डॉ कुमुद वर्मा पटना-गया मार्ग बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दे रही थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रत्येक साल बोधगया जाते हैं और वहां पिंड देने वालों की व्यवस्था है, उसका निरीक्षण करते हैं। इस पर सुनील सिंह धीरे से चुटकी लेते हुए कहा कि इसके बाप मरेंगे तो वहीं पिंड देने जाएंगे न?
अशोक चौधरी को मोर्चा संभालते देख राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि पूरे कुआं में भांग डाला गया हो तो कोई क्या करे? उनका निशाना बहुत दूर था तो हंगामा बढ़ गया। अशोक चौधरी जवाब देने लगे तो फिर सुनील सिंह लगातार बोलने लगे। हालत यह हो गई कि कोई पक्ष शांत होने को तैयार नहीं था। तब सभापति ने पहल कर दोनों को शांत कराया।
उन्होंने कहा कि पांच किलो की जगह परिवारों को चार किलो अनाज मिल रहा है। इसपर मोहम्मद खालिद अनवर सामने आ गए। कहा कि मेरे यहां तो ऐसी शिकायत नहीं है। यह मैं दावा के साथ कह रहा हूं कि ऐसा कहीं नहीं है। दोनों में कहासुनी बढ़ी तो मंत्री अशोक चौधरी ने महेश्वर सिंह से इस बात का प्रमाण मांग दिया।
बिहार विधान परिषद् में मंगलवार की तरह बुधवार को भी हंगामा रहा। इस बार 5 किलो अनाज पर मंत्री अशोक चौधरी और राजद सदस्य सुनील सिंह भिड़ गए। हुआ यूं कि स्थानीय प्राधिकार पूर्वी चंपारण से परिषद् में आने वाले महेश्वर सिंह ने गरीबों को मिलने वाले अनाज में घालमेल पर हंगामा शुरू कर दिया।
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष की एमएलसी शशि यादव ने कहा कि ठेका पर दैनिक भोगी को सरकार के द्वारा किए गए भुगतान का पूरा अंश नहीं मिल पाता है इसलिए उनको स्थायी कर्मी के रुप में उनको किया जाए। इस पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि सुझाव अच्छा है। विचार किया जाएगा। वहीं एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि नगर आवास विभाग में 3200 योजनाएं स्वीकृत की गई, जिसमें 101 योजनाएं डुप्लीकेट में जिस अधिकारियों ने बिना जांच के स्वीकृत कर दी। उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? जनता के पैसा की बर्बादी नहीं हो इसके लिए सरकार ध्यान दे। विजय सिन्हा ने कहा कि एक ही तरह के अलग अलग मामलों का अलग अलग परिणाम नहीं होंगे। ऐसा आदेश हमने अपने विभाग के सीओ को दिए हैं।
डिप्टी सीएम की बात के बाद माले विधायक ने कोर्ट के आदेश का जिक्र किया। संदीप सौरभ ने कहा कि मैं पूरी कॉपी दे रहा हूं। इसमें दो दो कोर्ट का आदेश है। डीएम को विचार करने की बात ही नहीं कही है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने सरकार की ओर से कहा कि कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह भी आप पढ़ दीजिए। क्यों कि कोर्ट ने जो आदेश दिया है वह स्पष्ट है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को 90 दिन के अंदर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया। हमलोगों ने तो कोर्ट के ही निर्णय स्वागत किया। इसके बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने सरकार के पक्ष को अच्छे से रखा। लेकिन, सरकार दलपतियों के प्रति संवेदना रखती है। पंचायत सचिव के पद पर उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता है। दलपतियों ने लंबे समय तक समाज की सेवा की है। विभाग की कोई अन्य योजना आएगी और बहाली निकलेगी तो सरकार उनका ध्यान रखेगी।
माले विधायक संदीप सौरभ पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर सवाल पूछा कि कोर्ट के निर्देश का पालन सरकार क्यों नहीं कर रही है? इसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अचानक खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि मैं आपके सवाल का जवाब देता हूं। कहा कि कोर्ट के निर्णय का सरकार ने स्वागत किया। कोर्ट ने विचार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने बैठक की। विचार किया और इसके बाद निर्णय लिया। इतनी सी ही बात है। इसमें कोई संशय नहीं है।
भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि मैंने पटना के 18 दलपतियों को पंचायत सचिव के रिक्त पद पर नियुक्त करने का मामला पूछा था। सरकार ने जब जवाब दिया लेकिन मैं इससे अंसतुष्ट हूं। 1990 के बाद से दलपतियों को पंचायत सचिव के पद पर बहाल करना शुरू किया गया। लेकिन, पटना के 18 दलपतियों को अब तक यह मौका नहीं मिला। जब पटना के यह 18 दलपति हाईकोर्ट में गए तों वहां से निर्देश दिया गया कि पटना जिले में पंचायत सचिव के 111 पद खाली हैं। इन पदों पर सरकार 90 दिनों के अंदर दलपतियों की बहाली करे। सरकार ने कहा कि कोर्ट के आदेश के आलोक में डीएम के नेतृत्व में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मित इसे इसे खारिज कर दिया गया। संदीप सौरभ ने पूछा कि क्या कोर्ट के ऑर्डर को डीएम को खारिज करने का अधिकार है। संदीप सौरभ ने पंचायत राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश से यह सवाल पूछा।
भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ ने विधानसभा के बाहर नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब से नीट छात्रा मर्डर केस का मामला सामने आया है, तब से घटनाएं लगातार बेटियों पर अत्याचार की खब सामने आ रही हैं। हर दिन बिहार के किसी न किसी जिले से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। बिहार की मां बहन और बेटियां डरी हुई हैं। जो माता पिता अपनी बेटियों को पढ़ाई करने के लिए पटना भेजते थे, वे अब डर के चलते बच्चियों को वापस घर बुला रहे हैं। हम सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव देंगे। सरकार हमें बोलने नहीं दे रही है। सदन में हमलोगों की आवाज दबाई जा रही है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत सरकार के सभी मंत्री सदन पहुंच चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में नहीं हैं। प्रश्नोत्तर काल चल रहा है। विधायक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि डबल इंजन सरकार का दोनों इंजन फेल है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग से सवाल पूछा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में महज डेढ़ महीना बचा है। राशि के अभाव में 12 लाख आवास अपूर्ण है। मंत्री बताएं कि आवास योजना के तहत केंद्र सरकार से कितनी राशि मिली है? सरकार कब तक लाभुकों को राशि की तीनों किश्त देगी। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हमने राशि की मांग की है। आश्वासन मिली है। मैंने कोशिश कर रहा हूं जल्द से जल्द आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। राज्य के हित को देखते हुए मैंने भारत सरकार को पत्र भी लिखा है। भारत सरकार की प्रक्रिया के तहत राशि आती रहेगी।
बिहार विधानसभा में महागठबंधन के विधायकों ने बढ़ते अपराध और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आज फिर से नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजद विधायकों ने कहा कि सरकार अपराध पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। मुद्दों से भटकाने के लिए एनकाउंटर का खेल दिखा रही है। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार एनकाउंटर में केवल एक ही जाति को टारगेट कर रही है। अपराधी हर जाति के होते हैं। लेकिन, सरकार इसमें भी भेदभाव करती है। भाई वीरेंद्र पटना में आज सुबह मुठभेड़ की चर्चा कर रहे थे।