पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में एक कविता से जनता में जोश भरा।
जहां पवन बहे संकल्प लिए, जहां पर्वत गर्व सिखाते हैं
जहां ऊंचे नीचे सब रास्ते, बस भक्ति के सुर में गाते हैं
उस देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्यवाद हो जाता हूं
है सौभाग्य मेरा, मैं तुमको शीश नवाता हूं
है बाद में मेरा सौभाग्य मेरा मैं तुमको शीश नवाता हूं और धन्य धन्य हो जाता हूँ
मंडवे की रोटी, हड़के की थाप,
हर एक मन करता शिवजी का झाप
ऋषि मुनियों की है ये तपोभूमि
कितने वीरों की ये जन्मभूमि
मैं तुमको शीश नवाता हूं....
सीएम धामी ने कहा कि हमने प्रदेश के हकहुकूक धारियों को सर्वोपरि रखते हुए फैसला लिया है। मैं पांच महीने से मुख्य सेवक के रूप में अपने दायित्व का निर्वहन करने की कोशिश कर रहा हूं। जब तक मैं उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के लिए बेहतर काम नहीं करूंगा, चैन से नहीं बैठूंगा। कोई ऐसा वर्ग नहीं जिसके लिए योजना नहीं बनाई हो। उन्होंने पीएम मोदी को अपना आदर्श बताया।
प्रधानमंत्री मोदी कुछ ही देर में 18,000 करोड़ रुपये की लागत से कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें लगभग 8300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा शामिल है।