11:15 AM, 24-Jul-2024
बुधवार को बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सड़क, पुल और पुलियों पर विधायकों ने सरकार को घेरा। सरकार से पूछा गया कि क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की हालत ऐसी क्यों है और इसे बनाने में क्यों परेशानी आ रही है? सरकार की ओर से मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब दिया, लेकिन विधायक यह जानना चाह रहे थे कि कब काम किया जाएगा? इस दौरान विपक्षी विधायक वेल में आकर नारेबाजी करते रहे। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव विपक्षी विधायकों को वेल से लौटकर सीट पर जाने के लिए कहते रहे, लेकिन हंगामा नहीं रुक रहा। नीतीश ने इसी हंगामे में शामिल राजद की महिला विधायक को डपटते हुए कहा- "अरे महिला हो कुछ जानती हो? इन लोगों ने कुछ किया है? 2005 के बाद हमने महिला को आगे बढ़ाया है। बोल रही हो! फालतू का। अरे क्या हुआ? सुनोगे नहीं? हम तो सुनाएंगे। और, अगर आप नहीं सुनिएगा तो आपकी गलती है। तो... आप समझ लीजिए। हम लोगों ने एक-एक चीज को तय कर दिया। पिछड़ों को जितना आया। सब कर दिया। हमने 50 प्रतिशत की जगह 75 प्रतिशत किया। दस प्रतिशत केंद्र सरकार ने अपर कास्ट के लिए किया था। हमने वह सब लागू करा दिया है। इन लोगों को यह नहीं मालूम नहीं है कि हम लोगों ने हर परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी ली है। चाहे वह अपर कास्ट हों, पिछड़ा हो, मुस्लिम हो, दिलत हो, अति पिछड़ा हो, सभी के लिए किया गया।" अपने खिलाफ लगातार नारेबाजी सुन-देखकर नीतीश कुमार खड़े हो गए। उन्होंने कहा- "आप सब हाय हाय हैं, हाय हाय... हाय हाय! अगर हमारी बात नहीं सुनना है तो यह आपकी गलती है।"