लापता लोगों की तलाश में धराली में हर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 296 लोगों को अभी तक निकाला जा चुका है। यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट...
मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित ग्राम वासियों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार, एवं स्थायी आजीविका के सुदृढ़ीकरण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी। समिति धराली गांव के भविष्य के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, जिससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के धराली गांव में हालिया आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पांच लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि दी जाएगी। वहीं समग्र पुनरुद्धार और आजीविका सुदृढ़ीकरण के लिए समिति का गठन किया जाएगा।
उत्तरकाशी के धराली आपदा के कारण गंगोत्री क्षेत्र में फंसे तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू जारी है। उत्तरकाशी आपदा में फंसे 11 लोगों को आज MI-17 से देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचाया गया।
आज शनिवार दोपहर 12:00 बजे तक 170 लोगों को आईटीबीपी मातली लाया गया। जबकि 107 लोगों को हवाई पट्टी चिन्यालीसौड़। कुल 277 लोगों को रेस्क्यू कर लाया गया है।
लिमचिगाढ़ में बैली ब्रिज बन रहा है। जवान पूरी रात बैली ब्रिज बनाने के काम में जुटे रहे।
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद हर्षिल में सेना के शिविर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
आपदा स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, फायर, राजस्व आदि की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। आपदा ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को एयर लिफ्ट करने का सिलसिला निरंतर जारी है। सुबह आठ बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी मातली सिफ्ट किया गया है।
पांच अगस्त को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद हर्षिल में एक झील बन गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार तेजी से आपदा ग्रस्त क्षेत्र में बिजली, पानी, संचार के साथ सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने का प्रयास कर रही है। साथ ही प्रभावितों के पुनर्वास के भी प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों व फसलों के नुकसान के आकलन के लिए डीएम उत्तरकाशी को निर्देश दे दिए हैं।
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धराली आपदा में लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खोजबीन के लिए हर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की ओर से थर्मल इमेजिंग, विक्टिम लोकेटिंग कैमरे और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे व भारी भरकम पत्थरों के नीचे तलाश की जा रही है।
आज शनिवार दोपहर तक 265 लोगों को धराली हर्षिल से आईटीबीपी मातली हेलीपैड पर और चिन्यालीसौड़ में MI-17 से 81, चिनुक से 60 और ए.एल.एच से 12 लोगों सहित कुल 153 लोगों को चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी पर रेस्क्यू कर पहुंचाया जा चुका है। शुक्रवार को शाम तक 257 फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। जबकि अब तक (चार दिन) 729 से अधिक फंसे लोगों को हर्षिल, गंगोत्री, मातली से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान जारी है। मुख्यमंत्री तीसरे दिन भी ग्राउंड जीरो पर हैं।
प्रभावितों से मिलने के साथ ही बचाव व राहत कार्यों की पल-पल की जानकारी लेने के साथ अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने मातली हेलिपैड पहुंचकर हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री की खेप रवाना की। चिनूक व एमआई-17 हेलिकॉप्टर से बचाव व राहत कार्य के लिए मशीनरी पहुंचाने के साथ ही फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। सेना व यूकाडा के हेलिकॉप्टर से शाम तक हर्षिल, झाला, गंगोत्री से 257 यात्रियों को एयरलिफ्ट कर मातली पहुंचाया जा चुका था।