चंडीगढ़ मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने बताया कि चुनाव में कुल 36 वोट पड़े। जब हम मतपत्र जारी कर रहे थे, तो कुछ आप और कांग्रेस पार्षद चिंतित थे कि कागजात पर धब्बे और निशान थे। इसलिए उन्होंने मुझसे लगभग 11 मतपत्र बदलने के लिए कहा। मैंने उनके अनुरोध का सम्मान किया और विचाराधीन मतपत्रों को एक तरफ रख दिया और उन्हें नए मतपत्र जारी किए।
बीजेपी उम्मीदवार मनोज सोनकर को 16 वोट मिले और आप उम्मीदवार कुलदीप को 12 वोट मिले, 8 वोट अवैध थे। मैंने आप-कांग्रेस उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट से बैलेट पेपर की जांच करने के लिए कहा, लेकिन ऐसा करने के बजाय आप और कुछ कांग्रेस पार्षद प्रक्रिया को बाधित करने के लिए मेज पर कूद पड़े, मतपत्रों पर कब्जा कर लिया और उन्हें फाड़ दिया...आप और कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश रची।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अगर 2024 में बीजेपी जीतती है तो देश में कोई संविधान या चुनाव नहीं होगा...अगर 20 वोट वाली पार्टी के 8 वोट अवैध घोषित कर दिए जाते हैं, तो निर्विरोध विजेता घोषित करना बेहतर होता।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी तरफ के सभी 16 लोग वोट देना जानते हैं और हमारी तरफ के आठ लोग वोट देना ही नहीं जानते! लोकतंत्र आज 'लूट' गया। अनिल मसीह भाजपा अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख हैं। उन्होंने अपने पदाधिकारी को पीठासीन अधिकारी बना दिया। 18 जनवरी को उन्होंने कहा कि उनकी रीढ़ की हड्डी में समस्या है इसलिए वह चुनाव के लिए नहीं आ सकते। आज मुझे पता चला कि वह बिल्कुल सही है। दरअसल, उनके पास रीढ़ ही नहीं थी। वह रीढ़विहीन हैं। अगर उनके पास रीढ़ होती, तो उन्होंने वोटों की ठीक से गिनती की होती।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि जब कांग्रेस और आप मेयर चुनाव के लिए एक साथ आए, तो इंडिया गठबंधन के लिए बहुत क्रेज था। इसके बाद पिछले दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि पंजाब में इंडिया गठबंधन नहीं होगा और आप अकेले चुनाव लड़ेगी। अगर मुख्यमंत्री इस तरह कांग्रेस का अपमान करेंगे तो उनकी प्रतिक्रिया भी स्वाभाविक है...कुछ पार्षदों ने अपने वोट अमान्य कर दिए।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज का दिन हमारे देश के लोकतंत्र में 'काले दिन' के रूप में लिखा और याद किया जाएगा। दुर्भाग्य से, यह वही महीना है जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं। आज संविधान की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। जिस तरह से चंडीगढ़ मेयर चुनाव को मीडिया के सामने, कैमरे के सामने भाजपा ने 'लूट' लिया। इसके पहले उन्होंने मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसा किया था। तो ये उनकी पुरानी आदत है।
भाजपा उम्मीदवार राजिंदर कुमार डिप्टी मेयर चुने गए। आप और कांग्रेस पार्षदों ने वोट डालने से इनकार कर दिया था।
राघव चड्ढा ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान हमने जो कुछ भी देखा वह न केवल असांविधानिक है बल्कि देशद्रोह है... चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हमने जो अवैधता देखी उसे केवल देशद्रोह ही कहा जा सकता है।
राघव चड्ढा ने कहा कि मेयर चुनाव में पहली बार 36 में से 8 वोट अवैध घोषित किए गए। कांग्रेस और आप गठबंधन को 20 वोट मिलने थे। हमें 12 वोट मिले और 8 वोट अवैध घोषित किए गए। भाजपा का एक भी वोट अवैध घोषित नहीं किया गया।
भाजपा की जीत के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने तत्काल हाईकोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा कि यह चुनाव गलत है। उनके 8 वोट अमान्य करार दे दिए गए और इसका कोई कारण तक नहीं बताया गया। कुलदीप कुमार की तरफ से सीनियर एडवोकेट गुरमिंदर सिंह ने दोपहर सवा दो बजे हाईकोर्ट से आग्रह किया कि उनकी इस याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए और इस चुनाव का रिकॉर्ड सील किया जाए, यह सीधे तौर पर लोकतंत्र ही हत्या है। लेकिन हाईकोर्ट ने आज इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और बुधवार सुबह इस याचिका पर सुनवाई किया जाना तय कर दिया है।
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की जीत पर कहा कि भाजपा की जीत से इंडी गठबंधन की हवा निकली।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा चंडीगढ़ के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल के साथ दोपहर 2:30 बजे पंजाब राज भवन जाएंगे और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से चंडीगढ़ मेयर चुनाव की चुनावी प्रक्रिया में नियमों की हुई अनदेखी को लेकर मुलाकात करेंगे।
हार से नाराज आप पार्षद प्रेमलता ने कहा कि हम हाई कोर्ट जाएंगे। आज बीजेपी ने धोखे से जीत हासिल की है। मेरे हाथ से बैलेट छीन लिया गया। किरण खेर लगातार इशारा कर रही थीं। आठ वोट अवैध कैसे हो सकते हैं?"
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दिन दहाड़े जिस तरह से बेईमानी की गई है, वो बेहद चिंताजनक है। यदि एक मेयर चुनाव में ये लोग इतना गिर सकते हैं तो देश के चुनाव में तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये बेहद चिंताजनक है।
पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह पर कई वोटों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। कांग्रेस और आप पार्षदों की तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं कि अनिल मसीह वीडियो में कई वोटों पर पेन चलाते हुए नजर आए हैं। वीडियो में भी इसके सबूत हैं। सदन में काफी हंगामा चल रहा है।
भाजपा के मनोज सोनकर को मेयर घोषित कर दिया गया है।
भाजपा को 16 वोट मिले हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार आप और कांग्रेस को 12 वोट मिले हैं। आठ वोट अमान्य हैं।
वोटों की गिनती शुरू हो गई है।
वोटिंग पूरी होने के बाद अब वोटिंग एजेंट के सामने बैलेट बॉक्स खोलने को लेकर हंगामा शुरू हो गया है।
अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने भी वोट डाला है, जबकि उन्होंने दावा किया था कि अगर मेयर चुनाव में नोटा का विकल्प नहीं होगा तो वह बहिष्कार करेंगे। यह देखना होगा कि अकाली पार्षद ने भाजपा को वोट दिया है या कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के गठबंधन को।
मेयर पद के लिए सभी 35 वार्ड के पार्षदों ने अपने वोट डाल दिए हैं। आखिरी वोट वार्ड नंबर-35 के भाजपा पार्षद राजेंद्र शर्मा ने दिया। अब कुछ ही मिनट में वोटों की गिनती होगी और पीठासीन अधिकारी की तरफ से मेयर के नाम की घोषणा होगी।
वार्ड नंबर-26 तक वोटिंग हो चुकी है। चंडीगढ़ में 35 वार्ड हैं। इसके बाद मेयर पद के लिए वोटों की गिनती की जाएगी। जो भी मेयर बनेगा, वह सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए चुनाव कराएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन बंसल ने कहा है कि मेयर चुनाव में गठबंधन की जीत के बाद भाजपा की उल्टी गिनती शुरू होगी। इंडिया गठबंधन की यह पहली चुनावी जंग है, जहां से भाजपा की हार की शुरुआत होगी और यही वजह है कि भाजपा साम-दाम-दंड-भेद अपनाकर इस मेयर चुनाव को जीतना चाहती है।
गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती क्रॉस वोटिंग को रोकना रहेगा। भाजपा के पास 15 वोट हैं। भाजपा की नजर गठबंधन के पार्षदों की वोट क्रॉस कराने पर है। गठबंधन के तीन पार्षदों ने अगर वोट क्रॉस किया तो खेल बिगड़ सकता है। इसके अलावा वोट डैमेज घोषित होने से भी चुनाव के नतीजों पर प्रभाव पड़ता है।
डैमेज वोट की गिनती नहीं की जाती और उसे इनवैलिड (अयोग्य) करार दे दिया जाता है। क्रॉस वोटिंग और डैमेज वोट जैसे कारणों से पर्याप्त बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा कई बार बाजी मार चुकी है।
नगर निगम में मंगलवार को मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवारों के लिए चुनाव होगा। भाजपा ने सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर कुलजीत सिंह संधू और डिप्टी मेयर के पद पर राजेंद्र शर्मा को उतारा है। वहीं, गठबंधन ने सीनियर डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी और डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस की निर्मला देवी को प्रत्याशी बनाया है।
पार्टी मेयर सीनियर डिप्टी मेयर डिप्टी मेयर
गठबंधन (आप+कांग्रेस) कुलदीप टीटा गुरप्रीत सिंह गाबी निर्मला देवी
भाजपा मनोज सोनकर कुलजीत सिंह संधू राजिंदर शर्मा
वर्तमान में वोट का गणित
गठबंधन (आम आदमी पार्टी+कांग्रेस): 20 (13+7)
भाजपाः 14 पार्षद + एक सांसद
अकाली दल : 1
सांसद किरण खेर ने मेयर के पद के लिए पहला वोट दे दिया है। इसके साथ ही वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। वार्ड वाइज वोटिंग होगी और मेयर चुनाव के लिए करीब एक घंटे का समय रखा गया है।
इसके अलावा यहां पर जो भी वोटिंग होगी, उसे सील करके प्रशासन के ट्रेजररी ऑफिस में एक साल तक के लिए रखा जाएगा। यह बैलेट पेपर अगले मेयर चुनाव तक के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं या अगर इस बीच कोई इलेक्शन पीटीशन अदालत में दायर होती है तो उसे केस का फैसला आने तक यह बैलेट पेपर सुरक्षित रखे जाते हैं। इसके अलावा संतुष्टि के लिए अगर कोई पार्षद चाहे तो बैलेट बॉक्स की सील पर अपने हस्ताक्षर भी कर सकता है।
अभी तक वोटिंग शुरू नहीं हुई है। पार्षदों ने बैलेट बॉक्स से लेकर वोटिंग कंपार्टमेंट और पेन से लेकर स्टांप के दोनों तरफ भी चेक किया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
डीसी विनय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि पूरे चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है। अगर कोई भी पार्षद वीडियोग्राफी की कॉपी की मांग करेगा तो उसे मुहैया कराया जाएगा।
नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर की तरफ से बैलेट पेपर की जानकारी दी जा रही है, ताकि पार्षदों की तरफ से वोट देते वक्त कोई गलती न हो।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को सुबह 10 बजे चुनाव कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक कुछ भाजपा पार्षद विधानसभा हॉल में नहीं पहुंचे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सभी पार्षद अभी तक सदन में नहीं पहुंचे हैं। कुछ पहुंच गए है, बाकियों का इंतजार किया जा रहा है। डीसी भी अभी सदन में मौजूद नहीं हैं।
गठबंधन के मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप टीटा हैं तो भाजपा ने मनोज सोनकर को मैदान में उतारा है। मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का भी चुनाव होगा।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षद नगर निगम कार्यालय पहुंच गए हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही आम आदमी पार्टी के पार्षद रोपड़ के कीकर रिजॉर्ट में थे। कांग्रेस के पार्षद भी बाहर थे। कोई भी अपने पार्षदों को टूटने नहीं देना चाहता इसलिए चुनाव के लिए सभी पुलिस सुरक्षा में सीधे नगर निगम पहुंचे।
चुनाव के लिए नगर निगम ने सोमवार को मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया। सुबह 10 बजे तक सभी पार्षदों को अपनी-अपनी सीट पर बैठना होगा। इसके बाद 10:02 बजे नगर निगम के संयुक्त आयुक्त चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को आमंत्रित करेंगे और फिर उनकी निगरानी में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे पहले राष्ट्रगान गाया जाएगा। इसके बाद पीठासीन अधिकारी के आदेश पर मेयर चुनाव के लिए मतदान होंगे। सभी 35 पार्षद और सांसद किरण खेर चुनाव के लिए बारी-बारी से वोट करेंगे। मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से होगा। जो भी मेयर बनेगा, उसे संयुक्त आयुक्त द्वारा मेयर की सीट पर बिठाया जाएगा और इसके बाद वह सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराएंगे।
गठबंधन के पास जीत के आंकड़े हैं, लेकिन भाजपा का दावा है कि मेयर उनका बनेगा। पिछली बार हुए हंगामे को देखते हुए निगम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यालय के आसपास जाने पर रोक रहेगी। पहली बार सदन की गैलरी में भी अधिकारी व मीडिया को मंजूरी नहीं होगी। मनोनीत पार्षदों को मंजूरी होगी या नहीं, इस पर भी संशय है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर आज चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे। सीधा मुकाबला कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के गठबंधन और भाजपा के बीच है।