तीन बजे सदन स्थगित होने के बाद चार बजे शुरू हुआ। इस दौरान विपक्ष के तेवर तीखे रहे। विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करने की मांग की। जिस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि कार्यमंत्रणा के बाद सदन से अभिभाषण पास हो चुका है। प्रीतम सिंह भी अभिभाषण पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। जिसके चलते सदन कल बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राज्य की पांचवीं चुनी हुई सरकार की अपनी चाहे जो प्राथमिकताएं हों, लेकिन राज्य के लोगों की सबसे पहली प्राथमिकताओं में एक पहाड़ में डॉक्टर और दवा मिलने की है। पर्वतीय राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पीड़ा चिकित्सा की है। रोजगार के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पहाड़ और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन पटल पर वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखानुदान पेश करेंगे, वह 21 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है। लेखानुदान आगामी चार महीने (अप्रैल, मई, जून और जुलाई) लिए हो सकता है। वित्त विभाग की बजट की वेबसाइट पर दर्ज जानकारी के अनुसार, 2012-13 में तत्कालीन बहुगुणा सरकार सात हजार 18 करोड़ 65 लाख 97 हजार रुपये का लेखानुदान लेकर आई थी। 2017 में तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार 16 हजार 48 करोड़ 74 लाख रुपये का लेखानुदान लाए थे।
उत्तराखंड राज्य में बेरोजगारी सबसे ज्वलंत मुद्दा है। कांग्रेस और सभी विरोधी पार्टियों ने इसे अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया और राज्य के लाखों बेरोजगारों से वादा किया कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री की अपनी पहली पारी में धामी ने राज्य में 22 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों का वादा किया था। साथ ही लाखों की संख्या में स्वरोजगार के अवसर पर भी पैदा करने का वादा किया। राज्य का युवा चाहता है कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी गंभीरता के साथ काम करे और अगले एक-दो साल इसी मुद्दे पर फोकस हो।
शाम को सरकार की ओर से लेखानुदान पेश किया जाएगा। विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पक्ष और विपक्ष ने सत्र के दौरान संसदीय कार्यवाही पर चर्चा की। कार्यमंत्रणा में एक दिन का एजेंडा तय किया गया। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बसपा विधानमंडल दल के नेता मोहम्मद शहजाद मौजूद रहे। जबकि नेता प्रतिपक्ष का चयन न होने से कांग्रेस कार्यमंत्रणा में शामिल नहीं हुई। बैठक में तय किया गया कि मंगलवार को फिर से कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में एजेंडा तय किया जाएगा। इस अवसर पर विधानसभा के सचिव मुकेश सिंघल, विधायी के प्रमुख सचिव हीरा सिंह बोनाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।