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Share Market: एग्जिट पोल के बाद निवेशकों ने कमाया; आज गंवाया, सेंसेक्स-निफ्टी छह फीसदी टूटे

Tue, 04 Jun 2024 07:56 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

नमस्कार, अमर उजाला पर शेयर बाजार से जुड़े लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज चार जून है।  लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। अब तक के परिणामों में एनडीए एग्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक सीटें जीतने में सफल होती नहीं दिख रही। इस बीच शेयर बाजार में हाहाकार दिखा और सेंसेक्स और निफ्टी लगभग छह-छह प्रतिशत टूटकर बंद हुए। मंगलवार को सेंसेक्स 4,389.73 (5.74%) अंक टूटकर 72,079.05 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 1,379.41 (5.93%) अंक टूटकर 21,884.50 के स्तर पर पहुंच गया। नतीजा यह रहा कि एग्जिट पोल के बाद निवेशकों को जो कमाई हाथ लगी उन्होंने एक दिन में ही गंवा दी। 
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शेयर बाजार लाइव - फोटो : amarujala.com
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लाइव अपडेट

07:54 PM, 04-Jun-2024

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04:53 PM, 04-Jun-2024

रुपया 0.47% फिसलकर 83.53 रुपये पर बंद हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीद से कम सीटें हासिल करने के संकेत मिलने के बाद मंगलवार को भारतीय रुपये में गिरावट आई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.47% फिसलकर 83.53 पर बंद हुआ। यह पिछले साल फरवरी के बाद से प्रतिशत में रुपये की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट रही।

04:21 PM, 04-Jun-2024

निफ्टी के सबसे अधिक बढ़त और नुकसान वाले शेयर रहे

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04:15 PM, 04-Jun-2024

सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, एनटीपीसी 15% टूटा

04:12 PM, 04-Jun-2024

अप्रत्याशित चुनावी नतीजों से फिसला बाजार 

आम चुनाव के अप्रत्याशित नतीजे ने घरेलू बाजार में बिकवाली के डर की लहर पैदा कर दी, जिससे हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी कमजोरी में बदल गई। इसके बावजूद, बाजार ने प्रमुख चुनाव विजेता के रूप में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से स्थिरता की अपनी उम्मीद को बरकरार रखा है। जिससे निचले स्तरों से बाजार संभलने में सफल रहा। मध्यम अवधि में पर्याप्त गिरावट से सामाजिक अर्थशास्त्र पर ध्यान केंद्रित करने राजनीतिक फैसलों में एक बड़ा बदलाव आने की संभावना है, इसका ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पिछले पांच वर्षों में शीर्ष पर रहे बिजली, पूंजीगत वस्तुओं, रियल एस्टेट और उद्योगों के निवेशकों को निकट अवधि सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, फिर भी, इन क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक विकास संभावनाएं मजबूत बनी रहेंगी।
-विनोद नायर, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख

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03:53 PM, 04-Jun-2024

सेंसेक्स और निफ्टी लगभग छह-छह प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, एसबीआई के शेयर 20% टूटे

चुनाव परिणामों के बीच घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को भारी बिकवाली के बाद लगभग छह-छह प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। मंगलवार को जहां सेंसेक्स 4,389.73 (5.74%) अंक टूटकर 72,079.05 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 1,379.41 (5.93%) अंक टूटकर 21,884.50 के स्तर पर पहुंच गया। मंगलवार को सेंसेक्स एक समय पर 6100 अंकों से अधिक फिसल गया था। निफ्टी में भी लगभग 1600 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी चुनावी नतीजों के दिन लगभग 5000 अंक टूट गया। पीएसयू बैँक एसबीआई के शेयरों में 20% तक की गिरावट दिखी। एसबीआई के निवेशकों को करीब एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर 10% तक की गिरावट दिखी वहीं इसके निवेशकों को 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

03:38 PM, 04-Jun-2024

सेंसेक्स 4389 अंक टूटकर बंद हुआ, निफ्टी में 1379 अंकों की गिराव

सेंसेक्स की क्लोजिंग
72,079.05
-4,389.73 (-5.74%)
निफ्टी की क्लोजिंग
21,884.50
-1,379.41 (-5.93%)

03:32 PM, 04-Jun-2024

रिलायंस के निवेशकों को 1.67 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

आम चुनाव के नतीजों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के निवेशकों को 1.67 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया क्योंकि कंपनी के शेयर आज बीएसई पर 9.6% गिर गए। मतगणना के अनुमानों से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन उतनी सीटें नहीं जीत रहा जितने का अनुमान एग्जिट पोल में लगाया गया था। आरआईएल के शेयर 3 जून को 3,029 रुपये के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचे थे। जब कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 20.44 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वर्तमान में यह 18.50 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

03:23 PM, 04-Jun-2024

बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में बड़ी गिरावट, एसबीआई के शेयर 14% टूटे, निवेशकों को 1 लाख करोड़ का नुकसान

02:08 PM, 04-Jun-2024

अदाणी समूह के निवेशकों को 3 लाख करोड़ का झटका

चुनाव परिणामों के दिन शेयर बाजार में मची हाय-तौबा के बीच अदाणी समूह के 10 सूचीबद्ध शेयरों में भी बड़ी गिरावट दिखी। लोकसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती से पता चला कि पीएम मोदी एग्जिट पोल में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं जीत सकते हैं। अंबुजा सीमेंट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी ग्रीन, एनडीटीवी, एसीसी, अडानी टोटल गैस और अदाणी गैस के शेयर 18% से 12% तक फिसल गए। अदाणी के सभी 10 शेयरों का कुल बाजार पूंजीकरण मंगलवार को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये गिर गया।

12:54 PM, 04-Jun-2024

निफ्टी ने 2024 की पूरी बढ़त गंवाई

चुनाव परिणामों में एनडीए के अपेक्षा से कमजोर परिणाम रहने के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी ने साल 2024 में अब तक हासिल अपनी पूरी बढ़त गंवा दी है। अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, ओएनजीसी, एनटीपीसी और कोल इंडिया के शेयर निफ्टी के टॉप लूजर्स हैं।

11:27 AM, 04-Jun-2024

आम चुनाव परिणामों के दिन बाजार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, निवेशकों को 36 लाख करोड़ का झटका

शेयर बाजार में चुनाव परिणामों के दिन की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई है। एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर के बीच सेंसेक्स पहली बार चुनाव परिणाम के दिन 6000 अंकों से अधिक फिसल गया।शेयर बाजार में चुनावी नतीजों के बीच हाहाकार दिख रहा है। दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर सेंसेक्स 5188.93 (6.79%) अंकों की गिरावट के साथ 71,279.85 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर निफ्टी 1,627.10 (6.99%) अंक फिसल कर 21,636.80 पर कारोबार करता दिखा। बीएसई पर सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 36.3 लाख करोड़ रुपये घटकर 425.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पूर्व अब तक बाजार में लोकसभा चुनाव परिणाम के दिन इतनी बड़ी गिरावट नहीं आई थी। पिछले आम चुनावों में परिणाम के बाद सेंसेक्स का क्या हाल रहा था नीचे चार्ट में देखें।

पिछले आम चुनावों में कैसी रही शेयर बाजार की चाल

लोकसभा चुनाव 1999 के नतीजों के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.24% की गिरावट आई थी। 1999 में एनडीए की जीत हुई थी और अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री बने थे। दूसरी ओर, 2004 के आम चुनावों के परिणाम के दिन सेंसेक्स में 11.10% की गिरावट दर्ज की गई थी। तब एनडीए को हार का सामना करना पड़ा था यूपीए सरकार की ताजपोशी हुई थी। मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे।

हालांकि, 2009 में चुनाव परिणाम के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 17% से अधिक की उछाल आई थी। 2009 में यूपीए सरकार की सत्ता में वापसी हुई थी। 2014 में चुनाव परिणाम के दिन बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब-करीब 0.90% मजबूत हुए थे। 2014 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को जीत मिली थी और नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन 2019 के आम चुनाव परिणामों के दिन शेयर बाजार में करीब 0.76% की गिरावट दर्ज की गई थी। 2019 में एनडीए की सत्ता में वापसी हुई थी और नरेंद्र मोदी दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने थे। 

1999 से 2019 तक आम चुनाव नतीजों के दिन कैसी रही बाजार की चाल

आम चुनाव   परिणाम के दिन बाजार का हाल
1999           शेयर बाजार फिसला
2004           शेयर बाजार फिसला
2009           शेयर बाजार मजबूत हुआ
2014           शेयर बाजार मजबूत हुआ
2019           शेयर बाजार में गिरावट आई

11:21 AM, 04-Jun-2024

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 21.5 लाख करोड़ रुपये घटा

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 21.5 लाख करोड़ रुपये घटकर 404.42 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 

11:13 AM, 04-Jun-2024

बाजार में हाहाकार, सेंसेंक्स 4000 अंक फिसला; निफ्टी 1200 अंक टूटा, निवेशकों को 18 लाख करोड़ का चूना

10:44 AM, 04-Jun-2024

एनटीपीसी, एसबीआई और पावर ग्रिड के शेयरों में गिरावट 

सेंसेक्स में एनटीपीसी 6.16 प्रतिशत, एसबीआई 5.94 प्रतिशत और पावर ग्रिड 5.85 प्रतिशत तक टूटे। वहीं लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फिनसर्व और रिलायंस इंडस्ट्रीज 5 फीसदी तक गिर गए। अदाणी समूह के शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 9.62 प्रतिशत टूटकर 3,295.10 रुपये पर आ गया। अदाणी पोर्ट्स का शेयर 8.91 प्रतिशत गिरकर 1,443.80 रुपये पर पहुंच गया। अदाणी पोर्ट्स का शेयर 8.91 फीसदी टूटकर 797 रुपये पर पहुंच गया। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस 10-11 फीसदी गिर गए।

10:33 AM, 04-Jun-2024

आम चुनाव के वोटों की गिनती के बीच अदाणी समूह के शेयर 8% तक फिसले

लोकसभा चुनाव की मतगणना के बीच मंगलवार को अदाणी समूह की सभी 10 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह की प्रमुख इकाई अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 8% की गिरावट दिखी।

10:14 AM, 04-Jun-2024

निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे

10:08 AM, 04-Jun-2024

सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिख रहे

09:43 AM, 04-Jun-2024

शेयर बाजार खुलने के शुरुआती 15 मिनट में ही 9 लाख करोड़ रुपये हुए स्वाहा

लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले निवेशकों की ओर से जोखिम से बचने का रुख अपनाने के बीच सेंसेक्स मंगलवार को 1,600 अंक से अधिक की गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:20 बजे तक, बीएसई सेंसेक्स 2,800 अंक या 3.66% की गिरावट के साथ 73,669.28 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी50 809 अंक या 3.6% नीचे 22,409 पर कारोबार करता दिखा। उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 20% उछलकर 25 के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, बीएसई पर सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण महज शुरुआती 15 मिनट के दौरान 8.78 लाख करोड़ रुपये घटकर 417.13 लाख करोड़ रुपये रह गया।

09:33 AM, 04-Jun-2024

वोटों की गिनती के बीच औंधे मुंह गिरा बाजार; सेंसेक्स 2800 अंक टूटा, निफ्टी 22450 से फिसला

आम चुनाव में वोटों की गिनती के बीच जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वे शेयर बाजार को फिलहाल रास नहीं आ रहे हैं। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,784.50 (-3.64%) अंक टूट गया  और 74,271.89 पर कारोबार करता दिख रहा है।  वहीं दूसरी ओर निफ्टी 838.41 (-3.60%) अंक फिसलकर 22,425.50 पर पहुंच गया। एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर के बीच शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स तेजी से नीचे फिसल रहे हैं।

09:24 AM, 04-Jun-2024

एनडीए और इंडी गठबंधन में कांटे की टक्कर के बीच फिसला बाजार; सेंसेक्स 1600 अंक टूटा

लोकसभा चुनाव परिणामों में एनडीए और इंडी गठबंधन में कांटे की टक्कर के बीच शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिख रही है। मतगणना के बीच सेंसेक्स 1,624.50 (-2.12%) अंक फिसल गए हैं और 74,458.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 563.06 (-2.42%) अंक टूटकर 22,700.85 पर पहुंच गया।

08:40 AM, 04-Jun-2024

अब तक के चुनावों का सेंसेक्स पर असर

08:38 AM, 04-Jun-2024

2019 में चुनावों के बाद पहली बार 40,000 पार पहुंचा, फिर फिसला सेंसेक्स

जनवरी 2019 की शुरुआत में सेंसेक्स 36,068 अंकों के आसपास था। जनवरी और फरवरी के दौरान, बाजार में हल्का उतार-चढ़ाव दिखा। इस दौरान बाजार घरेलू और वैश्विक आर्थिक कारकों से प्रभावित दिखा। ये चिंताएं आर्थिक विकास की धीमी गति और व्यापारिक तनाव से जुड़ी थीं। फरवरी 2019 के अंत तक सेंसेक्स बढ़कर 36,063 अंक पर पहुंच गया। यह यह साफ हो गया था कि चुनाव से पहले निवेशक फिर सर्तकता बरतने लगे थे। उसके बाद मार्च महीने में सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़नी शुरू की। एक स्थिर सरकार आने की उम्मीदें पुख्ता होने लगी थीं। बालाकोट हवाई हमला 26 फरवरी 2019 को हुआ था। उसके बाद 29 मार्च 2019 को सेंसेक्स लगभग 38,673 अंकों पर बंद हुआ। यह चुनाव से पहले एक मजबूत रैली थी। अप्रैल की शुरुआत में भी सेंसेक्स में तेजी का सिलसिला जारी रहा। 1 अप्रैल 2019 को सेंसेक्स करीब 38,871 प्वाइंट्स पर करोबार करता दिखा। 10 अप्रैल तक वोटिंग शुरू होने से ठीक पहले सेंसेक्स करीब 38,585 अंक पर पहुंच गया।

मतदान के दौरान और बाद में क्या हुआ?

मतदान की अवधि में (अप्रैल-मई महीने में) सेंसेक्स में बड़ा उतार-चढ़ाव दिखा। 11 अप्रैल 2019 को वोटिंग के पहले दिन सेंसेक्स 38,607 के आसपास कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स ने मतदान अवधि के दौरान विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों और राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद  लचीलापन दिखाया। 17 मई 2019 तक यानी चुनाव नतीजों से ठीक पहले सेंसेक्स करीब 37,930 अंक पर बंद हुआ। चुनाव परिणाम 23 मई, 2019 को घोषित किए गए। चुनाव परिणामों ने एक बार फिर भाजपा और एनडीए की निर्णायक जीत की पुष्टि की। चुनाव परिणाम के दिन 23 मई को सेंसेक्स 623 अंकों की तेजी के साथ करीब 38,989 अंकों पर बंद हुआ। चुनाव परिणाम के बाद जून 2019 में सेंसेक्स ने पहली बार 40,000 का आंकड़ा छुआ। इस शुरुआती उछाल के बाद, सेंसेक्स में कुछ उतार-चढ़ाव दिखा। अक्टूबर 2019 में सेंसेक्स गिरकर 34,500 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट धीमी जीडीपी, आईएलएंडएफएस के पतन, राजकोषीय घाटे की चिंताओं, चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव और बैंकों के बढ़ते एनपीए के कारण आई। उसके बाद अक्टूबर और दिसंबर 2019 के बीच बाजार को मजबूती मिलनी शुरू हुई। दिसंबर 2019 में सेंसेक्स 41,600 के स्तर के अपने नए उच्चतम स्तर तक पहुंचा।

08:38 AM, 04-Jun-2024

पीएम मोदी ने शपथ ली और सेंसेक्स पहली बार 25000 के पार पहुंचा

जनवरी 2014 की शुरुआत में सेंसेक्स 21,140 अंकों के आसपास था। जनवरी और मार्च के बीच, सेंसेक्स में मामूली उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन अपेक्षाकृत यह स्थिर रहा। आम चुनावों से पहले निवेशक सर्तकता बरतते हुए नजर आ रहे थे। मार्च 2014 के अंत तक, सेंसेक्स लगभग 22,386 अंकों तक पहुंच गया था। बाजार पर संभावित परिणाम और आर्थिक सुधारों की अपेक्षाओं से जुड़ा आशावाद हावी। निवेशकों को लगने लगा था कि नई सरकार और नए आर्थिक सुधार अब दूर नहीं। अप्रैल 2014 (चुनाव पूर्व अवधि) में, जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आईं, सेंसेक्स में अस्थिरता बढ़ गई। मतदान शुरू होने से पहले सेंसेक्स औसतन 21,700 के स्तर पर बना रहा, हालांकि रुझान सकारात्मक बने रहे।

मतदान के दौरान और बाद में क्या हुआ?

मतदान के दौरान (अप्रैल और मई) 7 अप्रैल से 12 मई के बीच, देश भर में चुनाव के विभिन्न चरणों के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव दिखा। 7 अप्रैल 2014 को सेंसेक्स लगभग 22,343 अंक कारोबार करता दिखा। इस अवधि के दौरान बाजार की चाल पर मतदान के आंकड़ों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की प्रतिक्रियाओं का असर पड़ा। मतदान के अंतिम दिन 12 मई, 2014 तक सेंसेक्स बढ़कर 23,551 अंक तक पहुंच गया। 2014 के आम चुनावों के परिणाम 16 मई 2014 को घोषित किए गए। इसमे भाजपा ने पहली बार बहुमत और निर्णायक जीत हासिल की। 16 मई को सेंसेक्स रिकॉर्ड 1,470 अंक उछलकर करीब 24,121 अंक पर बंद हुआ था। शुरुआती उछाल के बाद, सेंसेक्स ने आर्थिक सुधारों और व्यापार समर्थक नीतियों की उम्मीदों से प्रेरित होकर मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। सेंसेक्स ने पहली बार 26 मई 2014 को 25,000 का आंकड़ा पार किया। यह वहीं दिन था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। सेंसेक्स ने आने वाले महीनों में अपनी छलांग जारी रखी। यह 28 नवंबर 2014 को 28,822 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर (उस समय तक) पर पहुंच गया था। इस उछाल को मजबूत एफआईआई प्रवाह और सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से समर्थन मिला।

08:36 AM, 04-Jun-2024

2009 के आम चुनावों के बाद 12000 से 17000 तक पहुंचा सेंसेक्स

2009 के आम चुनाव भारत में 16 अप्रैल से 13 मई के बीच हुए थे। इस अवधि के दौरान, निफ्टी और सेंसेक्स में सामन्य से अधिक उतार-चढ़ाव दिखा था। 16 अप्रैल 2009 को सेंसेक्स लगभग 11,732 अंकों पर बंद हुआ और चुनाव अवधि के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव होता रहा। 13 मई, 2009 को जब चुनाव समाप्त हुए सेंसेक्स लगभग 12,173 अंक पर था। इस आम चुनावों से पहले, जनवरी 2009 और अप्रैल 2009 के बीच सेंसेक्स 9000 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा था।

08:35 AM, 04-Jun-2024

2019 में भाजपा सरकार के इस फैसले ने तय की बाजार की चाल

2019 के आम चुनावों में भाजपा की अगुवाई में एनडीए ने निर्णायक जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद सितंबर 2019 में सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स की दरें घटाने का निर्णय लिया। घरेलू कंपनियों के लिए कर की दर पहले के 30% से घटाकर 22% कर दिया गया। नई विनिर्माण कंपनियों के लिए यह दर 25% से घटाकर 15% कर दी गई थी। सरकार की ओर से कॉरपोरेट टैक्स दरों को कम करने के इस निर्णय ने कारोबार जगत और शेयर बाजार के लिए संजीवनी का काम किया। इसका बाजार पर तत्काल प्रभाव पड़ा सेंसेक्स और निफ्टी ने उस दौरान नई ऊंचाइयों की ओर छलांग मारी। सरकार के इस फैसले के बाद अलग-अलग सेक्टर के शेयरों में मजबूती आई। विशेष रूप से विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और बैंकिंग क्षेत्र क्षेत्रों के शेयरों ने इस फैसले से बढ़त हासिल की थी। सेंसेक्स और निफ्टी पिछले पांच वर्षों में लगभग 90% तक उछले हैं।

2008 में यूपीए सरकार के इस फैसले का बाजार को मिला लाभ

2019 से एक दशक पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ था तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी। 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सरकार ने घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी। प्रोत्साहन पैकेज के हिस्से के रूप में, सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च बढ़ाने, कुछ उद्योगों के लिए कर कटौती और व्यवसायों के लिए बढ़ी हुई ऋण उपलब्धता की शुरुआत की थी। इस राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज के एलान के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दिखा था। 2009 के आम चुनावों के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना था।

08:34 AM, 04-Jun-2024

आम चुनावों के परिणामों की बारीकी से निगरानी करते हैं निवेशक

भारत में आम चुनाव शेयर बाजार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। यह देश के राजनीतिक परिदृश्य को आकार देते हैं। लोकसभा चुनाव भारत के शासन और नीतिगत निर्णयों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शेयर बाजार और देश की अर्थव्यवस्था पर आम चुनावों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार नियामक नियमों, मौद्रिक नीतियों, राजकोषीय नीतियों, सरकारी खर्च आदि पर निर्णय लेती है, ये निर्णय देश की दशा और दिशा तय करते हैं। इन फैसलों का कारोबार पर और शेयर बाजार पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है। शेयर बाजार के निवेशक चुनावी प्रक्रिया और उसके परिणामों की बारीकी से निगरानी करते हैं। इसलिए, देश की राजनीति और शेयर बाजार के बीच के प्रदर्शन के बीच संबंधों को समझना जरूरी और साथ ही दिलचस्प भी है।

08:25 AM, 04-Jun-2024

Share Market: एग्जिट पोल के बाद निवेशकों ने कमाया; आज गंवाया, सेंसेक्स-निफ्टी छह फीसदी टूटे

भारत में आम चुनाव शेयर बाजार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। यह देश के राजनीतिक परिदृश्य को आकार देते हैं। लोकसभा चुनाव देश के शासन और नीतिगत निर्णयों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शेयर बाजार और देश की अर्थव्यवस्था पर आम चुनावों का गहरा असर पड़ता है। आइए जानें पिछले कुछ आम चुनावों के पहले, चुनावों के दौरान और चुनावों के बाद बाजार की क्या स्थिति रही।

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