भारत की पहचान फिर से दुनिया के ज्ञान के केंद्र के रूप में हो
आप देखिए दो दिन बाद ही 21 जून को विश्व योग दिवस है। आज भारत में योग की सैकड़ों विधाए मौजूद हैं। हमारे ऋषियों इतना गहन शोध किया आज पूरा विश्व योग को मना रहा है। आज आयुर्वेद को स्वस्थ जीवन के रूप में देखा जा रहा है। हम प्रगति और पर्यावरण को एकसाथ लेकर चले। भारत ने विश्व को मिशन लाइफ जैसा विजन दिया। पीएम ने कहा कि मेरा मिशन है कि भारत दुनिया के लिए शिक्षा अभियान का केंद्र बने। भारत की पहचान फिर से दुनिया के ज्ञान के केंद्र के रूप में हो।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नालंदा का अर्थ है कि जहां शिक्षा और ज्ञान के दाह का अविरल प्रवाह हो। शिक्षा सीमाओं से परे है। नफा-नुकसान के नजरियों से भी परे है। शिक्षा ही हमें गढ़ती है। उसे विचार और आकार देती है। नालंदा में बच्चों का एडमिशन उनकी पहचान और उनकी राष्ट्रीयता को देखकर नहीं होता था। नालंदा में 20 से ज्यादा देशों लोग पढ़ते थे। नालंदा विवि आसियान इंडिया विश्वविद्यालय की दिशा में भी काम कर रही है। 21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है। हमारा साझा प्रयास दुनिया की नई प्रगति को दिशा देगी।
सीएम नीतीश कुमार ने यह बातें की
सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी कि बात है कि आप पहली बार यहां आएं। पुराने विश्वविद्यालय के खंडहर आज भी जस का तस है। नालंदा विवि की पहचान ज्ञान के केंद्र में रही। पहले यहां 15 हजार छात्र पढ़ते थे। देश और दुनिया के अनेक जगह के लोग आकर पढ़ते थे। चीन, जापान, श्रीलंका समेत अन्य कई देशों के लोग आकर यहां पढ़ते थे। 12वीं सदी में यह नष्ट हो गया था। मार्च 2005 तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने नालंदा विवि को फिर से स्थापित करने की बात कही थी। हालांकि बाद में वह इनकार कर गए थे लेकिन जब वह विधान मंडल आए थे तो उन्होंने यह बात कही थी कि नालंदा विवि को फिर से स्थापित करना चाहिए। नए नालंदा विवि को इंटरनेशनल स्तर का बनाना था इसलिए हमलोगों केंद्र सरकार से बात की लेकिन उस समय मदद नहीं मिला। इसके बाद हमलोगों नया कानून ही बना दिया। फिर राज्य सरकार ने नए विवि के लिए 455 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया। इन सब चीजों को बताना जरूरी है। ताकि लोग पुरानी बात भी जान सकें कि कैसे क्या बना।
नए नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन कर दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन कर दिया है। यह विवि 455 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें कुल 221 संरचनाएं हैं। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के द्वारा 19 सितंबर 2014 को इसके निर्माण की नींव रखी गई थी। आर्किटेक्ट बीबी जोशी ने नालंदा विश्वविद्यालय के प्रारूप को डिजाइन किया है।
प्राचीन नालंदा विवि के खंडहर को देख रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1600 साल पुराने नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर को देख रहे हैं। गाइड उन्हें प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर के बारे में बारिकी से जानकारी दे रहीं हैं। पीएम मोदी पूरे परिसर का अवलोकन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद आज पहली बार बिहार पहुंचे हैं। यहां सेना के विशेष विमान से पहुंचे। इसके बाद पीएम राजगीर पहुंचे। जहां वे राजगीर अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। वह नालंदा विश्वविद्यालय के नव निर्मित कैंपस का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। उसके साथ ही गया एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है।