कई बार, पेट की चिकनी मांसपेशियों में सूजन, उल्टी-दस्त से होने वाले निर्जलीकरण और पाचन-तंत्र की अन्य गड़बड़ियों से आंतों में अनचाहा संकुचन होता है। इससे ऐंठन होती है। दर्द होता है। यह समस्या वायु, अग्नि और आकाश तत्व की अधिकता तथा जल एवं पृथ्वी तत्व के असंतुलन का परिणाम है।
महाशक्ति मुद्रा इन तत्वों को संतुलित करती है। ऐंठन दूर करती है। दोनों हाथ मिलाकर अंगूठों को मुट्ठियों में बंद करें। दोनों हाथों की कनिष्ठा और अनामिका उंगलियों को सीधा कर, उनके ऊपरी हिस्सों को मिलाएं।
पहले दोनों छोटी उंगलियों के अग्रभाग को और फिर अनामिका के शीर्षों को आपस में मिलाएं। तर्जनी और मध्यमा उंगलियों को मोड़कर नाखून के पिछले हिस्सों को मिलाएं। ध्यान पेड़ू पर केंद्रित करें। इसे 10 से 12 मिनट तीन बार करें।