सीएम नीतीश के सामने विपक्ष ने कर दिया वॉकआउट
जल नल के बारे में जब मुख्यमंत्री कहने लगे तो विपक्ष ने कहा कि नल का टोंटी टूट गया है। तेज प्रताप यादव ने इशारा किया सब विरोध करो तब पूरा विपक्ष खड़ा हो गया। और, विरोध करने लगा। विपक्षी मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ों का नारा लगाने लगे। इसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोग तो भाग गया क्यों कि इन लोगों को समझ में कुछ आ रहा है?
बजट के बारे में तेजस्वी यादव ने यह बातें कहीं
बजट पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बजट में महिलाओं को 2500 रुपया नहीं दिया गया। न वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी की गई। न बिजली के दर कम किए गए। तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। कहा कि केंद्र ने चंद्रबाबू नायडू के लिए पिटारा खोल दिया। 16 एमपी उनके पास हैं। केंद्र उन्हें सबकुछ दे रही है और हमारे मुख्यमंत्री उनके पैरों में गिर जाते हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा आरक्षण चोर है। एनडीए सरकार ने बिहार को विशेष पैकेज नहीं दिया। वहां चंद्रबाबू नायडू की सरकार को एनडीए सरकार ने दो लाख करोड़ का पैकेज दिया।
2005 के बाद वाली सरकार में एक बरसात में कई पुल गिर गए
तेजस्वी यादव ने कहा 2005 के बाद वाली सरकार में एक बरसात में कई पुल गिर गए। बालिका गृह और सृजन घोटला को 2005 के बाद ही हुआ। इतना ही नहीं 1400 लीटर शराब चूहा पी जाता है। तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि "बिहार में चूहों की बहार है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीशे कुमार है।" उन्होंने कहा कि देश में सबसे कम साक्षरता दर बिहार में है। किसान की सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति बिहार में है। बिजली का बिल सबसे ज्यादा बिहार में है। गुणवत्ता शिक्षा में सबसे ज्यादा हाल खराब बिहार की है। अगर हमारे कार्यकाल में ढाई लाख शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती तो बिहार सबसे कम शिक्षकों वाला राज्य बिहार होता।
तेजस्वी और सम्राट के बीच बहस के दौरान सदन में हंगामा
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी से पूछा कि क्या आपके पिताजी ने मुख्यमंत्री के लिए अपशब्द नहीं बोला? आपके पिता जी भाजपा का विरोध करते थे। आपके पिता भाजपा को गाली देते थे। इसके बाद सम्राट चौधरी भड़क गए। कहा कि आपके पिताजी ने क्या क्या बोला? यह बताइए। मैं तो जेल भी गया था। लालू जी ने लाठी से मुझको पिटवाया, यह भी मैं नहीं भुला हूं। इसके बाद राजद और भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को शांत करवाते हुए कहा कि आपलोग एक-दूसरे पर व्यक्तिगत आक्षेप मत कीजिए।
तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला हमला
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार 20 साल पहले की बात करते हैं। सरकार आज चला रहे हैं लेकिन 20 साल पीछे की बात करते हैं। हम जिस दिन सरकार बनाएंगे, कभी पीछे की बात नहीं करेंगे। पांच साल में बिहार को अग्रणी राज्य बनाएंगे। नीतीश कुमार जी आप अपना हिसाब दीजिए कि आपने क्या किया बिहार के लिए। अगर यह सरकार 40 साल भी रह जाएगी तो पुरानी सरकार को ही दोष देती रहेगी। 2005 से पहले पावरफुल सरकार थी। उस सरकार में नेता पावरफुल था। जो दिल्ली से लड़कर बिहार के लिए हक मांगता था।
तेजस्वी बोले- आप झूठ बोल रहे हैं
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर भी तंज कसा। कहा कि एक डिप्टी सीएम ने कुछ और दूसरे ने कुछ कहा। इस पर विजय सिन्हा ने जवाब दिया कि मैं अपने पार्टी अपने पार्टी में अपने दायरे में रहकर बात करता हूं। मैं झूठ नहीं बोलता हूं। तेजस्वी यादव ने कहा कि आप तो टीका लगाते हैं झूठ मत बोलिये। आपने कहा था कि सीएम भाजपा का होगा। तो विजय सिन्हा ने कहा कि मैं झूठ नहीं बोलता हूं। एनडीए सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास कर रही। आपको टीका से इतनी नफरत है तो आप टोपी पहन लीजिए।
महागठबंधन के सरकार की उपलब्धि भी राज्यपाल से पढ़ाई गई
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री भी गायब हैं। शायद भाजपा और जदयू के कई विधायक जानते हैं कि आज हमलोगों का भंडाफोड़ होने वाला है इसलिए गायब हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नए राज्यपाल का हमलोग बिहार में स्वागत करते हैं। उन्हें कुछ लोगों ने जो अभिभाषण दिया, वही उन्होंने पढ़ दिया। 2020 से 2025 में तीन बार सरकार बदली है। इससे पहले जितने राज्यपाल हुए सबका भाषण एक जैसा ही था। पता ही नहीं चल रहा था कि 2005 वाला पढ़ रहे थे या 2025 वाला पढ़ रहे थे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महागठबंधन के सरकार की उपलब्धि राज्यपाल के इस बार के अभिभाषण में जोड़ दिया गया। गर्वनर का अभिभाषण काफी कन्फ्यूज करता रहा।
कैंसर पर चौंकाने वाली रिपोर्ट
सदन में विपक्ष के विधायक ने कहा कि "होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केन्द्र के द्वारा मुजफ्फरपुर के विभिन्न इलाकों में डॉक्टर एवं कर्मचारियों के माध्यम से वर्ष 2019-21 में जनसंख्या आधारित कैंसर निबंधन सर्वे कराया गया था। इसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आयी हैं। सर्वे के मुताविक गृहिणियों में 45 फीसदी, किसान 12.7 फीसदी सरकारी कर्मचारियों 7 में 9.7 फीसदी, निजी क्षेत्र में काम करने वाले 4.4 फीसदी लोग इस कैंसर बीमारी के शिकार हैं। कैंसर बीमारी के चपेट में आने वालों में 3.6 फीसदी छात्र, दुकान चलाने वाली महिला पुरूष मिलाकर 6.1 फीसदी कैंसर बीमारी से ग्रसित हैं। सर्वे निबंधन में शामिल 30 फीसदी ऐसे लोग कैंसर के शिकार मिले जो निरक्षर हैं। इसके अलावे कॉलेज जाने वाले 19.7 फीसदी, छात्र-छात्राएं भी इस बीमारी के शिकार हैं। जानकारी के अभाव में कई लोग कैंसर का इलाज नहीं करा रहे हैं। अतः इस बीमारी की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाने तथा इस रोग को नियंत्रित करने हेतु हम सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हैं।"
सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
विधानसभा में भाजपा और जदयू के विधायकों और मंत्रियों की संख्या कम है। विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए 36 में से सिर्फ 12 मंत्री ही सदन में दिखे। इसी बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
सदन में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग
राजद के दिग्गज नेता अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि बिहार में शिक्षक भर्ती के दौरान बड़े पैमाने पर बाहर के राज्यों के शिक्षकों को नौकरी मिली। इसलिए राज्य सरकार जल्द से जल्द डोमिसाइल नीति लागू करे। ताकि बिहार वासियों के साथ अन्याय न हो।