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Surya Grahan Today: सूर्य ग्रहण अब खत्म, दुनिया के इन हिस्सों में देखा गया सूर्य ग्रहण का नजारा

Thu, 20 Apr 2023 12:37 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Grahan Timing 2023, Solar Eclipse in India, Sutak Kaal Samay Upay LIVE Updates in Hindi: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण अब खत्म हो गया है। इस सूर्य ग्रहण को दुनिया के कई स्थानों पर देखा गया। साल का यह पहला सूर्य ग्रहण आज सुबह करीब 7 बजकर 4 मिनट से शुरू हो गया था। हालांकि भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सका जिसके चलते सूतक मान्य नहीं था। अब इसके बाद अगला ग्रहण 05 मई को होगा। यह चंद्र ग्रहण होगा। 
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सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल 2023 लाइव अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Surya Grahan 2023:आज इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हमेशा से ही ग्रहण की घटना को बहुत ही महत्व दिया जाता है। खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण का खास महत्व होता है। साल 2023 का यह पहला सूर्य ग्रहण खास रहेगा। यह सूर्य ग्रहण कंकणाकृति ग्रहण होगा। इसे हाइब्रिड सूर्य ग्रहण भी कहा जा रहा है। खगोल शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण की घटना तब घटित होती है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है। वहीं धार्मिक नजरिए के अनुसार जब राहु-केतु नाम के पापी ग्रह सूर्य को ग्रसित कर लेते हैं तो इस सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ग्रहण के दौरान और सूतक काल लगने पर किसी भी तरह का शुभ काम नहीं किया जाता है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होती है। 

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साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण सुबह 07 बजकर 4 मिनट से शुरू हो जाएगा जो दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म हो जाएगा। भारत में ग्रहण नहीं होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में आम दिनों की तरह सभी तरह के काम किया जा सकता है। साल का यह पहला सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला है क्योंकि करीब एक दशक के बाद कंकणाकृति सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इसे हाईब्रिड सूर्य ग्रहण भी कहते हैं। दरअसल खगोल विज्ञान के अनुसार जब भी कंकणाकृति ग्रहण लगता है तो उस दौरान सूर्य ग्रहण आंशिक, कुंडलाकार और पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देता है। साल 2023 का यह पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में इस खगोलीय घटना को देखा जा सकता है। खासतौर पर साल का पहला सूर्य ग्रहण सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर, दक्षिण प्रशांत सागर, न्यूजीलैंड,  कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी और जापान में देखा जाएगा।

आज कब से शुरू होगा सूर्य ग्रहण

साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण आज सुबह करीब 7 बजकर 4 मिनट से शुरू हो जाएगा, लेकिन इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। 

Hybrid Solar Eclipse 2023: आज का ग्रहण एक हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा

आज लगने वाला सूर्य ग्रहण एक दशक बाद दोबारा से एक हाइब्रिड ग्रहण देखने को मिलेगा। खगोलशास्त्र के मुताबिक सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं पहला आंशिक, दूसरा वलयाकार और तीसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण। आज का सूर्य ग्रहण एक हाइब्रिड ग्रहण होगा। इसको हाइब्रिड ग्रहण इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह ग्रहण एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में शुरू होगा फिर समय के साथ यह पूर्ण सूर्य ग्रहण में बदल जाएगा और अंत में दोबारा से कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देने लगेगा।

Surya Grahan 2023 : आज सूर्य ग्रहण पर दो अशुभ योगों का रहेगा साया

Surya Grahan 2023 - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रों में ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। जब भी ग्रहण की घटना होती है तब कुछ इसका नकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ता है। आज लगने वाले साल के पहले सूर्य ग्रहण पर कुछ अशुभ संयोग भी बनेगा। वैसे तो सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में मौजूद रहेंगे। लेकिन सूर्य साथ मेष राशि में ही राहु विराजमान होंगे। इसके अलावा मेष राशि में बुध और मिथुन राशि में मंगलदेव होंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को मेष जबकि बुध ग्रह को मिथुन राशि का स्वामी माना गया है। इस तरह से मंगल और बुध के एक दूसरे की राशि में होने से ग्रहण योग का निर्माण हो रहा है। ग्रहण योग बहुत ही अशुभ माना जाता है। ऐसे में यह कुछ राशि के जातकों के लिए अशुभ हो सकता है।

Surya Grahan 2023 Timing : कुछ ही देर बाद लगने जा रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण

अब से कुछ ही देर बाद साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 7 बजकर 04 मिनट से शुरू हो जाएगा। ग्रहण का समापन दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर तक चलेगा।

क्या आज भारत में दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण ?

साल का पहला सूर्य ग्रहण एक हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा जिसे कंकणाकृति सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। इस तरह का सूर्य ग्रहण एक दशक बाद दोबारा से बनने जा रहा है। कंकणाकृति सूर्य ग्रहण एक तरह का मिलाजुला ग्रहण होगा। जिसमें ग्रहण एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में शुरू होता है फिर धीरे-धीरे यह पूर्ण सूर्य ग्रहण में बदल जाता है और फिर वापस आकर कुंडलाकार सूर्य ग्रहण में बदल जाता है। भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा। जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। भारतीय समयानुसार आज का सूर्य ग्रहण सुबह 07 बजकर 04 मिनट से शुरू हो जाएगा।
 

Surya Grahan 2023: ग्रहण पर गर्भवती महिलाओं को रहना होगा सावधान

Surya Grahan 2023 - फोटो : अमर उजाला
ग्रहण की घटना को हमेशा से खास माना जाता रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को न तो ग्रहण देखना चाहिए और न ही ग्रहण के दौरान घर से बाहर जाना चाहिए। ग्रहण के दौरान अगर गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण देखती हैं या फिर बाहर निकलती हैं तो गर्भ में पल रहे नवजात शिशु पर नकारात्मक असर पड़ता है।  ज्योतिष के नजरिए से ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा पर बुरे ग्रह राहु-केतु का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। इस कारण से बच्चे की कुंडली में इन ग्रहों से संबंधित कोई न कोई दोष हो सकता है। 
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बाहर जाने से बचें।
  • गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करें।
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कोई भी नुकीली चीज का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए।

आज कहां-कहां दिखाई देगा यह हाइब्रिड सूर्य ग्रहण ?

Hybrid Solar Eclipse 2023 : साल 2023 का यह पहला सूर्य ग्रहण देश में तो नहीं देखा जा सकेगा लेकिन विदेशों में अलग-अलग जगहों पर इसे अलग-अलग तरह से दिखाई देने लगेगा। खास बात यह है कि यह एक हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा जिसे काफी दूर्लभ सूर्य ग्रहण माना जाता है। इस तरह का सूर्य ग्रहण बहुत ही कम देखने को मिलता है। दरअसल आज के दिन कुछ जगहों पर यह सूर्य ग्रहण आंशिक, कुछ जगहों पर पूर्ण सूर्य ग्रहण और कुछ स्थानों पर कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। एक साथ तीन तरह के सूर्य ग्रहण दिखाई देने के कारण इसे हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

यह हाइब्रिड सूर्य ग्रहण इन-इन स्थानों पर दिखाई देगा- कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर, दक्षिण पेसिफिक सागर, तिमोर और न्यूजीलैंड ।

Sutak Kaal Ka Samay : देश में इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रभावी नहीं होगा

surya grahan 2023 - फोटो : अमर उजाला
आज वैशाख माह की अमावस्या तिथि है और आज के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 07 बजकर 04 मिनट से आरंभ हो चुका है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा जिसके चलते सूतक काल मान्य नहीं होगा। आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण के लगने से 12 घंटे पहले से सूतक काल प्रभावी हो जाता है। शास्त्रों में सूतक काल को अच्छा नहीं माना जाता है। इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। सूर्यग्रहण के दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिया जाता है। सिर्फ मंत्रों का जाप किया जाता है। भारत में इस ग्रहण का सूतक नहीं रहने के कारण धर्म-कर्म करने में किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं रहेगी। 

Solar Eclipse Effects: सूर्य ग्रहण में क्या करें और क्या न करें 

Surya Grahan 2023 - फोटो : अमर उजाला
  • शास्त्रों में ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए ग्रहण के पहले सूतक लगने पर सभी तरह शुभ कार्य करना वर्जित हो जाता है।
  • ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं की पूजा करना वर्जित होता है। यहां तक की भगवान की मूर्ति को भी छूना वर्जित माना गया है। 
  • ग्रहण के पहले और ग्रहण के दौरान सभी मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं।
  • ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध किया जाता है।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान तो पूजा-पाठ करना वर्जित होता है लेकिन ग्रहण के दौरान मंत्रों के जाप करके ग्रहण के प्रभाव को कम किया जाता है।
  • ग्रहण लगने पर खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाला जाता है। माना जाता है ग्रहण के दौरान दूषित किरणें और नकारात्मक ऊर्जा चारों तरफ फैली हुई होती है। इसी वजह से खाने-पीने की चीजों में हानिकारक बैक्टीरियां जल्दी से फैलता है। तुलसी में कई तरह के औषधि गुण मौजूद होते हैं,इसलिए ग्रहण लगने पर खाने-पीने के चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं।
  • ग्रहण के खत्म होने पर स्नान किया जाता है और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव किया जाता है।

सूर्य ग्रहण मेष राशि और अश्विन नक्षत्र में होगा

साल का यह पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि और नक्षत्र में लगेगा। सूर्य के मेष राशि रहते हुए यह ग्रहण करीब 19 वर्षों पर लग रहा है।
 

आज दिखेगा एक साथ तीन तरह का सूर्य ग्रहण

साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। भारतीय समय के अनुसार आज सुबह करीब 07 बजकर 04 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास है क्योंकि एक साथ आपको आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार सूर्य देखने को मिलेगा। इस कारण से इस हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। यह ग्रहण एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में शुरू होगा फिर समय के साथ यह पूर्ण सूर्य ग्रहण में बदल जाएगा और अंत में दोबारा से कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देने लगेगा।

solar eclipse live stream : यहां पर देख सकते हैं साल के पहले सूर्यग्रहण का live stream

साल 2023 के पहले सूर्य ग्रहण को आप NASA की वेबसाइट पर देख सकते हैं। 

इतने समय तक दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

साल का पहला सूर्य ग्रहण जारी है। यह एक हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा जिसे करीब 100 वर्षों के बाद दोबारा से देखा जा रहा है। हाइब्रिड सूर्य ग्रहण उसे कहते हैं जब एक साथ आंशिक, पूर्ण और कंकणाकृति तीनों दिखाई देता है। भारतीय समय के अनुसार आज सुबह 7 बजकर 4 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू जो चुका है। यह ग्रहण दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक चलेगा। इस तरह से ग्रहण की पूर्ण अवधि करीब 5 घंटे 24 मिनट तक रहेगी।
 

What Is Hybrid Solar Eclipse:इस ग्रहण को हाइब्रिड सूर्यग्रहण क्यों कहा जा रहा है?

आज वैशाख अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण जारी है। साल 2023 के पहले सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व है, क्योंकि आज का सूर्यग्रहण तीन तरह का होगा। पहले सूर्य ग्रहण की घटना में आपको सूर्य ग्रहण आंशिक, कुंडलाकार और पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस वजह से इसे हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। आपको बता दें आंशिक सूर्य ग्रहण तब हो है जब चंद्रमा सूर्य के कुछ ही हिस्सों को छिपा लेता है। वहीं कुंडलाकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के बीचो बीच आ जाता है जिसमें सूर्य एक चमकदार रिंग की तरह दिखाई देता है। इसके आलाव पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को कुछ देर के लिए पूरी तरह से ढक लेता है।

दुनिया के इन हिस्सों में सूर्यग्रहण जारी...

पूरी दुनिया में आज सूर्य ग्रहण जारी है लेकिन भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। यह एक हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा। भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभाव नहीं होने के कारण इसका सूतककाल प्रभावी नहीं होगा। यह ग्रहण दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक चलेगा। इस सूर्य ग्रहण को दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। चीन, थाईलैंड, अमेरिका, मलेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर  
 
 

Surya Grahan Mantra: ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

शास्त्रों में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान और उसके पहले से सूतक काल लग जाता है। सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा-पाठ करना वर्जित माना जाता है। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करने के लिए बताया जाता है। ऐसे मान्यता है ग्रहण के दौरान लगातार मंत्रों का जाप करने से भगवान को ग्रहण का कष्ट कम होता है। इसके अलावा मंत्रों के जाप करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम रहता है। आप ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
  • ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो : सूर्य: प्रचोदयात।
  • ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:।
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
  • ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
  • ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।

साल का पहला सूर्य ग्रहण जारी, जानिए क्यों है यह खास

साल का पहला सूर्य ग्रहण जारी है। दुनिया के कई हिस्सों में इस सूर्य ग्रहण का नजारा देखा जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण हमेशा ही अमावस्या तिथि पर पड़ता है और आज वैशाख माह की अमावस्या तिथि है। एक वर्ष में कई बार घटने वाला सूर्य ग्रहण कई रूपों में दिखाई देता है। जिसमें पूर्ण सूर्य ग्रहण जिसे खग्रास सूर्य ग्रहण कहते हैं। आंशिक सूर्य ग्रहण जिसे खंडग्रास सूर्य ग्रहण का नाम दिया जाता है। इसके अलावा कंकणाकृति सूर्य ग्रहण भी दिखाई देता है। इसे हम मिश्रित या संकरित सूर्य ग्रहण भी कह सकते हैं। इस संकरित सूर्य ग्रहण को विज्ञान की भाषा में हाइब्रिड सूर्य ग्रहण के नाम जाता है। इस तरह का सूर्य ग्रहण बहुत ही दुर्लभ सूर्यग्रहण होता है क्योंकि इस ग्रहण के दौरान कुछ जगहों पर यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई पड़ता है, तो कुछ स्थानों पर पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में, वहीं कुछ जगह पर यह कुंडलाकार सूर्य ग्रहण की तरह दिखाई देता है। इसी कारण से इसे विज्ञान की भाषा में हाइब्रिड सूर्य ग्रहण जबकि ज्योतिष शास्त्र में मिश्रत सूर्य सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है।
 
 

Surya Grahan 2023 Upay :सूर्य ग्रहण के दौरान करें ये उपाय

सूर्य ग्रहण की घटना का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव का विशेष महत्व होता है। सूर्यदेव आत्मा और आरोग्य के कारक हैं, ऐसे में जब भी सूर्यदेव के ऊपर ग्रहण लगता है तो व्यक्ति की आरोग्य क्षमता को प्रभावित करता है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव के ऊपर कुछ देर के लिए पापी ग्रह राहु का प्रभाव अधिक रहता है। ऐसे में इस ग्रहण के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए सूर्य देव के बीच मंत्र का जाप करना बहुत ही लाभदायक होता है। इसमें सूर्यदेव से संबंधित मंत्रों का जाप करना होता है।

Surya Grahan 2023 Zodiac Sign Impact : सूर्य ग्रहण के दौरान इन 4 राशि वालों को रहना होगा सावधान

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी सूर्य या चंद्र ग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव सभी राशियों के ऊपर पड़ता है। इस ग्रहण का प्रतिकूल प्रभाव चार राशि वालों को सावधान रहना पड़ता है। ज्योतिष गणना के मुताबिक मेष, सिंह, धनु और मकर राशि वालों को ज्यादा सतर्क रहना होगा।  इनको सेहत संबंधित समस्याएं आ सकती है और धन हानि की संभावना है। वाद-विवाद बढ़ सकते हैं। 

Solar Eclipse 2023: अगला सूर्य ग्रहण कब लगेगा?

आज साल का पहला सूर्य ग्रहण आज जारी है। यह सूर्य ग्रहण एक हाइब्रिड ग्रहण है, जिसे कंकणाकृति,संकरित या मिश्रित ग्रहण भी कहते हैं। इसके बाद इस तरह का सूर्य ग्रहण दोबारा साल 2031 में दिखाई देगा।

Surya Grahan 2023 Date And Time: इस साल कब-कब होगा सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण 2023 (Surya Grahan 2023 )
सूर्य ग्रहण कब से कब तक
 पहला (20 अप्रैल 2023, गुरुवार) 7 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक
सूतक काल  भारत में सूतक काल मान्य नहीं  
 दूसरा (14 अक्टूबर 2023 शनिवार) भारत में दिखाई नहीं देगा  
सूतक काल  दूसरा भी सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा  


चंद्र ग्रहण 2023 (Chandra Grahan 2023)
चंद्र ग्रहण  कब से कब तक
पहला (05 मई 2023) रात 08 बजकर 45 मिनट से रात 01 बजे तक
सूतक काल उपच्छाया चंद्र ग्रहण की वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा 
 
 
दूसरा (29 अक्टूबर)  रात 01 बजकर 06 मिनट से रात 02 बजकर 22 मिनट तक
सूतक काल   शाम 5 बजे से  30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक 

Surya Grahan 2023: इस ग्रहण के बाद क्या करें

  • ग्रहण  समाप्त होते ही तुलसी के पौधे में गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध कर लें।
  • पूजा घर में गंगाजल जरूर छिड़कें, इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाएगी।
  • ग्रहण समाप्त होते ही गर्भवती महिलाओं को स्नान करना चाहिए। 
  • सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद  तिल और चने की दाल का दान अवश्य करें।
  • सूर्य ग्रहण खत्म होते ही घर में झाड़ू लगाने के साथ पोंछा लगा दें।
  • सूर्य ग्रहण के बाद देवी-देवताओं के दर्शन करना शुभ माना जाता है। 
  • इसलिए ग्रहण खत्म होते ही स्नान करके अपने आराध्य के दर्शन जरूर करें। 

What is Surya Grahan:कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण जारी है, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। सूर्य ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के चक्कर काटते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूर्य ग्रहण की घटना होती है। सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा के आने से सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पूरी तरह से या फिर आंशिक रूप से रुक जाता है। इस दौरान सूर्य की रोशनी पृथ्वी के कुछ हिस्सों में नहीं पहुंच पाता है। इसे ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है। 

Surya Grahan 2023 Live: तस्वीरों में देखिए दुनिया के इन हिस्सों में सूर्य ग्रहण का शानदार नजारा

दुनिया के इन हिस्सों में देखा जा रहा साल के पहले सूर्य ग्रहण का खूबसूरत नजारा... फिलीपींस में साल के पहले सूर्य ग्रहण की तस्वीरें

साल के पहले सूर्य ग्रहण की तस्वीरें

इंडोनेशिया में सूर्य ग्रहण का नजारा
 

Surya Grahan:पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के शहरों में सूर्य ग्रहण

ऑस्ट्रेलिया में कुछ इस तरह से दिखाई दे रहा है सूर्य ग्रहण
 
 

Surya Grahan 2023: कुछ ही देर बाद खत्म हो जाएगा सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। भारतीय समय के अनुसार आज दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। देश में इस सूर्य ग्रहण का वैसे तो कोई प्रभाव नहीं है लेकिन सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभावों को खत्म करने के लिए पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर कर लें।
 
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साल का पहला सूर्य ग्रहण अब खत्म, 5 मई को लगेगा चंद्र ग्रहण

वैशाख अमावस्या की तिथि पर लगा साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण अब खत्म हो चुका है। यह ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया। हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होने के कारण कुछ जगहों पर आंशिक सूर्य ग्रहण, कुछ जगहों पर पूर्ण सूर्य ग्रहण और वहीं कुछ स्थानों कंकणा सूर्य ग्रहण दिखाई दिया। इसके बाद दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा। इस ग्रहण को भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। वहीं इसके बाद पहला चंद्रग्रहण 5 मई 2023 को लगेगा। 
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