बजट पेश करने के दौरान भाजपा के विधायकों ने सदन में हंगामा भी किया जिस पर अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान भाजपाइयों ने एंटी हिंदू केजरीवाल लिखी टी-शर्ट पहनी थी।
दिल्ली में फ्री पानी आगे भी मिलता रहेगा। यमुना को दो साल में पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।
नजफगढ़ ड्रेन को साफ कर दिल्ली को साहबी नदी का तोहफा देंगे। इसके लिए 705 करोड़ का प्रावधान किया।
शिक्षा क्षेत्र के लिए 16278 करोड़ रुपये का प्रवधान किया गया है, जबकि दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड के लिए 766 करोड़ रुपये का बजट होगा।
अस्पतालों के निर्माण और मौजूदा सरकारी अस्पतालों की रीमॉडलिंग के लिए 1900 करोड़ का प्रावधान किया गया।
दिल्ली आरोग्य कोश के लिए भी 50 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया।
ई-हेल्थ कार्ड भी अगले साल जारी किया जाएगा, 60 करोड़ का किया प्रावधान।
सात साल में केजरीवाल सरकार की बड़ी सफलता उसका हेल्थ सेक्टर में विकास रहा है। 520 मोहल्ला क्लीनिक, 29 पॉलीक्लीनिक, 38 मल्टी सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल के माध्यम से सुविधा दे रही है। मोहल्ला क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक के लिए इस बजट में 478 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि देश में पहली बार दिल्ली सरकार ऐसी होगी जो एंप्लॉयमेंट ऑडिट कराएगी। इसके अनुसार सदन में पास बजट का एक-एक रुपया जिस संस्थान आदि पर खर्च होगा उससे कितने रोजगार पैदा हुए इसका पता लगाया जाएगा। देश की कोई राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है।
कोरोना के दौरान सबसे ज्यादा नौकरी महिलाओं की गई। रोजगार बाजार 2.0 में विशेष तौर पर महिलाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
सिसोदिया ने बताया कि, महिलाओं को घर-घर में रोजगार देने के लिए और दिल्ली का ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार पूसा इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर नई योजना ला रही है। इसके तहत दिल्ली सरकार पूरे दिल्ली के मोहल्लों में वर्कशॉप आयोजित करेगी और स्मार्ट अर्बन फार्मिंग को प्रोत्साहित करेगी। उसको जनआंदोलन बनाने के लिए सब्सिडी युक्त सामग्री के साथ प्रशिक्षण देगी। अर्बन फार्मिंग बहुत छोटी जगह में भी हो जाता है और इसे महिलाएं चलाती हैं। इस तरह इस क्षेत्र में 25000 नई नौकरियां मिलेंगी।
हर साल 5000 ई-ऑटो परमिट जारी करेंगे जिससे अगले पांच साल में 2500 हजार जॉब पैदा होंगे। अगले पांच साल में रूफ टॉप सोलर प्लांट की क्षमता 2500 मेगावाट तक ले जाएंगे। नई सोलर पॉलिसी के तहत हर साल बिजली की 10 प्रतिशत जरूरत सोलर प्लांट से पूरी होगी।
1 लाख ग्रीन जॉब्स सृजित होंगे। आज 10 प्रतिशत से ज्यादा ई-वाहन रजिस्टर हुए हैं। अगले पांच साल में इन वाहनों के रख-रखाव में 20 हजार जॉब पैदा होंगे। दिल्ली सरकार अगले वर्ष से 30 प्रतिशत रिजर्वेशन के साथ महिला ड्राइवरों के लिए 4200 ई-ऑटो लेकर आएंगे।
दिल्ली सरकार नई फिल्म पॉलिसी भी ला रही है। ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस के लिए बनाया जाएगा। इसके लिए स्कॉलरशिप और इंटर्नशिप भी दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल भी आयोजित होगा।
आज दिल्ली देश की स्टार्टअप राजधानी बन गई है। यह बात केंद्र ने भी स्वीकार की है। दिल्ली में सबसे ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर हुए हैं। दिल्ली के स्टार्टअप ईकोसिस्टम मजबूत करने के लिए हमने काम किया है। हमारी नई स्टार्टअप पॉलिसी के लक्ष्य है कि 100 प्रतिशत ध्यान उसके काम पर हो न कि उससे जुड़ी औपचारिकताओं पर। इसके 50 करोड़ का किया प्रावधान।
सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार फूड ट्रक पॉलिसी ला रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बपरौला में 90 एकड़ में बनाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र का रिडवलपमेंट करने की भी योजना है। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिल्ली में मॉल्स कम हैं, एनसीआर में ज्यादा हैं। ऐसे में दिल्ली में बस डिपो और टर्मिनल्स में जगहों पर शॉपिंग और फूड हब्स बनाए जाएंगे।
सिसोदिया ने बताया कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के पांच बाजारों को रीडेवलप करेगी। इसके लिए किए निम्न प्रावधान-
-वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट में रखा 100 करोड़ का प्रावधान
-लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार, दिल्ली के माल पर देश को पूरा भरोसा
रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा होलसेल और रिटेल बाजार, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक, ग्रीन एनर्जी समेत दूसरे क्षेत्रों की पहचान की गई है।
2022-23 के लिए 75800 करोड़ का बजट पेश किया गया है, जो 2013-14 बजट के मुकाबले ढाई गुना है।
रोजगार बजट में हम जो प्रयास करने जा रहे हैं उससे अगले पांच साल में 20 लाख रोजगार पैदा होंगे। इस बजट से हमारा लक्ष्य आर्थिक विकास के इंजन को सुदृढ़ करना है।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि इस बजट से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेंगे बल्कि व्यापारियों को भी फायदा होगा। आज आपकी अनुमति से मैं इस सदन में रोजगार बजट पेश कर रहा हूं। पिछले साल देशभक्ति के बजट में दिल्ली की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए और 2047 में सिंगापुर जैसी आय दिल्ली के लोगों की हो उसके लिए प्रावधान किया था।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि इन पक्की नौकरियों में दिल्ली यूनिवर्सिटी में करीब 2500 नौकरियां दी गईं, अस्पतालों में करीब 3000 नौकरियां दी गईं। 25000 नए युवा टीचर को गेस्ट टीचर की नौकरी दी गईं। पिछले सात साल में 24 घंटे बिजली मिली, ईमानदार सरकार काम कर रही है। दिल्ली में लघु व मध्यम आकार के व्यापार में वृद्धि हुई है जिससे प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरियां उत्पन्न हुई हैं।
1,78,00 में से 51,307 नौकरियां तो पक्के तौर पर सरकारी नौकरियां हैं। यह नौकरियां DSSSB की परीक्षा लेकर दी गई है। 2015 से पहले की सरकारों में ना के बराबर नौकरी दी गई थी। उन्होंने DSSSB के परीक्षा के फॉर्मेट को ठप कर रखा था।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि सरकार के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप में दिल्ली में बीते सात साल में एक लाख 78 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी दी गई है।
मनीष सिसोदिया इस वक्त सदन में बजट पेश कर रहे हैं जिसे उन्होंने रोजगार बजट नाम दिया है। उन्होंने कहा कि उनका यह आठवां बजट है। इसके साथ ही उन्होंने अपने सरकार द्वारा स्कूल, अस्पताल से लेकर हर क्षेत्र का उल्लेख किया और बताया कि सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम हुआ है।
बजट पेश करने से पहले मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बजट कोरोना के बाद, दिल्ली के युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत को एड्रेस करेगा।