को हंसाया

स्टैंडप कॉमेडियन सुमेध शिंदे संवाद के मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेरे जर्नी इंडियन आइडल ऑडिशन से शुरू हुई थी। तब मेरे सामने एक ऐसा म्यूजिक डायरेक्टर बैठा था जिसकी वजह से सिंगर नहीं बन पाया, जानते हो वह शख्स कौन था, उनका नाम अन्नू मलिक था। उन्होंने अपने चर्चित अंदाज में अन्नू मलिक की मिमिक्री करके लोगों को हंसाया। 

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06:01 PM, 02-Sep-2024

अगर हम विदेशी सभ्यता अपनाएंगे तो वहां की बुराइयां भी आएंगी

हम विदेशी सभ्यता अपनाएंगे तो उसके साथ दूसरा पहलू भी आएगा, उसकी बुराइयां भी आएंगी। वहां तो डॉग साइकेट्रिस्ट भी होते हैं। कुत्ते वहां ठीक थे, लेकिन इंसानों के साथ रहकर उनकी भी हालत खराब हो गई। पश्चिम के लोग भारत का रुख कर रहे हैं। इतनी उपलब्धि के बाद भी वो खुश नहीं हैं। तो कुछ तो गलत कर रहे होंगे वो।

05:59 PM, 02-Sep-2024

खुद को मारने वालों की संख्या ज्यादा, मानसिक रोग बढ़ रहा

गुरु नित्यानंद चरण दास ने कहा कि जो लोग खुद को मार रहे हैं उनकी संख्या ज्यादा है उनसे जिनको दूसरे मार रहे हैं। एक आतंकी हमला होते हैं सब लोग बात करने लगते हैं। एक मर्डर होता है पहले पन्ने की खबर बनती है। एक वॉर शुरू होता है वह सालों-सालों चलता है। लेकिन वहीं पर जो लोग खुद को मार रहे हैं उस पर कोई सवाल नहीं हो रहा है। लोग समझ भी नहीं रहे हैं। मानसिक रोग बढ़ रहा है। 1970-80 के मुकाबले बताइए कि आज लोग ज्यादा खुश हैं या दुख है। 

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05:53 PM, 02-Sep-2024

20 साल में सफलता की बदल गई परिभाषा

गुरु नित्यानंद चरण दास ने कामयाबी की राह विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि बीते 20 साल में सफलता की परिभाषा बदल गई है। किस चीज को हम कामयाबी और सफलता मानते हैं। सबकी सफलता की परिभाषा अलग है। पहले सफलता चरित्र से मानी जाती थी। अब सफलता की परिभाषा पर्सनिलटी से मानी जाती है। आप कैसे दिखते हैं, कैसा पहनते हैं, चाहें आपने किसी को धोखा ही क्यों न दिया हाे। कैसे आप बाहरी तरीके से सफलता अर्जित करते हैं।

05:46 PM, 02-Sep-2024

संवाद के मंच पर पहुंचे आध्यात्मिक गुरु नित्यानंद चरण दास

अमर उजाला संवाद हरियाणा के मंच पर आध्यात्मिक गुरु नित्यानंद चरण दास पहुंचे चुके हैं। उन्होंने हरे रामा-हरे कृष्णा से अपने संबोधन की शुरुआत की। कामयाबी की राह विषय पर उन्होंने अपने विचार रखे। 

05:44 PM, 02-Sep-2024

सवाल- आप जब गांधी परिवार पर हमले बोलती हैं, तब यह हमले तीखे होते हैं? कांग्रेस सरकार के समय का कोई एक निर्णय जिसे आप अच्छा मानती हों।

जवाब- कंगना ने कहा कि आप सोचते हैं जैसे मुझे जैसे उनसे कोई निजी बैर है। मुझे लगता है उस परिवार ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। मुझे इस बात को लेकर रोष है। आज भी वह परिवार जिस तरह से चल रहा है, जिस तरह से वो बाते करते हैं, चाहे राहुल कहें कि अमेरिका यहां आकर हस्तेक्षप करना चाहिए, चाहे राहुल स्टॉक मार्केट को लेकर, चाहे राहुल जाति को लेकर कहें और चाहे कुछ भी कहें मुझे खून खौलता है। यह अपने लिए नहीं है। मुझे तो राहुल गांधी के लोग हर हफ्ते कोर्ट से नोटिस भिजवाते हैं। सुप्रीम कोर्ट से तक नोटिस भिजवाते हैं। देश को इस परिवार ने शुरुआत से अब तक नुकसान पहुंचाया है।   

05:36 PM, 02-Sep-2024

सवाल- हरियाणा और महाराष्ट्र में मॉब लिचिंग की घटनाएं हुई, इस पर राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है। 

जवाब- कंगना ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं तो वह कुछ न कुछ तो बोलेंगे। लेकिन देश में आज जिस पार्टी की सरकार है उसका नारा राष्ट्रवाद है, सबका साथ-सबका विकास नारा है, नेशन फर्स्ट नारा है। उनको जितना दिमाग है वो उतनी बात करेंगे।

05:25 PM, 02-Sep-2024

सवाल- आपको लग रहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है कि जिस पार्टी की टिकट पर चुनकर आप संसद तक पहुंची है, उसी पार्टी की सरकार है। उसके बावजूद आपको लगता है कि आपकी आवाज दबाई जा रही है। 

जवाब- इमरजेंसी फिल्म का नाम बदलने की बात कह कंगना ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मान लेना कि जो लोग सरकार में हैं उन्हीं का सिक्का चलता है, ऐसा नहीं है। सरकार ने हमें रखा है जनता के काम करने के लिए। हमें सरकारी को मुलाजिम बनाया गया है। कभी किसी का पैर टूट जाता है नाली टूट जाती है। हर तरीके का काम हमारे पास आता है, लेकिन हमारा निजी काम होता है उसके लिए हमारी कॉल कोई नहीं उठाता है। यह है भाजपा की सच्चाई। राजनीति या मंडी क्षेत्र के लिए अगर मैं मदद मांगू तो पार्टी मदद करेगी। लेकिन फिल्म से जुड़ी किसी भी प्रकार की मदद के लिए वहां से अपेक्षा नहीं करती हूं। मुझे पार्टी से कोई निराशा नहीं है, हम उनके साथ है। फिल्ममेकर के तौर पर मुझे निराशा है सेंसर बोर्ड है, क्योंकि किसी भी ग्रुप से हमारी मीटिंग नहीं करवाई। 

05:21 PM, 02-Sep-2024

सवाल: मैं आपमें एक निराशा का भाव देख रही हूं?
कंगना: बिल्कुल मैं एक क्रिएटिव पर्सन मैं निराश हूं। मेरी आवाज दबाई जा रही है। सत्य घटना पर आधारित फिल्म को नहीं दिखाए जाने का मुझ पर दबाव डाला जा रहा है। इंदिरा गांधी का निधन बिजली कड़कने से नहीं हुआ था। उनके ऊपर पेड़ नहीं गिरा था।

05:18 PM, 02-Sep-2024

सवाल: 'आपातकाल' लोकतंत्र के लिए काला अध्याय, जब उस पर फिल्म आ रही है तो उस पर सवाल होंगे। आपने इस विषय को चुना फिल्म बनाने के लिए, आज इस पर इतने विचार हैं। नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह से। अब सेंसर बोर्ड में फिल्म फंस गई है। क्या कहेंगी?

कंगना: मुझे तो नहीं लग रहा कि किसी तरह की डिबेट और तर्क वितर्क हो रहे हैं। मुझे लग रहा है कि बंदूके तन रही हैं। सेंसर बोर्ड ने मेरी फिल्म क्लियर कर दी थी। जाहिर सी बात है कि यह फिल्म हमारे संविधान से जुड़ी एक अदभुत घटना को हमारे पास लाता है। यह हमारा अधिकार है कि हम इस विषय पर बात करें। लेकिन, तीन-चार दिन पहले इस पर बैन लगा देना। मैंने बहुत सारे ग्रुप्स से कहा है कि किसी को इस पर आपत्ति है तो हम अपना पक्ष रखेंगे। इसका आधार क्या है हम उपलब्ध कराएंगे। अगर आधारहीन लगा तो निकालेंगे। हमारे साथ कोई डिबेट नहीं हुई है। न ही कोई बात की गई है। मुझे लगता है कि इसका नाम अब इमरजेंसी से बदलकर नो वन किल्ड इंदिरा गांधी रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें अधिकार है कि हम इतिहास से सीखें।

05:14 PM, 02-Sep-2024

सवाल: कोच की कितनी बड़ी भूमिका होती है स्ट्रैटजी बनाने में क्योंकि खेलता तो खिलाड़ी है अंत में?
जवाब: कोच की बहुत ज्यादा भूमिका रहती है चाहे वह कोई भी खेल हो। जैसे खिलाड़ियों को चुनने की। कोर ग्रुप में हमारे 33 खिलाड़ी होते हैं और उनमें से 16 खिलाड़ियों को चुनना होता है। कोच की बहुत भूमिका होती है क्योंकि कौन सा खिलाड़ी कैसा खेल रहा है वह कोच को ही पता होता है। शायद हमें कभी लगता है कि हमें सेलेक्ट नहीं किया गया, लेकिन टीम के लिए वो अच्छा ही होता है क्योंकि कोच का अलग नजरिया होता है। टोक्यो ओलंपिक में हमारे कोच ग्राहम रीड थे, जबकि पेरिस ओलंपिक में क्रेग फुल्टन हमारे कोच थे तो वो भी स्ट्रैटजी बनाने में माहिर हैं। हम तो खेलते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे से वही सबकुछ देखते हैं। जर्मनी के खिलाफ हार के बाद फुल्टन ने हमें बहुत प्रोत्साहित किया। बिहाइंड द सीन कोचिंग स्टाफ का बहुत अहम रोल होता है कि आपको किस स्ट्रैटजी से आपको नेक्स्ट मैच खेलना है और कौन सा खिलाड़ी कहां खेलेगा, तो कोच इसमें बहुत अहम किरदार निभाता है।

05:13 PM, 02-Sep-2024

सवाल- ये भी देखने में आ रहा है अच्छे घरों के बच्चे ज्यादा तनाव में आते हैं बजाय उन घरों के बच्चों के जो अधिक विषमता में बढ़ते हैं।

जवाब- आनंद कुमार ने कहा कि यह बहुत कीमती सवाल है। हम लोग थे तो हमारे पिता जी टूटी साइकिल दे दे थे। थोड़ी देर भी हो गई तो कोई बात नहीं। आजादी थी। आज हमारे देश में या तो स्पोर्ट्स मैन हैं या बिजनेसमैन हैं या अच्छे लीडर हैं। इन सभी का इतिहास देखेंगे तो सबने अपने दम पर अपने बूते पर स्ट्रगल किया। आज-कल के बच्चों को उनके माता-पिता ही चुनौती नहीं लेने देते। अभी हमारे यहां एक मित्र हैं। हमारे यहां से चार किमी दूर रहते हैं। सीधा ऑटो है और सीधा जाता है। बेटा नौवीं में पढ़ता है, उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे को पढ़ा देना तो मैंने कहा कि जब टाइम हो भेज देना। लेकिन जब बच्चा आए तो उनके माता-पिता तो कभी उसकी माता आ जाएं तो मेरे लिए भी यह सिरदर्द हो गया। इतना दवाब बनाया गया बच्चे इतनी पाबंदी लगाई गईं। आखिर में 10वीं पास करने के बाद बच्चा भटक गया। अगर वही बच्चे को पानी में छोड़ दिया, हां उसकी निगरानी जरूरी है। यह बताना जरूरी है कि पानी की गहराई कितनी है। लेकिन पानी में छोड़ना जरूरी है जिससे वह खुद तैरना सीखें। 

05:06 PM, 02-Sep-2024

सवाल: क्या पढ़ाई का दबाव आप पर भी था? आपने ये फैसला कैसे किया कि पढ़ाई चुनूं या हॉकी चुनूं?
जवाब: खिलाड़ी शमशेर ने कहा कि इसमें परिवार का बहुत बड़ा रोल रहता है। पढ़ाई में आपको विकल्प मिल जाते हैं, लेकिन स्पोर्ट्स में आप एलीट लेवल पर जाओगे और कुछ हासिल करोगे तभी आपको आगे मौके मिलेंगे। तो एक दबाव रहता है, लेकिन यही है कि परिवार को अपने बच्चों का समर्थन करना चाहिए। जो भी वो करना चाहता है। बच्चों को भी जिस फील्ड में वो हैं, उसमें 100 प्रतिशत देना चाहिए। पूरा अपना फोकस देना चाहिए। मुझे लगता है कि कोई भी काम नामुमकिन नहीं है अगर आप ठान लेते हो तो। परिवार को इसमें जरूर समर्थन करना चाहिए, जिस भी फील्ड में बच्चा जाना चाहता है, उसमें उन्हें मदद करनी चाहिए।

05:04 PM, 02-Sep-2024

सवाल- एक टीचर के तौर आप इस दर्द को कैसे महसूस करते हैं, जब आपका छात्र बिल्कुल फिनिशिंग लाइन के करीब जाकर चूक जाए।

जवाब- आनंद कुमार ने कहा कि दर्द तो होता है लेकिन हम उस दर्द को ज्यादा अपने दिल पर नहीं लेते हैं। हमेशा एक अच्छा टीचर रिजल्ट के लिए नहीं कड़ी मेहनत और प्रयासों के लिए स्टूडेंट्स को बधाई और शाबाशी देता है। 

05:02 PM, 02-Sep-2024

सवाल: क्या फिजिक्स और गणित के नियम हॉकी के टर्फ पर काम आते हैं?
जवाब: जी बिल्कुल। जैसे स्पोर्ट्स में भी स्ट्रैटजी के हिसाब से चलना पड़ता है। सामने वाली टीम कैसी कर रही है। उनके कौन से खिलाड़ी कहां खेल रहे हैं। स्पोर्ट्स में भी स्ट्रैटजी का योगदान रहता ही है। फिजिक्स और मैथ्स लाइफ में योगदान देते ही रहते हैं।

04:56 PM, 02-Sep-2024

आनंद कुमार और हॉकी के खिलाड़ी शमशेर सिंह मंच पर पहुंचे

शिक्षाविद और सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार और भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी व अर्जुन अवार्डी शमशेर सिंह संवाद के मंच पर पहुंचे। 

04:53 PM, 02-Sep-2024

कांग्रेस ही कांग्रेस को चुनाव हराती है। यहां क्या स्थिति है? 
इस सवाल के जवाब में सचिन पायलट ने कहा कि हमारे नेताओं को पूरी आजादी है। हमारे यहां किसी विषय पर मतभेद हो सकते हैं। मनभेद नहीं है। आप जिनका नाम लेंगे, वह कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता है। जीतेंगे तो मिलकर जीतेंगे। हमारे बहुत सारे नेता काबिल है। दर्जनभर नेता हैं। सबकी महत्वाकांक्षा होती है। सभी नेता, संगठन एकजुट है।

04:48 PM, 02-Sep-2024

कांग्रेस के युवा नेता आपको छोड़कर एक-एक कर पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। इसकी क्या वजह थी? 
राजनीति में रुठना इश्यू बेस्ड होता है। मैं व्यक्ति विशेष से रुठा था। मेरे नेता ने मेरी बात मानी। इस बार हम 72 जीतकर आए हैं। हमारे कहने पर काम हुआ और पार्टी को लाभ मिला। पेपर लीक, कार्यकर्ताओं को सम्मान न देने की बात करता हूं तो पार्टी को लाभ मिलता है। अन्य लोगों की बात करें तो कोई शुरुआत कहीं करता है और कहीं अंत करता है। मैंने शुरू भी पार्टी में किया है। अंत भी यहीं पर करूंगा। मैं 46 साल का हूं। बहुत कुछ मिला है। पद-पोस्ट वाले बहुत लोग हैं। 70-72 मंत्री हैं, लेकिन आप 25 का नाम बता दीजिए। जो लोग मेहनत करते हैं और मन जीतने का काम करते हैं, उन्हें लोग याद रखते हैं। पब्लिक ताकत होती है। कुर्सी-पद तो आते चले जाते हैं।

04:48 PM, 02-Sep-2024

सवाल- उत्तर भारत में जो कांग्रेस की जमीन रही है वहां पार्टी को मजबूत करने के लिए क्या कोई प्रयास हो रहा है? उत्तर प्रदेश और बिहार में तो वापसी भी मुश्किल दिखती है। 

जवाब- सचिन पायलट बोले, 2019 में जो हालात देश में बन गए थे हमारी सरहद पर हम सब जानते हैं। उन हालतों में चुनाव हुए। 10 सालों में पोल खुलती गई, लोग समझ गए सिर्फ भाषण ही भाषण ही हैं। 2024 के जो परिणा म हैं उन्हें दोबारा देखिए। हरियाणा, राजस्थान जहां वन-टू-वन फाइट वहां कांग्रेस का प्रदर्शन देखिए। छत्तीसगढ़ में 11 सीटें हैं हम एक सीट जीते और एक सीट हारे 15 सौ वोटों से। हर सीट पर मार्जिन जहां पहले तीन, चार, पांच रहता था वहां अब चालीस से पचास हजार का मार्जिन बचा है। वोट प्रतिशत बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में हमारे 7 सांसद जीतकर आए हैं। उत्तर भारत में जहां पहले कांग्रेस मजबूत होती है हम उस राह पर निकल चुके हैं। हरियाणा में हम सरकार बनाने वाले हैं। महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर में इंडिया गठबंधन सरकार बनाने जा रही।

04:39 PM, 02-Sep-2024

किसानों की मांग एमएसपी की गारंटी की है। कांग्रेस ने भी यह गारंटी नहीं दी है। क्या कांग्रेस गारंटी देगी? 
कांग्रेस पहली पार्टी है, जिसने छत्तीसगढ़ में पहली बार एमएसपी पर कानूनी गारंटी बनाने की बात कही थी। दस साल से जो शासन में हैं, जिन किसानों की आमदनी दोगुनी करनी थी, उन्हें आंदोलन क्यों करना पडता है?  जो लोग सत्ता में है, वह तो किसानों को आतंकवादी कहते हैं। हरियाणा किसानों की भूमि है। जो लोग देश का पेट पालते हैं, जब तक उन्हें आर्थिक समृद्धि नहीं देंगे तब तक कोई बात नहीं। आपको दस साल मौका मिला, लेकिन आपने क्या कर लिया?  

04:37 PM, 02-Sep-2024

राजस्थान में आप नए चेहरों को आगे बढ़ाना चाहते थे। हरियाणा में क्या होगा? 
पायलट ने कहा कि नए लोगों को मौका देंगे तो नई परंपरा कायम करना चाहते हैं। मैं तो हमेशा से युवाओं को मौका देने की बात करता हूं। मैं 26 साल की उम्र में संसद पहुंचा हूं तो मेरा दायित्व बनता है कि युवाओं को आगे बढाना चाहिए। नए काम करने के तरीकों को आगे लाना होगा। नए लोगों को मौका नहीं देंगे तो युवाओं की बात करने का क्या फायदा? 

04:35 PM, 02-Sep-2024

हरियाणा में चुनाव की तारीखें बदल दी हैं। 
विपक्ष पत्र लिखता तो तारीख नहीं बदलती। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठा रहा। पर यह तो पहले से पता था। सरकार का पत्र जाते ही तारीखें बदल गई। यह तो जनता के सामने है।

04:34 PM, 02-Sep-2024

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहेगा?
आप किसी से भी पूछ लीजिए कि हरियाणा में माहौल कैसा है? भाजपा का कार्यकर्ता भी बताएगा कि कांग्रेस का माहौल है। दो-तिहाई बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। हिंदू-मुसलमान, अयोध्या जैसे विषयों पर लोग गुमराह नहीं होने वाले। मनोहरलाल खट्टर अच्छा काम कर रहे थे, तो उन्हें क्यों हटाया? यूपी में योगी आदित्यनाथ को तो नहीं हटाया? लोकसभा का चुनाव तो ट्रेलर था। हम प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएंगे।  

04:31 PM, 02-Sep-2024

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का आंकड़ा 99 पर अटक गया। क्या यह सफलता थी या कुछ और? 
सचिन पायलट ने कहा कि मैं ऐसा मानता हूं कि जनादेश लोकतंत्र के जीवित और मतदाताओं के जागरुक होने का है। हम विपक्ष में थे। चुनाव लड़ रहे थे। नेताओं पर ईडी, इनकम टैक्स के छापे मारे। सबकुछ करने के बाद भी कांग्रेस की संख्या दोगुनी हुई है। एनडीए का आंकड़ा 294 है। विपक्ष 235 तक पहुंचा। प्री-पोल अलायंस ने जनता के बीच उम्मीद जगाने का प्रयास किया है। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस ने उत्तर भारत में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हरियाणा में आधी सीटें कांग्रेस जीती है। राजस्थान में भाजपा 11 सीटें हारी है। सरकार बनाना न बनाना समीकरण का खेल है। कांग्रेस का प्रचार, लीडरशिप को स्वीकार किया है।  

04:25 PM, 02-Sep-2024

सवाल- राजस्थान में कांग्रेस विधानसभा चुनाव हार गई, जबकि कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाईं। वहीं लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 11 सीट गई। इसमें कामयाबी अशोक गहलोत की है या सचिन पायलट की है?

जवाब- सचिन पायलट ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जीती गईं 11 सीटों में तीन सीटें इंडिया गठबंधन के सहयोगियों दलों ने जीतीं। इसमें एक सीट कम्यूनिस्ट पार्टी और दूसरी सीट क्षेत्रीय दल ने जीती। राजस्थान में पिछले 30 वर्षों में पांच साल सरकार भाजपा की रहती है और पांच साल कांग्रेस की सरकार रहती है। यह परपाटी बनी हुई है। इस बार हम 200 सीटों में से 70-72 विधानसभा सीटें जीते हैं। पिछले के चुनावों की तुलना में इस बार प्रदर्शन बेहतर रहा। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से चुनाव हार गए। इस बार जनता ने 300 पार, 400 पार का ख्याल पालने वाले लोगों को आइना दिखा दिया। जनता ने जो वोट डाला है वो सरकार का गठन करने का दिया था, विपक्ष को तोड़-मरोड़ने के लिए नहीं वोट किया।

04:19 PM, 02-Sep-2024

अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट

कांग्रेस के युवा नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट अमर उजाला संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। वे युवा शक्ति और विकास विषय पर अपनी बात रख रहे हैं।

02:50 PM, 02-Sep-2024

अग्निवीर योजना पर आप क्या कहेंगे, कई बच्चों की तो शादी भी नहीं हो रही?

अग्निवीर योजना एक बहुत अच्छी योजना है। इस पर कांग्रेस ने दुष्प्रचार किया है। हमने बच्चों को सरकारी नौकरी और अपना काम करने के विकल्प दे रखे हैं। इसके लिए हमने दस प्रतिशत का आरक्षण अग्निवीर के लिए किया है ताकि वो आए और नौकरी पा सकें।

02:46 PM, 02-Sep-2024

'हमारे सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं'

बगावत किस बात की? हमारा केंद्रीय नेतृत्व इसका ध्यान रखता है कि उन्हें किन पहलुओं को लेकर चर्चा करनी है। हमारे सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं जो भी निर्णय आएगा हम उसे स्वीकार करेंगे।

02:45 PM, 02-Sep-2024

क्या बीजेपी में टिकट को लेकर बगावत चल रही है? क्योंकि टिकटों को लेकर बैठक हो चुकी है लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं है

बगावत किस बात की? हमारा केंद्रीय नेतृत्व इसका ध्यान रखता है कि उन्हें किन पहलुओं को लेकर चर्चा करनी है। हमारे सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं जो भी निर्णय आएगा हम उसे स्वीकार करेंगे।

02:37 PM, 02-Sep-2024

किसानों में अभी भी आपको लेकर नाराजगी है?

हम किसान भाइयों के साथ ही हैं। आप एमएसपी को ही देख लीजिए, हमने इसे बढ़ाया है और हम सौ फीसदी फसल इस पर खरीद रहे हैं। हमारे यहां किसान को तकलीफ नहीं है कांग्रेस को तकलीफ है। किसान सम्मान निधि जैसी इतनी ऐसी योजनाएं है कि अगर बताना प्रांरभ करें तो समय कम पड़ जाएगा। कांग्रेस को देखना चाहिए कि 2014 में वो कितने हेक्टेयर पर पैदावार करती है और आज देखें कि कितने हेक्टेयर पर पैदावार हो रही है।

02:32 PM, 02-Sep-2024

'मैं मानता विपक्ष झूठ का बवंडर लेकर घूम रहे हैं'

विकास जी मैं एक बात बताना चाहता हूं। मुझे काम करने के लिए बहुत कम समय मिला है। लेकिन इन दिनों में हमने 156 निर्णय लिए। हमारे डबल इंजन की सरकार अपना काम करती है और इसे हम जनता के बीच रखते हैं। इसके बाद जनता निर्णय करती है। विपक्ष कहता है कि हम हिसाब मांग रहे हैं, अरे हम तो कह रहे हैं कि आप हिसाब मांगों ताकि हम अपने कामों के बारे में जानकारी दे सकें। मैं मानता विपक्ष झूठ का बवंडर लेकर घूम रहे हैं और इसका इनको कोई लाभ नहीं मिलेगा।

02:27 PM, 02-Sep-2024

भाजपा को 2014 के विधानसभा चुनाव में पहला गोल्ड मेडल और 2019 में सिल्वर मिला और इस बार आशंका है कि उसे ब्रांज मेडल मिलेगा?

देखिए विपक्ष ने अफवाहों के कारण लोगों को धोखा दिया है। संविधान खत्म हो जाएगा, ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा। इसका असर दिखा, लेकिन अब लोग जागरूक हो चुके हैं और उन्हें समझ में आ रहा है कि किस प्रकार उन्हें गुमराह किया जा रहा है। आप निश्चंत रहें हम तीसरी बार सरकार बनाने जा रहे हैं। बहुत बड़े नंबर से। 

02:25 PM, 02-Sep-2024

'हम मेडिकल की सीटें और कॉलेज बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं'

सीएम सैनी ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण पहले तो संतुलन खराब हो गया था लेकिन अब ये सब नहीं चलता। अब चाहे शिक्षा की बात कर लीजिए और चाहे स्वास्थ्य की आपको हर जगह अंतर नजर आ जाएगा। इस दस वर्षों में आपको हर जगह अंतर नजर आ जाएगा। हम हेल्थ के इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो हमने वहां भी कई काम किए है, हम मेडिकल की सीटें और कॉलेज बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं और आप आज मेडिकल कॉलेज की संख्या आप देख सकते हैं।

02:19 PM, 02-Sep-2024

'हमारा हरियाणा का युवा सबसे ज्यादा मेडल लेकर आता है'

सीएम सैनी ने कहा कि आप नौकरी की बात कीजिए, पहले युवा सरकारी नौकरी के लिए नेताओं के चक्कर लगाते थे और आज देखिए युवाओं को उनके घर ऑफर लेटर जाता है। अब युवा किसी विधायक या मंत्री के चक्कर नहीं काटता, हमने ये पर्ची सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इन दस वर्षों के अंदर आम बच्चे में भी यह भावना है कि वह अच्छे से पढ़ेंगे तो सरकारी नौकरी उन्हें मिलेगी। हम खेलों में बच्चों को ग्राउंड जीरो से तैयार कर रहे हैं कि जब ये मेडल जीतते हैं तो हमें भी खुशी होती है। हमारा हरियाणा का युवा सबसे ज्यादा मेडल लेकर आता है। ये हमारे लिए गर्व की बात है।

02:12 PM, 02-Sep-2024

'आज हमारी सरकार ने ही प्रयास किए हैं कि हर 20 किलोमीटर के अंदर एक कॉलेज हो'

हमारी बच्चियां पहले दसवीं और बारहवीं तक पढ़कर रह जाती थीं। आज हमारी सरकार ने ही प्रयास किए हैं कि हर 20 किलोमीटर के अंदर एक कॉलेज हो। आज हमारी बच्चियां इसका फायदा उठा रही है। आज आप कॉलेजों की संख्या देखिए, स्कूलों की बात करें तो आपको साफ अंतर समझ में आएगा। आप किसानों की एमएसपी की बात कीजिए, हमने सबसे ज्यादा दाम दिए है। हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जो किसानों की फसलों को 100 प्रतिशत सरकार खरीदती थी। हमने इस पूरे सिस्टम को ठीक किया है। डबल इंजन की सरकार का ही यह फायदा है। लोग सिर्फ घोषणापत्र में लिख देते थे कि हम सौ प्रतिशत बिजली देंगे लेकिन ऐसा करते नहीं थे। आज ज्यादातर गांवों और शहरों में सौ प्रतिशत बिजली दी जा रही है। हमारी सरकार को पूरे सिस्टम को सुधारने का काम किया।

02:10 PM, 02-Sep-2024

सैनी ने कहा कि अगर कोई किसान पीछे रह गया है तो उसको आगे करने की जिम्मेदारी सरकार की बनती है। हमने ऐसा किया है और हम इसके आंकड़े भी प्रस्तुत कर सकते हैं। अगर जमीन पर विकास होगा तो दुनिया की कोई ताकत हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती है। हमारी नीति और नियत साफ होना बहुत जरूरी है। अब झूठ का सहारा लेकर आप अफवाहें फैलाएंगे तो उससे क्या ही होगा। अब संविधान को खतरे का झूठ फैलाया गया, जबकि केंद्र सरकार और हमारी डबल इंजन की सरकार ने हमेशा संविधान की रक्षा की है। आज विकास हो रहा है, हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का काम हमारी सरकार कर रही है।

02:00 PM, 02-Sep-2024

'अच्छे काम की विपक्ष बुराई करता है तो वह ठीक नहीं है'

सीएम सैनी ने कहा कि पिछला अगर हम अपना दस साल कार्यकाल देखे तो हरियाणा प्रदेश के समस्याओं के साथ साथ इसे आगे गति से आगे बढ़ाने का भी प्रयास किया गया है। आज मुझे आपके इस चैनल के माध्यम से बताते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि हमारा प्रमुख  उद्देश्य जीवन के लोगों को सरल करना है। बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं अगर लोगों को आसानी से मिलेंगी तो वह निश्चित रूप से आगे बढ़ेंगे। इससे पहले जिन मूलभूत आवश्यकताओं का आभाव था, हमने उसे बहुत तेज गति से पूरा किया है। अगर अच्छा काम सरकार करती है तो विपक्ष को भी उसकी सराहना करनी चाहिय। अगर अच्छे काम की विपक्ष बुराई करता है तो वह ठीक नहीं है। अगर कोई योजना आती है और सुधार होता है तो उसका लाभ आम जन को होता है। प्रधानमंत्री किसान योजना जब लागू कि तो एक अभिनेत्री ने कहा था कि सरकार ने ये नया लूटने का धंधा बना लिया है। अब दस साल हो गए देखिए यह किस प्रकार से किसानों को लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान मुसीबत में है तो सरकार उसके साथ खड़ी है। बिना कुछ सोचे समझे आरोप लगाना गलत है। अगर योजना में कोई बुराई है तो आप उसका आप जरूर विरोध कीजिए, हमें कमियां बताइए हम उन्हें भी दूर करेंगे।

01:55 PM, 02-Sep-2024

'विकास की बात' सत्र में सीएम सैनी

अमर उजाला 'संवाद' के मंच पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी पहुंचे। अमर उजाला के डायरेक्टर वरुण माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया। वो 'विकास की बात' सत्र में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो मैं अमर उजाला का धन्यवाद करता हूं, आज अमर उजाला के इस कार्यक्रम को लेकर बधाई देता हूं। आज अमर उजाला इस कार्यक्रम में मुझे आने का अवसर मिला है। चुनाव भी चल रहा है और इस दौरान बहुत सारे सवाल होते हैं। लोग यह देखते हैं कि इनके कार्यकाल में क्या हुआ है और इसके पहले जो कार्यकाल चला है उसमें क्या हुआ है।

01:20 PM, 02-Sep-2024

'बुनियादी दिक्कत यह है कि जिसे लेखक बनना है, वह इंजीनयर बन रहा है'

कॉलेज देखो के सह संस्थापक और सीईओ  डॉ. रुचिर अरोरा ने कहा कि बुनियादी दिक्कत यह है कि जिसे लेखक बनना है, वह इंजीनयर बन रहा है। फिर वह अच्छे संस्थान में भी नहीं पढ़ पा रहे। हमने सोचा कि क्यों न बच्चों की अच्छे पाठ्यक्रम में मदद करें। हम युवाओं के बीच बेरोजगारी की दिक्कत को दूर करने की दिशा में प्रयासरत हैं।

01:12 PM, 02-Sep-2024

'निजी क्षेत्र के अस्पताल भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सरकारों की मदद कर पाएंगे'

डॉक्टर बजाज ने कहा कि सरकारें अगल सिंगल विंडो क्लेयरेंस दे दे तो निजी क्षेत्र के अस्पताल भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सरकारों की मदद कर पाएंगे। जिस परीक्षा से डॉक्टरों की बुनियाद रखी जा रही है, वह निष्पक्ष होनी चाहिए। सरकार को इसके लिए सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि परीक्षाएं न सिर्फ निष्पक्ष तरीके से हों, बल्कि निष्पक्ष होती दिखाई भी दें।

01:11 PM, 02-Sep-2024

'अमर उजाला की मदद से हम 23 अस्पताल चलाते हैं'

डॉक्टर सचिन बजाज ने कहा कि 2019 में हमारी बहुत अच्छी किस्मत थी कि अमर उजाला ने ये मॉडल देखा और देखते ही फैसला किया कि ये उनकी सोच से मिलता है। गरीब लोगों की सेवा करना, गरीब मरीजों का अच्छा इलाज करना, कम पैसों में। 2019 में हम बहुत छोटे थे। हरियाणा में हम अस्पताल चलाते थे। अमर उजाला की मदद से अब पांच प्रदेशों में 23 अस्पताल हैं। जम्मू-कश्मीर में भी अस्पताल चलाते हैं। अब हमारा फोकस उत्तर प्रदेश पर है। यूपी के 75 में से 20 से 25 जिलों में अस्पताल खोलने का लक्ष्य है। 

12:59 PM, 02-Sep-2024

पहली सिग्नस की शुरूआत हरियाणा से हुई अब कितना बदलाव हो पाया

देखिए पिछले कुछ सालों में देखने में आया है। प्रधानमंत्री की आयुष्मान कार्ड योजना जैसी स्कीमों से काफी फायदा हुआ है। लेकिन हमें सरकारी अस्पतालों की हालत को सुधारना होगा, वहां पर हमें अच्छे डॉक्टर ओर सुविधाओं को बढ़ाना होगा। रेवाड़ी जैसी जगह पर अगर किसी व्यक्ति को हार्डअटैक आ जाए तो वो सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकता है। बड़े शहरों में अस्पताल होते हैं, लेकिन छोटे शहरों में अस्पताल नहीं होते। 

12:45 PM, 02-Sep-2024

उजाला सिग्नस की शुरुआत कैसे हुई, सोच क्या थी?

'अगला सत्र कारोबार की उड़ान' में डॉक्टर सचिन बजाज एक प्रसिद्ध समाज उद्यमी चर्चा कर रहे हैं। उजाला सिग्नस हॉस्पिटल के फाउंडर सचिन बजाज ने कहा कि परीक्षा पास कर मैं परिवार का पहला डॉक्टर बना। गांव में मेरा परिवार आज भी रहता है। गांव से बहुत सारे फोन आते थे, क्योंकि मैं पहला ही डॉक्टर था फैमिली से। किसी को हार्ट अटैक हो गया है, किसी को सिर में चोट है, किसी का एक्सीडेंट हुआ है, दिल्ली लेकर आ रहे हैं, क्या आप मदद कर सकते हो। कुछ बेड अरेंज कर दो। कुछ मदद कर दो। 

12:43 PM, 02-Sep-2024

सवाल: टी20 का असर टेस्ट क्रिकेट पर बहुत ज्यादा पड़ा है। आईसीसी भी सहमत है इस बात से। MCC के सुझाव भी आ रहे हैं, किस तरह के बदलाव आप देखते हैं?

जवाब: नहीं मैं तो किसी तरह का बदलाव नहीं देखना चाहता। टेस्ट क्रिकेट एक ऐसा फॉर्मेट है, जिसे लोग दिलचस्पी से देखने आते हैं, भले ही वह पांच दिन का हो।
 

12:32 PM, 02-Sep-2024

सवाल: क्या आपको आईपीएल में या फिर भारतीय टीम के कोच के तौर पर देखेंगे?

जवाब: मुझे लगता है कि भारतीय टीम के लिए तो नहीं, लेकिन आईपीएल टीम के लिए किसी के लिए मौका आता है तो जरूर मैं देख सकता हूं। क्योंकि मैं भारतीय टीम का कोच बनता हूं तो वापस से वही रुटीन होगी जो मैंने 15 साल में किया है। 15 साल आप भारतीय टीम के लिए खेले, साल में आठ महीने घर से बाहर रहे। अभी मेरे बच्चे 14 और 16 साल के हैं और उन्हें मेरी जरूरत है। दोनों क्रिकेट खेलते हैं। एक ऑफ स्पिनर है और एक ओपनिंग बल्लेबाज है। उन्हें क्रिकेट सिखानी है और खिलानी है। उनके साथ समय बिताना है। अगर मैं भारतीय टीम का कोच बनता हूं तो टीम इंडिया के खिलाड़ी आठ महीने बाहर रहते हैं तो ये मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती हो जाएगी। फिर मैं अपना समय बच्चों को नहीं दे पाऊंगा। लेकिन हां अगर आईपीएल में किसी कोच की या मेंटर का रोल मुझे मिलता है तो जरूर मैं इस पर सोचूंगा।

12:32 PM, 02-Sep-2024

सवाल: गंभीर हेड कोच बन गए हैं। आप किस तरह की जिम्मेदारी उन पर देखते हैं?

जवाब: मुझे लगता नहीं कि ज्यादा कुछ चुनौती है, क्योंकि वहां और भी प्रोफेशनल्स हैं। हाल ही में खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप जीता है, खिलाड़ियों को पता है कि उनका रोल क्या है। गंभीर के आने से खिलाड़ियों को एक क्लैरिटी मिल जाएगी कि ये रोल है, आपको ये करना है। तो ये एक बेनिफिट मिलेगा भारतीय टीम को। गंभीर की चुनौतियां कम होंगी और खिलाड़ियों की चुनौतियां ज्यादा होंगी क्योंकि उन्हें लगेगा कि हमने टी20 विश्व कप जीता है तो अब हम चैंपियंस ट्रॉफी जीतें या फिर वनडे विश्व कप जीतें या फिर टेस्ट चैंपियनशिप जीतें। तो खिलाड़ियों पर ज्यादा चुनौतियां होंगी बजाय कोच के। क्योंकि गंभीर उनकी मदद करने के लिए वहां हैं।

12:23 PM, 02-Sep-2024

सवाल: क्या टी20 क्रिकेट का असर टेस्ट क्रिकेट पर पड़ रहा है कि खिलाड़ी जल्दी जल्दी खेलकर आउट हो जा रहे हैं?

जवाब: बल्लेबाजों का माइंड जरूर चेंज हुआ है टी20 से, क्योंकि टी20 में आप 20 ओवर में 200 रन बनाते हो। तो ये माइंडसेट टेस्ट क्रिकेट में जरूर बदला है। पहले तीन रन प्रति ओवर बनते थे और अब पांच या छह रन प्रति ओवर भी बनने लगे हैं। जिससे कि जल्दी रन बनते हैं और खिलाड़ी आउट भी होते हैं। इससे विकेट भी बहुत मिल रहे। तीन दिन में मैच भी खत्म हो रहे। ये एंटरटेनिंग भी है क्योंकि आप अगर एक टेस्ट मैच खेलने जा रहे हो तो मजा आ रहा है क्योंकि रन भी बन रहे हैं विकेट भी गिर रहे हैं तो मजा आ रहा है। मुझे भी टेस्ट क्रिकेट देखने में मजा आ रहा और जब ये मैच होते हैं तो टीवी के आगे बैठ जाता हूं।

 

12:22 PM, 02-Sep-2024

सवाल: क्या आपको लगता है कि एक समय ऐसा आएगा जब महिला क्रिकेटर ज्यादा चर्चित हो जाएंगी?

जवाब: ज्यादा तो नहीं कहूंगा, लेकिन एक अच्छी चीज है कि जो सैलरी भारतीय पुरुष खिलाड़ियों को मिलती है, उतनी ही भारतीय महिलाओं क्रिकेटरों को भी मिलती है। अगर वह बेहतर क्रिकेट खेलेंगी और विश्व कप जीतेंगी तो उनका नाम और होगा। भारत में जो लड़कियां हैं वह इस खेल को अपनाएं ताकि बेहतर करियर बन सके।

12:21 PM, 02-Sep-2024

एक समय होता था भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स को बहुत अच्छा खेलते थे पर आजकल ऐसा नहीं है?

इस सवाल पर वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि व्हाइट बॉल क्रिकेट अधिक होने के कारण ऐसा हो सकता है। स्पिन को खेलने का मौका अब खिलाड़ियों को कम मिलता है। डोमेस्टिक क्रिकेट में खिलाड़ी के कम खेलने के कारण ऐसा हो सकता है। हमारे समय में राहुल द्रविड़, गांगुली, तेंदुलकर, युवराज, लक्ष्मण हम सब लोग डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते थे, क्योंकि उस समय टी-20 फॉर्मेट नहीं था। डोमेस्टिक क्रिकेट में काफी स्पिनर्स को खेलते थे। लेकिन आजकल इंटरनेशल खिलाड़ी को समय कम मिल रहा है। क्योंकि वो खिलाड़ी इतना बिजी हैं कि उसका आईपीएल है, बिजी शेड्यूल है।

12:14 PM, 02-Sep-2024

सवाल:  क्रिकेट की जो आज की प्रगति है, उसे किस प्रकार देखते हैं?

जवाब: क्रिकेट में बहुत बदलाव आया है। क्रिकेट बहुत फास्ट हो गई है, देखने में मजा आने लगा है। क्रिकेट फाइनेंशियली भी मजबूत हो गई है। भारतीय टीम सबसे ज्यादा मजबूत है, भारतीय खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा पैसे मिलते हैं। बहुत बदलाव है। भारत के घरेलू क्रिकेट में भी बदलाव आया है। अब सेलेक्टर्स के पास ज्यादा ऑप्शंस हैं। आईपीएल से भी भारतीय क्रिकेट मजबूत हुई है। अब इसका प्रदर्शन भी मायने रखता है और चयन के लिए अहम पैमाना है। हालांकि, अभी भी कुछ लोग बोलते हैं कि इसका चयन हुआ और उसका चयन नहीं हुआ है। तो ये कुछ बदलाव हैं जो मैंने पिछले 10 वर्षों में देखे हैं।
 

12:12 PM, 02-Sep-2024

सवाल: सोशल मीडिया पर आप बहुत ज्यादा चर्चित हैं। वहां के चौके-छक्के मैदान के चौके-छक्कों से ज्यादा चर्चित हैं? 

जवाब: सोशल मीडिया को पहले इतना अहमियत कोई देता नहीं था। लेकिन अब सोशल मीडिया एक्टिव हो गया है। फिर मैंने भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना शुरू किया। फिर मैंने सोचा कि सोशल मीडिया पर मैं क्या कर सकता हूं, किस तरह लोगों का मनोरंजन कर सकता हूं। मैंने ऐसी विशेष सत्र शुरू की ताकि लोगों को लगे कि हां ये कुछ नया है। तो मैंने पहला पोस्ट रोहित शर्मा को लेकर किया। उसमें लिखा कि जब रोहित पैदा हुए तो डॉक्टर ने कहा लड़का नहीं हुआ है, हिटमैन हुआ है। तो ये काफी चर्चित हुआ। तो लोगों को लगा हां यार ये कुछ नया है। तो पांच छह मिलियन की फॉलोइंग हुई। मुझे नहीं पता था कि लोग इतना पसंद करेंगे और उन्हें खुशी मिलेगी। तो मैंने इसी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। तो मेरे मन में जो आता है उसे लिख देता हूं। मैं वो पोस्ट करता हूं, जो मुझे लगता है कि ये सही है और ये लोगों को पसंद आती है। कई विवाद भी हुए, क्योंकि अच्छी चीजें कम हाइलाइट किया जाता है, खराब चीजें ज्यादा हाइलाइट की जाती हैं।

12:03 PM, 02-Sep-2024

क्रिकेटर की जिंदगी कठिन होती है। अनुशासन में बंधकर काम करना होता है रिटायरमेंट के बाद क्या क्रिकेटर की लाइफ बदल जाती है?

जवाब: ऐसा नहीं है। 16-17 साल की उम्र से जब खेलना शुरू करता है तो उसे अनुशासन में रहना पड़ता है। सुबह उठना पड़ता है, व्यायाम के लिए जाना पड़ता है, प्रैक्टिस करनी पड़ती है क्योंकि वह एक अनुशासन में रहता है। हालांकि, जब उसे टीम इंडिया के लिए खेलना होता है तो उसे अलग तरह के अनुशासन का सामना करना पड़ता है। तब उसे स्कूल नहीं जाना पड़ता, ताकि शरीर बेहतर रहे और मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सके। जब एक खिलाड़ी रिटायर होता है, तो उसके बाद लाइफ में बदलाव होता है। तब भी आप भी व्यस्त होते हैं। लेकिन आजकल कमेंटेटर बॉक्स में भी बहुत स्कोप है। इतने सारे लैंग्वेज में कमेंट्री होती है तो बहुत सारे क्रिकेटरों को आना पड़ता है। तो बहुत व्यस्त जिंदगी हो गई है। हालांकि, मैं 35 साल की उम्र में रिटायर हुआ और जो काम मैं खेलते हुए नहीं कर सका, मैं चौके छक्के मारकर लोगों को खुशी जरूर देता था, लेकिन लोगों को हंसा नहीं पाता था, कमेंट्री बॉक्स में जरूर किस्से कहानियां सुनाता हूं, जिससे लोग आनंद भी लेते हैं और हंसते भी हैं।

 

11:59 AM, 02-Sep-2024

संवाद कार्यक्रम में भारत के पूर्व ओपनर और मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग भी पहुंचे और क्रिकेट से जुड़ी कुछ दिलचस्प घटनाओं पर बातचीत कर रहे हैं। वर्ष 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में तिहरा शतक लगाते हुए 319 रन बनाने वाले भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर सहवाग से अमर उजाला के मंच पर खेलों पर विस्तार से चर्चा हो रही है।

11:54 AM, 02-Sep-2024

'अब हमारे पास टीवी-मोबाइल जैसे खिलौने हैं, जो हमें सोने नहीं देते'

बीके शिवानी ने कहा कि मेहनत करने के लिए शरीर का ध्यान रखना होता है। 30-40 साल पहले मन का ख्याल रखने की जरूरत नहीं होती थी। अब हमारे पास टीवी-मोबाइल जैसे खिलौने हैं, जो हमें सोने नहीं देते। मनोरंजन के नाम पर हम ईर्ष्या, द्वेष की सामग्री को देखते हैं। इसलिए नींद नहीं आने की बीमारी आज सबसे बड़ी बीमारी है।

11:43 AM, 02-Sep-2024

अपने आप को पहले किस और अब किस तरह से देखते हैं, मुझे आज भी पहले की तरह ही अनुभव लगता है। मैं एक इंस्ट्रूमेंट हूं जो ऊपर वाला मेरा उपयोग करता है।

11:30 AM, 02-Sep-2024

'धन जिस तरह से आता है उसी तरह से जाता है'

बीके शिवानी ने कहा कि जो धन कमाते हैं वो दुआ नहीं कमाते लेकिन सौ प्रतिशत लिखकर रख लीजिए कि जो दुआ कमाएगा वो धन अपने आप कमाएगा। धन जिस तरह से आता है उसी तरह से जाता है।
 

11:28 AM, 02-Sep-2024

'धन, अन्न ,मन और तन सबसे पहले आते'

बीके शिवानी ने कहा कि धन, अन्न ,मन और तन सबसे पहले आते हैं। मतलब धन की देवी भी कीचड़ में रहते हुए कमल पर बैठे हुए दिखाया गया है। धन के साथ किसी की दुआ घर आए तो बेहतर होगा। धन कमाना बुरा नहीं है, पर कैसे कमाते है ये सोचने के बात है।

उन्होंने कहा कि चार गाड़ियां लीजिए, कोई मना नहीं कर रहा। अध्यात्म धन कमाने से मना नहीं करता। धन, मन, अन्न और तन। मन और तन को शक्तिशाली बनाना है तो धन बनाना होगा। इसलिए धन को लक्ष्मीजी कहा गया है। कमाने का तरीका कमल पुष्प की तरह हो, वह दुआओं के साथ। ऐसा करेंगे तो धन सेहत और सुकून लेकर आएगा। धन बहुत कमाएं, लेकिन दुआओं के साथ कमाएं। क्या कभी कोई ऐसा दुकानदार मिलता है, जो कहता हो कि आज मुझसे मत खरीदो, सामान ताज़ा नहीं है। उसने आपके बारे में सोचा, धन नहीं कमाया, लेकिन आपकी दुआएं कमाईं।

11:26 AM, 02-Sep-2024

बीके शिवानी ने कहा कि हमारे लिए एक बाह्य जगत और एक बाह्य तरक्की। एक और छोटी से गलती जो हमने की है, हमने बाह्य तरक्की को सफलता की परिभाषा माना है। स्कूल में भी जो बच्चा फर्स्ट आता है, उसको सक्सेसफुल माना जाता है। अगर दूसरे बच्चे के नंबर कम हों लेकिन संस्कार बहुत अच्छे हों तो उसे फेलियर कहा जाता है। ये हमारा फेलियर है, हमने संस्कारों को नहीं सिर्फ बाह्य उपलब्धियों को सफलता कहा। संस्कारों के साथ रखकर आगे बढ़ेगे तभी सफल हो सकेंगे। आज का समाज हमें नहीं लगता है कि सफल है। चालीस से पचास साल पहले था कि आप कैसे कमाते हैं आज है कितना कमाते हैं।

 

11:22 AM, 02-Sep-2024

'विज्ञान हमें बुद्धिमान बनाता है, अध्यात्म हमें विवेकपूर्ण बनाता है'

बीके शिवानी ने कहा कि विज्ञान हमें बुद्धिमान बनाता है, अध्यात्म हमें विवेकपूर्ण बनाता है। तो हमें ज्ञान और विज्ञान, दोनों चाहिए। विज्ञान बहुत पारवरफुल है। विज्ञान बहुत इम्पोर्टेंट है। जीवन पहले बहुत आसान था। आप याद कीजिए कि आप लोग जब स्कूल में रहे होंगे तो कितने लोगों को अवसाद, मधुमेह होता था। कितने तलाक होते हैं। ये सब बदलाव हमारे जीवनकाल में हम देख रहे हैं। विज्ञान ने हमें साधन दिए, लेकिन विज्ञान के साथ हम इतना खेलने लगे कि बाकी सब भूल गए। परमात्मा कहते हैं कि साधनों का उपयोग करो, लेकिन साधना मत भूलो। परमात्मा हमें एक बहुत इम्पोर्टेंट लाइन सिखाते हैं, साधनों का उपयोग करो, लेकिन साधनों का उपयोग करते-करते अपने साधना को नहीं भूलना है। साधनों को मालिक बनकर उपयोग करना है। साधनों का गुलाम मत बन जाना। हम साधनों के गुलाम बन गए। सुबह उठते हैं फोन के साथ, रात को सोते हैं फोन के साथ। यहां के लिए हमने समय ही नहीं निकाला। आज हम किसी से कहते हैं कि 15 से 20 मिनट रोज मेडिटेशन कीजिए, वो कहते हैं कि मरने की फुर्सत नहीं है, आप बोलते हो सुबह-सुबह आंख बंद करके ऐसे बैठ जाओ। तो ये हमारी सोच है। 

11:06 AM, 02-Sep-2024

ब्रह्मकुमारी शिवानी जी का स्वागत

अमर उजाला के निदेशक वरुण माहेश्वरी ने मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्मकुमारी शिवानी जी का स्वागत किया। इस सत्र में शिवानी जी ने कहा कि सीधा होकर बैठ जाइए और एक बहुत छोटी सी एक्सरसाइज है, जिसको आप कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज से सोच बदलती है, सोच से संस्कार बदलते हैं, संस्कार से संसार बदलता हैं। 

बीके शिवानी ने कहा कि स्वाभाविक है कि हमें कुछ अच्छा लगे तो हम सोचते हैं कि परिवार को भी मिले। जब मेरे परिवार ने कहा तो मुझे लगा कि मुझे इसकी ज़रूरत नहीं है, न ही दिलचस्पी है। जितना ज्यादा उन्होंने मुझसे कहा, उतना मैं दूर होती गई। मुझे तार्किकता की तलाश थी। मैंने कहा कि साबित करो। असल में मैं समय बर्बाद कर रही थी। विज्ञान कहता है कि साबित करो, अध्यात्म कहता है कि अनुभव करो। अध्यात्म में भी प्रयोग होते हैं, लेकिन विज्ञान से उलट यह प्रयोग आंतरिक होता है।

10:57 AM, 02-Sep-2024

'खबर हमारे लिए सूचना नहीं बल्कि काम है'

अमर उजाला संवाद कार्यक्रम की शुरुआत में अमर उजाला के संपादक डॉक्टर इंदुशेखर पंचोली ने कहा कि हम एक बार फिर अमर उजाला संवाद आप लोगों के बीच में है। आगरा से शुरू हुआ सफर आज उत्तर प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों में काफी प्यार मिला। निरंतर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं। खबर हमारे लिए सूचना नहीं बल्कि काम है। अमर उजाला की कोशिश रही है कि आम लोगों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना। अमर उजाला लगातार अपने काम के साथ आगे बढ़ रहा है। लोगों की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान, साहित्यकारों को सम्मान देने, युवाओं को सम्मान देने के लिए मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम किए जाते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए हमारा मकसद है कि हर क्षेत्र के लोग एक मंच पर आए और लोगों को प्रेरित करें। आज जो लोग यहां शामिल होंगे। वह अपने क्षेत्र में माहिर है, लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। आप भागीदारी के लिए आए। आपका धन्यवाद।

10:49 AM, 02-Sep-2024

गुरुग्राम में शुरू हुआ अमर उजाला संवाद हरियाणा

10:46 AM, 02-Sep-2024

कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल

कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सशक्त हरियाणा पर अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ अपना विजन भी सामने रखेंगे। वहीं, दूसरे दिन का कार्यक्रम मंगलवार को नई दिल्ली में होगा। इनमें ऑन स्पॉट पंजीकरण भी कराया जा सकता है। दो दिवसीय महामंथन के अलग-अलग सत्रों में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, मोटिवेशनल स्पीकर नित्यानंद चरण दास, शिक्षाविद व सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार और स्टैंडअप कॉमेडियन सुमेध शिंदे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे। 

09:54 AM, 02-Sep-2024

थोड़ी देर में शुरु होगा अमर उजाला संवाद कार्यक्रम

अमर उजाला संवाद हरियाणा कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, धर्म, फिल्म व कारोबार जगत की नामचीन हस्तियां शामिल हो रही है। यह कार्यक्रम गुरुग्राम स्थित होटल क्राउन प्लाजा में है।

09:48 AM, 02-Sep-2024

सचिन पायलट की शुरुआत और राजनीतिक सफर

सचिन पायलट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका स्थित पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। उनकी शिक्षा ने उन्हें एक व्यापक दृष्टिकोण और आधुनिक सोच दी, जो उनकी राजनीति में झलकती है।

सचिन पायलट का राजनीतिक जीवन 2004 में शुरू हुआ। 2004 में अपने पिता के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा। उन्होंने दौसा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें दौसा सीट से चौदहवीं लोकसभा के लिए चुना गया। वे भारतीय सांसद बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति बने। सचिन पायलट ने केंद्र सरकार के गृह विभाग के स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी काम किया है। दिसंबर 2018 में उन्हें राजस्थान का 5वां उप मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन आंतरिक विवादों के चलते 14 जुलाई 2020 को उन्हें उप मुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

09:47 AM, 02-Sep-2024

अमर उजाला संवाद में शामिल होंगे सचिन पायलट

सचिन पायलट एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो राजस्थान सरकार में पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 को हुआ था। सचिन के पिता राजेश पायलट कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। उनके पिता, राजेश पायलट, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थे। उनकी मां का नाम रमा पायलट है। 

09:33 AM, 02-Sep-2024

दांतों के डॉक्टर हैं सुमेध

सुमेध को मनोरंजन की दुनिया से भले ही प्यार हो, लेकिन पढ़ाई-लिखाई में भी वह कई कलाकारों से काफी आगे हैं। वह पेशे से दांतों के डॉक्टर हैं, यानी वह स्टैंडअप कॉमेडी और अपनी डॉक्टरी से लोगों की मुस्कान का खास ख्याल रखते हैं। डॉक्टर होने के बावजूद वह लोगों का मनोरंजन करने का अपना पैशन फॉलो करने में जरा भी नहीं हिचकिचाते हैं। 

09:15 AM, 02-Sep-2024

कॉमेडियन सुमेध की इंडियन आइडल से चमकी किस्मत

सुमेध गाना भी बहुत अच्छा गा लेते हैं। सबसे पहले उन्हें सिंगिंग रियलिटी शो में ऑडिशन के दौरान देखा गया था। इस दौरान वहां मौजूद जजों के पैनल को उनका गाना उतना पसंद नहीं आया, लेकिन अपनी मिमिक्री से उन्होंने सभी का दिल जीत लिया था। इंडियन आइडल 4 में वह बतौर गायक अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे थे। इस शो में अनु मलिक, अलका याग्निक, जावेद अख्तर और सोनाली बेंद्रे जैसे दिग्गज जज की भूमिका में थे। इस ऑडिशन में सुमेध ने 'कहो न कहो' गाना गया था, जो जजों को प्रभावित नहीं कर सका, लेकिन इसके तुरंत बाद जब उन्होंने सितारों की मिमिक्री शुरू की तो सभी उनकी इस अद्भुत कला के कायल हो गए। 

09:06 AM, 02-Sep-2024

कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे आनंद कुमार

आनंद कुमार का जन्म 1 जनवरी, 1973 को पटना, बिहार में एक साधारण से परिवार में हुआ था। उनके पिता डाक विभाग में क्लर्क के रूप में काम करते थे। छोटी उम्र में ही कुमार की गणित में गहरी रुचि बन गई। उन्होंने हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की और कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ऐसे पेपर लिखे, जो मैथमेटिकल स्पेक्ट्रम जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए।

08:41 AM, 02-Sep-2024

कंगना ने राजनीति की दुनिया में की सफल शुरुआत

फिल्मी दुनिया के बाद अब वह राजनीति के क्षेत्र में भी कामयाबी के झंडे गाड़ रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से अपनी किस्मत आजमाई और जीत हासिल कर संसद पहुंचीं। लोकसभा में उन्हें कई बार क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए देखा जा चुका है।

08:39 AM, 02-Sep-2024

कंगना ने अभिनय से लोगों के दिलों में बनाई जगह

कंगना रणौत अपने अभिनय के दम पर लोगों के दिलों में राज करती हैं। साल 2008 में आई फिल्म फैशन में उन्होंने एक नशे की लत वाली सुपर मॉडल की भूमिका निभाई थी। मधुर भंडारकर की इस फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को चौंका दिया था। वहीं,क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और तुन वेड्स मनु रिटर्न्स से उन्होंने लोगों पर अपनी अदाकारी से गहरी छाप छोड़ी है।

08:26 AM, 02-Sep-2024

कंगना ने गैंगस्टर से की शुरुआत

कंगना को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। उनका जन्म हिमाचल के मंडी जिले के भांबला में हुआ था। वह राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती हैं। अपने अभिनय के दम पर कंगना लंबे समय से अपने प्रशंसकों के दिलों में जगह बनाई हुई है। करियर की शुरुआत उन्होंने भट्ट कैंप की फिल्म गैंगस्टर से की थी। साल 2006 में बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सफल रही और उनके काम को भी लोगों ने खूब सराहा। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं।

08:10 AM, 02-Sep-2024

वीरेंद्र सहवाग होंगे कार्यक्रम में शामिल

अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ हिस्सा लेने वाले सहवाग हरियाणा में खेलों की संभावनाओं और विकास पर भी अपने विचार रखेंगे। विश्व क्रिकेट के सबसे विस्फोटक ओपनर्स में शुमार रहे सहवाग आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और हरियाणा के लिए भी खेल चुके हैं। नजफगढ़ के नवाब और आधुनिक क्रिकेट के जेन मास्टर के रूप में पहचाने जाने वाले सहवाग दाएं हाथ के आक्रामक सलामी बल्लेबाज रहे हैं। वह टेस्ट मैच की एक पारी में 300 या उससे अधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने यह कारनामा दो बार किया है।

07:38 AM, 02-Sep-2024

कौन हैं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान एक भारतीय राजनेता हैं जो वर्तमान में 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद नवगठित सरकार में शिक्षा मंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने ओडिशा के संबलपुर निर्वाचन क्षेत्र के 2024 के लोकसभा चुनावों में 49.48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जीत हासिल की।

इससे पहले, वे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और इस्पात मंत्री भी रह चुके हैं। संसद सदस्य (एमपी) के रूप में, प्रधान राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं और पहले 14वीं लोकसभा के सदस्य थे। जुलाई 2021 में कैबिनेट फेरबदल के बाद रमेश पोखरियाल की जगह प्रधान दूसरे नरेंद्र मोदी मंत्रालय में शिक्षा मंत्री बने।

07:20 AM, 02-Sep-2024

ये नामचीन हस्तियां होंगी शामिल

दो दिवसीय महामंथन के अलग-अलग सत्रों में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, मोटिवेशनल स्पीकर नित्यानंद चरण दास, सिस्टर शिवानी, शिक्षाविद व सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार और स्टैंडअप कॉमेडियन सुमेध शिंदे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।

07:07 AM, 02-Sep-2024

ऑन स्पॉट पंजीकरण भी

इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सशक्त हरियाणा पर अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ अपना विजन भी सामने रखेंगे। वहीं, दूसरे दिन का कार्यक्रम मंगलवार को नई दिल्ली में होगा। इनमें ऑन स्पॉट पंजीकरण भी कराया जा सकता है। 

07:02 AM, 02-Sep-2024

Amar Ujala Samvad Live: अंतिम सत्र में कॉमेडियन सुमेध शिंदे ने लोगों को गुदगुदाया, सिने सितारों की मिमिक्री की

देश और हरियाणा के बहुआयामी विकास पर महामंथन अमर उजाला संवाद हरियाणा सोमवार से होने जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, धर्म, फिल्म व कारोबार जगत की नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत गुरुग्राम स्थित होटल क्राउन प्लाजा में सुबह नौ बजे से होगी।

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