मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा में बजट भाषण पढ़ रहे हैं। उन्होंने कार्यकाल की उपलब्धि बताते हुए कहा कि किस तरह ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। छत्तीसगढ़ माडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। प्रदेश कि प्रगति हमारा संकल्प है।
विधानसभा में भूपेश बघेल 'भरोसे का बजट', पेश कर रहे हैं। इस दौरान सीएम ने कहा कि हमने गोबर को गोधन बनाया। जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है। राज्य की आर्थिक स्थिति को सर्वेक्षण सीएम ने पेश किया। सीएम ने कहा कि चालू वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद में 8% वृद्धि का अग्रिम अनुमान है। केंद्र के 4.1% की तुलना में 4.8% दर से वृद्धि का अनुमान है। राज्य की वृद्धि दर केंद्र से अधिक अनुमानित है। सीएम ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय 2022-23 में बढ़ोतरी, 1,33,498 रुपये का अनुमान है।
विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 'बजट' को अंतिम रूप दिया।
गौठान में निर्मित गोबर पेंट से छत्तीसगढ़ महतारी एवं कामधेनु का भित्तिचित्र ब्रीफकेस पर उकेरा गया है। सीएम भूपेश बघेल ने ब्रीफकेस के साथ फोटो खिंचवाई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही सोमवार को शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा पहुंच गए हैं। आज सदन में वह वित्तीय वर्ष 2023-24 का प्रस्तुत करेंगे 'बजट'। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोपहर 12.30 बजे अपने कार्यकाल का पांचवां बजट पेश करने जा रहे हैं।
आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मुख्यमंत्री के बजट भाषण को प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालय में एलईडी के माध्यम से लाईव प्रसारण कर कार्यकर्ताओं सहित आमजनता को दिखाये जाने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश में यह पांचवीं सरकार है। इससे पहले राज्य गठन के बाद पहली बार कांग्रेस सरकार और फिर तीन बार भाजपा की सरकारें चुनाव से पहले ऐसा बजट पेश कर चुकी हैं । राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जरूरत पड़ने पर भूपेश सरकार चुनाव से पहले अनुपूरक बजट भी ला सकती है।
छत्तीसगढ़ की सीएम भूपेश बघेल की सरकार पहली बार ई बजट पेश करेगी। इससे पहले बता दें कि प्रदेश में बजट पेश करने की शुरुआत 2001 से हुई थी। तत्कालीन वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव ने करीब 1300 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया था। इसके बाद 2001-02 के लिए आम बजट आया।
पिछले साल 2022 का बजट एक लाख चार हजार 603 करोड़ रुपये का था। इसमें खास तौर पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई थी। मूल निवासी छात्रों को व्यापम और पीसीएस की परीक्षा में परीक्षा शुल्क से छूट दी गई थी। इसके साथ ही विधायकों की निधि दो से बढ़ाकर चार करोड़ की गई थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने राजीव युवा मितान क्लब के लिए 75 करोड़ का प्रावधान किया गया था।