अशोक चौधरी फिर उठ खड़े हुए और तेजस्वी यादव पर पलटवार किया। अशोक चौधरी ने कहा कि अपने विभाग में एक भी योजना अगर दी हो तो कहिये। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार हमारी योजना को पीछे पीछे घोषणा कर रही है। यह सरकार मेरे द्वारा घोषित माय-बहन योजना का भी नक़ल करेंगे। हम सारा क्रेडिट नीतीश कुमार को देने के लिए तैयार हैं लेकिन यह विजन किसका है? यह विजन मेरा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 लाख युवाओं से पकोड़ा तौलवायियेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह नकलची सरकार है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नीतीश कुमार कब चीनी की मिल खुलवायेंगे और लोगों को चाय पिलायेंगे। मुख्यमंत्री ऐसा चाहिए जो अचेत अवस्था में न हो। नीतीश कुमार को आगाह करते हुए कहा कि आप के आसपास बैठे लोगों को पहचानिए। आपका जदयू जदयू नहीं बल्कि भाजपा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया है। इसके जवाब में विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि आप भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाइजैक करने की कोशिश किये थे, लेकिन आप नहीं कर पाए। आप बता दीजिये कि बिहार किस चीज में नंबर one है। कोई रोडमैप नहीं नही है। यह सरकार नकलची सरकार बनकर रह गई है।
सीएजी की रिपोर्ट और विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन की प्रस्तुति के बाद सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
फिर विधायक ने बोले अमर्यादित शब्द, अध्यक्ष ने सत्ताधारी विधायकों को विरोध पर हड़काया
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश सरकार के मंत्री को अमर्यादित शब्द कहा, जिसपर सत्ताधारी दलों के विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने फिर सत्ताधारी विधायकों को ही हड़काया। इसके बाद बीच का रास्ता निकालते हुए सदन में नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट को बिहार विधानसभा के सदन पटल पर रखा गया और इसे जारी करने पर सहमति बनी। इसके अलावा, विभिन्न समितियों का प्रतिवेदन सदन में पेश किए गए।
मंत्री विजय चौधरी बोले- आयोग की मंशा पर सवाल उठाना गलत
मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा- "सभी नेता, विधायक अपना नाम तो अपडेट करा रहे हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि पुनरीक्षण बंद करा दिया जाना चाहिए। 95 प्रतिशत वोटरों की जांच के बाद इसे रोकने की इस तरह की जिद करना गलत है। चुनाव आयोग ने अबतक कोई ऐसा काम नहीं किया है कि उसकी मंशा पर सवाल उठाया जाए।" उन्होंने कहा कि जिसका भी नाम छूटेगा, आयोग उनका दावा देखेगा। अगर आपके पास कोई आंकड़ा है तो दें, जो आवेदक छूटते नजर आ रहे हैं तो उनकी जानकारी दीजिए।
2003 में भी एक महीने में हुआ था, अब क्या दिक्कत है?- पूछा विजय चौधरी ने
मंत्री विजय चौधरी ने कहा- "संविधान में लिखा है कि जिसे नागरिकता मिली हुई है, वही मताधिकार रख सकता है। बिहार का कोई सही नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे, यही हमलोग भी चाहते हैं। गहन पुनरीक्षण भी संविधान और लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत है। पुनरीक्षण हर चुनाव के पहले होता है। गहन पुनरीक्षण इतने समय बाद हो रहा है। इसमें फर्क है। सामान्य पुनरीक्षण में सिर्फ दावे देखे जाते हैं। किसी का नाम जुड़ता या हटाया जाता है, उसमें। अब 22 वर्षों बाद यह जो विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। SIR में एक-एक घर में जाकर देखा जाता है कि वह मतदाता घर में हैं कि नहीं। पिछली बार, 2003 में भी एक महीने में यह काम हुआ था, इस बार भी लगभग उतने ही समय में हो रहा है। फिर दिक्कत क्यों है?"
मंत्री विजय चौधरी ने दी गारंटी- सरकार भी यही चाहती है...
AIMIM विधायक ईमान बोले- तुगलकी फरमान है
महबूब आलम बोले- 780 पन्ने के शपथपत्र में घुसपैठिया शब्द तक नहीं
विधानसभा में बहस के दौरान महबूब आलम ने कहा कि 2016, 2017 में एक भी घुसपैठिया नहीं था। 2018 में तीन घुसपैठिया मिले थे। जब चुनाव आयोग घुसपैठियों की बात कह रहा है, जबकि उसने 780 पन्ने के शपथपत्र में घुसपैठिया शब्द का जिक्र नहीं है। एक भी घुसपैठिये का नाम नहीं है। 22 दिनों तक किसी जगह से आने का आरक्षण नहीं मिल रहा है और आप यहां बुलाकर आवासीय प्रमाणपत्र बनाने कहा जा रहा है। कहां संभव है? सदस्य अजय कुमार ने कहा कि फर्जी वोटर का नाम काटे जाने की बात कही जा रही है, तो 40 से 50 लाख वोटर फर्जी थे तो लोकसभा चुनाव का परिणाम रद्द कर देंगे? यह पूरा प्लान ही बिहार के अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। वामपंथी विधायक सूर्यकांत पासवान ने दिनकर की पंक्ति से शुरू करते हुए कहा- "समाजवादी कहने वाले लोग खुद लोकतंत्र पर हमले को देखकर चुप हैं। जनता ने हमें उनके अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी दी है। गहन पुनरीक्षण के नाम पर गहरी साजिश रची जा रही है। हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों से बिहारी होने का अधिकार छीना जा रहा है।"
कांग्रेस विधायक शकील अहमद खां बोले- यह तो होने नहीं देंगे
कांग्रेस विधायक शकील अहमद खां ने कहा- "बड़का झुट्ठा पार्टी का इरादा साफ है। आजादी के पहले वोट का अधिकार चंद लोगों के पास थे। आजादी के बाद हर वर्ग के लोगों को वोट का अधिकार दिया गया। अब उसी अधिकार को छीना जा रहा है। टाइम फ्रेम गलत है। विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपने क्षेत्र में विधायक जाएं और देखें कि हजारों-हजार आवासीय प्रमाणपत्र का आवेदन रुका पड़ा है। मौजूदा सरकार जा रही है, यह सर्वे दिखा रहा है। इसलिए यह सरकार ऐसा कर रही है। इसपर विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि यह सरकार नहीं करा रही है, चुनाव आयोग करा रहा है। इसके बाद, खां ने कहा कि आपको अंदाजा नहीं है कि विपक्ष आगे करेगा, इस तरह दलितों-पिछड़ों का वोट चुराने का।"
तेजस्वी यादव बोले- सीएम नीतीश और पीएम मोदी भी दोषी
बिहार विधानसभा का सत्र शुरू होते ही तेजस्वी यादव को बोलने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा- "कल जो हुआ, वह ठीक नहीं हुआ। बिहार की तरक्की के लिए ही हम लोग यहां आए हैं। यह आखिरी ही सत्र है। अगर पांच साल में हमसे या सत्ता पक्ष से कोई गलती हुई हो तो माफी मांगी जानी चाहिए। दोनों तरफ को माफी मांगनी चाहिए। मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। चुनाव आयोग कौन होता है बाहरियों को चुनने वाला। चुनाव आयोग का काम निर्वाचन कराना है। आयोग ने जो शपथ पत्र दिया है, उसमें विदेशी का जिक्र नहीं किया है। यह सच्चाई है। घुसपैठिया आया है तो यह सरकार अपने ऊपर सवाल उठाया था। 2005 से अबतक नीतीश कुमार सीएम रहे हैं। 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। घुसपैठिया आया है तो यह भी दोषी हैं। वोटर का नाम नहीं कटना चाहिए।"
मिश्री लाल यादव सदस्यता बहाली के बाद पहुंचे, किया अभिवादन
कोर्ट में दोषी साबित होने के आधार पर निष्कासित होने के बाद बुधवार देर रात सदस्यता बहाली का आदेश जारी होने पर भाजपा विधायक मिश्री लाल यादव गुरुवार को बिहार विधानसभा पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित सभी सदस्यों का अभिवादन किया।
बच्चा से लेकर बाप तक, कल विधानसभा में खूब मचा था हंगामा
बिहार विधानभा के अंदर भाजपा को असहज करने की तैयारी