सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों में जमकर तीख बहस हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाए तो सत्ता पक्ष ने भी महिला विरोधी कांग्रेस के नारे लगाए।
विधानसभा कूच करने जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
एक तरफ महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर भीतर सदन गरमाया हुआ है, तो वहीं बाहर सड़कों पर हंगामा जारी है।
सदन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार आठ साल का इंतजार करा रही है। 2034 तक ये कानून लागू हो पाएगा। 2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती भाजपा। कहा कि यह
राजनीतिक जमीन को बचाने का मामला है। कोई महिलाओं को अधिकार देने का नहीं है।
विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस को जनता से कोई लेना देना नहीं। एक नेता कह रहे हैं कि उत्तराखंड की विधानसभा में भाजपा 33% आरक्षण देने को क्यों नहीं कहती। सीएम ने कहा कि नारी का अधिकार छीनकर तुम इतना अभिमान न करो। अहंकार अपना त्यागो। आज नहीं तो कल ये परिवर्तन अनिवार्य है। लोकसभा में विपक्ष ने जो किया, मैं उसकी घोर निंदा करता हूं और अनुरोध करता हूं कि इस पर चर्चा कराई जाए।
विपक्ष ने कहा उत्तराखंड में आज ही महिलाओं का 33% आरक्षण दें। ये कानून 2023 में पास हो चुका है तो उत्तराखंड में लागू किया जाए।
सदन में विपक्ष की नेता अनुपमा रावत ने कहा कि जब नारी शक्ति वंदन का कानून बन चुका है तो यहां राज्य में लागू कर दीजिए।
राष्ट्रवाद पर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रवाद ऐसा है कि कश्मीर से हमारे पंडितों को भगा दिया। जवाब में सुमित हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस ने ही पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे।
विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सीएम पुष्कर धामी ने राज्य के लिए योगदान देने वाली महिलाओं को नमन करते हुए सदन में अपनी रखनी शुरू की।