पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर एक 'लंगर' का आयोजन किया गया है, जहां प्रदर्शनकारी किसानों को सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के गोले से बचाने में मदद करने के लिए चश्मे वितरित किए जा रहे हैं।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने घोषणा की कि पुलिस कार्रवाई में घायल हुए किसानों के इलाज का पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी।
किसानों और केंद्र के बीच गुरुवार को तीसरे दौर की बैठक होगी। राजपुरा बाईपास पर पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र के साथ कल शाम 5 बजे बैठक होगी।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय बुधवार शाम को प्रदर्शनकारी किसान समूहों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे, जिसमें फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी सहित उनकी मांगों पर चर्चा की जाएगी। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। दोनों राज्यों के बीच शंभू सीमा पर पंजाब के किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने की पृष्ठभूमि में प्रदर्शनकारी किसान समूहों के नेताओं के साथ तीन मंत्रियों की बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में उपस्थित किसान संगठनों के नेता
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदर्शनकारी किसान समूहों के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।
पंजाब सरकार वीसी के माध्यम से केंद्र के साथ किसानों की बैठक की सुविधा प्रदान कर रही है। बैठक सात बजे होगी।
शंभू बॉर्डर पर ड्रॉन से डाले जा रहे आंसू गैस के गोले, ड्रोन फंसाने को किसान उड़ा रहे पतंग
वीसी से होगी केंद्र केंद्र के साथ बैठक
किसान नेता शाम 6 बजे पंजाब भवन में पंजाब सरकार के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। पंजाब सरकार वीसी के माध्यम से केंद्र के साथ उनकी बैठक की सुविधा प्रदान कर रही है।
जालंधर में संयुक्त किसान मोर्चा ने वार्ता के दौरान कहा कि गुरुवार को पंजाब के सभी टोल सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक फ्री कर दिए जाएंगे और 16 फरवरी को भारत बंद की कॉल बुलाई गई है।
किसानों की ओर जब ड्रोन आने लगा तो किसानों द्वारा पतंग में ड्रोन फंसाने का प्रयास किया गया। ड्राेन पतंग में आने के बाद हरियाणा पुलिस ड्रोन वापस ले गई।
शंभू बॉर्डर पर किसान ड्रोन को रोकने के लिए पतंग उड़ा रहे हैं।
किसानों के अनुसार, केंद्र की तरफ से मीटिंग की कॉल आई है। इसके बाद किसानों ने शाम तक कूच रोक दिया है। बैठक के नतीजे पर आगे की रणनीति बनेगी।
किसानों के प्रदर्शन के कारण हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्री पंचकूला, बरवाला, दोसड़का, बराड़ा, बबैन, लाडवा, पिपली, कुरुक्षेत्र के रास्ते अथवा पंचकूला, बरवाला, यमुनानगर (एनएच-344) , लाडवा, इंद्री, करनाल होते हुए दिल्ली पहुंचे। इसी प्रकार, दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए करनाल, इंद्री, लाडवा, यमुनानगर (एनएच-344), बरवाला, पंचकूला होते हुए अथवा करनाल, पिपली, लाडवा, बबैन, बराड़ा, दोसड़का, बरवाला, पंचकूला होते हुए अपने गन्तव्य स्थान पर पहुंचे।
हिसार व सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाले यात्री कैथल (152-डी), पेहवा से कुरुक्षेत्र होते हुए बबैन,बराड़ा, दोसड़का, बरवाला होते हुए पंचकूला पहुंच सकते हैं। इसी प्रकार, रेवाड़ी, नारनौल, जींद से आने वाले यात्री कैथल से पेहवा, कुरुक्षेत्र, लाडवा, बबैन, बराड़ा, दोसड़का से पंचकूला पहुंच सकते हैं। किसी भी असहज परिस्थिति में डायल-112 पर संपर्क करें। हरियाणा पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि किसान संगठनों द्वारा दिल्ली कूच की घोषणा को देखते हुए पंजाब जाने के लिए एहतियात के तौर पर रेल मार्ग का उपयोग करें।
जींद के दातासिंह वाला बॉर्डर एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए हैं। पंजाब से आए किसानों ने बॉर्डर को उखाड़ना शुरू कर दिया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। किसानों ने आंसू गैस के गोलों पर पानी की बौछार करनी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने प्लास्टिक की गोलियां चला दी। तीन किसानों को यह गोलियां लग गई। इससे वह जख्मी हो गए। दातासिंह वाला बॉर्डर पर भीड़ लगातार उग्र होती जा रही है। किसान पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस भी बॉर्डर को बचाने का पूरा प्रयास कर रही है। फिलहाल स्थिति काफी खराब है। ट्रैक्टर लेकर किसान आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस लगातार आसू गैस के गोले और प्लास्टिक की गोलियां बरसा रही है।
एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें पता चला है कि अनुराग ठाकुर ने कहा है कि वे बातचीत के लिए और हमारे मुद्दों का समाधान निकालने के लिए तैयार हैं। हम उनके लिए यह कहने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते कि हमने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। हमने अपने साथियों से अनुमति ली और अब हम सरकार के साथ बातचीत करेंगे। हमारी प्राथमिकता यह है कि बातचीत चंडीगढ़ या विरोध स्थल के आसपास कहीं भी हो।
शभू बॉर्डर पर किसानों ने फिर आगे बढ़ने की कोशिश की। किसान आंसू गैस के धुएं को हटाने के लिए बड़े बड़े पंखे चला रहे हैं।
किसानों के दिल्ली चलो विरोध के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर झज्जर के एसपी अर्पित जैन ने कहा कि हमारे जिले में शांति है। हमने एहतियात के तौर पर बैरिकेड्स लगाए हैं... अगर कोई कानून-व्यवस्था का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी...मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह करता हूं।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि एमएसपी की रिपोर्ट 2004 में आ गई थी और तब कांग्रेस की सरकार थी और उन्होंने 10 साल में कुछ क्यों नहीं किया? किसान जिनसे दिल्ली जाकर बातचीत करना चाहते हैं, वो सभी मंत्री और अधिकारी जब चंडीगढ़ आ गए, तो आपने बात नहीं की। इसका मतलब आपका मकसद कुछ और है... मुझे आश्चर्य है कि पंजाब सरकार ने एक नोटिस जारी किया है कि हमारी सीमा में ड्रोन न भेजें...जब किसान अमृतसर से आगे बढ़ने लगे, तो उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं की...काफी पथराव हो रहा है और इसमें हमारे एक डीएसपी और 25 अन्य पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।
भाकियू चढ़ूनी ने आंदोलनरत किसानो की मांगों का समर्थन कर दिया है। चढ़ूनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी द्वारा 15 फरवरी सुबह 11 बजे केंद्रीय कार्यालय चढ़ूनी गांव में संगठन के पदाधिकारियो की आपातकालीन मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार चर्चा की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
वहीं किसान आंदोलन के समर्थन में शिअद ने अपनी पंजाब बचाओ यात्रा रोक दी है। मौजूदा हालात पर 15 को कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है जिसमें किसानों का साथ देने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर किसान जब सुबह रणनीति बना रहे थे तो एक सीआईडी कर्मचारी को उन्होंने बंधक बना लिया। पहले सीआईडी कर्मचारी से पूछा कि वह कौन है तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद किसानों को संदेह हो गया और उसे बंधक बना लिया। इसके बाद पता चला कि यह गढ़ी थाना में कार्यरत सीआईडी कर्मचारी सतेंद्रपाल है। अभी तक किसानों ने उसे छोड़ा नहीं है। किसानों ने आसू गैस के गोलों से निपटने के लिए बोरियों को पानी में भिगो लिया है तथा ट्रैक्टरों पर स्प्रे करने वाली टंकी भी लगाकर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है।
पंजाब की तरफ से किसानों ने बॉर्डर लगाई गई कील उखाड़नी शुरू कर दी हैं। धीरे-धीरे किसान आगे बढ़ रहे हैं।
भाकियू उगराहां ने किसान संगठनों के साथ एकजुटता दिखाने का फैसला लिया है। उगराहां यूनियन, गुरुवार को पंजाब में सात स्थानों पर रेलें रोककर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेगी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की लंबित मांगों को लेकर यूनियन, वीरवार को संगरूर, मानसा, बठिंडा, पटियाला, मोगा, गुरदासपुर में दोपहर बारह से चार बजे तक रेलें रोकेगी।
शंभू बॉर्डर पर किसानों ने आगे बढ़ने के लिए बड़ी तैयारियां कर ली हैं। किसान चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगा रहे हैं ताकि आंसू गैस का प्रभाव कम हो जाए। साथ ही कई किसानों ने बॉडी प्रोटेक्टर भी पहने हैं। जो ट्रैक्टर सबसे आगे चलेंगे उनके सामने लोहे की चादर लगा दी गई है और उन्हें गीली बोरियों से ढक दिया गया है। इसके अलावा मिट्टी उड़ाने की मशीनें भी मंगवाई गई हैं। फिलहाल किसान पीछे हटकर पंतगें उड़ा रहे हैं।
दातासिंह वाला बॉर्डर पर सुबह साढ़े 12 बजे फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। किसानों ने बॉर्डर पर लगी कंटीली तार उखाड़ दी है। इसके साथ ही सड़क पर लगाई गई कीलों को भी उखाड़ दिया है। फिलहाल पुलिस ने कोई विरोध नहीं किया है। बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ पुलिस मुस्तैद है लेकिन किसान पंजाब की तरफ जमा हो रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि किसान संगठनों को ये समझना होगा कि जिस कानून की बात की जा रही है उस कानून के बारे में इस तरीके से कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता जिससे बाद के दिनों में बगैर सोची समझी स्थिति के बारे में लोग आलोचना करें। हमें ये कोशिश करनी चाहिए कि हम इसके सभी पक्षों का ध्यान रखें। किसानों को इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि आम जनजीवन को बाधित न करें, आम जनजीवन किसी तरह से परेशान न हो।
दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पर पंजाब सरकार ने कड़ा एतराज जताया है। सीएम भगवंत मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कहा है कि वह पंजाब के किसानों को दिल्ली जाने दें। उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाना बंद करें। उन्होंने हरियाणा पुलिस के हमले में किसानों के घायल होने पर दुख जताते हुए कहा कि हरियाणा की तरफ से आंसू गैस के गोले पंजाब की सीमा में किसानों पर फेंके गए हैं।
किसानों के विरोध के मद्देनजर सिंघु बॉर्डर पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
शंभू बॉर्डर पर मंगलवार को पुलिस बैरिकेड के पास आ रहे आंदोलनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग देर रात शंभू बॉर्डर पर घायल हुए किसानों का हाल-चाल जानने राजपुरा के सरकारी अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायल किसानों की राहुल गांधी से फोन पर बात कराई। राहुल गांधी ने किसान सेवानिवृत्त हवलदार गुरमीत सिंह से उनकी चोट के बारे में जाना।
दातासिंह वाला बॉर्डर पर सुबह 11 बजे फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पंजाब की तरफ से किसानों ने बॉर्डर पर लगाई गई कील उखाड़नी शुरू कर दी हैं। धीरे-धीरे किसान आगे बढ़ रहे हैं। बुजुर्ग किसान युवाओं से अपील कर रहे हैं कि उनको पुलिस पर पत्थरबाजी नहीं करनी है, वह शांतिपूर्वक तरीके से बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ेंगे। यदि पुलिस आंसू गैस के गोले या पानी की बौछार बरसाती है तो उसका सामना करना है, वापस जवाब नहीं देना है। सुबह 10 बजे तक सभी किसानों ने खाना खाया और साढ़े दस बजे के आसपास बॉर्डर की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है। फिलहाल कील उखाड़ते समय पुलिस ने कोई विरोध नहीं किया है।
पटियाला के डीसी ने अंबाला डीसी को पंजाब के क्षेत्र के अंदर ड्रोन नहीं भेजने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने इस बारे में अंबाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी बता दिया है। अंबाला अधिकारियों के साथ मामला उठाने के बाद, उन्होंने अब सीमा पर ड्रोन की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने अस्पतालों का दौरा किया। वे किसान आंदोलन में घायल किसानों से मिले। मंत्री किसानों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बॉर्डर पर एंबुलेंस को तैनात किया था। इसके साथ ही संगरूर, पटियाला, डेराबस्सी, मानसा और बठिंडा के अस्पतालों को अलर्ट किया गया था।
हांसी और हिसार के किसान नेता खनोरी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। किसान नेता कुलदीप खरड़ ने बताया कि अभी सारे किसान शंभू बॉर्डर पहुंच रहे हैं।
किसानों के दिल्ली कूच के आह़्वान के तहत अब हरियाणा के किसानों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। इसके तहत आज किसान कैथल से खनौरी बॉर्डर की ओर बढ़ सकते हैं। ये किसान जींद जिले के नरवाना के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर पहुंच सकते हैं। इन किसानों ने जिले के कई गांवों में बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया है। ऐसे में यह किसान खनौरी मार्ग पर स्थित संगतपुरा बॉर्डर पर बढ़ सकते हैं। धन्ना भगत भाकियू की ओर से अधिक से अधिक किसानों का दात्ता सिंह वाला बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।
शंभू बॉर्डर पर पंजाब के हजारों किसान डटे हुए हैं
सर्वजातीय खाप के राष्ट्रीय संयोजक व भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी टेकराम कंडेला ने कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की एमएसपी का सभी फसलों पर कानूनी दर्जा दिया जाए और कृषि के लिए स्वामीनाथन की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू किया जाए। किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सभी के कर्ज माफ किए जाएं। कंडेला ने किसान आंदोलन पर बोलते हुए कहा है कि किसानों को शांतिपूर्ण आंदोलन करने से रोका जा रहा है। लोकतंत्र में आंदोलन करने का सबको अधिकार है। कंडेला ने कहा है कि अगर किसानों के साथ किसी प्रकार का कोई अन्याय होता है तो सर्वखाप व किसान संगठन किसानों के साथ है।
दाता सिंह वाला बॉर्डर पर रात लगभग 11 बजे किसानों ने बैठक करके सुबह दस बजे बॉर्डर क्रॉस करने की रणनीति बनाई। पुलिस ने भी अपने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की तरफ से दिल्ली कूच के आह्वान के बाद मंगलवार दोपहर बाद से कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से बंद किया गया है। दिल्ली पुलिस व अद्र्धसैनिक बल के जवान मुस्तैद है। भारी वाहनों को केएमपी-केजीपी जीरो प्वाइंट पर से वाया लोनी बॉर्डर दिल्ली व वाया गुरुग्राम भेजा जा रहा है। नेशनल हाईवे पर बने फ्लाईओवर पर लोहे के कंटेनर मिट्टी भरकर रखे गए हैं। साथ ही भारी संख्या में लोहे व पत्थर के बैरिकेड लगाए गए हैं। फ्लाईओवर पर कंटीले तार, फिर सीमेंट के बड़े बैरिकेड लगाकर कंक्रीट भरी गई है। एक दर्जन से अधिक लोहे के कंटेनर मिट्टी भरकर रखे गए हैं। सीसीटीवी लगाकर निगरानी के साथ ही चार वॉटर कैनन, दो वज्र वाहन खड़े किए गए हैं। अर्द्धसैनिक बल की तीन कंपनी सोनीपत के कुंडली व 12 कंपनी दिल्ली के सिंघु क्षेत्र में लगाई गई है। हाईवे पर 10 लेयर टायर किलर बिछाए गए हैं। वाहनों को गांवों के अंदर से होते हुए अन्य स्टेट व नेशनल हाईवे से निकाला जा रहा है। छोटे वाहनों को कुंडली से जांटी कलां और सिंघु गांव भेजा जा रहा है। उद्योगपति व फैक्टरी कर्मी परेशान है। हरियाणा से दिल्ली जाने वाले नौकरी पेशा भी संपर्क मार्गों से दो से तीन गुणा समय लगाकर कार्यालय पहुंच रहे हैं।
खनौरी में खेतों में पानी छोड़ा गया है, ताकि किसान खेतों के रास्ते आगे न बढ़ सकें।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने हरियाणा सरकार से अपील की कि वह पंजाब के किसानों पर लाठीचार्ज न करें और उन पर आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई में कई किसान घायल हुए हैं जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वह किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
पंजाब सरकार ने हरियाणा सीमा के साथ लगते अपने सभी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि घायल हुए किसानों का इलाज शुरू किया जा सके। मान सरकार ने संगरूर, पटियाला, डेराबस्सी, मानसा और बठिंडा के अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा पुलिस ने दावा करते हुए कहा कि पंजाब से लगते शंभू बॉर्डर (अंबाला) और दाता सिंह बॉर्डर (खनौरी - जींद) में धारा -144 लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों पर भारी पथराव किया गया इसके बावजूद पुलिस की ओर से संयम बरता गया। पथराव के दौरान 24 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई। इन पुलिसकर्मियों में 15 पुलिसकर्मी (डीएसपी व अन्य रैंक) शंभू बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान घायल हुए जबकि 9 पुलिसकर्मी दाता सिंह बॉर्डर जींद में घायल हुए।
किसानों के दिल्ली कूच के एलान के पहले दिन मंगलवार को खूब हंगामा हुआ। किसानों ने शंभू बॉर्डर पार करने का प्रयास किया तो रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां दागी। इस दौरान अंबाला कैंट के डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी और किसान घायल हो गए थे।
आंदोलन से जुड़ी अफवाह न फैलें इसके लिए सात जिलों में इंटरनेट पर रोक लगाई गई है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए बीएसएफ की भी तैनाती की गई है। आंदोलन को लेकर हरियाणा अलर्ट पर है। मंगलवार को दिन भर पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष चला था।
पंजाब के हजारों किसान आज दोबारा दिल्ली कूच करेंगे। उन्हें रोकने के लिए हरियाणा के सभी बॉर्डर पर पुलिस मुस्तैद है। किसान संगठनों के दिल्ली कूच करने के बाद पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर लगते हरियाणा के सात जिलों में इंटनेट सेवाएं 15 फरवरी तक बाधित रहेंगी।