सिद्धू ने कहा कि इस देश में जब भी कोई तानाशाही आई है, एक क्रांति भी आई है। इस बार उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी। वह सरकार को हिला देंगे।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लाने की साजिश की जा रही है। अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब को कमजोर करने की कोशिश की तो कमजोर हो जाओगे। अभी लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है।
जेल से बाहर आए सिद्धू ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि सत्य को दबाने का प्रयास सफल नहीं हो सकता। आज लोकतंत्र बेड़ियों में है।
नवजोत सिद्धू को जेल से रिहा कर दिया गया है। वे पटियाला जेल से बाहर आए और झुककर अभिवादन किया।
जेल के बाहर खड़े सिद्धू के समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार जानबूझकर रिहाई में देरी करवा रही है।
सूत्रों से पता चला है कि नवजोत सिद्धू को अब वाई सिक्योरिटी दी जा रही थी, जबकि जेल जाने से पहले उनके पास जेड सिक्योरिटी थी। सिद्धू जेड सिक्योरिटी की मांग पर अड़ गए हैं।
नवजोत सिद्धू के इंतजार में बाहर खड़े समर्थकों मे उस समय भगदड़ मच गई जब किसी ने पास के पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते पर पत्थर मार दिया।
नवजोत सिद्धू की रिहाई का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अभी भी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं
पटियाला जेल के बाहर नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक सुबह से ही उनका इंतजार कर रहे हैं। जेल के बाहर समोसा और लड्डू बांटे जा रहे हैं।
पटियाला जेल के बाहर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बेटे करण सिद्धू ने बताया कि अभी कुछ औपचारिकताएं की जा रही हैं। अभी से एक घंटे में वे जेल से बाहर आए जाएंगे।
सिद्धू के वकील एचपीएस वर्मा के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू जेल से बाहर आने के बाद काफिले के साथ जेल रोड से दुखनिवारण साहिब के सामने से होते हुए 21 नंबर पुल, वहां से लीला भवन और फिर फव्वारा चौक से यादविंदरा कालोनी में अपनी कोठी में जाएंगे। इस दौरान वह गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब व काली माता मंदिर में माथा टेकने के लिए नहीं रुकेंगे।
नवजोत सिद्धू के पंजाब कांग्रेस के अधिकतर नेताओं के साथ संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। उनकी सजा के एक साल के दौरान कांग्रेस ने उनकी सुध नहीं ली, हालांकि मनप्रीत सिंह बादल जैसे नेता उन्हें पटियाला जेल में मिलने पहुंचते रहे, लेकिन वह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं।
पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सिद्धू की रिहाई से पहले एक ट्वीट कर उनका स्वागत किया। वड़िंग ने ट्वीट किया- नवजोत सिंह सिद्धू का स्वागत है। जैसे ही आप सभी पंजाबियों की सेवा में सार्वजनिक जीवन शुरू करेंगे, आपसे जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
पंजाब जेल नियमों के मुताबिक जेल में मिले काम को सही ढंग से निभाने वाले और अच्छे आचरण वाले कैदी को प्रत्येक महीने चार दिनों की सजा में माफी मिलती है। जेल अधिकारियों के मुताबिक सिद्धू इन दोनों पैमानों पर खरा उतरे हैं, इसलिए उन्हें 48 दिनों की सजा में माफी मिलती है। जिसके चलते वह एक अप्रैल को जेल से रिहा हो रहे हैं
सांसद गुरजीत औजला, मोहिंदर सिंह केपी, अश्विनी सेखड़ी पटियाला जेल के बाहर पहुंच चुके हैं।
नवजोत सिद्धू कुछ ही देर में पटियाला जेल से बाहर आएंगे। रिहाई की कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सिद्धू के करीबी व अमृतसर के पूर्वी विधान सभा के न्यू अमृतसर ब्लाक के अध्यक्ष नवतेज सिंह सुल्तानविंड को ब्लॉक प्रधान के पद से हटा दिया। क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं की अपील पर ही नवतेज को पद से हटाया गया है।
जेल में बंद नवजोत सिद्धू से शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के चार पूर्व प्रधानों ने करीब पौने घंटे तक मुलाकात की। इनमें लाल सिंह, मोहिंदर सिंह केपी, शमशेर सिंह दूलों व प्रताप सिंह बाजवा शामिल रहे। बाजवा वर्तमान में विरोधी दल के नेता भी हैं।
सिद्धू परिवार के बेहद करीबी जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी के पूर्व प्रधान नरिंदर पाल लाली ने कहा कि सिद्धू के स्वागत के लिए लड्डुओं का ऑर्डर कर दिया गया है। सिद्धू को जुलूस की शक्ल में शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए पटियाला के यादविंदरा एनक्लेव स्थित उनकी कोठी तक लाया जाएगा। इस दौरान जगह-जगह गेट लगाकर उनका स्वागत किया जाएगा। पूरी-छोले, कड़ाह, दूध का लंगर लगाया जाएगा, लड्डू बांटे जाएंगे। बाद में अपनी रिहाइश पर पहुंचकर सिद्धू मीडिया के साथ मुखातिब होंगे।
पटियाला जेल के बाहर सिद्धू समर्थक जुटने लगे हैं। वहीं उनके स्वागत के लिए ढोल बजाए जा रहे हैं।
हर काम मुहूर्त देखकर करने वाले सिद्धू रिहाई भी अभिजीत मुहूर्त में करेंगे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सिद्धू शनिवार को सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12:40 के बीच ही जेल से बाहर आएंगे।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू आज पटियाला की सेंट्रल जेल से रिहा हो जाएंगे। 59 वर्षीय कांग्रेस नेता सिद्धू 1988 के रोड रेज के मामले में एक साल की सजा काट रहे हैं। पिछले साल 20 मई को सुप्रीम कोर्ट के एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सिद्धू ने पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।