साल के पहले दिन से शुरू करें इन योगासनों का अभ्यास
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January Yoga Tips: सर्दियां सिर्फ ठंड नहीं लातीं, वे शरीर की सुस्ती, जकड़न और आलस्य भी साथ ले आती हैं। इस मौसम में पाचन धीमा पड़ता है, जोड़ों में अकड़न बढ़ती है और मन अक्सर भारी रहता है। योग की परंपरा ने सदियों पहले ही इसका समाधान दे दिया था, बिना मशीन, बिना दवा। तीन ऐसे योगासन हैं, जिन्हें अगर सर्दियों में नियम से किया जाए, तो 30 दिन के भीतर शरीर में फर्क महसूस होने लगता है।
नए साल 2026 का पहला महीना है। इस महीने से स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की शुरुआत करें। जनवरी के पहले दिन से ही तीन योगासनों के अभ्यास की आदत बना लें।
यहां तीन ऐसे योगासन बताए जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से 30 दिनों में ही यानी जनवरी माह के अंत तक गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
भुजंगासन
सर्दियों में कम शारीरिक सक्रियता की वजह से रीढ़ जकड़ जाती है। भुजंगासन रीढ़ को लचीला बनाता है, फेफड़ों को खोलता है और शरीर में अंदरूनी गर्मी पैदा करता है। यह पाचन सुधारता है और पीठ दर्द से राहत देता है। रोज़ सुबह खाली पेट 5–7 बार करें। 30 दिन में पोश्चर सुधरता है और कमर हल्की लगने लगती है।
Bhujangasana: भुजंगासन के फायदे, अभ्यास का सही तरीका और सावधानियां
वज्रासन
वज्रासन वह एकमात्र आसन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। सर्दियों में कब्ज, गैस और अपच आम समस्या है—वज्रासन इनका स्थायी समाधान है। रोज़ खाने के बाद 10–15 मिनट बैठें। एक महीने में पेट हल्का, पाचन मज़बूत और वजन नियंत्रित महसूस होगा।
कपालभाति
कपालभाति सर्दियों के लिए रामबाण है। यह शरीर की चर्बी कम करता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और सुस्ती दूर करता है। रोज़ 5–10 मिनट नियमित अभ्यास से 30 दिन में चेहरे की चमक, पेट की चर्बी में कमी और ऊर्जा में साफ बढ़ोतरी दिखती है।