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Kisan Andolan Live: शंभू बॉर्डर पर ASI की मौत, किसानों के दिल्ली कूच एलान को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा

Tue, 20 Feb 2024 02:03 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

खास बातें

केंद्र सरकार की ओर से मसूर, उड़द, अरहर (तूर), मक्की और कपास की फसल पर अनुबंध की शर्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का प्रस्ताव किसानों ने नामंजूर कर दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता जारी रखेंगे। 21 फरवरी की सुबह 11 बजे दिल्ली कूच किया जाएगा।
 
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Farmer Protest - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

01:56 PM, 20-Feb-2024

शंभू बॉर्डर पर शांति

अंबाला में शंभू सीमा पर आज भी शांति बहाल है। मगर 21 फरवरी को दिल्ली कूच के लिए किसान तैयारियों में जुटे हैं। किसान मिट्टी से भरे कट्टे ट्रेक्टरों में लोड कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हाइड्रा, पोपलेंन जैसी मशीनें भी लाई जा रही हैं। वाटर कैनन बॉय नवदीप जलबेड़ा को जिम्मेदारी दी गयी है। हालांकि किसानों ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि घग्गर नदी में से जाएंगे या घग्गर पुल पर बोरियां डालेंगे।

01:48 PM, 20-Feb-2024

किसानों ने रस्सी बांध कर बनाई लक्षण रेखा

01:46 PM, 20-Feb-2024

शंभू बॉर्डर पर किसानों ने जूस का लंगर लगाया

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01:42 PM, 20-Feb-2024

बॉर्डर पर किसान

01:41 PM, 20-Feb-2024

अंबाला में शंभू बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाकर्मी

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12:53 PM, 20-Feb-2024

शंभू बॉर्डर पर एएसआई की मौत

अंबाला में शंभू बॉर्डर पर एएसआई कौशल कुमार की मौत हो गई। एएसआई अंबाला में एसपी के कार्यालय में अकाउंट ब्रांच में तैनात था। किसानों आंदोलन के कारण फिलहाल शंभू सीमा पर ड्यूटी लगाई थी। जानकारी के अनुसार कौशल यमुनानगर के मुस्तफाबाद के पास के गांव का रहने वाला था।

12:34 PM, 20-Feb-2024

पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस

किसानों के दिल्ली कूच को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
 

11:48 AM, 20-Feb-2024

गांवों की सड़कों पर बढ़ने लगी वाहनों की कतार

किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 बंद है। मारकंडा नदी पुल के पास सील किए गए हाईवे पर ढील देने की बजाए सुरक्षा के बंदोबस्त और बढ़ा दिए गए हैं। सरकार के साथ चली किसानों की बैठक में भी कुछ खास सकारात्मक परिणाम न मिलने के चलते सुरक्षा बलों के जवान और अलर्ट हो गए हैं। ऐसे में दिन भर राहगीरों और वाहन चालकों को आसपास के गांवों से निकलने वाले रास्तों से ही जाना पड़ा।

11:37 AM, 20-Feb-2024

होटल व ढाबों का काम ठप, रोजी रोटी पर संकट

हाईवे बंद होने से जहां राहगीरों को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डायवर्ट किए रूटों पर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है वहीं हाईवे के आसपास होटल व ढाबों व अन्य छोटी दुकानों पर कामकाज ठप हो गया है। इससे उनके सामाने रोजी-रोटी चलाने का संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे पर ही नौ गजा पीर पर पूजा अर्चना करने वाले लोगों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाईवे बंद होने से बड़े स्तर पर सब्जी व दुग्ध विक्रेताओं को नुकसान हुआ है। वहीं आसपास के शहरी व ग्रामीण एरिया में भी ये सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है।

11:25 AM, 20-Feb-2024

किसान अंदर खाने कर रहे हैं बड़ी तैयारी

वरिष्ठ किसान नेता लखविंद्र सिंह ने कहा कि बैठक में समझौता न होने से एक बार फिर यह जाहिर हो गया है कि सरकार के मन में खोट है। वह किसानों की मांगों को पूरा करने के मूड में नहीं है, जिसके चलते किसानों ने भी अंदर खाने दिल्ली कूच के लिए बड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यदि 21 फरवरी को भी सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो फिर किसान सरकार की ओर से बॉर्डरों पर की गई सुरक्षा को धता बताते उन्हें उखाड़ फेंकेंगे और दिल्ली कूच करके ही दम लेंगे।

11:10 AM, 20-Feb-2024

बोरियों तथा पानी की बौछार करने की हो रही व्यवस्था

बॉर्डर पर जूट की बोरियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सोमवार को भी एक ट्रॉली भरकर काफी बोरियां लाई गईं। इसके अलावा पानी की बौछार करने के लिए ट्रैक्टरों के पीछे खेतों में स्प्रे का छिड़काव करने वाली टंकियां देखी जा रही हैं। इन बोरियों को गीला करके आंसू गैस के गोलों पर डालकर उनको शांत किया जाता है।

11:00 AM, 20-Feb-2024

लगातार चल रहे लंगर

दातासिंह वाला बॉर्डर पर लगातार लंगर चल रहे हैं। इसमें सभी किसानों के लिए हर समय भोजन तैयार रहता है। सुबह ही सेवादार लंगर बनाने शुरू कर देते हैं, जो देर रात तक चलता रहता है। अब यहां माहौल किसी गुरुद्वारे या घर से कम नहीं है। किसानों को केवल अपनी मांगें पूरी करवाने की चिंता है।

10:45 AM, 20-Feb-2024

किसानों की बॉर्डर पर लगातार बढ़ रही संख्या

दातासिंह वाला बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरियाणा के भी काफी किसान पंजाब की तरफ बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। धीरे-धीरे किसानों का काफिला बढ़ता जा रहा है। इस बार महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है। महिलाएं अपने बच्चों को लेकर मोर्चा संभाल रही हैं।

10:37 AM, 20-Feb-2024

हाईवे की लाइटों से मिल रही बिजली

ट्रॉलियों में आए सैकड़ों किसानों के पास अपने मोबाइल फोन, लाइट आदि जलाने के लिए कई साधन हैं। उन्होंने राजमार्ग पर लगी लाइटों के कनेक्शनों को खोलकर उनसे अपने बिजली के तार जोड़ दिए हैं। इससे उनके बिजली के उपकरण चल पा रहे हैं। वहीं, कहीं पर किसान ट्रैक्टर से बिजली बना रहे हैं। जिस जगह सुबह से लेकर रात्रि तक किसानों का मंच पर संबोधन हो रहा है उस लाउड स्पीकर के लिए बिजली को भी ट्रैक्टर से बनाया जा रहा है। यह ट्रेक्टर दिनभर स्टाॅर्ट रहता है।

10:24 AM, 20-Feb-2024

वार्ता और टकराव दोनों के लिए तैयार

किसान नेता जयसिंह जलबेड़ा ने कहा कि 21 फरवरी को हम दिल्ली कूच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। पहले हमारी कोशिश है कि शांतिपूर्ण वार्ता से हल निकल जाए, अगर हल नहीं निकलता है तो दिल्ली कूच करेंगे। चाहें फिर टकराव में लाठियां और आंसू गैस के गोले ही क्यों न झेलने पड़ जाएं। वहीं हरियाणा में किसानों को काफी सख्ती से सरकार और प्रशासन ने रोक रखा है हम बैरिकेड से आगे बढ़ेंगे ताे हरियाणा के किसान भी हमारे साथ आगे जुड़ जाएंगे।

10:17 AM, 20-Feb-2024

सरकार का फार्मूला किसानों के साथ मजाक

किसान नेता रणजीत राजू ने बताया कि सरकार का एमएसपी से जुड़ा प्रस्ताव किसी काम का नहीं है। वह कह रहे हैं हमारे पास डाटा है और रिकॉर्ड है। अगर किसान धान छोड़कर मक्का, बाजरा या कोई दूसरी फसल बोते हैं तो न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी दिया जाएगा। मगर धान और गेेहूं पंजाब हरियाणा में है। हरियाणा में भी कुछ क्षेत्र में ही धान होता है। मगर जो दूसरे राज्य हैं वह क्या करेंगे। जैसे राजस्थान में हम तो चना, सरसों, गेहूं, ग्वार, बाजरा, ज्वार, अरहर, उड़द और दूसरी फसल बोते हैं, उनका क्या होगा। अब कर्नाटक की तरफ किसान बीज की खेती करता है उसे कैसे इस फार्मूले से एमएसपी मिलेगा। सरकार को सभी किसानों की तरफ देखना होगा। यह फार्मूला तो किसानों के साथ मजाक जैसा है। अभी भी सरकार किसानों को उलझाने का काम कर रही है।

09:49 AM, 20-Feb-2024

सरकार एमएसपी नहीं, खरीद की गारंटी दे रही : डल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी के बदले केंद्रीय मंत्रियों की ओर से जो प्रस्ताव सामने आया है, वह हमारी मांगों की सहमति के मापदंडों पर बहुत दूर है। दरअसल, मंत्रियों ने किसान संगठनों को एमएसपी की नहीं, बल्कि खरीद के कॉन्ट्रैक्ट की गारंटी दी है। यानी करार के तहत सरकार की नोडल एजेंसियों के माध्यम से पांच साल के लिए फसलों की खरीद सुनिनिश्चत की जा रही है। पांच साल के बाद सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर कोई प्लान नहीं है।
 

09:19 AM, 20-Feb-2024

पंजाब के मुख्यमंत्री तीन बार बैठक में हुए शामिल

किसानों की तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और बिजली अधिनियम वापस लेना शामिल हैं। पांच या सात साल के करार से प्रस्ताव से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि इस प्रस्ताव के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खरीद की कोई तय सीमा नहीं होगी। एमएसपी की कानूनी गारंटी पर अब तक केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों के बीच चंडीगढ़ में चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हल नहीं निकल पाया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद तीन बार इस बैठक में शामिल हो चुके हैं।

09:16 AM, 20-Feb-2024

सभी किसान संगठनों के साथ बातचीत की, लेकिन...

इससे पहले रविवार रात को चौथे दौर की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने धान और गेहूं के अलावा पांच अन्य फसलों पर एमएसपी गारंटी का प्रस्ताव पेश किया था। इसके लिए किसानों को भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) और भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से पांच साल का करार करना होगा। डल्लेवाल ने कहा कि वह फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए किसी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। डल्लेवाल ने कहा कि सोमवार को उन्होंने सभी किसान संगठनों के साथ बातचीत की, लेकिन पांच फसलों पर पांच साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट वाले प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पा रही। 

09:13 AM, 20-Feb-2024

Kisan Andolan Live: शंभू बॉर्डर पर ASI की मौत, किसानों के दिल्ली कूच एलान को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा

केंद्र सरकार की ओर से मसूर, उड़द, अरहर (तूर), मक्की और कपास की फसल पर अनुबंध की शर्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का प्रस्ताव किसानों ने नामंजूर कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार शंभू बॉर्डर पर पत्रकार वार्ता में स्पष्ट तौर पर कहा कि केंद्र सरकार करार नहीं, एमएसपी की पूरी कानूनी गारंटी दे। इससे कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। वहीं, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता जारी रखेंगे। 21 फरवरी की सुबह 11 बजे दिल्ली कूच किया जाएगा।
 

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